23/04/2026
👉 क्या आप जानते हैं ? बाल गंगाधर तिलक द्वारा भारत का पहला संविधानिक मसौदा तैयार किया गया था।
✔️ 1895 में “स्वराज बिल” (Constitution of India Bill) का ड्राफ्ट तैयार हुआ
✔️ इसमें लगभग 113 अनुच्छेद शामिल थे
✔️ यह भारत में स्वशासन (Self-rule) की दिशा में पहला बड़ा कदम था
🇮🇳 यह प्रयास आगे चलकर भारत के आधुनिक संविधान की नींव बना।
18/04/2026
संविधान निर्माता के प्रश्न पर एक विचार :
“सही जानकारी का प्रसार होना चाहिए” —
इसी उद्देश्य के साथ यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या भारतीय संविधान के निर्माण को केवल एक ही व्यक्ति तक सीमित करना उचित है?
इतिहास के अनुसार, बाल गंगाधर तिलक ने 1895 में “स्वराज बिल” के माध्यम से भारत के लिए एक प्रारंभिक संवैधानिक ढांचा प्रस्तुत किया, जिसमें लगभग 113 अनुच्छेद बताए जाते हैं। यह भारत में संवैधानिक सोच की एक प्रारंभिक पहल मानी जाती है।
इसके बाद एम. एन. रॉय ने 1928 और 1944 में संवैधानिक विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिसमें लगभग 13 अध्याय और 137 अनुच्छेदों का उल्लेख मिलता है।
फिर 1947 में बी. एन. राव ने संविधान का एक विस्तृत मसौदा तैयार किया, जिसमें लगभग 240 अनुच्छेद, 25 भाग और 13 अनुसूचियाँ शामिल थीं।
यह मसौदा आगे चलकर संविधान सभा के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बना।
स्वतंत्रता के बाद, संविधान सभा के तहत डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर और उनकी समिति के सदस्यों ने 1949 मे अंतिम मसौदा तैयार किया,
जिसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ शामिल थीं।
* संविधान के मसौदे पर हस्ताक्षर के समय, डॉ. भीमराव आंबेडकर के हस्ताक्षर 29वें क्रम था।
* संविधान की सोच व निर्माण का कार्य आंबेडकर के जन्म से पहले ही शुरू हुई थी, तो संविधान निर्माता उन्हें कहना ठीक नहीं।
इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व उस समय संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया।
* नेतृत्व: डॉ. प्रसाद ने संविधान के निर्माण में सद्भाव, धैर्य व दूरदर्शिता का परिचय दिया।
* अंतिम भाषण: 26 नवंबर 1949 को, संविधान को अपनाने के दिन, उन्होंने अध्यक्ष के रूप में समापन भाषण दिया था।
* भूमिका: उनके मार्गदर्शन में ही संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के लिए सर्वोच्च कानून तैयार किया।
यह भी उल्लेख किया जाता है कि महात्मा गांधी ने संविधान निर्माण समिति के लिए डॉ. आंबेडकर के नाम का समर्थन किया था, जिससे उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य में भूमिका निभाने का अवसर मिला।
हालाँकि, यह समझना आवश्यक है कि संविधान निर्माण एक सामूहिक, संस्थागत और चरणबद्ध प्रक्रिया थी। इसमें अनेक व्यक्तियों और विचारों का योगदान रहा है। इसलिए किसी एक व्यक्ति को “संविधान का एकमात्र निर्माता” कहना एक सीमित दृष्टिकोण हो सकता है।
1950 से लेकर आज (2026) तक भारतीय संविधान में 100 से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं, और वर्तमान में इसमें 448 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं। ये संशोधन संसद द्वारा समय-समय पर किए गए हैं, जिनमें विभिन्न सरकारों और दलों की भूमिका रही है।
आज के संदर्भ में एक प्रश्न उठाया जा सकता है—यदि संशोधन और अद्यतन को ही आधार माना जाए, तो क्या वर्तमान पदाधिकारियों जैसे अर्जुन राम मेघवाल या देश के राष्टपति द्रौपदी मुर्मू को भी “संविधान निर्माता” की श्रेणी में रखा जाना चाहिए?
