Ambikesh Pratap Singh "Ajeya"

Ambikesh Pratap Singh "Ajeya"

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मेरा जन्म तो एक संभ्रान्त राजघराने में हुआ लेकिन आज के लोकतान्त्रिक युग में मैं एक किसान का बेटा हूँ।

05/07/2023
11/11/2022

बेशक हर दिन अच्छा नहीं होता, लेकिन हर दिन कुछ ना कुछ अच्छा जरूर होता है।..
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09/26/2022

आप सभी को नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएँ

04/04/2022

यह धरती कितना देती है! धरती माता

कितना देती है अपने प्यारे पुत्रों को!

नही समझ पाया था मैं उसके महत्व को,-

बचपन में छिः स्वार्थ लोभ वश पैसे बोकर!

रत्न प्रसविनी है वसुधा, अब समझ सका हूं।

इसमें सच्ची समता के दाने बोने है;

इसमें जन की क्षमता के दाने बोने है,

इसमें मानव-ममता के दाने बोने है,-

जिससे उगल सके फिर धूल सुनहली फसलें

मानवता की, - जीवन श्रम से हंसे दिशाएं-

हम जैसा बोयेंगे वैसा ही पायेंगे.


#सुमित्रा_नन्दन_पन्त

12/29/2021

इस लहलाती हरियाली से, सजा है ग़ाँव मेरा…..
सोंधी सी खुशबू, बिखेरे हुऐ है ग़ाँव मेरा…!!

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