05/03/2026
नर्मदा बचाओ आंदोलन के ग्राम टेमाचा स्थित केंद्र पर चना निकाल लिया गया है। दो एकड़ खेत में देशी चना 12.5 क्विंटल और काबुली चना 4.5 क्विंटल इस प्रकार कुल 17 क्विंटल का उत्पादन हुआ है। इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में 30% उत्पादन ज़्यादा हुआ है।
यह फसल पूरी तरह से जैविक तरीके से उगाई गई है इसमें किसी भी तरह की रासायनिक खाद या कीटनाशक का उपयोग नहीं हुआ है। इस फसल के पहले हमने इस खेत में सन और डेंचा बोकर उसे खेत में मिला दिया था जिस कारण खेत पर्याप्त हरी खाद मिली और इस कारण हमारा उत्पादन बढ़ गया।
चने की सफाई हो रही है, शीघ्र ही यह लोगों को उपलब्ध हो सकेगा।
03/07/2025
*नर्मदा अन्न*
*जैविक मूंग*
प्रिय साथियों,
नर्मदा बचाओ आंदोलन के खंडवा जिले के ग्राम टेमाचा स्तिथ केंद्र में जैविक मूंग की फसल की कटाई हो गयी है और यह आपके लिए उपलब्ध है। इसे पूरी तरह से जैविक तरीके से उगाया गया है और इसमें किसी भी रासायनिक खाद या कीटनाशक का उपयोग नहीं किया गया है। यह मूंग सीधे खेत से आपके घर पंहुचेगी ।
मूंग सबूत, छिलका दाल व धुली दाल के रूप में निम्न भाव पर उपलब्ध है-
साबूत मूंग - 250 रु/किलो
छिलका दाल - 270 रु/किलो
धुली दाल - 280 रु/किलो
इसमें सफाई, पेकेजिंग व पोस्टिंग का खर्च, जो लगभग ₹ 75 प्रति किलो है, शामिल है।
चूंकि 5 किलो से कम सामग्री भेजने पर पोस्टेज बहुत ज्यादा लगता है अतः आग्रह है कि आप सब मिलाकर कुल न्यूनतम 5 किलो की मांग करें। एक पैकेट में छोटे छोटे पैकेट हो सकते हैं जैसे कि 5 किलो के एक पैकेट में 3 किलो साबुत मूंग और 2 किलो छिलका मूंग हो सकते हैं।
इस जैविक अन्न का उपयोग कर आप अपने परिवार और धरती के स्वास्थ्य की रक्षा के इस प्रयास में सहयोग दें।
आपको कौन सी दाल कितनी मात्रा में चाहिए कृपया मुझे 9009710068 पर सूचित करें ।
शुभकामनाएं!!
आलोक अग्रवाल
27/06/2025
आज माता पिता के विवाह की 64 वीं वर्षगांठ उनके मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाई ।
उनके और सभी के उत्तम स्वास्थ्य एवं आनंद की कामना की।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्” 🙏🏻
06/04/2025
*नर्मदा अन्न*
*जैविक तुअर और चना*
प्रिय साथियों,
नर्मदा बचाओ आंदोलन के ग्राम टेमाचा, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश में स्तिथ "माँ रेवा किसान मजदूर सेवा केंद्र" पर जैविक खेती की जा रही है। अभी हमने अभी तुअर (अरहर) और चने की फसल उगाई है।
इन फसलों को पूरी तरह से जैविक पद्धति से उगाया गया है और इसमें किसी भी तरह की रासायनिक खाद या रासायनिक कीटनाशक का उपयोग नहीं किया गया है। गुणवत्ता बढ़ाने के लिये हमने दालों और तिलहन से बने घोल का छिड़काव किया है।
यह जैविक, तत्वों से भरपूर, बिना पॉलिश की हुई तुअर दाल, साबुत चना,चने की दाल और काबुली चने (सफ़ेद छोला) के रूप में उपलब्ध है। यह सीधे खेत से आपके पास आयेगा।
इनकी कीमत निम्न है:
तुअर दाल (अरहर दाल) : ₹ 280 प्रति किलो
साबुत चना (भूरा/काला) : ₹ 190 प्रति किलो
चना दाल : ₹ 210 प्रति किलो