यह एक विचारणीय विषय है, जिसका उत्तर तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया को समझते हुए ही दिया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
भारतीय संविधान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास का परिणाम है। इसमें अनेक महान व्यक्तित्वों का योगदान रहा है और सभी को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्य उद्देश्य:
“संविधान के निर्माण में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के साथ न्याय हो।”
– विनय बिरादार ( जन नेता )
--
13/04/2026
👉 “क्या आप जानते हैं? बाल गंगाधर तिलक कि मदद से भारत का पहला संविधान लिखा गया ।”
✔️ 1895 में भारत के लिए संविधान का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार किया गया " स्वराज बिल ",
✔️ 113 अनुच्छेद लिखे .
https://politicsforindia.com/2-making-of-the-indian-constitution-psir/
https://www.dailyexcelsior.com/a-peep-into-history-of-indian-constitution/ #:~:text=The%20first%20non%2Dofficial%20attempt,of%20the%20local%20legislative%20council.
Yes, Bal Gangadhar Tilak is widely recognized as the inspiration behind the first attempt to draft a constitution for India, known as the Constitution of India Bill (1895) (often referred to as the Swaraj Bill).
01/04/2026
शिक्षा के बाद भी रोजगार की चुनौती और शतरंज के माध्यम से नया करियर
https://youtu.be/fX6fW3eN8io
आज के समय में यह एक कड़वी सच्चाई है कि दुनिया भर में शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद भी युवाओं को पर्याप्त और सम्मानजनक वेतन वाली नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। लाखों छात्र डिग्री हासिल करने के बाद भी बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। कुछ गिने-चुने लोगों को ही अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि अधिकांश युवाओं को मजबूरी में छोटे-मोटे काम करने पड़ते हैं।
कई बार परिस्थितियां इतनी कठिन हो जाती हैं कि कुछ लोग गलत रास्तों की ओर भी मुड़ जाते हैं। वहीं, बहुत से लोग अपनी आजीविका चलाने के लिए छोटी दुकानों, फुटपाथ पर व्यवसाय या अन्य अस्थायी कामों में लग जाते हैं। यह स्थिति न केवल युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि समाज के विकास में भी बाधा बनती है।
इसी गंभीर समस्या को समझते हुए Bidar District Chess Association ने एक सराहनीय पहल की है। संस्था का उद्देश्य है कि हर नागरिक और छात्र को शतरंज के माध्यम से एक स्थायी और सम्मानजनक करियर का अवसर प्रदान किया जाए।
शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि मानसिक विकास, रणनीतिक सोच और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने वाला एक सशक्त माध्यम है। इस क्षेत्र में खिलाड़ी, कोच, ट्रेनर, आयोजक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई प्रकार के करियर विकल्प उपलब्ध हैं।
संस्था सभी इच्छुक विद्यार्थियों और नागरिकों को आमंत्रित करती है कि वे इस पहल से जुड़ें और अपने जीवन को एक नई दिशा दें। शतरंज के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर मिल सकते हैं, बल्कि एक सम्मानजनक और स्थिर जीवन भी प्राप्त किया जा सकता है।
आइए, शतरंज के साथ जुड़कर अपने भविष्य को सुरक्षित और सफल बनाएं।
बीदर जिला शतरंज संघ (युनिवर्सल शतरंज रेटिंग)
