01/06/2026
ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल रोजगार घोटालों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा चरम पर रही। युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर व्यापक असंतोष देखने था,ऐसे माहौल में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंद्रनील खान ने युवाओं की आवाज़ बनकर संघर्ष किया। आंदोलनों का नेतृत्व किया, लाठियां झेलीं और संगठन को मजबूत बनाया। उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं में परिवर्तन का विश्वास जगाया। आज उनका मंत्री पद की शपथ लेना वर्षों के संघर्ष और समर्पण का सम्मान है। उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
31/05/2026
भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा मेरे प्रिय मित्र श्री जितेंद्र सिंह जी को बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
आपकी संगठनात्मक क्षमता, कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण एवं राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता निश्चित रूप से बिहार में युवा मोर्चा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी। पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का कार्य और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेगा।
ईश्वर से आपके सफल, यशस्वी एवं उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करता हूँ।
30/05/2026
मऊ के अहिलाद में लोकप्रिय ग्राम प्रधान श्री धनजय सिंह झब्बू जी की पूज्य माता जी के आकस्मिक निधन पर उनके निवास स्थान पहुँचकर पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
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29/05/2026
आज मऊ के काझा में छोटे भाई अंकित राय की पूज्य दादी जी के आकस्मिक निधन पर उनके निवास स्थान पहुँचकर पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
26/05/2026
पश्चिम बंगाल सरकार की कैबिनेट मंत्री आदरणीया श्रीमती अग्निमित्रा पॉल दीदी से शिष्टाचार भेंट कर पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों एवं संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। उनका मार्गदर्शन एवं नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
26/05/2026
भाजपा पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री समिक भट्टाचार्य जी से शिष्टाचार भेंट कर पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विभिन्न समसामयिक और संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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25/05/2026
पश्चिम बंगाल के आदरणीय मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी से भेंट कर उन्हें महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण भेंट की तथा शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।
रामायण में भगवान श्रीराम ने लंका विजय के बाद धर्म की स्थापना की थी। उसी प्रकार शुभेंदु अधिकारी जी ने भी पश्चिम बंगाल में अधर्म, अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जनहित एवं लोकहित की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
23/05/2026
विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कुशल संगठनकर्ता एवं राज्यसभा सांसद माननीय श्री नितिन नवीन जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं!
आपकी कार्यशैली, संगठन के प्रति अटूट समर्पण, सहजता, सरलता एवं राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है। आपके नेतृत्व में संगठन निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करते हुए अंत्योदय, सुशासन एवं राष्ट्र प्रथम के संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहे, यही कामना है।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, दीर्घायु एवं सदैव ऊर्जावान जीवन प्रदान करें तथा आपका मार्गदर्शन संगठन और राष्ट्रहित में निरंतर मिलता रहे।
22/05/2026
जिन्होंने सत्ता बचाने की भूख में संविधान को बंधक बनाया, लोकतंत्र का गला घोंटा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कुचली और पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया, वे आज राष्ट्रभक्ति और लोकतंत्र पर ज्ञान बाँटते फिर रहे हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने राजनीतिक विरोध को अपराध बना दिया था, हजारों विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंस दिया था, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी थी और जनता की आवाज़ को दबाने का हर संभव प्रयास किया था।
सन् 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। 1976 में कांग्रेस सरकार ने 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास किया, केंद्र की शक्तियों को असामान्य रूप से बढ़ाया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नियंत्रित करने की कोशिश हुई। उस दौर में सत्ता को राष्ट्र से ऊपर रखा गया और “इंदिरा इज़ इंडिया” जैसी मानसिकता ने लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाई।
आज वही कांग्रेस और उसके समर्थक दूसरों को “गद्दार” कहने का दुस्साहस कर रहे हैं। देश की जनता सब जानती है लोकतंत्र के असली गुनहगार कौन थे, संविधान पर सबसे बड़ा आघात किसने किया था और किसने सत्ता के लिए पूरे राष्ट्र को भय और दमन के वातावरण में झोंक दिया था।
लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि असहमति का सम्मान करने की संस्कृति है। जिन लोगों ने कभी इस देश की जनता से बोलने का अधिकार तक छीन लिया था, उन्हें लोकतंत्र पर उपदेश देने से पहले इतिहास के आईने में स्वयं को देखने की आवश्यकता है।