अमेरिका में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एक बैचलर डिग्री इवेंट के दौरान एक स्टूडेंट कुरान की आयतें पढ़ता हुआ।
Mera Islam meri jaan
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___हरम शरीफ
Hajj 2026
____दिल को छू लेनी वाली घटना, मक्का मे एक महिला तवाफ के दौरान अपने तीन साल पहले खोए हुए बेटे से मिलते जुलते एक युवक कों देखकर फूट-फूट कर रो पड़ी। यह शोक स्मृति और अटूट प्रेम का क्षण था, कुछ प्रेम कभी फीका नहीं पड़ता।
Hajj 2026
31/05/2026
_____यह चिराग़ त्यागी है। ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर के निवासी थे। चिराग़ एथलीट थे, उन्होंने हाल ही में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। चिराग का यश खटीक नामी एक दोस्त हुआ करता था। वह भी एथलीट था, लेकिन वह ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया था। चिराग के पिता बताते हैं कि वो यश खटीक को बेटे की तरह मानते थे, वो भी उन्हें अंकल-अंकल कहता था। लेकिन चिराग के ओलंपिक में क्वालिफाई कर जाने और खुद के विफल हो जाने पर उसके दिमाग़ में कुछ और ही चल रहा था। चिराग़ बेंगलुरु गए हुए थे, वो बेंगलुरु से लौटकर अपने दोस्त के साथ मुरादनगर अपने घर वापस आ रहे थे। उसी दोस्त ने चिराग़ की बेरहमी से हत्या कर दी।
ग़ाज़ियाबाद में दो दिन के भीतर ‘सूर्या’ और ‘चिराग़’ दोनों की हत्या हुई है। सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी यूपी पुलिस ने एनकाउंटर करके मार दिया है। सूर्या की हत्या के बाद हिन्दुवादी संगठनों ने उस हत्याकांड को ‘दूसरा’ रंग देने का भी खूब षडयंत्र किया है। चूंकि सूर्या की हत्या का आरोप ‘दूसरे’ समुदाय के लोगों पर था, इसलिए मीडिया की भाषा भी दूसरी ही थी। सूर्या की हत्या के बाद भाजपा नेता संगीत सोम ने इस हत्या के बाद पूरे समुदाय को ही निशाने पर ले लिया। हिन्दुवादी संगठनों का जमावड़ा लगा, मृतक की मां द्वारा हत्यारोपितों के लिए की जाने वाली एनकाउंटर और बुलडोज़र की मांग को बार-बार प्रसारित किया गया। ख़बर में सांप्रदायिक तड़का लगाने के लिए इसे बक़रीद से जोड़ दिया गया। पुलिस ने सूर्या के हत्यारोपी को एनकाउंटर में मार दिया। आप सीधी भाषा में इसे ‘बदला’ लेना भी कह सकते हैं।
अब चिराग़ त्यागी हत्याकांड पर आते हैं। चिराग़ को मारने वाले यश खटीक को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिराग़ के पिता कह रहे हैं कि उनके बेटे के हत्यारे का भी ऐसे ही एनकाउंटर होना चाहिए जैसे सूर्या हत्याकांड के आरोपी का किया गया है। चिराग के पिता को अभी तक किसी भी हिन्दुवादी संगठन का साथ नहीं मिला है। अभी तक किसी भी हिंदूवादी संगठन ने चिराग़ को इंसाफ दिलाने का एलान नहीं किया है। सूर्या हत्याकांड के बाद जितने भी हिन्दुवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स एक समुदाय के खिलाफ ज़हर उगल रहे थे, उन सभी की ज़ुबानें चिराग़ त्यागी हत्याकांड पर सिल सी गई हैं। अब मालूम नहीं भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा चिराग़ त्यागी हत्याकांड के लिए किस समुदाय की परवरिश, संस्कार और शिक्षा को ज़िम्मेदार ठहराएंगे!
खैर! हमारा सवाल तो यूपी पुलिस से है कि! जिन लोगों पर सूर्या की हत्या का आरोप है उनमें से एक को मार दिया गया है। लेकिन चिराग़ के हत्यारों का क्या होगा? क्या चिराग़ के पिता की मांग को मानकर यश खटीक का एनकाउंटर किया जाएगा? अगर नहीं तो क्यों नहीं? और अगर एनकाउंटर करेंगे तो यह भी सुनिश्चित कर दीजिए कि पुलिस का निशाना नहीं ‘चूकेगा’ बल्कि निशाना सटीक ही होगा! जब अपराधी हत्यारों को ऐसे ही अदालत से पहले सज़ा देना ट्रेंड बन ही गया है, तो फिर इसे सलेक्टिव क्यों रहने दिया जाए। इसे सभी पर लागू कीजिए, केवल विशेष परिस्थितियों में विशेष समुदाय अथवा वर्ग के लिए ही इसका इस्तेमाल मत कीजिए। त्वरित इंसाफ तो सभी की चाहत है।
✍️पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ।
_____भारत की कुछ पुलिस नमाजियों को लात मारती है और सऊदी की पुलिस नमाज़ियों की सेवा करती है ये है इस्लाम की तरबियत ..
____UP: मेरठ में CM योगी आदित्यनाथ को गुंडा कहने के आरोप में पुलिस ने एहसान नाम के बुजुर्ग का ये हाल कर दिया !!
____सूरह अन-निसा (4:45)
अल्लाह तुम्हारे दुश्मनों को सबसे अच्छी तरह जानता है। और अल्लाह संरक्षण देने वाले के रूप में काफी है, और अल्लाह मदद करने वाले (नसीर) के रूप में काफी है।
______पश्चिम बंगाल में Eid Al-Adha की नमाज़ के दौरान की तस्वीर!
बंगाल में मुसलमानों ने रोड पर नमाज़ नहीं पढ़ी!
और ऐसा सिर्फ मुसलमान ही कर सकते है!
मुसलमान हर त्योहार को शांति, अमन और भाईचारे के साथ मनाकर हमेशा समाज में एक खूबसूरत मिसाल पेश करते है!
A photo taken during Eid al-Adha prayers in West Bengal!
Muslims in Bengal did not offer prayers on the road!
And only Muslims can do this!
Muslims always set a beautiful example in society by celebrating every festival with peace, harmony, and brotherhood!
सऊदी अरब की पवित्र धरती पर इस साल हज के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तस्वीर में आईवरी कोस्ट के राष्ट्रपति अलासाने औआत्तारा ज़मीन पर लेटे हुए दिखाई दे रहे थे। देखते ही देखते यह तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो गई और लोगों के बीच चिंता की लहर फैल गई। हज केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सब्र, इबादत और इंसानियत का सबसे बड़ा पैगाम है। चाहे कोई आम इंसान हो या किसी देश का राष्ट्रपति, अल्लाह के घर में सब बराबर होते हैं। यही वजह है कि यह तस्वीर लोगों के दिलों को छू गई और पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई।
Yah Photo social media per viral ho rahi hai..