सबस्क्राइब , लाइक,कमेन्ट तथा शेयर करें |
--
#युनिवर्सल_शतरंज_संघ
#शतरंज #चेस #बीदर_जिला_शतरंज_संघ #बिदर_चेस
01/04/2026
जॉब गारंटी शतरंज टूर्नामेंट: खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर :
https://youtu.be/ExqhdEXZjOo
खेल, शिक्षा और रोजगार को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक अनोखी पहल “जॉब गारंटी शतरंज टूर्नामेंट” शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य केवल शतरंज प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करना है।
टूर्नामेंट की अवधारणा :
यह टूर्नामेंट बल्क फीस मॉडल पर आधारित है, जिसमें प्रतिभागी एक निश्चित सामूहिक शुल्क जमा करते हैं। इसके बदले उन्हें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मुफ्त में प्रदान की जाती हैं।
यह मॉडल शतरंज को अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ शिक्षा और करियर के अवसर भी प्रदान करता है।
प्रतिभागियों को मिलने वाले मुख्य लाभ :
इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को निम्नलिखित सुविधाएं दी जाएंगी:
मुफ्त शिक्षा (Free Education) :
प्रतिभागियों को शिक्षा से जुड़ी सहायता, प्रशिक्षण या अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकें।
मुफ्त क्लब सदस्यता (Free Club Membership) :
सभी खिलाड़ियों को शतरंज क्लब की सदस्यता दी जाएगी, जिससे वे नियमित अभ्यास, प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण में भाग ले सकेंगे।
मुफ्त खिलाड़ी पंजीकरण (Free Player Registration) :
खिलाड़ियों का आधिकारिक पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पात्र बनेंगे।
इस पहल का उद्देश्य :
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है जहां:
* शतरंज के माध्यम से बौद्धिक विकास हो,
* शिक्षा सभी के लिए सुलभ बने,
* खिलाड़ियों को रोजगार और करियर के अवसर मिलें,
यह पहल युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह मॉडल क्यों खास है?
सामान्यतः टूर्नामेंट केवल प्रतियोगिता तक सीमित होते हैं, लेकिन यह पहल उससे आगे बढ़कर प्रतिभागियों को प्रदान करती है:
* कौशल विकास,
* शिक्षा में प्रगति,
* एक मजबूत खेल समुदाय,
* भविष्य के रोजगार के अवसर,
यह विशेष रूप से छात्रों और उभरते खिलाड़ियों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
भविष्य की योजना :
आयोजकों का लक्ष्य इस मॉडल को अन्य जिलों और राज्यों तक विस्तार देना है, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी इस योजना का लाभ उठा सकें।
दीर्घकालिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर प्रतिभागी को इस पहल से वास्तविक लाभ प्राप्त हो।
निष्कर्ष :
जॉब गारंटी शतरंज टूर्नामेंट केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक समग्र विकास कार्यक्रम है। यह खेल, शिक्षा और रोजगार को एक साथ जोड़कर समाज में एक नया उदाहरण प्रस्तुत करता है।
यह पहल शतरंज को केवल खेल नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का माध्यम बनाती है।
JOB Guarantee CHESS Tournament, FREE Education CLUB, District Association
बीदर जिला शतरंज संघ (युनिवर्सल शतरंज रेटिंग)
सबस्क्राइब , लाइक,कमेन्ट तथा शेयर करें |
--
#युनिवर्सल_शतरंज_संघ
#शतरंज #चेस #बीदर_जिला_शतरंज_संघ #बिदर_चेस
15/03/2026
प्रेस नोट
बिदर में एक मानसिक रोगी द्वारा चिकित्सीय लापरवाही का आरोप
