22/02/2024
कोई भी देश या राष्ट्र विकसित" नहीं होता है !
वल्कि जिस देश की जनता पूर्ण शिक्षित संपन्न समृद्ध विकसित होती है वही " देश विकसित राष्ट्र"कहा जाता है मित्रों !!
सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी" मिशन सामाजिक न्याय के संपन्न समृद्ध विकसित भारत निर्माण का
आप सभी को शुभ रात्रि" जय नवलोक.!!
21/02/2024
लोकतंत्र के चार मजबूत स्तंभ तंत्र होते हैं,
कार्यपालिका विधायिका, न्याय पालिका, मीडिया ,,
पांचवां अलोकतांत्रिक तंत्र भी है जिसे भ्रष्टाचार तंत्र कहते हैं ,,
देश में भ्रष्टाचारी तंत्र वाले लोग आतंकवादी खालिस्तानी अलगाववादी से भी भयंकर खतरनाक हैं क्यों कि आतंकवाद अलगाववाद का शिकार चंद क्षेत्रों में चंद लोग हो सकते हैं
लेकिन भ्रष्टाचार तंत्र के शिकार से देश की 80% जनता शोषित पीड़ित वंचित अशिक्षा बेरोजगारी शोषण कुपोषण लूट खसूट की शिकार होती उसे ही भ्रष्टाचारी तंत्र कहते हैं ,,
भ्रष्टाचार के तंत्र को नेस्तनाबूत करके देश हर गांव गरीबों को पूर्ण सामाजिक न्याय सामाजिक शैक्षिक आर्थिक आज़ादी को संकल्पित आपकी
सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी मित्रों
आपका साथ
हमारा संकल्प
जय नवलोक है सामाजिक न्याय का विकल्प ,,
डॉ लेखराज सिंह
संस्थापक /राष्ट्रीय अध्यक्ष ,
सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी ,,
01/10/2023
भारत की राजनीति और चना का पेड़:-
अमेरिका जनसंख्या 33 करोड़ उनकी बेहतरीन शिक्षा के लिए वहां 4000 यूनिवर्सिटी हैं ,
जापान जनसंख्या 13 करोड़ और उनकी जबरजस्त टेक्नोलॉजी शिक्षा लिए 784 से अधिक यूनिवर्सिटी हैं ,
भारत की जनसंख्या 140 करोड़ है और शिक्षा के लिए सरकारी प्राइवेट सब मिलाकर 1078 यूनिवर्सिटी हैं बताओ आज 21 वी सदी में भी हम कहां पर खड़े है !
हमारे देश के युवा नौजवान होनहार ह्रदय सम्राट कहां एडमिशन लेते हैं
1 आरएसएस की लगभग 55000 से अधिक शाखाएं :- जहां करोड़ों लोगों को शारीरिक हष्ट पुष्ट हेतु योगा कराया जाता है ,
तथा गाय गंगा के साथ धर्मो रक्षति रक्षितः मतलब धर्म की रक्षा करने पर (रक्षा करने वाले की धर्म ) रक्षा करता है" के बारे में बताया जाता है कितनी अच्छी बात है
2. बीजेपी की शाखा,युवा नेता जी, नेता जी आदि यहां नेताओं की संख्या जापान की जनसंख्या से ज्यादा है जो राष्ट्र रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा भाव से काम करते है कितनी अच्छी बात है
3. सेकुलरिज्म वादी कांग्रेस पार्टी में लगभग जापान की जनसंख्या से कम लोग जुड़े हुए है ये पूरे देश में सेकुलरिज्म का झंडा बुलंद करते है कितना बड़ा काम है ,
4. समाजवादी ,बहुजावादी आम आदमीवादी तृणमूल लालू वादी डीएमके शिवसेनावादी शरदवादी यानी भाजपा पक्ष विपक्ष सहित सभी पार्टियों की क्लासों में जुड़कर लगभग 80 करोड़ लोग राजनीति में ही महारत हासिल करते है और इस काम में अपनी अपनी कारों से मोटर साइकिलो से देश की अर्थ व्यवस्था का हजारों करोड़ का डीजल पेट्रोल हवा में उड़ा देते है ,,
इन 80 करोड़ लोगों में से आरएसएस भाजपा के 40 करोड़ लोग राष्ट्र" बचाते है
वहीं कांग्रेस सहित सभी पार्टियों 40 करोड़ लोग राष्ट्र" को भाजपा से बचाते हैं ,।क्या कमाल का मकड़जाल है !!
