Bareilly UP-25

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Bareilly, is a city in Bareilly district in the Indian state of Uttar Pradesh.

29/03/2026

बहुत सुंदर समझायें है भैया ने फिर भी पता नहीं हमारे बहनों को क्या हो गया है समझ नहीं आता

24/11/2025

धर्मेंद्र नहीं रहें, 89 की उम्र में ली आखिरी सांस- IANS के हवाले से खबर

18/10/2025

धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

09/05/2025
Photos from Bareilly UP-25's post 27/01/2025

रेमो डिसूजा, गुरु रंधावा, सुरेश रैना, ममता कुलकर्णी सहित तमाम ऐसे लोग जिनका वास्ता धर्म कर्म से सार्वजनिक रूप से इतना नजर न आता हो वो भी इस पवित्र पर्व और महाकुम्भ से जुड़ते चले जा रहे हैं

सुरेश रैना ने संगम पर स्नान किया, उसके बाद लेटे हनुमान जी और संतो का आशीर्वाद लिया

ऐसे ही रेमो डिसूजा छिपते छिपाते संगम आये और स्नान व संतो का आशीर्वाद लिया

मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा ने भी पवित्र जल में स्नान किया और एक नई शुरुवात की बात की

कुछ दिन पहले मशहूर नास्तिक सिंगर यो यो हनी सिंह भी भयंकर नास्तिक से आस्तिक होते दिखे, उनका बाबा भोलेनाथ पर विश्वास जगा और उन्होंने अपनी सारी गलतियां मानी बिना लाग लपेट

ध्यान देने वाली बात ये है कि इन चारो ने बिना किसी दबाव में ये काम किया, वजह कुछ भी रही हो

यह एक सुखद पहलू है

लेकिन बेहद दुःख की बात है कि तमाम लोग कटु भाषा का प्रयोग करके लिख रहे है कि घर वापसी कब कर रहे हो, ये सब ढोंग है वगैहरा वगैहरा

मेरा बस इतना कहना है कि यदि कोई सनातन में आना चाहता है तब आप लोग अगर उसका समर्थन नही कर सकते तो कम से कम विरोध भी मत कीजिये

यदि सनातन ने उसका मन छुआ है और वो अपने आप दहलीज पर आ गया है तो उसे स्वयम उस महानता को खोजने दीजिए, आप मदद कर सकते उसकी, जिस तरह दहलीज पर आ गया है खोजते खोजते एक दिन अंदर भी आ ही जायेगा

पर वो आएगा तभी जब उसे ये लगेगा कि सनातन बाकियों की तरह बंधन में बांधता नही बल्कि शाश्वत सत्य है

यहां बोलने की आजादी है, उस परमपिता को साकार और निराकार हर तरह से मानने की आजादी है, सवाल करने की आजादी है, शिकायत करने की आजादी है और असहमत होने की भी

कुल मिलाकर यहां संवाद और सतत बेहतर की ओर जाने की आजादी है बिना किसी भय के

जब तक कोई अनुचित कार्य न हो इनसे तब तक बेवजह की छोटी छोटी बातों पर मीन मेख न निकाले

जो नही मानता वो अगर दहलीज पर आ गया है तो प्रेम पूर्वक उसका स्वागत करें

उसके तरीके पर नही, उसकी आस्था और नियत का प्रोत्साहन होना चाहिए

बाकी करोड़ो के देश मे भगवान हर दो कोस पर अलग नाम से हैं पर उनके प्रति सम्मान और आदर भाव एक जैसा ही

कोशिश करें कि हमारे कार्य किसी को सनातन की दहलीज से दूर धकेलने वाले न हो

प्रेम पूर्वक सबका स्वागत करें

जय जय श्री राम

#एकता_का_महाकुम्भ

Photos from Bareilly UP-25's post 27/01/2025

Har Har Mahadev ji 🙏

25/01/2025

महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में ड्रोन शो के माध्यम से दिखी भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं और सांस्कृतिक विरासत की अविस्मरणीय झांकी...

24/10/2024

भगवा हुआ BSNL का लोगो! कनेक्टिंग इंडिया की जगह, कनेक्टिंग भारत होगा स्लोगन..

दरअसल, 24 साल बाद BSNL ने अपने लोगो और स्लोगन में बदलाव किया है। नए LOGO के साथ 7 नई सर्विस, और हाई स्पीड इंटरनेट भी मिलेगा। सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL जल्द ही अपनी 4G सर्विस भी पूरे देश में लॉन्च करने वाला है और 5G सर्विस पर भी BSNL तेजी से काम कर रहा है।

09/10/2024

‘देश के रतन’ का 86 वर्ष की उम्र में निधन....मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस sir
End of an Era

23/06/2024

नरपिशाच बख्तियार खिलजी ने #नालंदा_विश्वविद्यालय को क्यों तबाह किया ???

तुर्की का सैन्य कमांडर #बख्तियार खिलजी गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। सारे हकीम हार गए परंतु बीमारी का पता नहीं चल पाया। खिलजी दिनों दिन कमजोर पड़ता गया और उसने बिस्तर पकड़ लिया। उसे लगा कि अब उसके आखिरी दिन आ गए हैं।

एक दिन उससे मिलने आए एक बुज़ुर्ग ने सलाह दी कि दूर भारत के मगध साम्राज्य में अवस्थित नालंदा महाविद्यालय के एक ज्ञानी शीलभद्र को एक बार दिखा लें, वे आपको ठीक कर देंगे। खिलजी तैयार नहीं हुआ। उसने कहा कि मैं किसी काफ़िर के हाथ की दवा नहीं ले सकता हूँ, चाहे मर क्यों न जाऊं!!

