Spiritual achieves.

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intellectual information "Every devotee impressed me to enhance the activities in that direction."
▬▬▐ Jai Shri Krishna▐▬▬

03/08/2018

कहानी:-*****
प्रायः बहनोंके मनमें आती है कि हमारे पास रुपये हों तो हम दान-पुण्य करें । परन्तु दान-पुण्यसे इतना ऊँचा काम नहीं होगा, जितना भजन-ध्यानसे होगा । भजन-ध्यानसे भगवान्‌में तल्लीन होकर पवित्र बनोगे । दान-पुण्यसे आप इतने पवित्र नहीं बन सकते । इसलिये भजन करो, भगवान्‌में तल्लीन हो जाओ । इसका बहुत ज्यादा माहात्म्य है । अच्छे-अच्छे गुण धारण करो । किसीको कोई तकलीफ न हो‒इसका खयाल रखो । चुगली करना, इधर-उधर बात फैलाना, द्वेष पैदा करना, कलह करवाना‒यह महान् हत्या है, बड़ा भारी पाप है ।

एक कहानी आती है । एक नौकर मुसलमानके यहाँ जाकर रहा । रहनेसे पहले उसने कह दिया कि मेरी इधर-की-उधर करनेकी आदत है, पहले ही कह देता हूँ ! मियाँने सोचा कि कोई परवाह नहीं, ‘मियां बीबी राजी तो क्या करेगा काजी’ और रख लिया उसे । अब वह एक दिन जाकर रोने लगा तो बीबीने पूछा कि रोता क्यों है ? तो बोला कि आपके घर रहता हूँ, तनखा पाता हूँ, जिससे मेरा काम चलता है । आपके हितकी बात कहनेकी मनमें आती है, पर क्या करूँ, आपको जँचे, न जँचे ! दुःख होता है ! बीबीने कहा कि बता तो दे, क्या दुःख है ? उसने कहा कि मियाँ साहब तो दूसरी शादी करना चाहते हैं, आपके आफत आ जायगी ! तो बीबीने पूछा कि इसका कोई उपाय है ? उसने कहा‒‘हाँ, इसका उपाय है । आप मियाँकी दाढ़ीके कुछ केश ले आओ तो मैं उसकी एक ताबीज (यन्त्र) बना दूँगा, फिर सब ठीक हो जायगा ।’ उधर उस मियाँको जाकर कह दिया कि ‘बीबी आपसे बड़ा द्वेष रखती है, कभी मारेगी आपको ! मेरे आगे बात करती है, इसलिये आप खयाल रखना ।’ अब मियाँ भी सजग रहने लगा कि कहीं मेरेको मार न दे । एक दिन मियाँ नींदका बहाना बनाकर लेटे हुए थे । वह दाढ़ीके केश काटनेके लिये छुरी लेकर आयी तो उसने सोचा कि यह तो मेरा गला काटेगी । अतः दोनोंमें बड़ी कलह हो गयी । इसलिये कहा है‒

चुगलखोरसे बात न करना, खड़ा न रहना पास ।
मियाँ बीबी दोनों मरे, भयो कुटुम्ब को नास ॥

चुगलखोर बड़ा खराब होता है । बहनों-माताओंमे यह आदत होती है कि इसकी बात उसको कहकर दोनोंमें झगड़ा करा देती हैं । क्या हाथ आता है, बताओ ? सास-बहू, जेठानी-देवरानीमे लड़ाई करा देती हैं, भाई-भाईको न्यारा करा देती हैं ।

बायाँ सुणो तो सरी, रामजी दयालजी ने क्यूँ बिसरी ॥
पाँच सात तो भाई भेला, कैसा लागे प्यारा ।
जे बायाँ रो हुकुम चले तो कर दे न्यारा न्यारा ॥ बायाँ॰ ॥
परमारथ ने पतली पोवे, घर काँ ताँयी जाड़ी ।
साहेब के दरबार में तेरी किस विध आसी आड़ी ॥ बायाँ॰ ॥
चोखा चावल मोठ बाजरी, घर में आघा मेले ।
अलियो धाण अरु घणा कांकरा, माँगणियाँने ठेले ॥ बायाँ॰ ॥
खावण ने खाथी घणी अरु राम भजन ने माठी ।
जवायाँ रा गीत गावणने, जाय जगत में नाठी ॥ बायाँ॰ ॥
घर में बातां बाहर बातां, बातां आता जातां ।

आ बातां में नफो नहीं है, जम मारेला लाता ॥ बायाँ॰ ॥
-स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज

11/07/2018

श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव
- संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी
तस्वीर का अर्थ - श्री कृष्णा जी ने आग को निगल कर दोस्तों और गायो को बचाया। हे दीनदयाल आपको शत शत नमन।

24/06/2018

Jai Shri Krishna
"एक लकड़ी ह्रदय को मानो दूसर राम नाम पहिचानो
राम नाम नित उर पे मारो ब्रह्म दिखे संशय न जानो "।
- देवरहा बाबा परंम् रामभक्त

11/06/2018

हम सबका आश्रयदाता कौन है ?
Who is the patron of us all?

09/06/2018

ईश्वरः परमः कृष्णः सच्चिदानन्दविग्रहः ।
अनादिरादिर्गोविन्दः सर्वकारणकारणम्
Krishna, who is known as Govinda, is the Supreme Personality of Godhead. He has an eternal blissful spiritual body. He is the origin of all. He has no other origin and He is the prime cause of all causes.

03/06/2018

A foolish person cannot understand that the Supersoul is sitting as a friend within and conducting his actions.

30/05/2018

O my dear friends, we all are free from illusion by the bless of Godhead Supreme. we all are happy and dancing in the state of true light. Jai Shri Krishna

28/05/2018

understanding love.
प्रेम कि समझ

28/01/2018

गोविन्दम् आदि पुरुषं तम् अहं भजामि
गोविन्दम् आदि पुरुषं तम् अहं भजामि
गोविन्दम् आदि पुरुषं तम् अहं भजामि

21/10/2017

गोविंदम आदि -पुरुषं तमहं भजामि

14/10/2017

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