16/01/2026
||जय श्री भंडारी बाबा||
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज अहले सुबह से देर शाम तक फतेहा एवं निकटवर्ती सभी गांवों; चिरंजीवीपुर, राजापुर, मुरलीटोल, समसीपुर, भुथरी, गंगासागर, हिरायचक आदि के प्रत्येक घर तक, हर एक व्यक्ति के लिए महाभंडारा का प्रसाद पहुंचाया जाता रहा।
दर्जनों की संख्या में गाड़ियों पर, सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ताओं ने प्रसाद वितरण में सराहनीय योगदान दिया।
मंदिर परिसर में आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए पंगत निरंतर चलता रहा।
पूज्य महाराज जी का हर कार्यक्रम में ही यह लक्ष्य रहता था कि बिना प्रसाद कोई यहां से जाने ना पाए।
महाभंडारा में व्यंजनों की लगातार आपूर्ति हेतु सैकड़ों की संख्या में हलवाई एवं सहायकों का दल पिछले ५-६ दिनों से कार्यरत है।
कल सुबह भी छुटे हुए निकटवर्ती गांव में प्रसाद वितरण जारी रहेगा।
धन्यवाद,
15/01/2026
||जय श्री भंडारी बाबा||
अनन्तश्री विभूषित पूज्य महाराज जी के पावन श्राद्धकर्म में आज द्वादशा कर्म सम्पन्न हुआ।
देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में पधारे संतजन सहित असंख्य श्रद्धालु इस कार्यक्रम के साक्षी बने।
महाभंडारा में प्रसाद ग्रहण के उपरांत संत-महात्माओं को अंगवस्त्र-दक्षिणा आदि प्रदान किया गया।
अपार संख्या में उपस्थित हुए भक्तों के लिए देर शाम और रात्रि तक महाभंडारा चलता रहा।
ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों ने संपूर्ण आयोजन को इस प्रकार सम्हाला जिसे देख कर महाराज जी के उच्च कोटि की विरासत को आसानी से महसूस किया जा सकता है।
पीठ के महंत अब श्री आत्माराम दास जी हैं, जिनके नाम की विधिवत घोषणा दिवंगत श्री महाराज जी द्वारा पूर्व में ही की जा चुकी थी, उन्हें समस्त संत-समाज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
कल दिनांक- 16.01.2026 (शुक्रवार) को क्षेत्रवासियों के लिए विशाल (महा)भंडारा का आयोजन है, जिसमें मंदिर प्रागंण में पंगत के साथ-साथ, फतेहा सहित निकटवर्ती ग्राम-पंचायतों में हर घर तक प्रसाद पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सभी श्रद्धालुजन सादर आमंत्रित हैं।
धन्यवाद,
14/01/2026
।।जय श्री भंडारी बाबा।।
अनन्तविलीन पूज्य महाराज जी के पावन श्राद्धकर्म में प्रथम दिन आज एकादशा कर्म सम्पन्न हुआ।
जैसा कि विभिन्न माध्यमों से पहले ही अवगत करवाया जा चुका है कि कल दिनांक: 15.01.2026 (गुरुवार) को द्वादशा कर्म एवं साधु-संतो के लिए महाभंडारा का आयोजन है। दिनांक: 16.01.2026 को क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारा/महाभंडारा का आयोजन है।
प्रांत के विभिन्न हिस्सों से संत एवं भक्तजन पधार रहें हैं।
स्थानीय युवा सहित सभी फतेहा ग्रामवासी महाभंडारा कार्यक्रम को सुचारू रुप से सम्पन्न करने हेतु तत्पर हैं।
जिला प्रशासन द्वारा संतो एवं भक्तों के सुविधा एवं सुरक्षा हेतु पर्याप्त बल तैनात किया गया है।
फतेहा ग्राम पूज्य महाराज जी द्वारा स्थापित "राम-सुमिरन" की परंपराधीन राम-नाम से गुलज़ार है।
मंदिर परिसर के बाहर ही वाहन पार्किंग हेतु पार्किंग-स्थल तैयार किया जा चुका है ताकि यातायात व्यवस्था अवरुद्ध न हो।
इस पुण्य समागम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि मंदिर प्रशासन द्वारा तय नियमों का पालन करते हुए अनुशासित ढंग से दर्शन एवं प्रसाद ग्रहण करेंगे।
धन्यवाद,
06/01/2026