यूनिवर्सिटी बनाने की और जाने की जरूरत ही क्या है भाइयों बहिनों ताऊ और चचाओं मध्य प्रदेश वाले मामाओ !!
निष्कर्ष :- भारत की झूंटी राजनीति ने शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार व्यापार से दूर कर देश के आम आदमी को चना के खोखले पेड़ पर बैठा रखा है
आप लगे रहो धर्म संस्कारों में !
वो मजे लेते रहेंगे सरकारों में !!
अब बचे खुचों को हम यानी नवलोक वाद में एडमिशन देने वाले तैयार रहें युवा बहुत मौके है हमाए यहां !!
सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी
जय नवलोक !!!🙏🙏
01/10/2023
पूर्व में मा मायावती जी और वर्तमान में मा प्रधानमंत्री मोदी जी के नाम चमत्कारिक वोट बैंक राजनीति की उपज से बड़े स्तर पर मवाली कबाड़ी माफिया जो की अपने दम पर गांवों के प्रधानी वार्डों के सदस्य का चुनाव नहीं जीत सकते थे,
ऐसे माफिया चमत्कारिक नेता के नाम वोट बैंक से प्रदेशों और देश के सदनों में बैठने में सफल रहे हैं जिन्होंने देश के संविधान और धर्म संस्कारों को सदनों से लेकर सड़कों तक रौंदा है ,
पूर्व के सैकड़ों उदाहरणों सहित वर्तमान में बिधूड़ी और अलीगढ़ मंच पर भरी सभा में महिला विधायक का ही चीर हरण,तो फिर ये आम आदमी का क्या हश्र करते होंगे ?? दुर्भाग्य है कि इनका शीर्ष नेतृत्व इनके खिलाफ कार्यवाही भी नहीं करता है ,
चुनाव के समय जनता को अपने विवेक से ही अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए !!
09/07/2023
सकल घरेलू उत्पाद (GDP)यानी प्रत्येक घर के प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिदिन आमदनी ही राष्ट्र की आय (GDP) होती है ,, यानी व्यक्ति चंगा तो उसका राष्ट्र भी चंगा ,यदि व्यक्ति (आम आदमी) नंगा भीखमंगा गरीब तो उसका राष्ट्र भी नंगा भीखमंगा गरीब रहेगा तो नेता उसके उस गरीब के घर वोट ड्रामा खाना खाने आयेंगे उसके पैर धोएंगे फोटो फिल्माएंगे बिसलरी का पानी पियेंगे और चले जायेंगे ,, यही है 70 वर्षों में गांव गरीबों की GDP खाली हाथ आए थे खाली हाथ ही चले जाना है यह सामाजिक अन्याय नेताओ की विरासत है ll
व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प है हमारा ,
हर भारतवासी सुखी संपन्न समृद्ध हो हमारा ,,
सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी ,,
12/10/2022
धर्म कर्म आस्था या धंधा
पूजा पाठ कर्म धर्म यदि
देहरी (घर मंदिर मन दिल दिमाग) के अंदर हैं तो वह पूर्णतः शुद्ध ईश्वरीय आस्था है
फिर इसे वैज्ञानिक रूप से मन का मेडिटेशन भी कह सकते हैं
अपने अपने धर्म अनुसार ईश्वरीय आस्था जो हिंदुस्तान सहित विश्व के हर देश का हर व्यक्ति मानता है
धर्म कर्म के कार्यक्रम यदि देहरी के बाहर हैं केमरे की जद में हैं मंच माइक पर हैं तो वह शुद्ध रूप से आर्थिक राजनीतिक धंधा है
ईश्वरीय आस्था व मन के मेडिटेशन धर्म कर्म की फजीहत है