मगर बीबी बच्चों की जिद के आगे झुक गया शीलभद्र जी तुर्की आए। खिलजी ने उनसे कहा कि दूर से ही देखो मुझे छूना मत क्योंकि तुम काफिर हो और दवा मैं लूंगा नहीं। शीलभद्र जी ने उसका चेहरा देखा, शरीर का मुआयना किया, बलगम से भरे बर्तन को देखा, सांसों के उतार चढ़ाव का अध्ययन किया और बाहर चले गए।

फिर लौटे और पूछा कि कुरान पढ़ते हैं?

खिलजी ने कहा दिन रात पढ़ते हैं!

पन्ने कैसे पलटते हैं?

उंगलियों से जीभ को छूकर सफे पलटते हैं!!

शीलभद्र जी ने खिलजी को एक कुरान भेंट किया और कहा कि आज से आप इसे पढ़ें और शीलभद्र जी वापस भारत लौट आए।

उधर दूसरे दिन से ही खिलजी की तबीयत ठीक होने लगी और एक हफ्ते में वह भला चंगा हो गया। दरअसल शीलभद्र जी ने कुरान के पन्नों पर दवा लगा दी थी जिसे उंगलियों से जीभ तक पढ़ने के दौरान पहुंचाने का अनोखा तरीका अपनाया गया था।

खिलजी अचंभित था मगर उससे भी ज्यादा ईर्ष्या और जलन से मरा जा रहा था कि आखिर एक काफिर ईमानवालों से ज्यादा काबिल कैसे हो गया?

अगले ही साल 1192 में मोहम्मद गोरी उसने सेना तैयार की और जा पहुंचा नालंदा महाविद्यालय मगध क्षेत्र। पूरी दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञान और विज्ञान का केंद्र। जहां 10000 छात्र और 1000 शिक्षक एक बड़े परिसर में रहते थे। जहां एक तीन मंजिला इमारत में विशालकाय पुस्तकालय था, जिसमें एक करोड़ पुस्तकें, पांडुलिपियां एवं ग्रंथ थे।

खिलजी जब वहां पहूँचा तो शिक्षक और छात्र उसके स्वागत में बाहर आए, क्योंकि उन्हें लगा कि वह कृतज्ञता व्यक्त करने आया है।

खिलजी ने उन्हें देखा और मुस्कुराया और तलवार से भिक्षु श्रेष्ठ की गर्दन काट दी (क्योंकि वह पूरी तैयारी के साथ आया था)। फिर हजारों छात्र और शिक्षक गाजर मूली की तरह काट डाले गए (क्योंकि कि वह सब अचानक हुए हमले से अनभिज्ञ थे)। खिलजी ने फिर ज्ञान विज्ञान के केंद्र पुस्तकालय में आग लगा दी। कहा जाता है कि पूरे तीन महीने तक पुस्तकें जलती रहीं।

खिलजी चिल्ला चिल्ला कर कह रहा था कि तुम काफिरों की हिम्मत कैसे हुई इतनी पुस्तकें पांडुलिपियां इकट्ठा करने की? बस एक दीन रहेगा धरती पर बाकी सब को नष्ट कर दूंगा।

पूरे नालंदा को तहस नहस कर जब वह लौटा तो रास्ते में विक्रम शिला विश्वविद्यालय को भी जलाते हुए लौटा। मगध क्षेत्र के बाहर बंगाल में वह रूक गया और वहां खिलजी साम्राज्य की स्थापना की।

जब वह लद्दाख क्षेत्र होते हुए तिब्बत पर आक्रमण करने की योजना बना रहा था तभी एक रात उसके एक कमांडर ने उसकी निद्रा में हत्या कर दी। आज भी बंगाल के पश्चिमी दिनाजपुर में उसकी कब्र है जहां उसे दफनाया गया था।

और सबसे हैरत की बात है कि उसी दुर्दांत हत्यारे के नाम पर बिहार में बख्तियारपुर नामक जगह है जहां रेलवे जंक्शन भी है जहां से नालंदा की ट्रेन जाती है।

यह थी एक भारतीय बौद्ध भिक्षु शीलभद्र की शीलता, जिन्होंने तुर्की तक जाकर तथा दुत्कारे जाने के पश्चात भी एक शत्रु की प्राण रक्षा अपने चिकित्सकीय ज्ञान व बुद्धि कौशल से की।

बदले में क्या मिला?

शांतिप्रिय समुदाय की एहसान फरामोशी, प्राण, समाज व संस्कृति पर घात!

दुर्भाग्यवश तबसे अब तक कुछ नहीं बदला। हम आज भी उस क्रूर विदेशी आक्रांता के नाम पर बसाये गये शहर का नाम तक नहीं बदल सके।

क्योंकि देश में सुशासन और तृप्तिकरण का राज है!!

"राष्ट्रहित सर्वोपरि"

Photos from Bareilly UP-25's post 12/06/2024

बरेली में दौड़गी मैट्रो लाईट, मैट्रो लाईट कॉरीडोर प्रस्तावित, कमिश्नर ने सम्बन्धित विभागों से NOC प्राप्त कर शासन को प्रेषित करने दिए निर्देश

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