02/06/2026
खेत बचाओ अभियान जागरूकता कार्यक्रम
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ संदीप सरन, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर- मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में आज दिनांक 02-06-2026 को ग्राम- गोपाल पुर अजीजपुर , ब्लॉक भोजीपुरा, बरेली में "शिव शक्ति जैविक एग्रो एफ पी ओ" के सहयोग से किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व के उद्देश्य को बताते हुए किसानों को सूचित किया कि वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, किसानों द्वारा 9.3:3.5:1 के अनुपात में नाइट्रोजन, फोस्फोरस व पोटाश का उपयोग विभिन्न फसलों में किया जा रहा है जबकि इन रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 4:2:1 के अनुपात में होना चाहिये, रासायनिक खादों का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है, फलस्वरूप, खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो गया है, उर्वरता कम हो गई है, मृदा संरचना बिगड़ गई है। खेत की मृदा को पुनः अपने पुराने शक्तिशाली स्वरूप मे लाने व उर्वराशक्ति बढ़ाने हेतु फसलों मे रासायनिक खादों का उपयोग कम करना होगा। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए सॉइल हैल्थ कार्ड का उपयोग कर 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये जिससे 12 से 15 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश के प्रभावी उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें। गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। प्रधान वैज्ञानिक डॉ दिव्या शर्मा द्वारा पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग करने के बारे में बताया गया। फसलों में रासायनिक खादों का उपयोग कम कर वैकल्पिक खादों के उपयोग को प्रोत्साहन दे। नैनो फर्टिलाइज़र्स का प्रयोग कर लागत कम करें । कार्यक्रम में बरेली किसान एग्रो एफ पी ओ के निदेशक श्री मुकर्रीब हुसैन, शिव शक्ति जैविक एग्रो एफ पी ओ के अध्यक्ष श्री इद्र पाल एवं निदेशकों व सदस्यों, तथा संस्थान के तकनीकी अधिकारी श्री एस आर मीना का विशेष सहयोग रहा।
01/06/2026
खेत बचाओ अभियान का प्रारंभ
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा खेत बचाओ अभियान को राष्टीय स्तर पर आज से शुरू है। इसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ संदीप सरन, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में इस अभियान का प्रारंभ किया गया। आज दिनांक 01-06-2026 को ग्राम- सनैया रानी कुवंर, ब्लॉक भोजीपुरा, बरेली में "किसान एग्रो एफ पी ओ" के सहयोग से किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि खेत को बचाने के लिए खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य को ठीक करना होगा। रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से खेत की मिट्टी खराब हो चुकी है। रासायनिक खादों का खेतों में उपयोग कम करना होगा। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये। इस उद्देश्य के लिए सॉइल हैल्थ कार्ड बनवाए जिससे 12 से 15 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश के प्रभावी उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें । गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग किया जा सकता है । किसानों को चाहिए कि खरीफ फसल से पहले हरी खाद की फसल ( ढैंचा) अवश्य ले। फसलों में रासायनिक खादों का उपयोग कम करके व वैकल्पिक खादों के उपयोग को प्रोत्साहन देकर लाभ बढाया जा सकता है। कार्यक्रम में एफ पी ओ के निदेशक श्री मुकर्रीब हुसैन व सदस्यों, तकनीकी अधिकारी श्री एस आर मीना व श्री अरुण कुमार का विशेष सहयोग रहा।
26/05/2026
मृदा स्वास्थ प्रबन्धन व संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मृदा स्वास्थ प्रबंधन व संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ जगवीर सिंह त्यागी, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में “मृदा स्वास्थ प्रबंधन व संतुलित उर्वरक के उपयोग” विषय पर आज दिनांक 26-05-2026 को ग्राम- मोहरनिया, रिठौरा व डरूआ पुर ब्लॉक बिथरीचैनपुर, बरेली के किसानों के लिए संस्थान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किसानो को उपरोक्त विषय पर व्याख्यान दिये गए। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व को बताते हुए कहा कि खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य रासायनिक खादों के अधिक प्रयोग से खराब हो चुका है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। किसानों को खरीफ फसल से पहले हरी खाद की फसल लेने की सलाह दी गई। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने को कहा गया क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये। इस उद्देश्य के लिए सॉइल हैल्थ कार्ड बनवाए जिससे 12 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की मात्रा का सही पौधों द्वारा सही उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें । इसके अतिरिक्त गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। डॉ॰ मंजूर अहमद वानी, वैज्ञानिक ने पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग करने की सलाह दी तथा किसानों को पॉल्ट्री बीट से तैयार कम्पोस्ट से फसलों में उपयोग करने पर फसलों पर इसके प्रभाव की जानकारी दी । फसलों में संतुलित उर्वरक के उपयोग पर किसानों को विडियो फिल्म भी दिखाई गई।
26/05/2026
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Khet Bachao Andolan is building a nationwide movement for balanced fertilizer use, healthy soils and sustainable farming practices. As part of the campaign, over 7.57 lakh farmers have been reached through extensive awareness and outreach activities.
The campaign has organised 13,922 awareness camps/Sangoshthis covering 5.756 lakh farmers, along with 3,270 training programmes benefiting 1,39,333 participants. A total of 8,078 demonstrations on green manuring, biofertilizers and organic sources have been conducted to promote integrated nutrient management.
Community participation has been strengthened through 4,998 Sarpanch Sammelans, engagement with 9,609 input dealers, and programmes involving 8,383 members of FPOs/SHGs/FIGs. Awareness outreach further expanded through 54,750 banners and posters, 951 radio talks, 209 TV/digital programmes, and digital dissemination reaching 2.862 crore users.
Together, the movement is advancing the vision of Healthy Soil • Better Yield • Sustainable Future.
#संतुलितउर्वरकउपयोग #खेत_बचाओ_अभियान Shivraj Singh Chouhan Bhagirath Choudhary Press Information Bureau - PIB, Government of India Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India
21/05/2026
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ICAR proudly joins the nation in celebrating the conferment of the prestigious Agricola Medal 2026 upon Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi by the FAO.
This distinguished global recognition reflects India’s remarkable achievements in food security, sustainable agriculture and farmer-centric development.
The honour stands as a tribute to the dedication and perseverance of Indian farmers and the invaluable contributions of the agricultural scientific community, whose collective efforts continue to drive India’s agricultural transformation and strengthen its global leadership in science-led farming.
This prestigious recognition will further inspire and energise us to work relentlessly towards advancing agricultural innovation, strengthening food security and contributing to the vision of Viksit Bharat through science-driven and farmer-centric development.
Narendra Modi Shivraj Singh Chouhan Food and Agriculture Organization of the United Nations (FAO) Press Information Bureau - PIB, Government of India