महाराज जी.. पंचतत्व में विलीन.. ब्रह्मलीन.. किन्तु भक्त-समाज की यादों में सदैव अमर.. अमिट खालीपन का अहसास किन्तु सानिध्य प्राप्ति का संतोष.. अनगिनत भावनाओं की सामूहिक एवं मिश्रित अनुभूति
खैर अंतिम सत्य को स्वीकारना ही है।
सादर प्रणाम.. विनम्र श्रद्धांजलि
06/01/2026
विनम्र श्रद्धांजलि
परम पूज्य श्री राम सुमिरन दास जी महाराज : एक संत, एक चेतना, एक अविनाशी विरासत परम पूज्य श्री राम सुमिरन दास जी महाराज वास्तव में ईश्वर के विशेष आशीर्वाद से विभूषित संत थे। उनका जीवन इस सत्य का साक्ष्य है कि जब कोई आत्मा पूर्णतः सेवा, साधना और निष्काम कर्म में लीन हो जाती है, तो ईश्वर स्वयं उसके माध्यम से कार्य करते हैं। ऐसे संत विरले ही जन्म लेते हैं और समाज को दिशा देकर स्वयं इतिहास बन जाते हैं।
बाबा राम सुमिरन दास जी को जीवन में अनेक बार कलंकित करने का प्रयास किया गया, किंतु हर बार वे और अधिक निखरकर सामने आए। उन्हें कलंकित करने वाले स्वयं समय के प्रवाह में तार-तार हो गए। यह कोई संयोग नहीं था, बल्कि उनकी निर्लिप्तता, समता और सिद्धि का परिणाम था। वे प्रशंसा और निंदा—दोनों से परे एक ऐसे संत थे, जिनके लिए केवल सत्य और सेवा ही साध्य था।
यह आकस्मिक नहीं है कि पूरे भारत में उनके शिष्यों का विस्तार है। लोगों ने स्वयं आग्रह कर उन्हें अनेक ठाकुरबारियों का दायित्व सौंपा। जिस-जिस ठाकुरबाड़ी की जिम्मेदारी उन्होंने ली, उसका उन्होंने न केवल भौतिक उद्धार किया, बल्कि आध्यात्मिक पुनर्जागरण भी किया। जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ी ठाकुरबारियों को उन्होंने फिर से आस्था, अनुशासन और मर्यादा का केंद्र बना दिया।
जब बिहार की अनेक ठाकुरबाड़ियाँ उपेक्षा और खस्ताहाल स्थिति से जूझ रही थीं, तब बाबा ने फतेहा ठाकुरबाड़ी में गीता धाम की स्थापना कर सनातन संस्कृति, धर्म और अध्यात्म को नई ऊर्जा प्रदान की। फतेहा जैसे छोटे से गाँव से निकलकर उनकी आभा का राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचना, उनकी साधना और ईश्वरीय कृपा का ही प्रमाण है।
अनेक शिष्यों का आध्यात्मिक जन्म बाबा के आशीर्वाद से ही संभव हुआ। आत्माराम जैसे शिष्य का प्रकट होना भी बाबा की कृपा का ही परिणाम माना जाता है। वे गुरु नहीं, बल्कि शिष्यों के जीवन में मार्गदर्शक प्रकाश थे।
मेरा स्वयं का अनुभव भी बाबा की दिव्यता का साक्षी है। एक बार बढ़ौना में आयोजित यज्ञ में मैंने उन्हें ससम्मान आमंत्रित किया। बाबा ने वहाँ नाम-जप की महत्ता को समझाया और उसे यज्ञ का अनिवार्य अंग बना दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना नाम-स्मरण के कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं हो सकता। यह उनके गहन आध्यात्मिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बाबा राम सुमिरन दास जी का जीवन अत्यंत सरल, सहज और विरागपूर्ण था। उनमें किसी प्रकार का दिखावा नहीं था। उनकी निर्पेक्षता ही उनकी सिद्धि का प्रमाण थी। वे न पद के आकांक्षी थे, न प्रसिद्धि के। उनकी सादगी में ही उनकी महानता निहित थी।
ऐसी अनेक घटनाएँ हैं जो यह सिद्ध करती हैं कि बाबा पर ईश्वर की विशेष कृपा थी। उनकी समता, साधना और सिद्धि ने ही उन्हें जन-जन का संत बनाया। वे केवल फतेहा या शेरपुर तक सीमित नहीं रहे—उनकी चेतना और प्रभाव ने सीमाएँ लांघ दीं।
संत कभी मरते नहीं। वे शरीर छोड़ते हैं, पर चेतना में अमर रहते हैं। बाबा राम सुमिरन दास जी अविनाशी हैं, अमर हैं। जितनी बार उन्हें नमन किया जाए, उतना कम है। यदि कभी अवसर मिले, तो फतेहा ठाकुरबाड़ी और शेरपुर ठाकुरबाड़ी अवश्य जाएँ—वहाँ आज भी अनुभूति होगी कि बाबा राम सुमिरन दास जी क्या थे, और क्या हैं। उनका जीवन स्वयं एक ग्रंथ है—जिसे पढ़ने के लिए शब्द नहीं, श्रद्धा चाहिए।