जो कुछ जाति व्यक्ति विशेष राजनैतिक दल विशेष के लोग करते हैं
एक राजनैतिक दल धर्म कर्म पूजा के नाम देहरी के बाहर केमरे की जद मंच माइक से जनता के बीच धर्म कर्म का प्रोपोगेंडा की दुहाई देना यानी धर्म कर्म के नाम ध्रुवीकरण राजनैतिक धंधे की रोटियां भी है जो सत्ता के लिए सेकी जाती हैं
दूसरे राजनैतिक दल और उसके समर्थकों की देहरी के अंदर तो आस्था पूजा पाठ शादी बंधन मंगल गान खूब होते है
लेकिन देहरी के बाहर केमरे और राजनैतिक मंचो माइको से धर्म कर्म पूजा पाठ का भारी विरोध प्रोपोगेंडा करते हैं इनका विरोध भी शुद्ध रूप से राजनैतिक धंधे की रोटियां है जो कई दशकों से सेकी जा रही हैं यानी धर्म कर्म के विरुद्ध ध्रुवीकरण
वर्तमान में धर्म( हिंदू से बौद्ध) पलायन मानवीय और संवैधानिक दोनों स्वतंत्रता है लेकिन इनका निर्णय शुद्ध राजनैतिक प्रतिशोध निर्णय ही है
क्यों कि जब पलायन का नेतृत्व कर्ता( राजरतन अंबेडकर)के परदादा सदियों पहले ही धर्म पलायन कर चुके थे तो उनकी संतति संतान भी उसी धर्म की मानी जायेगी
लेकिन राजनैतिक प्रतिशोध निर्णय दिखावे की वजह से मंच और माइक से पलायन राजनीति का ही हिस्सा है
अन्यथा शांति का काम शांत स्थान एकांत में होना चाहिए था
शांति ही भगवान बौद्ध संदेश है मंच माइक दिखावा होहल्ला तो राजनैतिक रोटियां है जो सत्ता परिवर्तन ध्रुवीकरण लिए किया गया है ll
एक आम आदमी धर्म कर्म पूजा पाठ का "समर्थन न"करे तो एक धर्म समर्थक राजनैतिक धंधे वाले दल के लोग नाराज होते है क्यों कि उन्हें धर्म के नाम ध्रुवीकरण करना होता है
यदि आम आदमी धर्म कर्म का "समर्थन करे" तो दूसरे धर्म विरोधी राजनैतिक धंधे वाले दल के लोग नाराज होते हैं क्यों धर्म कर्म के विरोध पर ध्रुवीकरण करना होता है
इस लिए हिंदुस्तान की राजनीति ने पूजा पाठ धर्म जाति वर्ग ऊंच नीच सवर्ण अवर्ण हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई मंदिर मस्जिद के समर्थन और विरोध के नाम नफरतों के भयंकर बीज बो रखे है क्यों इन नफरतों की खेती की फसल कटाई कई बार इंसान इंसान का दुश्मन बन कर एक गरीब किसान दूसरे की जान तक ले लेता है और धर्म के नाम धंधे वाले नेता सत्ता कुर्सी प्राप्ति के लिए कौआ की तरह ताकते हैं ll
इस लिए सभी से निवेदन है कि अपने धर्म कर्म पूजा पाठ ईश्वरीय आस्था या मन के मेडिटेशन (ध्यानाकर्षण)को मानो या न मानो लेकिन उसे देहरी के बाहर मंच माइक कैमरा पर बिलकुल न आने दें अन्यथा राजनैतिक दल अपनी अपनी राजनैतिक धंधे की रोटियां तुरंत सेक लेंगे और आपकी आपके भाई चारे की जिंदगी में नफरतों के बीज तुरंत बो दिए जायेंगे ll
जय ज्ञान जय विज्ञान
जय गांव गरीब मजदूर किसान
जय नवलोक ll
llसत्यमेव जयते ll
02/07/2022
लोकतंत्र में अमूल्य मत"तथा सरकारी सस्ता राशन"और सरकारी शासन" की केमिस्ट्री समझो मित्रों!!