काबुली चना (सफ़ेद छोला) : ₹ 280 प्रति किलो
इस कीमत में सफ़ाई, पैकिंग और पोस्टेज का लगभग रु 80 प्रति किलो शामिल है।
न्यूनतम आर्डर 3 किलो है क्योंकि 3 किलो के नीचे पोस्टेज खर्च बहुत बढ़ जाता है. कृपया अपने ऑर्डर की सूचना मुझे 9009710068 पर दें ।
शुभकामनाएँ,
आलोक अग्रवाल
28/03/2025
इस बार ग्राम टेमाचा के खेत में लगभग 2 एकड़ में देशी चना और काबुली चना बोया था। इस बार 9.5 क्विंटल देशी चना और 3.5 क्विंटल काबुली चने का उत्पादन हुआ है। इसे पूरी तरह से जैविक तरीके से उगाया गया है और इस उत्पादन में किसी भी तरह के रासायनिक खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
यह उत्पादन हमारे क्षेत्र में रासायनिक खेती करने वालों के औसत से ज्यादा है ।
कुछ दिन बाद यह सभी मित्रों को उपलब्ध हो जायेगा, जिसकी सूचना हम जल्द करेंगे।
01/02/2025
कल नर्मदा बचाओ आंदोलन के ग्राम टेमाचा स्तिथ केंद्र पर जैविक तुअर (अरहर) निकाली गई। यह उत्पादन पूर्णतः जैविक तरीके से किया गया है और इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया गया है। लगभग 1.3 एकड़ में 12 क्विंटल तुअर निकली। यह उत्पादन 9 क्विंटल प्रति एकड़ से ज़्यादा का रहा जो कि इस क्षेत्र में रासायनिक खेती करने वालों से कहीं ज़्यादा है।
एक माह बाद मौसम थोड़ा गरम होने पर इसकी दाल बनाई जाएगी जो कि मार्च अंत तक सबको उपलब्ध होगी।
शेष 2 एकड़ में चना लगा है वह भी मार्च अंत तक उपलब्ध हो जाएगा।
25/07/2024
आज पिताजी ने 90 वर्ष पूरे किए।
परिवार और मित्रों ने मिलकर उत्सव मनाया और ईश्वर को धन्यवाद दिया।
सबके कल्याण की कामना की गयी -
सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामया,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु
मा कश्चिद् दुख भागभवेत।
21/07/2024
अंधकार से प्रकाश की ओर
अज्ञान से ज्ञान की ओर
ले जाने वाले गुरु “ओशो” को गुरु पूर्णिमा पर शत शत नमन….🙏
13/06/2024
*नर्मदा अन्न*
*जैविक मूंग*
प्रिय साथियों,
नर्मदा बचाओ आंदोलन के खंडवा जिले के ग्राम टेमाचा स्तिथ केंद्र में जैविक मूंग की फसल की कटाई हो गयी है। बहुत जल्द यह आपको उपलब्ध हो सकेगी। इस फसल में किसी भी रासायनिक खाद या कीटनाशक का उपयोग नहीं किया गया है। साथ ही इसमें दालों व तिलहन से बने सूक्ष्म तत्वों (micro nutrients) के घोल का छिड़काव भी किया गया है।
मूंग सबूत, छिलका दाल व धुली दाल के रूप में निम्न भाव पर उपलब्ध है-
साबूत मूंग - 240 रु/किलो
छिलका दाल - 260 रु/किलो
धुली दाल - 280 रु/किलो
इसमें सफाई, पेकेजिंग व पोस्टिंग का शुल्क, जो लगभग ₹ 70 प्रति किलो है, शामिल है। चूंकि 5 किलो से कम सामग्री भेजने पर पोस्टेज बहुत ज्यादा लगता है अतः आग्रह है कि आप सब मिलाकर कुल न्यूनतम 5 किलो की मांग करें। एक पैकेट में छोटे छोटे पैकेट हो सकते हैं।
यदि आप कोई भी दाल लेने में इच्छुक हैं तो कृपया मेरे व्हाट्सएप नंबर 9009710068 पर संदेश दें।
हम सबके व धरती के स्वास्थ्य की रक्षा के इस प्रयास को आप सहयोग देंगे इस विश्वास के साथ -
शुभकामनाएं!!
