30/09/2026
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें
निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मताधिकार की रक्षा के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच जरूरी : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
सागर, 27 सितंबर 2026।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वायत्तता पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपने पद पर बने रहने के बजाय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
विशेष रूप से मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर गंभीर प्रश्न सामने आए हैं। हाल की मीडिया रिपोर्टों में निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा SIR से संबंधित कुछ निर्णयों और निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। निर्वाचन आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार और लिखित टिप्पणियां सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा उसके निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का मानना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि, अपारदर्शिता या मनमानी का सीधा असर नागरिक के संवैधानिक मताधिकार पर पड़ता है। इसलिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक जांच, पारदर्शिता और राजनीतिक दलों तथा नागरिक समाज के विश्वास के अनुरूप होनी चाहिए।
पार्टी ने मांग की है कि—
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
SIR तथा मतदाता सूचियों से संबंधित सभी विवादित निर्णयों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मतदाता सूची से नाम हटाने अथवा किसी मतदाता को नोटिस देने की प्रक्रिया में कानूनी अधिकार, उचित सूचना और सुनवाई का अवसर सुनिश्चित किया जाए।
निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली, निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन संबंधी डिजिटल प्रणालियों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर निर्वाचन आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता को और मजबूत किया जाए।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण में जिन नागरिकों के नाम प्रभावित हुए हैं, उन्हें प्रभावी शिकायत और अपील का अवसर दिया जाए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी स्पष्ट करती है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव लोकतांत्रिक गणराज्य की बुनियादी आवश्यकता हैं। किसी भी सरकार, राजनीतिक दल या संवैधानिक संस्था के प्रति नागरिकों का विश्वास तभी कायम रह सकता है जब प्रत्येक मतदाता को यह भरोसा हो कि उसका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित है और उसका मत स्वतंत्र रूप से दर्ज तथा निष्पक्ष रूप से गिना जाएगा।
पार्टी सभी लोकतांत्रिक एवं जनवादी शक्तियों से अपील करती है कि वे मतदाता के अधिकार, चुनाव की निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करें।
सभी प्रर्दशनकारियों ने ज्ञानेशकुमार इस्तीफ़ा दो।वोटचोरो ,गद्दी छोड़ो। आदि गगनभेदी नारों से शहर की प्रमुख सड़कों पर शहरवासियों की भावनाओं को संबल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव देवेंद्र सिंघई एडवोकेट एवं सहसचिव गोवर्धन पटेल ने किया। प्रदर्शन में का राहुल भायजी,का.चन्द्रकुमार, हरजू अहिरवार,रमेश बौद्ध,कृष्णकुमार वैध, महादेव करोसिया,भोलाप्रसाद करोसिया, दीपक ज्ञान, भवानी पटैल, नरेन्द्र जैन, राजेंद्र चौरसिया,पूरनकोरीआदि साथियों की महत्त्वपूर्ण भागीदारी रही।
— भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
प्रेस एवं प्रचार विभाग