29/11/2024
स्त्रियों ने जब भी गालियां सुनी, अकेले नहीं सुनी
इसमें उनका मायका भी शामिल था..!!🍂🌼
आत्म निर्भर नारी (एक कदम अपने सम्मान क?
29/11/2024
स्त्रियों ने जब भी गालियां सुनी, अकेले नहीं सुनी
इसमें उनका मायका भी शामिल था..!!🍂🌼
लड़कियां तो आपके साथ ससुर की सेवा कर लेती है लेकिन कितने लड़के हैं जो अपने सास ससुर की जिम्मेदारी उठाते हैं?
16/10/2024
.. शादी शुदा होकर भी अकेली होती हैं
कुछ लड़कियां, जिनके मांग में सिंदूर
गले में मंगल सूत्र तो होता हैं लेकिन
लाईफ पार्टनर का साथ नही होता हैं
वो मजबूरन मां बाप के इज़्जत बच्चों
का भविष्य ना ख़राब हो इसके खातिर
अपने स्वाभिमान से भी समझौता
कर लेती हैं और मौन हो जाती हैं
शादी के बाद अगर लाइफ पार्टनर
Supportive ना हो तो, लड़की की
ज़िंदगी नर्क बन जाती हैं
#मेरीग़ज़ल
एक बार जरूर देखो शायद इस दौर से आप भी गुजरे हों।
Chelsea Football Club Women
15/10/2024
शीर्षक :- पाँच स्त्रियाँ
पहली स्त्री है
जिसके दूध के दाँत नहीं टूटे
उसे चॉकलेट पसन्द है
उसका मुँह दबोचा गया एकांत में
और कहा गया "चुप रहना"
समय आने पर उसे दफ़ना दिया जाएगा
या जला दिया जाएगा
उसी एकांत में
दूसरी स्त्री क़ैद है
रिश्तों की चारदीवारी में
उसकी जाँघें खरोंचकर
टाँगों के बीच भरी गईं
सुहाग की निशानियाँ
उसके गालों को खींचकर
चिपका दिया गया
मर्यादा की दीवारों से
ताकि बनी रहे उसके होठों पर
चिरकाल तक एक स्थिर मुस्कान
तीसरी स्त्री वो है जो
उठा ली गयी राह चलते
उसे बांध दिया गया
जकड़कर
मजबूर किया गया उसे
साँस लेने को
जब तक उसके शरीर से
माँस का एक-एक क़तरा
न नोच लिया गया हो
चौथी स्त्री जकड़ी हुई है
सोने की ज़ंजीरों में
उसके कमरे में खुलती है एक खिड़की
ककहरा सीखते ही उसे ब्याह दिया गया
ताकि बचा सके उसे बलात्कार से
और रह सके ऊँची समाज़ की नाक
पाँचवी स्त्री लेटी है
एक अंधेरे कमरे में,
लगभग सत्तर लोग
एक के बाद एक
गुज़रते हैं उसके ऊपर से
रेलगाड़ी की तरह,
उसके कानों में पड़ती हैं रात भर
दरवाज़े के खुलने और बन्द होने की आवाज़ें
ये पाँचों स्त्रियाँ
जो हैं यातनाओं की शिकार
इनका दोष उभरा हुआ है
इनकी टाँगों के बीच
और उनके माथे पर
गुदी हुई हैं मानवीय सभ्यताएँ,
फटे हुए चिथड़े,
भोर में कुत्तों का आपस में लड़ना,
झाड़ियों या नालों में पड़ी हुई
अख़बार की अधनंगी ख़बरें,
ऑपरेशन थिएटर के फ़र्श पर बिखरा खून
और पेट्रोल से जले हुए शव
वो कौन है... जिसने कहा था
स्त्री के टाँगों के बीच
जीवन का द्वार खुलता है?
वो कौन है... जिसने देखा ही नहीं
दरिंदो की टाँगों के बीच
भी कुछ लटकता है?😠😠
नास्तिक.....
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14/10/2024
आखिर महिला ही क्यों बर्दास्त करें।
14/10/2024
क्यों एक मर्द को लड़की की (न) बर्दास्त नहीं होती
हर वक्त जिसे मुस्कुराने का हुनर आता हो,
अगर वो रोने लगे तो कोई तो बात होगी....
♥️♥️✍️
।।।।
09/10/2024
सुनो स्त्रियों
जब रहना मुश्किल हो जाए समाज में
जब हर रिश्ता काटने को दौड़े
जब हर रिश्ता बेवजह तोहमत लगाए
जब ससुराल पक्ष के लोग दुश्मन नजर आए
जब मन घुटने लगे
और दुनिया छोड़ जाने का मन करनें लगे
खुद को खत्म करने के अनेक विचार आयें
तब एक पल को ठहरना
और सोचना जरूर..
कि खुद को खत्म करके
मिलना क्या है
साबित कर दी जाओगी
समाज के द्वारा उद्दंड
साबित कर दी जाओगी जिद्दी
साबित कर दी जाओगी बदचलन.
तुम्हारी चिता की राख ठंडी होने से पहले ही
लोग ढूंढने लगेंगे तुम्हारा ऑप्शन
हो सकता है तुम्हारे पति को तुम से बेहतर पत्नी मिल जाए
तुम्हारी सास और नंद को तुमसे अच्छी बहू और भाभी मिल जाए
ऐसा सदियों से होता आया है
इसलिए
तुम शक्ति बटोरना
और जीने के लिए
लड़ाई करना
जीवन को भरपूर जीना
जीवन छोड़ना कोई ऑप्शन नहीं
जीवन बिताना ही दरियादिली है
और एक स्त्री में होती है इतनी शक्ति
वह पार कर सकती है सभी
दुर्गम रास्तों को.....
✍️🙏