आलोक अग्रवाल
17/04/2024
*नर्मदा अन्न*
*जैविक चना*
प्रिय साथियों,
नर्मदा बचाओ आंदोलन के ग्राम टेमाचा, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश में स्तिथ "माँ रेवा किसान मजदूर सेवा केंद्र" पर जैविक खेती की जा रही है। अभी हमने अभी चने की फसल उगाई है।
इस फसल को पूरी तरह से जैविक पद्धति से उगाया गया है और इसमें *किसी भी तरह की रासायनिक खाद या रासायनिक कीटनाशक का उपयोग नहीं किया गया है।* सूक्ष्म तत्वों के लिये हमने दालों और तिलहन से बने घोल का छिड़काव किया है।
यह जैविक, तत्वों से भरपूर, बिना पॉलिश किया चना, साबुत चना, चने की दाल और काबुली चने (सफ़ेद छोला) के रूप में उपलब्ध है। यह सीधे खेत से आपके पास आयेगा।
इनकी कीमत निम्न है:
साबुत चना (भूरा/काला) : ₹ 175 प्रति किलो
चना दाल : ₹ 200 प्रति किलो
काबुली चना (सफ़ेद छोला) : ₹ 275 प्रति किलो
इस कीमत में सफ़ाई, पैकिंग और पोस्टेज का लगभग रु 70 प्रति किलो शामिल है।
हम केवल 3, 4, 5 किलो के पैकेट्स में ही भेज पायेंगे क्योंकि 3 किलो के नीचे पोस्टेज खर्च बहुत बढ़ जाता है.
हमारा आपसे आग्रह है इसे खरीदकर इस प्रयास को आगे बढ़ाने में शामिल हों।
यदि आप इच्छुक हैं तो मुझे 9009710068 पर व्हाट्सअप या संदेश देकर पर सूचित करें.
बहुत शुभकामनाएं!!
आलोक अग्रवाल
07/03/2024
♡
'मंगल कामना'
बुद्ध अपने भिक्षुओं से कहते थे कि तुम चौबीस घण्टे,
राह पर कोई दिखे उसकी मंगल की कामना करना।
वृक्ष भी मिल जाए तो उसकी मंगल की कामना करके
उसके पास से गुजरना।
पहाड़ भी दिख जाए तो मंगल की कामना करके
उसके निकट से गुजरना।
राहगीर दिख जाए अनजान, तो उसके पास से मंगल
की कामना करके राह से गुजरना।
एक भिक्षु ने पूछा, इससे क्या फायदा?
बुद्ध ने कहा, इसके दो फायदे हैं।
पहला तो यह कि तुम्हें गाली देने का अवसर न मिलेगा।
तुम्हें बुरा खयाल करने का अवसर न मिलेगा।
तुम्हारी शक्ति नियोजित हो जाएगी मंगल की दिशा में।
और दूसरा फायदा यह कि जब तुम किसी के लिये मंगल
की कामना करते हो तो तुम उसके भीतर भी रिजोनेंस,
प्रतिध्वनि पैदा करते हो।
वह भी तुम्हारे लिए मंगल की कामना से भर जाता है।
ओशो
15/02/2024
ओंकारेश्वर में फ़्लोटिंग सोलर प्लांट के कारण सैकड़ों मछुआरों की जीविका जा रही है परंतु सरकार द्वारा कोई करवाई नहीं की जा रही है। मछुआरों की ओर से हमने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है जिसमें उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और परियोजनकर्ता को जवाब देने के आदेश के साथ यह स्पष्ट किया है कि सोलर प्लेट लगाने की करवाई इस याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगी।