31/05/2026
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने किया ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण
चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर, मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के दिए निर्देश
कैंसर अस्पताल मे जुड़ेगी पानी कि 500 फ़ीट की नई पाइप लाइन
बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा और पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने रविवार को संयुक्त रूप से ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों एवं कार्मिकों से चर्चा करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने हड्डी रोग विभाग अध्यक्ष तथा सर्जरी विभाग अध्यक्ष को आपस में समन्वय के साथ कार्य करने का सुझाव देते हुए मरीजों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए, इस दौरान ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
प्राचार्य डॉ. वर्मा ने ट्रॉमा सेंटर में **एमओटी (माइनर ऑपरेशन थिएटर) की व्यवस्था प्रारंभ करने**, रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए **अलग कक्ष उपलब्ध कराने** तथा आवश्यक **सर्जिकल उपकरणों एवं संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने** के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर एवं दुर्घटना पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्राचार्य डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कैंसर अस्पताल में पानी की कमी को दूर करने के लिए ट्रॉमा सेंटर के पानी की होद से 500 फीट की एक नई पाइपलाइन जोड़ी जाएगी जिससे कैंसर अस्पताल परिसर में भी पानी की कमी नहीं रहेगी.
अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने भी अस्पताल प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जायेगा
इस अवसर पर ईएमडी प्रभारी डॉ. जितेंद्र आचार्य, संजय तिवाड़ी, श्रवण रंगा सहित ट्रॉमा सेंटर से जुड़े चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान मरीजों की सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
30/05/2026
केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री ने किया नवनिर्मित मेडिसिन विंग का अवलोकन
भामाशाह मूंधड़ा परिवार के योगदान को सराहा
बीकानेर, 30 मई। केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को बीकानेर आए।
श्री ओराम ने श्रीमती सीएम मूंधड़ा मेमोरियल चेरिबटेल ट्रस्ट द्वारा बनाई गई मेडिसिन विंग का अवलोकन किया। केंद्रीय मंत्री ने विंग के आईसीयू वार्ड, जनरल वार्ड, वैटिंग रूम, योगा रूम सहित अनेक वार्डों और कक्षों को देखा। श्री ओराम ने कहा कि आमजन के लिये बना यह अस्पताल अन्य प्रदेशों के लिये मॉडल साबित होगा। उन्होंने भामाशाह मूंधड़ा परिवार द्वारा दिए गए इस योगदान की भरपूर सराहना की।
इस दौरान पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी. सी. घीया,बीकानेर जिला उद्योग सँघ के उपाध्यक्ष श्री अशोक सुराणा, श्री नरेश मित्तल, सचिव श्री वीरेन्द्र किराडू, श्री अनंतवीर जैन, श्री श्यामसुंदर सोनी, श्री राजीव शर्मा, श्री विनोद जोशी, श्री पिन्टू राठी, श्री अरविन्द चौधरी और श्री सावन पारीक भी मौजूद रहे।
बीकानेर जिला उद्योग संघ की ओर से श्री ओराम का साफा और दुप्पटा ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।
Department of Medical Education, Rajasthan
26/05/2026
पीबीएम और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिकित्सा मंत्री Gajendra Singh Khimsar ने ली समीक्षा बैठक
राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं का मॉडल पूरे देश में बन रहा उदाहरण : खींवसर
S.P. Medical College, Bikaner. राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में पीबीएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास तथा बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी भी मौजूद रहीं।
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने किया स्वागत
बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने चिकित्सा मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, एसएसबी अधीक्षक डॉ. संजीव बुरी, जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमेंद्र सिरोही, एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हरदेव नेहरा, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जीनगर, ईएमडी प्रभारी डॉ. जितेंद्र आचार्य सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से हुई बैठक की शुरुआत
बैठक की शुरुआत अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य द्वारा प्रस्तुत पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से हुई। प्रस्तुतीकरण में पीबीएम अस्पताल में संचालित राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं, पेशेंट केयर, मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।
डबल इंजन सरकार में गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं” — खींवसर
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने समीक्षा के दौरान सभी विभागाध्यक्षों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में डबल इंजन सरकार की वजह से राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंची हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच का सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है।
खींवसर ने बताया कि पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने मेरिट आधारित प्रक्रिया से लगभग 30 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां की हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की सिफारिश के बजाय योग्यता को प्राथमिकता दी गई है।
सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा बढ़ा
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के कारण आमजन का भरोसा सरकारी अस्पतालों एवं सरकारी डॉक्टरों पर लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं की चर्चा आज देशभर में हो रही है और अन्य राज्य भी इन योजनाओं को लागू करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मरीजों को बेहतर और प्रतिबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पीबीएम की व्यवस्थाओं की ली विस्तृत जानकारी
बैठक के दौरान चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल की आईपीडी, ओपीडी, भवनों की स्थिति, सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी विभागाध्यक्षों से ली।
