01/05/2026
बरगी डैम, मध्यप्रदेश से आई इस मार्मिक तस्वीर ने मां की ममता को एक बेहद दुःख की छवि के रूप में प्रस्तुत हो गया जिसकी उम्मीद शायद किसी को भी नहीं होगी।
लेकिन इस तस्वीर ने लोगों को असलियत का आईना भी तो दिखा दिया, की सिस्टम कैसे काम करता हैं सिस्टम हर बार तब जगता हैं जब हादसे हो चुके होते है , लाइफ जैकेट पहनकर जब एक मां अपने बच्चे के साथ डूब गई तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल तो बनता है लेकिन सिस्टम खामोश है क्योंकि कमी कही न कही सिस्टम में ही है
Dimple Yadav Nana Patekar - नाना पाटेकर Smriti Zubin Irani Narendra Modi
04/04/2026
🤔चीफ जस्टिस साहब, रात 2 बजे तक जागने के मौके पहले भी आए थे
लेकिन जजों पर हमला हुआ तब ही नींद उड़ी ।
👉 बंगाल के मालदा में 7 जजों पर भीड़ ने बंधक बना कर हमला किया - उन 7 में से 3 तो महिला जज थी ।
और ममता बनर्जी ने सफाई दे दी कि उसको तो इस घटना का पता ही नहीं था और राज्य का Law & Order तो वैसे भी अब उसके हाथ में नहीं है (मतलब वह अब चुनाव आयोग के हाथ में है) ।
अगर वह ममता सरकार के हाथ में नहीं है तो कपिल सिब्बल और अन्य वकील कैसे सुप्रीम कोर्ट में उसकी सरकार की तरफ से खड़े थे - चीफ जस्टिस को आदेश देना चाहिए कि उन वकीलों की फीस राज्य सरकार की तरफ से न दी जाए ।
♦️ चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विपुल पंचोली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच से सुनवाई की -
👉चीफ जस्टिस ने कहा
This was not a routine incident. It was ex facie a calculated well - planned and deliberate move to demoralise the judicial officers and impact the ongoing process of adjudication of objections”
उन्होंने यह भी कहा कि वो रात 2 बजे तक मामले की monitoring कर रहे थे और he had never seen such a “politically polarised state like west Bengal - बेंच ने कहा the incident is a “complete failure of administration” and a direct challenge to authority -
⭕️सुप्रीम कोर्ट ने इन अधिकारियों को virtually कोर्ट में पेश होने को कहा -
👉Chief Secretary of West Bengal
👉Director General of Police (DGP) of West Bengal
👉District Magistrate (DM) of Malda
👉Superintendent of Police (SSP/SP) of Malda
🔴 इन लोगों से सीधा सवाल पूछा जाना चाहिए कि आपने किसके कहने पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की -
क्या चुनाव आयोग ने रोका या ममता ने रोका - उनसे सवाल जरूर होने चाहिए, कहीं ऐसा न हो, बस बुला के बिठा लिया और जिरह वकीलों से होती रहे -
चंद्रचूड़ ने मणिपुर के DGP को बुला कर ऐसा ही किया था - पूरा दिन वह कोर्ट में बैठे रहे किसी जज ने एक सवाल नहीं पूछा -
चीफ जस्टिस का कहना कि इस घटना ने
सीधा “authority” को चुनौती दी है लेकिन
सच तो यह है कि ममता अपने आपको राज्य में
supreme authority मानती है
जो सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर है।
✊चीफ जस्टिस साहब ममता राज में लोगों पर खासकर हिंदुओं पर अनेक घोर अत्याचार हुए हैं जिनके लिए भी आपको रात रात भर जाग कर monitoring करनी चाहिए थी ।
लेकिन वह आपने केवल तब किया जब judicial officers पर हमले हुए ।
एक बड़ा सीधा सा सिद्धांत (कानून) है कि सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालना और उसे काम करने से रोकना अपराध है ।
वह अपराध ममता ने IPAC की ED की रेड में किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट उस मामले को भी अभी तक लिए बैठा है जबकि ममता ने माना वह वहां गई लेकिन पार्टी अध्यक्ष के नाते।