https://khabaronline.top/news_week.php?view=69b65ff8104e2
कमलनगर / बिदर:
कमलनगर निवासी श्री गणेश कनाडे ने बिदर में प्रैक्टिस कर रही एक मनोचिकित्सक डॉक्टर के खिलाफ चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
श्री कनाडे के अनुसार, कई वर्ष पहले उन्हें एंग्जायटी और पैनिक अटैक की समस्या हुई थी, जिसके उपचार के लिए उन्होंने माइंड केयर हॉस्पिटल, बिदर का रुख किया। उपचार के दौरान उनकी मुलाकात डॉ. श्वेता कुन्निकेरी पाटिल से हुई, जो कथित रूप से सरकारी अस्पताल बिदर में भी सेवाएं दे रही हैं।
श्री कनाडे का कहना है कि शुरुआत में उन्हें उचित परामर्श और उपचार मिला। लेकिन समय के साथ उन्हें दी जाने वाली दवाओं से गंभीर साइड इफेक्ट्स होने लगे। उनका कहना है कि बाद में डॉक्टर ने एक अन्य निजी अस्पताल उटागे हॉस्पिटल में भी प्रैक्टिस शुरू की, जहां उन्होंने अपना इलाज जारी रखा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वे लगभग पांच वर्षों तक हर महीने एक बार नियमित रूप से अस्पताल जाते रहे और इस दौरान उन्होंने इलाज और दवाइयों पर लगभग ₹4 से ₹5 लाख तक खर्च किए।
श्री कनाडे का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें दी गई दवाओं के सेवन के बाद कई गंभीर दुष्प्रभाव महसूस हुए। उनके अनुसार इनमें शामिल हैं:
• व्यवहार में अचानक बदलाव
• बच्चे जैसी बोलने और सोचने की स्थिति
• अस्थायी लकवे जैसे लक्षण
• मानसिक भ्रम
• चलने में कठिनाई
• चेहरे के भावों में बदलाव
• दूर की आवाजें असामान्य रूप से सुनाई देना
• अत्यधिक संदेह और बेचैनी
• काम पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
श्री कनाडे का कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि ये सभी समस्याएं उनकी बीमारी का हिस्सा हैं। लेकिन बाद में जब उन्होंने उस अस्पताल में उपचार बंद कर दिया और अन्य जगह पर परामर्श लिया, तब उन्हें एहसास हुआ कि इन समस्याओं का संबंध दी गई दवाओं से हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में इलाज बंद करने के बाद वे दोबारा काम करने में सक्षम हुए और दो वर्षों तक नौकरी भी की, जिसमें उन्हें प्रमोशन भी मिला।
श्री कनाडे ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
• उपचार प्रक्रिया की निष्पक्ष चिकित्सा जांच
• दी गई दवाओं की जांच
• इलाज पर खर्च हुई राशि की वापसी
• यदि लापरवाही साबित होती है तो उचित कार्रवाई
श्री कनाडे ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पहले ही जिला स्वास्थ्य कार्यालय, बिदर तथा ड्रग्स कंट्रोलर विभाग में शिकायत दर्ज कराई है और वर्तमान में जांच के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि न्याय मिल सके और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
--
09/03/2026
सागर खंड्रे और रहीम खान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए
बीदर जिले की जनता आज गंभीर सवाल पूछ रही है। लगातार सामने आ रहे मुद्दों और जनहित से जुड़े मामलों ने लोगों के बीच गहरी चिंता पैदा की है। लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होती है, और जब जनता का विश्वास कमजोर होने लगता है, तब बदलाव जरूरी हो जाती है।
आज जरूरत है पारदर्शिता और नैतिक जिम्मेदारी की। यदि जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप या विवाद खड़े होते हैं, तो लोकतांत्रिक परंपरा यही कहती है कि वह पद छोड़ दे । यही जनता के विश्वास को बनाए रखने और लोकतंत्र को बेहतर बनाने का सबसे सही तरीका है।
