18/11/2025
प्रेस-विज्ञप्ति
बेतिया पुलिस ,
दिनांक-18.11.2025
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बेतिया पुलिस द्वारा विगत 24 घंटे में कि गई कार्रवाई एवं उपलब्धि से संबंधित विवरणी
I want to make my city bettiah a better place before i die.
18/11/2025
प्रेस-विज्ञप्ति
बेतिया पुलिस ,
दिनांक-18.11.2025
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बेतिया पुलिस द्वारा विगत 24 घंटे में कि गई कार्रवाई एवं उपलब्धि से संबंधित विवरणी
05/05/2025
बेतिया नाज़नीन चौक निवासी आसिफ़ एकबाल उर्फ़ ताजीर भाई का गंभीर रोड़ एक्सीडेंट में इंतकाल हो गया।
#बेतिया
29/03/2025
हमारे जिले (पश्चिम चंपारण) के नौतन की बेटी अंशु कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा 2025 में पूरे बिहार में टॉप करके इतिहास रच दिया है! 🎉
हम सभी चम्पारणवासियों की ओर से अंशु को उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर ढेर सारी बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ!
#बेतिया
यूट्यूबर मनीष कश्यप ने BJP छोड़ने का किया फैसला
इस्तीफा देने के बाद खुद गिरप्तारी के लिए जाएंगे सारण
गरिमा देवी सिकारिया को "चैंपियन ऑफ चेंज अवॉर्ड" का मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
28/09/2024
बेतिया महाराजा धुर्व सिंह, जब अपने छोटे भाई चैन सिंह को (मुजफ्फरपुर) के अफगान सरदार मुअज़म खान से बेवजह युद्ध के लिए भेज दिया। मुअज़म खान तो मारा गया, लेकिन चैन सिंह घायल थे, धुर्व सिंह ने सैनिकों को निर्देश दिया कि चैन सिंह को किसी निर्जन स्थान पर छोड़ दिया जाए,जब तक वे मर नही जाते।
दूसरे छोटे भाई शिवनाथ सिंह को धुर्व सिंह ने राजडयोडी प्रांगण में इस लिये मार डाला क्योंकि वे विद्यानुरागी व अजानबाहु थे। उनकी तुलना प्राचीन विख्यात सम्राटों से की जाती थी।
धुर्व सिंह की दो लड़कियां थी- चेंगा बबुनी एवं बेंगा बबुनी।दोनों लड़कियों का स्वास्थ्य खराब रहता था। उनका विवाह किसी भी राजघरानो में नही हो पाया, क्योंकि ध्रुब सिंह ने अपने ही सहोदर भाइयो की हत्या कर ,बेतिया राज के गौरवपूर्ण इतिहास को कलंकित किया था।किसी प्रकार, 1730 में उन दोनो बहनों की शादी, उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिले के ठठवा गाँव के संपन्न परिवार के दो सहोदर भाइयों से कर दी गई।जिनका नाम रघुनाथ सिंह व पहलवान सिंह था। चेंगा बबुनी अस्वस्थता के कारण जल्द ही मर गई। लेकिन बेंगा भी तपेदिक की बीमारी से मरणासन पर थी। ध्रुब सिंह ने अपनी पुत्री बेंगा बबुनी को बेतिया मंगवा लिया। उसी समय रोम से ईसाई धर्म के प्रचार के लिये एक नन सिस्टर बेतिया आई थी।उन्होंने दावा किया कि हम बेंगा बबुनी को पूर्ण स्वस्थ कर देंगी। महाराज धुर्व सिंह ने दोनों को साथ रहने की व्यवस्था राजकचहरी के पश्चिमी भाग में कर दिया। 4-5 साल के प्रयास के बाद बेंगा बबुनी ठीक हो गई।बल्कि वो इंग्लिश भी सीख ली। उन्हें एक पुत्र भी हुआ, जो बेतिया राज के सिंघासन पर ध्रुब सिंह के बाद बैठा।नाम था- युगल किशोर सिंह।
रोमन सिस्टर के समर्पित कार्यशैली व सेवा भाव से खुश हो कर राजा ध्रुब सिंह ने अपने महल के सटे उत्तर एक चर्च बनवाया और ईसाइयों को बसने के लिए जमीन दी।यह चर्च, पेरिस चर्च के नाम से जाना गया।लेकिन यह चर्च 1932 के भूकंप में, राजा के शीश महल के साथ ही ध्वस्थ हो गया। पुनः बनाया गया।
राजा ध्रुब सिंह को भी अपने किये की सजा मिली।1757 ( Battle of Plassey) मे, बंगाल में जब लार्ड क्लाईव ने मीर कासिम को, मीर जाफर की जगह नवाब बना दिया, तब मीर कासिम, मुंगेर को अपनी नई राजधानी बना लिया। उसने अचानक बेतिया राज पर हमला कर दिया। राजा धुर्व सिंह को पकड़ कर मुंगेर ले गया। वही राजा धुर्व सिंह ने आत्महत्या कर ली।
BE ALERT
अभी अभी 5.9 का भूकंप महसूस किया गया है.
