01/06/2026
उन्नीसवीं सदी में बाढ़ से जोधन सिंह कुरसेला ( आज के कटिहार जिले का हिस्सा ) चले गए और वहां अपनी जमींदारी को स्थापित किया । उन्होंने कहा जाता है कि किसी साधु के बोलने पर अपने नाम को बदल अयोध्या सिंह रख लिया ।
इन्हीं के पुत्र रघुवंश सिंह ( तस्वीर इन्हीं की है ) ने भूदान आंदोलन में आचार्य विनोबा भावे को भूमिहीनों के लिए 4000 एकड़ खेती योग्य उपजाऊ जमीन दान में दी थी ।
पटना जिले के बाढ़, अथमलगोला एवं बख्तियारपुर प्रखंड में फैले दर्जनों सिसोदिया (खाती) राजपूतों का गांव है। पोस्ट में वर्णित जोधन बाबू इन्हीं गांवों में से एक जहींगरा गांव से कुरसैला गये थे। जोधन बाबू के लड़के स्व. रघुवंश बाबू हुए और पोते श्री दिनेश कुमार सिंह कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।आज भी इन सभी गांवों में एक कहावत खुब प्रचलित है -- "इधर उधर सब कोई गेल,
जोधन सिंह नीयन कोई न भेल।।"
29/05/2026
ये बिरजू मिल्की कहाँ पर है ??
और बाबू राम लखन सिंह जी कौन थे ?
क्या कोई जनता है ??
क्या किसी के पास इनके परिवार में से किसी का कांटेक्ट नंबर है ?
06/05/2026
9 सितंबर 1923 को हुए बाढ़ म्युंसिपैल्टी चुनाव में सिर्फ चार वार्ड था।
1 - चौंदी
2 - वलीपुर
3 - तालिबपुर
4 - सलीमपुर
जहाँ चौंदी वार्ड से सिर्फ मौलवी शैख़ मुहम्मद हसन ख़ान चुनाव जीते थे।
वहीं सलीमपुर से मौलवी मुहम्मद सैयद अहसन, बाबू अमरनाथ सिन्हा और बाबू काली प्रसाद दास जीते थे।
तो तालिबपुर से बाबू बंसी लाल और बाबू ब्रिज किशोर सहाय जीते थे।
वलीपुर से बाबू महाबीर भगत और ख़ान बहादुर शाह अहमद हुसैन जीते थे।
आज से 100 साल पहले बाढ़ गंगा के किनारे बसा हुआ एक छोटा सा शहर था, जो अलखनाथ घाट से उमानाथ और गुलाबबाग़ तक फैला हुआ था। 1918 में बाढ़ आए एक मुसाफ़िर ने अपनी किताब में लिखा है कि बस्ती बाढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग दो मील दूर पर मौजूद है, रेलवे स्टेशन के पास एक डाकबंगला है।
28/03/2026
लगता है Brij Bhushan Sharan Singh नितीश कुमार जी के खिलाफ है, क्युकी वो बाढ़ को कभी जिला बनने नही देंगे और इन्होंने अपने पोस्ट मे बाढ़ जनपद लिखा है
29/01/2026
UGC के नये नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाये जाने पर गिरिराज सिंह जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अमित शाह का आभार प्रकट किया.
Ab sc st act khatam karwana hai dosto
22/01/2026
Barh block ke samne ab patna ka biryani mahal barh me bhi