04/06/2026
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना
पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की महत्वपूर्ण पहल
#श्योपुर
Official handle of Department of Animal Husbandry, Government of Madhya Pradesh
04/06/2026
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना
पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की महत्वपूर्ण पहल
#श्योपुर
02/06/2026
मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के साथ #कैबिनेट_बैठक प्रारंभ हुई। इस अवसर पर प्रदेश के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री Lakhan Patel उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh
01/06/2026
पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश
#पशुपालन
01/06/2026
प्रदेश के सभी पशुपालकों को #विश्व_दुग्ध_दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
आपके अथक परिश्रम, समर्पण और योगदान से मध्यप्रदेश आज दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
-श्री Lakhan Patel, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार
Jansampark Madhya Pradesh
हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
National Dairy Development Board
Lakhan Patel
Jansampark Madhya Pradesh
31/05/2026
पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश
"गोरस मोबाइल ऐप"
अब पशुपालकों को अपने मोबाइल पर ही आसानी से मिलेगी पशुओं के लिए संतुलित एवं वैज्ञानिक आहार संबंधी जानकारी
पशुपालक एवं किसान भाई तुरंत डाउनलोड करें ऐप
31/05/2026
पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश
"गोरस मोबाइल ऐप"
अब पशुपालकों को अपने मोबाइल पर ही आसानी से मिलेगी पशुओं के लिए संतुलित एवं वैज्ञानिक आहार संबंधी जानकारी
पशुपालक एवं किसान भाई तुरंत डाउनलोड करें ऐप, उठाएं लाभ
Dr Mohan Yadav
CM Madhya Pradesh
Lakhan Patel
Jansampark Madhya Pradesh
30/05/2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की समृद्धि के खुल रहे नए द्वार
नवाचारों के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रदान की जा रही नई गति
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
Lakhan Patel
National Dairy Development Board
Dept of Animal Husbandry and Dairying, Min of FAHD
Jansampark Madhya Pradesh
हिरण्यगर्भा अभियान: पशु नस्ल सुधार की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
Lakhan Patel
27/05/2026
हर गौशाला में न्यूनतम 5000 गौवंश का होगा पालन, 30 प्रतिशत रखे जाएंगे दुधारू नस्ल के गौवंश
पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल ने स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 गोकुल धाम स्थापना नीति अंतर्गत जारी निविदा में प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की, साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए
पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल ने बुधवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत गौसंवर्धन बोर्ड के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 गोकुल धाम स्थापना नीति अंतर्गत जारी निविदा में प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि उक्त नीति अंतर्गत परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 5000 गौवंश का पालन अनिवार्य है, जिसमें से 30 प्रतिशत गौवंश दुधारू नस्ल के होने चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक 5000 गौवंश हेतु अधिकतम 125 एकड़ शासकीय भूमि उपयोग के अधिकार (User Rights) के आधार पर दी जाएगी। अतिरिक्त 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 5 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जा सकेगी। वहीं, निराश्रित गौवंशों के लिए शासन की नीति अनुसार प्रति दिवस प्रति गौवंश अनुदान राशि 40 रुपये दी जा रही है।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वावलंबी गौशाला (गोकुल धाम) की स्थापना की नीति 2025 का मुख्य उद्देश्य है प्रदेश में वृहद स्वावलंबी गौशालाओं का मॉडल तैयार करना, निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना, जहां उन्हे संतुलित आहार, व्यवस्थित आवास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही बजट पर न्यूनतम भार पर अधिकाधिक निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना, वृहद गौशालाओं की परियोजनाओं के माध्यम से पड़त भूमि का विकास तथा निजी भागीदारी के माध्यम से गौ-उत्पादों के निर्माण एवं विपणन की श्रृंखला तैयार करना है। इसके अलावा वैकल्पिक ऊर्जा निर्मित करने की नवीन तकनीकों के लिए निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार करना है।
दुग्ध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को दिया जाएगा बढ़ावा
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि निराश्रित गौवंश के प्रबंधन, उपयोगिता वृद्धि एवं बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इकाइयों हेतु स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की जाएगी। निजी निवेश व भागीदारी के माध्यम से गोपालन, दुग्ध प्रसंस्करण, जैविक खाद, पंचगव्य, बायो-CNG, औषधि व पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्नत नस्लें (गिर, साहीवाल, थारपारकर) + कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्सड सॉर्टड सीमेन से उच्च दुग्ध उत्पादन, गौ उत्पादों का निर्माण और विपणन की श्रृंखला तैयार की जाएगी। 30% उच्च उत्पादक नस्ल की गायें, दुग्ध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर व कृषि अवशेष से NPK युक्त जैविक खाद, मिट्टी की उर्वरता व उत्पादन में वृद्धि होगी। बायोगैस-CNG व सोलर ऊर्जा संयंत्र; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन। प्रकृति के नज़दीक रमणीक स्थानों पर स्थित गौशालाएं; प्रदर्शन, प्रबंधन व प्रोसेसिंग से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। बैठक के दौरान 13 जिले रायसेन, दमोह, जबलपुर, सागर, अशोकनगर, खरगोन, रीवा, बैतूल, पन्ना, भिण्ड, राजगढ़, भोपाल और मंडला में प्राप्त जमीनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि निविदा के तहत 14 स्थलों के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें निवेशकों की संख्या 16 और कुल भूमि 3,457 एकड़ व गौवंश की क्षमता 1,30,000 है।
बैठक के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग संचालनालय डॉ. पी.एस. पटेल, गौसंवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनुपम अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
LLakhan PatelJJansampark Madhya Pradesh