01/10/2026
भारत की परंपरा केवल संकट के समय अपने लिए खड़े होने की नहीं, बल्कि मानवता के लिए आगे बढ़ने की रही है। दुनिया में जब-जब संकट आया है, भारत ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार नेतृत्व किया है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में हमने देखा कि भारत ने न केवल अपने नागरिकों को संभाला, बल्कि दुनिया के अनेक देशों तक सहायता का हाथ बढ़ाया।
और आज, जब दुनिया आतंकवाद जैसी चुनौती से जूझ रही है, ऐसे समय में दुबई से उड़ान भरने वाली उस फ्लाइट के सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड होने के प्रसंग ने एक बार फिर यह दिखाया कि संकट की घड़ी में तकनीक से अधिक महत्वपूर्ण मनुष्य का साहस, धैर्य और कर्तव्यबोध होता है। अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले उस बहादुर पायलट को नमन।
क्योंकि इतिहास केवल उन लोगों को याद नहीं रखता जिन्होंने कठिन समय देखा, इतिहास उन्हें याद रखता है जिन्होंने कठिन समय में अपने कर्तव्य को चुना। यही मानवता का दर्शन है
जहाँ अपना जीवन भी महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी दूसरे के जीवन की रक्षा करना उससे भी बड़ा धर्म बन जाता है।