12/05/2023
जोधपुर मेहरानगढ़ क़िले को स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शूरवीर अमर शहीद राजाराम जी मेघवाल के बलिदान दिवस पर कोटिशः वंदन व श्रद्धांजलि ।
श्री राजारामजी मेघवाल, जिन्होंने 12 मई 1459 को जोधपुर किले मेहरानगढ की नींव में अपना जीवन बलिदान दिया था।
आज जोधपुर स्थापना दिवस पर अमर शहीद श्री राजारामजी मेघवाल जैसे सूरवीर की क्षत्रियता व त्याग को नमन तथा इसी के साथ साथ जोधपुर आज विश्वस्तरीय अपनी एक नई मिशाल और अपनी पहचान रखता है।
जोधपुर क़िले की नींव बनकर इतिहास में जोधपुर को आपने गौरवान्वित किया है । सूरवीरता और बलिदान के लिए जोधपुर के इतिहास में हमेशा पूर्व पंक्ति में आपको याद किया जायेगा।
आज जोधपुर स्थापना दिवस पर स्मरण करते हुए पुनः कोटिशः नमन।🌺🌺
10/05/2023
दादा सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के छोटे भाई कान सिंह शेखावत गोगामेड़ी के निधन हो जाने की सूचना अत्यंत दुःखद है।
ईश्वर दिवंगत पुण्य आत्मा को शान्ति प्रदान करे व परिजनों को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें !
शत् शत् नमन..
28/04/2023
श्री ओम बन्ना सा जन्म अष्टमी वैशाख सुदी आठम की सभी भक्तों को ढेर सारी शुभकामनाएँ। ओम बन्ना सा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे।
🙏🙏जय श्री ओम बन्ना 🙏🙏
23/04/2023
देचु के सगरां गांव मे स्थित #पाबुजी राठौड का यह सबसे पुराना मंदिर है | जब पाबुदादा युद्ध करते यहां पहुंचे तब पाबुदादा की घोड़ी केशर कालवी का पैर जब इस जगह पड़ा तब यहां पर केशर कालवी के पैर का एक बड़ा निशान बन गया और पाबुजी राठौड कोलु की और चले गए और उसके बाद लोगो ने यहां पर मंदिर बना दिया | सन् 1730 में इसी मंदिर में पाबुजी राठौड ने देचु के ठाकुर हरजी चाहडदेव को दर्शन दिए और उनके आशीर्वाद की बदौलत उन्होंने 20 अक्टुबर 1730 अहमदाबाद के युद्ध में बहादुरी से लड़ते हुए वहाँ के बादशाह सर बुलंद खां का सर कलम कर दिया और पुरे अहमदाबाद में चाहडदेव राठौडो का झण्डा फहरा दिया| उस समय जोधपुर के राजा अभय सिंह थे|
ठाकुर हरि सिंह अहमदाबाद के किले का एक गेट खोलकर अपने साथ लेकर आ गए और उस गेट को कोलु के पाबुजी के मंदिर में लगवा दिया जो आज भी पाबुजी के मंदिर में लगा हुआ है | दादा हरि सिंह पाबुजी के सबसे बड़े भक्त थे | वे कई बार जोधपुर के राजा अभय सिंह से भी भीड़ गए थे | हमें गर्व होना चाहिए कि हरि सिंह जैसे वीर योद्धाओ ने हमारे मारवाड मे जन्म लिया|
#माड धरा री आण अनोखी लोक सस्कृति
18/04/2023
समाजसेवी की मानवता की मिशाल।
12/04/2023
अस्सी घाव लगे थे तन पे,
फिर भी व्यथा नहीं थी मन में।
अपने साहस एवं शक्ति से मेवाड़ साम्राज्य का विस्तार करने वाले महापराक्रमी योद्धा, अजेयता के साक्षात रूप वीर शिरोमणि महाराणा सांगा (संग्राम सिंह) जी की जन्म जयंती पर उन्हें मेरा कोटिशः नमन।
मुग़ल शासकों के विरुद्ध राष्ट्र उत्थान में आपका योगदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
11/04/2023
Mahant Pratap Puri पूज्य गुरुदेव महंत श्री प्रतापपुरी जी महाराज की माताजी का आज देवलोकगमन हो गया है। भगवान पुनीत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे।
ॐ हरी!😭
01/04/2023
ये है कारगिल युद्ध के दो हीरो दीप चंद जी और उदय सिंह जी।
हरियाणा के हिसार के मूल निवासी नायक दीपचंद ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग में एक हाथ और दोनों पैर खो दिए थे. सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कारगिल विजय दिवस पर द्रास की अपनी यात्रा के दौरान नायक दीपचंद को कारगिल योद्धा की उपाधि से नवाजा था. बता दें कि दीपचंद कारगिल युद्ध के ऑपरेशन विजय में तोलोलिंग के ऊपर सबसे पहला गोला दागने वाले जवान थे. नायक दीपचंद आदर्श सैनिक फाउंडेशन में सक्रिय हैं और ड्यूटी के दौरान विकलांग हुए सैनिकों के कल्याण के लिए काम करते हैं.
23/03/2023
संत सदाराम जी का भव्य मेला आयोजन
सूफ़ी संत श्री 108 सादुल का जीवन परिचय
नाम - श्री सादूल
जन्म- विक्रम संवत 1863 चैत्र शुक्ल द्वितीया महानिर्वांण - विक्रम संवत 1936 चैत्र शुक्ल चतुर्थी
पिताजी- श्री जीवणराम
माताश्री - श्रीमती ईतु बाई
भाई - श्री गोविंदराम, श्री गौरखराम
वंश - गर्गवंशीय सरयुपारि ब्राह्मण कुल हेमचन्द्र नुख!!
जन्म स्थान गांव गुहङा जैसलमेर राजस्थान ।
आराध्य - निराकार ब्रह्म राम
भक्ति - गुरुभक्ति
सतगुरु नाम -- संत श्री 108 सेवारामजी महाराज भाखराणी -
शिष्य तत्कालीन जैसलमेर महारावल श्री केशरीसिंह जी
कुभदास जी गर्ग श्री सादुल के शिरमोर शिष्य!!
ग्रंथ - 9 जिसमें इश्क़ समुंद्, सादुलगीता, ज्ञानदीप, मूलदीप, समझ सागर, रामसागर गीता,,निर्वाण सागर आदि।
दिव्य चमत्कार - केशरी सिंह को भगवान श्री कृष्ण के रूप दर्शन देना!!
मालुबाई राजपुत् के पुत्र खानु जी को जीवित करना !!
गेनसिंह राजपुत् को कुँवे से जिंदा निकालना!!
मोड जी सोढा खारिया जिनकी उम्र 70 वर्ष थी उनको 5 पुत्रों आशीर्वाद दिया!!
रामगिरी जाखल मठ साचोर को तांत्रिक विद्या छुङाना, वह भक्ति मार्ग पर लाना !
पिपलवा गांव से भुतो को भगाना आदि कई जीवित पर्चे दिए।
समाधि स्थल - गांव गुहङा जिला जैसलमेर
मन्दिर - मुख्य मन्दिर गांव गुहङा,
तपस्या स्थल कोहरा, बोगनियाई सादुल सर,, सोभ, रामा, मेघा , पीपरला, लाला कारडा , हाबुर,
श्री सादुल के मंदिर मोहनगढ़, रामगढ, रायपुर छत्तीसगढ़, नागोलडी साचोर, बाड़मेर,, जैसलमेर,
पाकिस्तान में खिपरो, पेरूमल, पुणसा आदि