03/06/2026
POLICE
Cyber Security Awareness
Cyber Crime Helpline - 1930
National POLICE Helpline - 112
देश भक्ति जन सेवा
03/06/2026
Social Media
लातों के भूत बातों से नहीं मानते 😂
31/05/2026
"आख़िर तुम तो बस एक कांस्टेबल ही हो..." — यही वो शब्द थे, जो उदय कृष्णा रेड्डी की ज़िंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गए।
आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले के छोटे से गांव उल्लिपालेम में पले-बढ़े उदय कृष्णा रेड्डी ने 2012 में बतौर कांस्टेबल पुलिस में नौकरी शुरू की। लेकिन 2018 में, जब एक सीनियर अफसर ने उन्हें सबके सामने अपमानित किया, तो उन्होंने उसी दिन अपनी वर्दी उतार दी — और UPSC की तैयारी में लग गए।
बचपन में माता-पिता का साया खो दिया, दादी की छाया में पले, सरकारी तेलुगु मीडियम स्कूल से पढ़ाई की। आर्थिक और शैक्षणिक संघर्षों के बावजूद उनका सपना था — IAS बनना और सिस्टम का हिस्सा बनकर उसे बेहतर बनाना।
एक वक्त था जब उनके अफसर ने उनकी पढ़ाई का मज़ाक उड़ाया, ड्यूटी का बहाना बनाकर उन्हें परेशान किया, और काबिलियत पर सवाल उठाए। लेकिन रेड्डी ने हार नहीं मानी — बल्कि उसी अपमान को अपना ईंधन बना लिया।
उन्होंने 6 साल तक मेहनत की, चार बार UPSC की परीक्षा दी और पहली बार इंटरव्यू तक पहुंचे हालांकि वे दो बार प्रीलिम्स में असफल रहे लेकिन आखिरकार 2023 में चौथे प्रयास में UPSC CSE में उन्होंने 780वीं रैंक हासिल की। लेकिन दिल में IPS पहनने का सपना ज़िंदा रहा। प्रशिक्षण के दौरान फिर से परीक्षा दी और इस बार 2024 में सीधे 350वीं रैंक हासिल की!
वे कहते हैं, “मैंने पढ़ाई के घंटे नहीं गिने — मैंने गुणवत्ता पर ध्यान दिया। रोज़ जिम जाता था, अपने तीन बिल्लियों के साथ समय बिताता था — ताकि शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन बना रहे।”
अब उदयकृष्णा '109' नाम से पशु बचाव के लिए एक राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू करना चाहते हैं।
ये सिर्फ एक कांस्टेबल की सफलता नहीं — ये उस हर इंसान की जीत है जो हालातों से नहीं, अपने हौसले से चलता है।
पुलिस @ हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए होती है । अपराधियो और अपराध को नियंत्रित करने लिए बनी है । लोग बाहर शहरो में कमाते है औऱ अपने परिवार को पुलिस के भरोसे छोड़ जाते है । इस तरह से पुलिस की जिम्मेवारी ढेर सारी है। ये ज़िम्मेवारी कभी खत्म नही हुई। ठीक उसी तरह पुलिस की ड्यूटी भी कभी खत्म नही हुई क्योंकि अपराधियो की कभी छुट्टी नही होती । तो आपको भी पता है कि पुलिस की भी कभी छुट्टी नही होती ।
पुलिस रोज आधुनिक हो रही है रोज नई नियुक्तियां हो रही है हमारी पुलिस हमारे लिए ही आधुनिक हो रही है फिर भी लोगो की आज भी वही वर्षो पुरानी मानसिकता है जिसे मैं एक व्यंग से बता रहा हु ।🐯
🐯
🐯
*बद अच्छा -बदनाम बुरा*
एक ग़रीब आदमी रोज़ाना एक काग़ज़ पर *"हे ऊपर वाले, मुझे 50 हज़ार रुपए दे दे"* लिखकर एक गैस के ग़ुब्बारे के साथ बांध कर उड़ा देता।
इसके घर के क़रीब पुलिस थाना था, पुलिस वाले अक्सर इसके गुब्बारे को पकड़ कर इसका प्रभु के नाम सन्देश पढ़ लेते और इसके भोलेपन पर हंसते ।
एक बार पुलिस अफ़सर ने सोचा, इसकी मदद की जाए। थाने के सभी स्टाफ़ वालों ने बहुत कोशिश की मगर कुल 25 हज़ार रूपये ही इकठ्ठे हो पाए। ये जमा रक़म उस शख्स के घर पहुंचा दी गई ।
अगले दिन पुलिस वालों ने एक और गुब्बारा पकड़ा, जिस पर कागज़ में ये सन्देश लिखा था...
*"हे ऊपर वाले, तेरा लाख-लाख शुक्रिया। तूने मेरी दुआ तो स्वीकार कर ली, मगर रक़म पुलिस वालों के हाथ क्यों भेजी? वो ज़ालिम मेरे 25 हज़ार रुपये हड़प कर गए।*
🤣😃🤣🐯
तो क्या आप पुलिस के साथ अपने वर्षो पुराने द्वेष को छोड़ कर इनका साथ दे सकते है ।
मुझे याद नहीं कि मैं आखरी समय 9:00 बजे कब सोया था?
बेचारे को तकलीफ हो गई जवान कैसे AC में बैठा है।।।।
28/05/2026
45 डिग्री की धूप हो या भारी बरसात मौसम बदलते रहते हैं, मगर पुलिस जवान की जिम्मेदारी कभी नहीं बदलती।
बेचारे को तकलीफ हो गई जवान कैसे AC में बैठा है ।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Contact the business
Website
Address
Bhopal