आपके अमूल्य मत की कीमत आपके घर में केवल सरकारी सस्ता "राशन"
मतलब
देश की आजादी के 75 वर्षों बाद भी आपके और आपके बच्चों को न आधुनिक शिक्षा न स्वास्थ्य न सुरक्षा न खुद के रोटी रोजगार व्यापार न नौकरी न पेंशन कुछ भी नहीं मिला है
मिली है तो केवल झोला छाप,फटेहाल फजीहत जिंदगी के साथ निम्न स्तरीय जीवन यापन स्तर जीने को विवश है हमारे देश का गांव गरीब मजदूर किसान अन्न जल दाता ll
यानी देश की आजादी के 75 वर्षों बाद भी गांव गरीब मजदूर किसानों को सामाजिक शैक्षिक आर्थिक आजादी नहीं मिली है मित्रों! मिला है तो केवल आपको सरकारी सस्ता राशन वह भी आपके अमूल्य वोट भीख कीमत ll
यदि देश में समानता किसी स्तर पर मिली है तो वह आपके (गरीब)के वोट और अडानी अम्बानी अमीर के वोट की समानता मिली है
मित्रों अब वक्त नहीं है जाया करने का अब आपके अमूल्य मत की कीमत आपके घर में आपका ही "शासन" होगा
मतलब आपको पूर्णतः (आधुनिक शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खुद के रोटी रोजगार व्यापार के साथ उच्च जीवन यापन स्तर )
मतलब आपको सामाजिक शैक्षिक आर्थिक आजादी दिलाना ही सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी का पूर्ण विज़न है मित्रों !!
सभी सरकारें "वोट"
गांव गरीब मजदूर किसानों का लेकर उनको केवल सरकारी राशन" दिया जाता है मित्रों !
लेकिन सरकारी बजट" यानी
शासन" नेताओ अधिकारियों उद्योग पतियों को दिया जाता है मित्रों !!
सोचो आपके अमूल्य मत की अमूल्य कीमत सरकारों के विधायक सांसद मंत्री और उनके सरकारी संत्री (अधिकारी उद्योग जगत बड़े बड़े होटल हॉस्पिटल माल मार्केटों के मालिक) ही आपका हक अधिकार हिस्सेदारी खा रहे हैं मित्रों !
यह सामाजिक न्याय नहीं
यह आपके साथ हर स्तर का सामाजिक अन्याय है मित्रों !!
इस लिए
मेरा वोट मेरा अधिकार
मेरा वोट मेरी सामाजिक न्याय नवलोक सरकारll
जय नवलोक मित्रों 🙏🙏
29/05/2022
गांव की सुगंधित माटी के लाल
देश के किसानों की अजर अमर आत्मा परम श्रद्धेय
स्व चौधरी चरण सिंह जी की 34वी पुण्यतिथि पर उनके
श्री चरणों में श्रद्धापुष्प अर्पित व शत शत नमनll
🙏🙏🌷🌷
01/05/2022
कोई भी मशीहा बन कर आता है बड़े बड़े लॉलीपॉप दिखाता है और सम्पूर्ण समाज को बेच कर अपनी पॉकेट पुत्र पत्नी को फिट एंड हिट करके महाराजा बन जाता है ll
07/01/2022
"सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी"
👉21 वी सदी की नवलोक क्रांति 👈
21 वी सदी के अनुसार विकासशील हिंदुस्तान देश को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है तथा देश ओर देश वासियों के मानव कल्याण के लिए सामाजिक न्याय सामाजिक समानता सामाजिक समरसता लाने के लिए देश में ओर देश वासियों के पास एक ही संकल्प नवलोक ही विकल्प ।।
नवलोक पार्टी एक विचार है एक क्रांति है
जिसके माध्यम से देश में पूर्ण सामाजिक न्याय और सामाजिक समानता समरसता की स्थापना करना पार्टी का मुख्य उद्देश्य है
नल नाली खड़ंजा बिजली पानी अन्न और अनुदान से समानता नहीं लाई जा सकती है
सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समानता समरसता लाने के लिए तीन मुख्य योजनाएं एकदम एक समान फ्री देनी होंगी
1. शिक्षा 2. स्वास्थ्य (चिकित्सा)
3.सुरक्षा ये तीनों समान तो देश खुशहाल
ये तीनों अमीर और गांव गरीब मजदूर किसान महिला और नौजवान (महल से लेकर झुग्गी तक बाल्मिकी से लेकर ब्राह्मण तक ) सभी को एक समान फ्री शिक्षा, फ्री स्वास्थ्य ,फ्री सुरक्षा, उपरांत समान रोजगार व्यापार के बाद समान जीवन यापन स्तर मतलब पूर्ण सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समानता का हक अधिकार अधिनियम लागू किया जाएगा ।।
आइए कदम से कदम मिलाइए नवलोक मिशन को हर दहलीज पहुंचाए और देश को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाइए ।।
सबका साथ सबका सम्मान
सबको मंच माला माइक सबको मीडिया डिबेट
नवलोक है नो प्राइवेट लिमिटेड ।।
विजन नवलोक
विजय भाजपा