उन्होंने प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज, पीबीएम एवं एसएसबी अस्पताल की संयुक्त टीम अगले सप्ताह जयपुर पहुंचकर महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं का प्रस्तुतिकरण करे, ताकि उनका शीघ्र निस्तारण किया जा सके।
खींवसर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सप्लाई व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में कैन्युला, नीडल्स एवं कैथेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी का मुद्दा सामने आया। इस पर चिकित्सा मंत्री ने तुरंत राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी से फोन पर बात कर सप्लाई चेन में आ रही समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
पीबीएम में मरीजों को पारिवारिक माहौल में मिल रही सेवाएं” — डॉ. बी.सी. घीया
पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने चिकित्सा मंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में पीबीएम अस्पताल में काबिल डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ सेवाएं दे रहे हैं, जो मरीजों को पारिवारिक माहौल में उपचार उपलब्ध करवाते हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की जन शिकायत का त्वरित प्रभाव से निवारण करने का प्रयास किया जाता है। कई बार समस्याएं बड़ी होने पर प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से उनका समाधान करवाया जाता है।
विधायकों ने रखे अपने सुझाव
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने बैठक में पीबीएम अस्पताल में भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण में जनहित के कार्य करने की बात कही। उन्होंने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से पीबीएम पर मरीजों का भार कम होने की जानकारी भी चिकित्सा मंत्री को दी।
वहीं बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने कहा कि पीबीएम अस्पताल आमजन के विश्वास का केंद्र बन चुका है और यह विश्वास यहां कार्यरत डॉक्टरों की मेहनत एवं समर्पण का परिणाम है।
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार बोले— “सकारात्मक माहौल में हुई सार्थक बैठक
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सकारात्मक वातावरण में हुई इस बैठक में सभी विभागों से जुड़ी आवश्यकताओं एवं समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा मंत्री ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है तथा अगले सप्ताह मेडिकल कॉलेज, पीबीएम एवं एसएसबी की संयुक्त टीम को जयपुर बुलाया गया है।
विभागाध्यक्षों ने रखी अपने विभागों की प्रमुख मांगें
बैठक में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने भी अपने विभागों की आवश्यकताओं को रखा। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने सीटीवीएस सर्जरी विस्तार हेतु अतिरिक्त स्टाफ की मांग की। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश आर्य ने जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की मांग रखते हुए कहा कि इससे भविष्य में बीकानेर में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमेंद्र सिरोही ने मेडिसिन विंग के लिए स्टाफ एवं उपकरणों की आवश्यकता बताई, जबकि फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बिनावरा ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद भरने की मांग रखी। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. नारंग लाल महावर ने मल्टी टास्किंग स्टाफ एवं लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की आवश्यकता बताई।
Department of Medical Education, Rajasthan Medical and Health Department, Rajasthan
25/05/2026
पीबीएम अस्पताल: हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में जटिल हृदय ब्लॉकेज का सफल उपचार
बीकानेर, 25 मई ।पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई है। हल्दीराम हार्ट अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पिंटू नाहटा एवं उनकी टीम ने अत्यंत जटिल हृदय ब्लॉकेज का सफल उपचार कर मरीज को नई जिंदगी दी।
डॉ. नाहटा ने बताया कि श्री मूलाराम हार्ट अटैक आने पर भर्ती हुआ था। उनके उचित उपचार के बाद एंजियोग्राफी की गई। इस दौरान एलएडी हृदय की मुख्य धमनी में लंबा कैल्शिफाइड ब्लॉकेज पाया गया। ऐसी स्थिति में सामान्य एंजियोप्लास्टी एवं स्टैंटिंग संभव नहीं थी। कैल्शियम की वजह से स्टैंट की डिलीवरी एवं ब्लॉकेज खुलने की स्थिति में नहीं था।
इस प्रकार के ब्लॉकेज में विभाग में रोटाब्लेटर मशीन के माध्यम से धमनी के भीतर जमा कैल्शियम को खुरच कर ग्राइंडिंग द्वारा कैल्शियम के लोड को कम करके स्टैंट द्वारा धमनियों को खोला जाता है चुंकि इस मरीज में हार्ट की पंपिंग मात्र 30 प्रतिशत थी और इस स्थिति में रोटाब्लेटर के उपयोग से कॉम्प्लिकेशन होने कि संभावना अधिक थी.
ऐसी स्थिति में अति आधुनिक आइवीएल (इंट्रा वस्कूलर लीथोट्रिपसी) बेलून टेक्नोलॉजी का पहली बार उपयोग हुआ.
कैथ लैब प्रॉसीजर(तकनीक)
डॉ. नाहटा ने बताया कि सर्वप्रथम ओसीटी इमेजिंग मशीन के माध्यम से हृदय की धमनी के अंदर की स्थिति को देखा गया। धमनी में पूर्ण रूप से कैल्शियम जमा था और जगह-जगह कैल्शियम द्वारा नोड्यूल बने हुए थे। इस जटिल एवं अत्यधिक कैल्शियम वाले ब्लॉकेज पर आईवीएल बैलून ले जाया गया और ब्लॉकेज एरिया पर आईवीएल बैलून को फुलाने से बैलून द्वारा सोनिक वेव के विकिरण से धमनी में जमा कैल्शियम के टुकड़े किए गए। तत्पश्चात स्टैंट को ब्लॉकेज एरिया में ले जाकर उसे फुलाकर ब्लॉकेज हटाया गया, जिसके बाद रक्त धमनियों में रक्त का प्रवाह सामान्य रूप से शुरू हो गया।
इस अति आधुनिक प्रोसीजर में कार्डियोलॉजी टीम में डॉ. पिंटू नाहटा, डॉ. दिनेश चौधरी, डॉ. सुनील बुडानिया, डॉ. रामगोपाल कुमावत, डॉ. राजवीर बेनीवाल, डॉ. नजमा, कैथ लैब इंचार्ज राकेश सोलंकी, चंद्र कुमार आहूजा, पंकज तंवर, कैथ लैब नर्सिंग इंचार्ज ताहिरा बानो एवं सीताराम उपस्थित थे।
20/05/2026
Under the leadership of Hon’ble CM Shri Bhajanlal Sharma, Rajasthan continues to strengthen its commitment towards public health.
Proud moment as the Medical & Health Department, GoR, receives the WHO 2026 Award for outstanding contribution to to***co control.
Bhajanlal Sharma World Health Organization (WHO) World Health Organization South-East Asia Region - WHO SEARO Ministry of Health and Family Welfare, Government of India