लेकिन कोई भी हो वह ED के काम में रुकवाट नहीं डाल सकता - उस पर तो निर्णय दिया होता।
🎯बहुत लोगों का कहना है केंद्र को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए - केंद्र को ऐसा करने में कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन अब ठीक चुनाव से पहले किया नहीं जा सकता ।
पहले किया जाता तब यही सुप्रीम कोर्ट जो आज उबल रहा है सवाल उठाता कि जिस सरकार के पास करीब तीन चौथाई बहुमत है आपने उसे कैसे गिरा दिया - और फिर जनता भी ममता को “पीड़ित” मानकर फिर उसे वोट देती ।
🔴इतना ही नहीं जब 2 मई, 2021 को चुनाव नतीजे आए तो उसी दिन से हिंदुओं पर हमले शुरू हो गए और 80 हजार लोगों को घर से बेघर होना पड़ा ।
उसके लिए भी PIL दायर हुई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया - उस दिन जो भी चीफ जस्टिस था उसे नींद नहीं आनी चाहिए थी ।
एक बात तो निश्चित है इस महीने के चुनाव में
ममता अगर जीत गई तो 2021 की तरह फिर
हिंदुओं पर हमले होंगे और उसके लिए
यह नहीं देखा जाएगा कि
कौन दलित है, आदिवासी है, OBC है या सवर्ण है ।
✍️ Subhash Chandra जी
#दो_टूक_तीखी_बात
#आईना
#षडयंत्र
#जलती_कलम_से
#मैं_वंशज_श्री_राम_का
04/04/2026
With Smriti Mandhana – I just got recognised as one of their top fans! 🎉
01/04/2026
एक वक्त था जब समाज को पुरुष प्रधान खा जाता था तब औरतों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाने पर पूरे मर्द समाज को दोष दिया जाता था, समय परिवर्तन हुआ महिलाओं को समाज में उनके अधिकार और उनके सम्मान दिए जाने लगे, यहां तक कि सदन में भी उनके लिए सीट रिजर्व कर दी गई, और सड़क से संसद तक महिला की भागीदारी निश्चित हो गई, लेकिन महिला पर अत्याचार कम नहीं हुए, लेकिन सबसे बड़ी बात ये कि जब महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ सदन में उपस्थित महिला भी आवाज नहीं उठा पा रही हैं तो किसी और को दोष कैसे दिया जा सकता है
Nana Patekar - नाना पाटेकर
Sushant Singh Rajput
Bagi ballia Smriti Mandhana Smriti Zubin Irani
Dimple Yadav
30/03/2026
बलिया जनपद के लिए गर्व और खुशी का पल है, जहां दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
बैरिया विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी निर्भय नारायण सिंह की भतीजी आकांक्षा सिंह का चयन यूपीपीसीएस परीक्षा में हुआ है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।
वहीं, बांसडीह इण्टर कॉलेज, बांसडीह के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार पाण्डेय जी की पुत्री निधि पाण्डेय का चयन भी यूपीपीसीएस में CTO (कमर्शियल टैक्स ऑफिसर) पद के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से बांसडीह क्षेत्र में भी खुशी की लहर है।
दोनों बेटियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है।
25/03/2026
Lockdown हो या 👉 “War हर परिस्थिति मे pandemic… तैयारी ही सबसे बड़ा weapon है 🔥”
22/02/2026
आज बलिया में #जिला_विधिक_सेवा_प्राधिकरण के तत्वाधान से आयोजित कार्यक्रम में जिले के तमाम अधिकारी गण उपस्थित रहे जिसमें ्यायाधीश #जिलाधिकारी_महोदय #पुलिस_अधीक्षक अन्य #न्यायाधीश #विकास_अधिकारी #मुख्य_चिकित्साधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे, तथा जिले के समस्त विधि कालेज के प्राचार्य, एवं शिक्षक गण के साथ विधि के छात्र भी रहे।
