05/07/2023
Ambikesh Pratap Singh "Ajeya"
मेरा जन्म तो एक संभ्रान्त राजघराने में हुआ लेकिन आज के लोकतान्त्रिक युग में मैं एक किसान का बेटा हूँ।
05/07/2023
11/11/2022
बेशक हर दिन अच्छा नहीं होता, लेकिन हर दिन कुछ ना कुछ अच्छा जरूर होता है।..
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09/26/2022
आप सभी को नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएँ
यह धरती कितना देती है! धरती माता
कितना देती है अपने प्यारे पुत्रों को!
नही समझ पाया था मैं उसके महत्व को,-
बचपन में छिः स्वार्थ लोभ वश पैसे बोकर!
रत्न प्रसविनी है वसुधा, अब समझ सका हूं।
इसमें सच्ची समता के दाने बोने है;
इसमें जन की क्षमता के दाने बोने है,
इसमें मानव-ममता के दाने बोने है,-
जिससे उगल सके फिर धूल सुनहली फसलें
मानवता की, - जीवन श्रम से हंसे दिशाएं-
हम जैसा बोयेंगे वैसा ही पायेंगे.
#सुमित्रा_नन्दन_पन्त
12/29/2021
इस लहलाती हरियाली से, सजा है ग़ाँव मेरा…..
सोंधी सी खुशबू, बिखेरे हुऐ है ग़ाँव मेरा…!!
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