इसी कारण हम सागर खंड्रे और रहीम खान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहीए या फिर जनता को जबरदस्ती इस्तिफा ले लेना चाहिए , ताकि जन कल्याण कार्य हो सके ।
अब बहुत हो चुका।
जनता को न्याय चाहिए।
— विनय बिरादर
08/03/2026
🌍 Future Vision for Every Citizen
कल्पना कीजिए एक ऐसे भविष्य की—
जहाँ हर नागरिक के पास अपना फ्लैट हो।
हर अपार्टमेंट के सामने ग्रीन ग्राउंड, पार्क और स्विमिंग पूल हो।
जहाँ आधुनिक तकनीक के साथ फ्लाइंग कार हर नागरिक के लिए उपलब्ध हो।
और केवल इतना ही नहीं—
✔ हर व्यक्ति को अच्छी शिक्षा
✔ हर नागरिक को रोजगार
✔ हर परिवार के पास अपना घर (फ्लैट)
✔ आधुनिक परिवहन जैसे फ्लाइंग कार
✔ मोबाइल फोन के साथ इंटरनेट सुविधा
✔ साफ-सुथरे पार्क, खेल मैदान और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएँ हर अपार्टमेंट के पास
यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक नया विज़न है — एक ऐसा समाज जहाँ हर व्यक्ति सम्मान, सुविधा और आधुनिक जीवन के साथ आगे बढ़ सके।
Universe Citizen Party का उद्देश्य है ऐसा भविष्य बनाना जहाँ हर नागरिक को समान अवसर, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर जीवन स्तर मिले।
अब समय है बड़े सपने देखने का और उन्हें सच करने का।
✨ Vision by Universe Citizen Party
👤 Vinay Biradar (President)
--
08/03/2026
🎓 शिक्षा नौकरी की गारंटी नहीं है… लेकिन शतरंज की शिक्षा है! ♟️
Education is not JOB Guarantee, but CHESS Education is !
Join Bidar CHESS CLUB.
आज पढ़ाई के बाद भी लाखों लोग नौकरी और अच्छी सैलरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
एक स्मार्ट रास्ता चुनें — CHESS School जॉइन करें।
राज्य स्तरीय टूर्नामेंट क्वालिफाई करें और पाएँ
अच्छी सैलरी, फ्लैट, चार पहिया वाहन और कई सुविधाएँ।
सभी उम्र के लिए कोचिंग फ्री।
रजिस्ट्रेशन: 8748888103
www.BidarChess.com
बीदर जिला शतरंज संघ (युनिवर्सल शतरंज रेटिंग)
https://youtube.com/shorts/2R11Td7WaVU
सबस्क्राइब , लाइक,कमेन्ट तथा शेयर करें |
--
#युनिवर्सल_शतरंज_संघ
#शतरंज #चेस #बीदर_जिला_शतरंज_संघ #बिदर_चेस
08/03/2026
🎓 शिक्षा नौकरी की गारंटी नहीं है।
Education is not JOB Guarantee, but CHESS Education is !
Join Bidar CHESS CLUB, District Association.
आज पढ़ाई के बाद भी लाखों लोग नौकरी और अच्छी सैलरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
एक स्मार्ट रास्ता चुनें — CHESS School जॉइन करें।
राज्य स्तरीय टूर्नामेंट क्वालिफाई करें और पाएँ
अच्छी सैलरी, फ्लैट, चार पहिया वाहन और कई सुविधाएँ।
सभी उम्र के लिए कोचिंग फ्री।
रजिस्ट्रेशन: 8748888103
www.BidarChess.com
बीदर जिला शतरंज संघ (युनिवर्सल शतरंज रेटिंग)
https://youtube.com/shorts/2R11Td7WaVU
सबस्क्राइब , लाइक,कमेन्ट तथा शेयर करें |
--
#युनिवर्सल_शतरंज_संघ
#शतरंज #चेस #बीदर_जिला_शतरंज_संघ #बिदर_चेस
07/03/2026
क्या आप अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए तैयार हैं?
हमारे MLA और MP के घर के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा, जब तक हमें उनका इस्तीफा नहीं मिल जाता।
अगर आप इस आंदोलन में समर्थन देने और साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं, तो कमेंट करें या मैसेज करें।
आपका नया नेता – विनय बिरादर
--