जिन्हें सरकार द्वारा चलाए गये बहुत से योजनाओं से अवगत कराया गया, जिसमें #राहवीर_योजना, #कृषक_दुर्घटना_योजना #श्रमिक_दुर्घटना_योजना में मिलने वाले लाभों से अवगत कराया गया तथा बाल विवाह रोकने के लिये 2 बहादुर युवती #श्वेता_दुबे और #कुमारी_ज्योति को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया
02/02/2026
बलिया के सभी दलों के सवर्ण नेता UGC जैसे शोषणकारी कानून पर चुप्पी साध के बैठे हैं सवर्णों के हित में आवाज भी नहीं उठा पा रहे है, ये सवर्णों के कैसे हितैषी है, ये सवर्ण समाज के हित के नाम पर बस खुद के हित का ही सोच रहे है ये जिस प्रदेश की सत्ता में है इनके खुद के बच्चे भी इस प्रदेश में नहीं पढ़ते, ये बस सत्ता के लिए अपने लोगों के वोटो की दलाली करते है ये नेता नहीं हो सकते,
25/01/2026
सवर्ण और अन्य लोगों के बीच एक खाई बनाने के लिए सरकार ने एक बिल पास कर दिया जो पास हो गया सदन में लगभग 32-33% सवर्ण समाज के प्रतिनिधि है लेकिन किसी को भी अपने समाज के बच्चों की कोई चिंता नहीं क्योंकि इनके बच्चे इस देश में पढ़ते ही नहीं तो इस देश से क्या हो मतलब चमचागिरी और चाटुकारिता सिर्फ छोटे नेता ही नहीं बल्कि बड़े नेता भी करते है सदन के बाहर खुद को बाहुबली बनने वाले नेता सदन के अंदर खुद को प्रिय बनाने के लिए अपने समाज के लिए भी आवाज नहीं उठा पाते और चाटुकारिता की हद पर कर दिए
ापसलों
Neeraj Shekhar
Aadi
05/01/2026
बलिया लोकसभा के माननीय सांसद श्री सनातन पांडेय जी द्वारा अपने MPLADS फंड को किस तरह खर्च किया जा रहा है, उसका कुछ विवरण आज आपके साथ साझा कर रहा हूँ। यह जानकारी प्रारंभिक है, आगे और गहन रिसर्च के साथ पूरा सच सामने रखा जाएगा। पिछले कुछ महीनों से बिहार चुनाव और लगातार भागदौड़ के कारण इस विषय पर काम नहीं कर पाया था, लेकिन अब समय मिलने पर धीरे-धीरे हर तथ्य जनता के सामने लाया जाएगा।
वर्तमान वित्तीय अवधि में सांसद जी को कुल ₹12.03 करोड़ का MPLADS फंड आवंटित हुआ है, जिसमें से अब तक केवल ₹3.56 करोड़ ही खर्च किया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि कुल फंड का मात्र 29.6% ही उपयोग में लाया गया है।
यदि कार्यों की स्थिति पर नज़र डालें तो तस्वीर और भी चिंताजनक है। अब तक कुल 287 कार्य रिकमेंड किए गए हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 19 कार्य ही पूरे हो पाए हैं। यानी महज़ 6.62% काम ही धरातल पर पूरे हुए हैं, बाकी अधिकांश योजनाएँ काग़ज़ों में ही अटकी हुई हैं।
भुगतान के आँकड़ों को देखने पर एक और दिलचस्प तथ्य सामने आता है। जिन कार्यों में भुगतान हुआ है, उनमें दो नाम ही बार बार दिखाई देते हैं। पहला Arvind Kumar Pandey और दूसरा Shri Sai Engineering Works।
जिसमे Arvind Kumar Pandey को कंस्ट्रक्शन और गार्डन जिम इक्विपमेंट के नाम पर कुल ₹1,88,27,562 का भुगतान किया गया है और Shri Sai Engineering Works को स्ट्रीट लाइट कार्यों के लिए ₹1,41,04,054 का भुगतान हुआ है। यानी की कुल खर्च का 92.5% सिर्फ दो फर्म को भुगतान हुआ है।
अब सवाल है की सिर्फ यही दो क्यों ?सवाल केवल भुगतान का नहीं है, बल्कि यह जानना ज़रूरी है कि ये कार्य वास्तव में बलिया के हित में हैं या फिर किसी व्यक्ति विशेष के लाभ के लिए किए गए हैं। इन योजनाओं की गुणवत्ता, ज़मीनी ज़रूरत और स्थानीय प्रभाव को लेकर पूरी जानकारी अगले पोस्ट में विस्तार से साझा की जाएगी।
बाक़ी एक बात और कहना चाहता हूँ कि MPLADS फंड सांसद की व्यक्तिगत उपलब्धि दिखाने या निजी स्वार्थ साधने का साधन नहीं है। यह फंड स्थानीय विकास का एक महत्वपूर्ण टूल है, जिसका उपयोग जनता की वास्तविक ज़रूरतों के लिए होना चाहिए।