जिस का केंद्र नेपाल में था
इस भूकंप के ऑफ्टर शॉक भी आ सकते है.
Bettiah City का सबसे अच्छा दुर्गा पंडाल कौन सा लगा आप लोगों को ??
13/10/2023
बेतिया में जिस छात्र का अपहरण हुआ था उसे मार डाला, 20 लाख मांगे थे, एक किशोर ने रची थी साजिश
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बेतिया: 11 अक्टूबर को बेतिया में जिस छात्र का अपहरण किया गया था उसकी हत्या कर दी गई है. गुरुवार (12 अक्टूबर) की रात नौवीं क्लास के छात्र आशीष कुमार की लाश कुमारबाग ओपी थाना क्षेत्र के स्टील प्लांट के पीछे से मिली है. शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. वह कुमारबाग हाई स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता था. बुधवार (11 अक्टूबर) की दोपहर से लापता था. अपहरण करने वालों ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी.
छात्र आशीष कुमार के परिजनों को फोन पर फिरौती मांगी गई थी. गुरुवार की दोपहर तक का वक्त दिया गया था. फिरौती नहीं देने पर अंजाम बुरा होने की धमकी दी गई थी. हालांकि परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी. इसके बाद एसपी के नेतृत्व में लगातार जांच चल रही थी. इस बीच गुरुवार की देर रात आशीष कुमार के शव को पुलिस ने बरामद किया. इधर शव मिलने के बाद शुक्रवार (13 अक्टूबर) की सुबह परिजन और अन्य लोग आक्रोशित हो गए.
दरअसल जांच के दौरान इस मामले में पुलिस ने एक किशोर और तीन युवकों को पकड़ा था. इनसे पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला कि थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर आशीष की हत्या कर दी गई है. इसके बाद पुलिस पहुंची तो शव को बरामद किया. आधी रात को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया. यह भी बात सामने आई है कि किशोर ने ही पूरी साजिश रची थी. अन्य तीन युवकों ने उसका साथ दिया था. सभी आसपास गांव के ही रहने वाले हैं.
बता दें कि आशीष कुमारबाग ओपी थाना क्षेत्र के रानीपुर रामपुरवा का रहने वाला था. उसके पिता नगनारायण साह ज्वेलर हैं. इस घटना में विद्यालय के अन्य छात्रों ने बताया था कि इसी विद्यालय का एक छात्र अक्सर आशीष कुमार को जान से मारने की धमकी देता था. इस मामले में आरोपित छात्र जो नाबालिग है उसे पुलिस ने पकड़ लिया है. अन्य तीनों युवक हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है.
बेतिया से अपहृत छात्र की हत्या,परिजनों से मांगी थी बीस लाख की फिरौती, आंख निकल ,हाथ पैर बाँध शव को तालाब में फेंका.