09/10/2026
कुछ तथाकथित राजनीतिक विश्लेषक AC कमरों में बैठकर अरुण यादव जी के राजनीतिक कद का आकलन कर रहे हैं।
अरे भाई, राजनीति का असली आकलन बंद कमरों में नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर होता है!
अगर वास्तव में अरुण यादव जी के व्यक्तित्व, जनाधार और राजनीतिक कद को समझना है, तो मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का रैंडम दौरा कीजिए, जमीनी हकीकत जानिए और आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अरुण यादव जी के प्रति उनकी राय पूछिए। फिर समझ आएगा कि उनकी असली ताकत क्या है और संगठन में उनका कितना प्रभाव है।
राजनीति केवल टीवी डिबेट, सोशल मीडिया की चर्चाओं और AC कमरों में बैठकर किए गए विश्लेषण का नाम नहीं है; राजनीति जमीन पर संघर्ष करने, कार्यकर्ताओं के बीच रहने और जनता का विश्वास अर्जित करने से बनती है।
और जहां तक 2018 के विधानसभा चुनाव की बात है, मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में अरुण यादव जी के संघर्ष, योगदान और संगठनात्मक भूमिका को नजरअंदाज करना राजनीतिक इतिहास के साथ न्याय नहीं होगा।
अरुण यादव जी का कद AC कमरों में बैठकर तय नहीं होगा, उनका कद जमीन पर मौजूद कार्यकर्ता और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता तय करती है!
✊ जमीनी हकीकत समझिए, फिर राजनीतिक मूल्यांकन कीजिए।