शत्-शत् नमन। जय बाबा भंडारी। जय गीता धाम, फतेहा।
04/01/2026
||ॐ शान्ति||
परम सन्त, सनातन स्तम्भपुरुष, शिष्य वत्सल गुरुदेव, सिद्धपीठ श्री भंडारी बाबा स्थान गीता धाम फतेहा के पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर श्री श्री १०८ श्री राम सुमिरन दास जी आज नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गए।
फतेहा ने अपना "महाराज जी" खोया है।
क्षेत्र ने "राम- सुमिरन" खोया है।
भक्तों ने श्री गुरुदेव का 'भौतिक' सानिध्य खोया है।
फतेहा ग्राम के अभिभावक का आज देवलोकगामी होने से अपूरणीय क्षति हुई है।
मन व्यथित और उदास है।
ठाकुरबाड़ी प्रागंण में जब सभी भगवान का दर्शन पूरा हो जाता था तो कदम स्वतः ही महाराज जी के आसन की तरफ बढ़ उठता था।
अब महाराज जी का भौतिक रूप से उपस्थित न रहना हर बार अपूर्णता को कुछ बढ़ा-सा देगा।
इस युग में जहां वास्तविक संत का साक्षात्कार तो क्या दर्शन भी कर पाना दुर्लभ है, ऐसे में श्री महाराज जी से साक्षात मिलना, आशीर्वाद प्राप्त करना तथा उनके मजाकिया एवं अपनापन वाली बातों से मन को हर्षफुल्लित कर पाना, वास्तव में एक पूंजी के रूप में हमारे पास रह गया। आगामी पीढ़ियाँ ठीक उसी तरह इन किस्सों को सुना करेंगी जैसे हमारी पीढ़ियाँ श्री भंडारी बाबा एवं अन्य गुरुदेवजनों के बारे में सुनती है।
महाराज जी जैसे महापुरुष के बारे में बातें करने का कोई अन्त नहीं है। वह आज सशरीर सजीव रूप में भले हमारे बीच न हों किन्तु संपूर्ण भक्त-समाज के लिए एक अमर हिस्सा बन चुके हैं।
आशा है कि हम- आप सभी भक्तजन महाराज जी द्वारा स्थापित 'राम- सुमिरन' की परंपरा को हमेशा जीवंत रखते हुए उनकी धार्मिक-आध्यात्मिक विरासत की मर्यादा को बनाए रखेंगे।
||विनम्र श्रद्धांजलि||
26/02/2025
||जय श्री सीता राम जी||
||जय श्री भण्डारी बाबा||
श्री रामजानकी ठाकुरवाड़ी फतेहा के पुनर्निर्माणोपरांत विधि-विधानपूर्वक यज्ञादि एवं भागवद ज्ञान व रामचरितमानस पाठ के द्वारा श्री राम जानकी जी, लक्ष्मण जी, श्री हनुमान जी एवं श्री भोले बाबा की मूर्तियों के प्राण- प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आप सभी भक्तजन सादर आमंत्रित हैं।
कार्यक्रम:
✓दिनांक: 28.02.2025 को भव्य शोभा यात्रा, कलश स्थापन एवं अखण्ड नाम जप आरम्भ।
✓दिनांक: 01 मार्च से 09 मार्च 2025 तक श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ, श्री रामचरितमानस नवाह पाठ एवं 9 मार्च को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम।
✓दिनांक: 11.03.2025 को विशाल भंडारा एवं प्रसाद वितरण।
निवेदक: श्री श्री महंत रामसुमिरन दास जी महाराज एवं समस्त भक्त समाज।
07/11/2024
ॐ सूर्याय नमः।
जय छठी मईया।।
🏵️ सम्पूर्ण सृष्टि को रोशन करने वाले सूर्यदेव की उपासना का महापर्व छठ की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं.. छठी मईया की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे 🙏🏻🙏🏻
30/10/2024
🪔 सभी ग्रामवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.... प्रकाश का यह पर्व आपके जीवन में नयी उमंग, नया उजाला और ढेर सारी खुशियां लेकर आए! 😊
27/08/2024
🙏🏻🙏🏻जय श्री कृष्ण🙏🏻🙏🏻
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।
सभी ग्रामवासियों एवं सनातन धर्मावलंबियों को श्री कृष्ण जन्मोत्सव [जन्माष्टमी] की बधाइयां एवं अनंत शुभकामनाएं 🏵️