16/03/2026
आईआईटी (IIT) की तैयारी के लिए मुख्य चरण:
✍️ प्रवीण केमिस्ट्री वाले
11वीं-12वीं से तैयारी : सबसे पहले कक्षा 11वीं से ही तैयारी शुरू करें। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के बेसिक कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान दें,आईआईटी केमेस्ट्री के प्रवीण सर के अनुसार के अनुसार, 10-15 वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें।
कोचिंग का चयन जैसे- Concept Institute, Allen, Motion,CLC,, Akash, PW, Synthesis,Sri Chetavniya चुनें जो डेली प्रैक्टिस शीट और मॉक टेस्ट प्रदान करें। जिसमें एडवांस के टॉपिक भी साथ में हो जाने चाहिए क्योंकि कुछ संस्थान यह कहते हैं कि JEE Mains में सिलेक्शन के बाद एडवांस के टॉपिक करवा दिए जाएंगे, इसके लिए बाद में समय नहीं मिलता।
सिलेबस और रिवीजन: 11वीं और 12वीं का सिलेबस नवंबर एंड तक पूरा करने का लक्ष्य रखें और कम से कम 3-4 बार रिवीजन करें।
महत्वपूर्ण विषय::रसायन विज्ञान में JEE एडवांस्ड के 8 चैप्टर JEE-Mains से अलग हैं। इन्हें 11th व 12th में साथ ही कंप्लीट करने पर ध्यान दें। बाद में यह कभी तैयार नहीं होते और आप आईआईटी में जाने से वंचित रह जाते हैं।
ड्रॉपर स्ट्रेटेजी: अगर आप ड्रॉपर हैं, तो 1 साल का प्रॉपर टाइमटेबल और अनुशासित अध्ययन बहुत जरूरी है।
सफलता के लिए जरूरी बातें:
लक्ष्य और समर्पण: यह परीक्षा सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि सही दिशा और दृढ़ता (Commitment) मांगती है, पेन-पेंसिल से क्वेश्चन प्रैक्टिस ज्यादा से ज्यादा करें। बेस मजबूत करने के लिए नोट्स व किताबों का गहराई से अध्ययन करें।
मॉक टेस्ट :नियमित मॉक टेस्ट दें और अपने कमजोर विषयों का विश्लेषण (Analysis) करें। 14-Days का एक प्लानर बनाए, जिसमें रोज के टारगेट फिक्स कर पढ़ाई की जाए।
@9829156336
15/03/2026
यह बात तब की है (2013-14), जब बीकानेर का टॉप संस्थान 450-500 की स्ट्रेंथ ब्रेक नहीं कर पा रहा था। तब मैं LNC छोड़कर टीम-Syn से जुड़ा और 850+ स्टूडेंट्स एक ही झटके में कोचिंग से जुड़ गए। खुशबू चौधरी, पलक मीणा (AIIMS Ranker) साथ जुड़े थे। फिर टीम-CONCEPT नागौर से जुड़ा, जहाँ हमने एक साल में ही सामूहिक प्रयासों से 300+ स्टूडेंट्स जमा कर लिए। सीकर CL से जुड़ा तो 35% की ग्रोथ हुई। अभी 5 साल पहले (2022) Motion kota छोड़कर वापिस टीम-Syn से जुड़ा तो आंकड़ा 2200+ स्टूडेंट्स का पहुंच गया। ये संयोग है या ऊपर वाले की मुझ पर कृपा, समझ नहीं पाता। मेरी एस्ट्रोलॉजर पत्नी कहती है कि तुम्हारा बृहस्पति ऐसे स्थान पर बैठा है कि तुम सर्वश्रेष्ठ होते हुए भी क्रेडिट या श्रेय नहीं ले पाओगे, लेकिन जहाँ काम करोगे, उसे हमेशा फायदा ही होगा। ऐसी ठाकुर जी की कृपा हमेशा बनी रहे तथा महादेव का आशीर्वाद मिलता रहे 🙏
_प्रवीण केमिस्ट्री वाले_
05/03/2026
_बीकानेर IIT में मेरा योगदान........_
_✍️PCW_
वो बात तब की है, जब आईआईटी के पेपर सब्जेक्टिव हुआ करते थे (IIT-JEE-2005 से पहले)। वैभव छिम्पा (IIT AIR-166) और उनके 9 मित्र मेरे पास रानी बाजार के LNC इंस्टिट्यूट में पढ़ने आते थे। सब्जेक्टिव पेपर में मैं उन्हें कैमिस्ट्री में इतना स्कोर करवा देता था कि अन्य सब्जेक्ट में केवल मिनिमम मार्क्स की आवश्यकता होती थी। उस समय IIT-JEE में अच्छी किताबों के नाम पर केवल बाटला पब्लिकेशन जैसी कुछ चुनिंदा किताबें ही मिलती थीं।
