08/11/2019
ये है अयोध्या
हाँ सच में मैं अयोध्या हूँ!
युगों से तुमको अपनी गोद लेकर
मैं रोकर और दुख की नींद सोकर
ख़ुद अपने लाल को बीराँ में रखकर
ज़हर की घूँट सौ-सौ बार चखकर
मरी अगनित हज़ारों बार,
पर "हुंऽह्"मैं अबध्या हूँ,
हाँ सच में मैं अयोध्या हूँ।।......मानस✒

08/03/2019