11/11/2025
बेहद दु:खद घटना
गोमिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलैया के तिलैया रेलवे अंडरपास के ठीक पहले हाथियों ने दो युवकों को मार डाला
पूर्व मुखिया बालेश्वर महतो के पुत्र मेरा भैया प्रकाश महतो सहित चरकू महतो को हाथियों ने कुचल कर मार डाला.
06/05/2023
'चाल'
श्वेता इधर नोटिस कर रही थी कि उसकी पंद्रह साल की बेटी कुछ परेशान सी है।पति को बताया तो उन्होंने कहा," अरे श्वेता! दसवीं की परीक्षा है इसलिए थोड़ी परेशान होगी। तुम उसके खाने-पीने का अच्छी तरह ख्याल रखो, परीक्षा के बाद सब ठीक हो जायेगा।"लेकिन श्वेता जो परख रही थी वह दसवीं की परीक्षा के लिए नहीं था, कोई और बात से पिंकी उसकी बेटी परेशान थी।वह गाहे-बगाहे किसी न किसी बहाने को लेकर पिंकी के कमरे में चली जाती,पिंकी न जाने क्यों सकपका जाती और कुछ जल्दी से छिपा लेती।माँ की छठी इंद्रिय जागृत हो चुकी थी, उसने पता लगाने की ठान ली।एक दिन पिंकी अपनी सहेली के यहां गई तो मौका अच्छा जानकार वह पिंकी के कमरे की छान-बीन करने लगी। अचानक उसके हाथ एक पुस्तक लगी जो गंदे चित्रों से भरी थी , उसमें लिखा था,'जानम यह पुस्तक अच्छी तरह देखना और कुछ महसूस हो तो मेरे पास आ जाना।'पुस्तक और पत्र को देख वह स्तंभित रह गई,अब समझ में बेटी की परेशानी आ चुकी थी।उसने पति को कुछ नहीं बताया,पिंकी के आने की राह देखने लगी।उसे क्या करना है,इस पर वह विचार कर चुकी थी।
पिंकी आयी उसने उसे बड़े प्यार से खाना खिलाया,और आराम करने की कहकर कमरे से बाहर हो गयी। तकरीबन दो घंटे बीत गये , उसने पिंकी के लिए कोल्ड कॉफी बनाई और थोड़े नमकीन के साथ उसके पास पहुंची। पिंकी अभी तक सो रही थी। उसने उसे जगाकर कप थमाया और उसके पीठ पर हांथ फेरते-फेरते कहा,"पिंकी बेटा आज से मैं और तुम दोनों दोस्त हैं,तो इस नाते मैं तुमसे अपनी कुछ नादानियां शेयर कर सकती हूं क्या"? पिंकी ने दोस्त बनने की खुशी में उछल कर कहा,"तब आप मुझे नहीं डांटोगी न?"श्वेता ने तन कर कहा ,"अरे मैं माँ हूं,तो थोड़ा डांटूंगी , लेकिन दोस्त बनी हूं तो हम दोनों एक दूसरे की परेशानियां भी
बांटेंगी"।,"ठीक है, कहकर पिंकी ने अपनी माँ की ओर देखा।
श्वेता ने कहा,"जब मैं तुम्हारी उम्र की थी, दसवीं की परीक्षा देने वाली थी। पड़ोस वाले अंकल का बेटा विकास भी मेरे साथ ही पढ़ता था।एक दिन मैं और विकास किसी प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे थे तभी विकास के पापा एक सी जिल्द वाली दो पुस्तकें लेकर आयें ,एक उन्होंने मुझे दी और एक अपने बेटे को और कहा ,ये पुस्तक तुम दोनों की पढ़ाई में सहायता करेगी। फिर मेरी ओर कुछ अजीब सी नज़रों से देखकर कहा, खूब मन लगाकर पढ़ना।" मैं घर आयी न जाने क्यों उनकी नजर मुझे अच्छी नहीं लगी थी, लगा किताब में कुछ है।माँ ने खाने को कहा, लेकिन मैं बहाना बनाकर अपने कमरे में आई और अंदर से कमरे को बंद किया फिर पुस्तक देखने लगी,उफ़ कितने गंदे-गंदे चित्र थे। मैं बेचैन रहने लगी इसलिए मेरा दसवीं का रिजल्ट भी खराब हो गया, मुझे और मेरे परिवार को टॉप करने की उम्मीद थी वहां मैं सेकेंड आयी और विकास ने टॉप किया। हम सब उनके घर बधाई देने पहुंचे।मिठाई देते हुए अंकल ने पापा को कहा,"वर्मा जी! मैंने तो दोनों बच्चों को एक जैसी पुस्तक दी थी ,शायद श्वेता बिटिया ने उसपर ध्यान नहीं दिया, नहीं तो दोनों बच्चे टॉप करते। कोई नहीं बेटा खूब मेहनत करके अगले साल टॉप कर लेना।" उनकी नजरों ने मेरी आँखों से पर्दा हटा दिया।अपने बेटे को टॉप कराने के लिए उन्होंने यह चाल चली थी।और मैं डर से किसी को न बता कर अपने आप में घुल रही थी। मैं इधर तुम्हें भी कुछ बेचैन देख रही थी, मुझे लगा कहीं मेरी ही कहानी न दोहराई जा रही हो। इसलिए तुम्हें आगाह कर रही हूं , कुछ लोग ऐसा करते हैं, इसलिए सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो।" पिंकी माँ से लिपट गई , "माँ ! तुम्हारी कहानी ही दोहराई जाती, लेकिन तुमने दोस्त बनकर मुझे बचा लिया।सच कहते हैं भगवान हर जगह नहीं होते, इसलिए माँ को यह काम सौंप दिया।"
दोनों ने एक घृणित चाल को पलट कर रख दिया था। श्वेता अपने मकसद में कामयाब हो गई थी।
अपने और बच्चों के बीच संवादहीनता न आने दें। जहां संवाद होता है, वाद सुलझ जाएगा कृपया इस पोस्ट को अपने परिवार की बच्चियों को पढ़ाएं, ताकि वो समझ सकें कि कभी कभी गलत रास्ते पर जाने की शुरुआत ऐसे ही होती है । पर कैरियर बनाने का वक्त निकाल जाता है।
03/05/2023
"गर्मी"आ रही थी "सर्दी" जा रही थी 🙄😒
दोनो की आपस मे टक्कर हो गयी अब दोनो को याद नही कौन आ रही थी कौन जा रही थी
😜😜😂😂
07/04/2023
इसमें तो कुडमी नाम का तो कोई जाती ही नहीं है...
26/03/2023
साइंटिस्ट भी आज तक इस बात का पता नहीं लगा पा रहे हैं कि 🙄🤔🤭
इश्क में लोग तोतले क्यों हो जाते हैं
😁😝😝😂😂