04/02/2023
जय श्री राम श्री श्री 108 महायज्ञ शक्तिपीठ पवन धरती योगी वीर पर्वत बाराहट इशीपुर भागलपुर बिहार
योगीवीर पहाड़ ईशीपुर बाराहाट भागलपुर very beautiful palace of Bihar & Jharkhand.
04/02/2023
जय श्री राम श्री श्री 108 महायज्ञ शक्तिपीठ पवन धरती योगी वीर पर्वत बाराहट इशीपुर भागलपुर बिहार
26/01/2023
23/01/2023
भागलपुर जिला के ईशीपुर थाना क्षेत्र योगीवीर पहाड़ी पर यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है । भागलपुर जिला के ईशीपुर थाना क्षेत्र योगीवीर पहाड़ी पर यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है ।
07/01/2023
05/11/2021
काली पूजा की शुभकामनाएं - Ishipur, Barahat
20/11/2020
Some pic of अस्ताचलगामी सूर्य , छठ पूजा , पिरोजपुर, बाराहाट (2020)
Barahat, Pirojpur, Bhagalpur
हमने अपने घर के सभी कमरों के नाम रख दिये हैं, जैसे -
एक कमरे का नाम - *बाराहाट*
दूसरे का नाम - *पिरोजपुर*
तीसरे का नाम - *हनुमत पूरी पहाड़*
बरामदे का नाम - *सिद्धू कानू चौक*
देवता घर का नाम - *शिवम मार्किट*
बाथरूम का नाम - *विजय कॉलोनी*
पार्कींग का नाम - *हाई स्कूल इशीपुर*
जहां मर्ज़ी होती है पैदल ही घूम आते हैं हम।
02/02/2018
शनि महाराज एवं माँ दुर्गा की स्थापना दिवस योगीवीर पहाड़ी Barahat, Pirojpur, Bhagalpur
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26/10/2017
|| ये छठ पूजा जरुरी है ||
....... धर्म के लिए नहीं, अपितु ......
*ये छठ जरुरी है* :
हम-आप सभी के लिए जो अपनी जड़ों से कट रहे हैं |
उन बेटों के लिए जिनके घर आने का ये बहाना है |
*ये छठ जरुरी है* :
उस माँ के लिए जिन्हें अपनी संतान को देखे महीनों हो जाते हैं |
उस परिवार के लिये जो टुकड़ो में बंट गया है |
*ये छठ जरुरी है* :
उस नई पौध के लिए जिन्हें नहीं पता की दो कमरों से बड़ा भी घर होता है |
उनके लिए जिन्होंने नदियों को सिर्फ किताबों में ही देखा है |
*ये छठ जरुरी है* :
उस परंपरा को ज़िंदा रखने के लिए जो समानता की वकालत करता है |
जो बताता है कि बिना पुरोहित भी पूजा हो सकती है |
*ये छठ जरुरी है* :
जो सिर्फ उगते सूरज को ही नहीं डूबते सूरज को भी प्रणाम करना सिखाता है |
*ये छठ जरुरी है* :
गागर , निम्बू और सुथनी जैसे फलों को जिन्दा रखने के लिए |
*ये छठ जरुरी है* :
सूप और दउरा को बनाने वालों के लिए |
ये बताने के लिए कि , इस समाज में उनका भी महत्व है |
*ये छठ जरुरी है* :
उन दंभी पुरुषों के लिए जो नारी को कमज़ोर समझते हैं |
*ये छठ जरुरी है , बेहद जरुरी* ||
बिहार के योगदान और बिहारियों के सम्मान के लिए |
सांस्कृतिक विरासत और आस्था को बनाये रखने के लिए |
परिवार तथा समाज में एकता एवं एकरूपता के लिए |
II *संयमित एवं संतुलित व्यव्हार = सुखमय जीवन का आधार* II