09/30/2026
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
जिला कमेटी चंबा
प्रेस विज्ञप्ति
चंबा, 30 सितंबर 2026
मतदाता अधिकारों की रक्षा और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बहाल करने की मांग को लेकर माकपा ने किया धरना-प्रदर्शन
आज दिनांक 30 सितंबर 2026 को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी चंबा द्वारा वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत जिला उपायुक्त कार्यालय चंबा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने, गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने तथा भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता को बहाल करने की मांग उठाई गई।
माकपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार पर टिकी हुई है। ऐसे में मतदाता सूचियों में किसी भी प्रकार की मनमानी, अपारदर्शिता अथवा पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका गंभीर चिंता का विषय है।
वामपंथी दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विरोध कार्यक्रमों का आह्वान किया है। इन कार्यक्रमों के केंद्र में SIR को रोकने, गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने और निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांगें हैं।
माकपा जिला कमेटी ने कहा कि मतदान का अधिकार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का मूल लोकतांत्रिक अधिकार है। इसलिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर दिए न हटे। पार्टी ने मांग की कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए और पात्र पाए जाने पर उनके मतदान अधिकार तत्काल बहाल किए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। माकपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे हर परिस्थिति में मजबूत किया जाना चाहिए।
पार्टी ने कहा कि SIR और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर उठ रहे सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए तथा राजनीतिक दलों और नागरिकों की चिंताओं का उचित संज्ञान लिया जाना चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आयोग को सभी प्रक्रियाओं और निर्णयों के संबंध में स्पष्टता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस अवसर पर माकपा कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बहाल करने के पक्ष में नारे लगाए।
माकपा जिला कमेटी चंबा ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आने वाले दिनों में भी इन मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जाएगा।
नरेंद्र
जिला सचिव
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
जिला कमेटी चंबा