जब सब्जेक्टिव से ऑब्जेक्टिव पैटर्न आया तो मेरे साथ मैथ्स में मेरे कॉलेज जूनियर भूपेन्द्र मिट्टा सर जुड़े और हमने बीकानेर से AIEEE (JEE Mains) में AIR 11th रैंक दिलाई (राज 3rd रैंक)। तब प्रेम सर का IIT-JEE फिजिक्स में बड़ा नाम था।
हमें पता है IIT-JEE क्या पूछता है और उसकी तैयारी कैसे करवानी है। NTA में और JEE में बेसिक जानकारी के बिना पढ़ाया गया सब कुछ बेकार चला जाता है, जैसे बिना पेंदा के लोटे में पानी डालना। रैंक के लिए मानसिक रूप से स्टूडेंट को तैयार करना एक बड़ा टास्क है।
25/01/2026
ड्रॉपर मतलब ब्रेक नहीं होता है ... इसका अर्थ है डिवोशन ईयर, एक साल अपने जज्बे के लिए डिवोशन देना .NEET क्रैक करने के लिए अपनाईये ये स्ट्रैटेजी, मिलेगा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
✍️PCW
NEET-UG Preparation Tips: बीकानेर जिले की जयश्री ने डिवोशन ईयर के दौरान सही स्ट्रैटेजी, रेगुलर रिवीजन और मॉक टेस्ट के जरिए NEET क्लियर कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन हासिल किया. उनकी कहानी बताती है कि NEET में सफलता घंटों पढ़ाई नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट की समझ, धैर्य और मानसिक संतुलन से मिलती है.अक्सर NEET-UG की तैयारी को घंटों तक पढ़ाई और कड़ी मेहनत से जोड़ा जाता है, लेकिन असल में यह परीक्षा सही रणनीति, मानसिक संतुलन और धैर्य की है. बीकानेरकी 19 वर्षीय जयश्री व उसके साथ की लगभग 73 सिंथेसिस संस्थान की लड़कियों व लगभग 52 छात्रों ने यह साबित कर दिखाया कि अगर तैयारी सही दिशा में हो,तो ड्रॉप ईयर भी सफलता की सीढ़ी बन सकता है. आज सिंथेसिस की जयश्री व उसके साथ के सैकड़ो सिंथेसिस के विद्यार्थी सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं.
अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के पश्चात उसने राजस्थान के ख्यातनाम संस्थान सिंथेसिस, बीकानेर में NEET तैयारी के लिए प्रवेश लिया जहां फाउंडेशन मजबूत करने के पश्चात NEET की तैयारी प्रारंभ की. पढ़ाई के दौरान ही उन्हें बायोलॉजी में गहरी रुचि थी, जिसकी वजह से उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा. जयश्री का मानना है कि मेडिकल फील्ड सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है. इसके अलावा, इस फील्ड में जीवनभर सीखते रहने की संभावना भी उन्हें आकर्षित करती रही.
जयश्री ने कक्षा 11वीं से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने स्कूल सिलेबस को NEET के टॉपिक्स के साथ जोड़कर पढ़ा,ताकि रिवीजन से बचा जा सके और आखिरी समय में दबाव न बढ़े. 12वीं के बाद जब पहले प्रयास में मनचाहा रिजल्ट नहीं मिला, तो उन्होंने ड्रॉप ईयर लेने का फैसला किया. जिसे वह ड्रॉप ईयर कहना पसंद नहीं करती उसका कहना है यह डिवोशन ईयर था इस दौरान उन्होंने सिंथेसिस संस्थान बीकानेर से कोचिंग ली और पूरी तैयारी को नए सिरे से किया.
उनकी सहायता सिंथेसिस के निदेशक मनोज बजाज सर जेठमल सर,डॉ.श्वेत गोस्वामी सर व केमिस्ट्री की सीनियर फैकल्टी व एकेडमिक इंचार्ज इं.प्रवीण शर्मा ने काफी हेल्प की.
PCW