13/08/2018
प्रिय साथियो !
आज मैं केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2गोलकुंडा हैदराबाद,में पदस्थापित लाइब्रेरियन श्री प्रशान्त के आवास पर उसे देखने गया । उसकी स्थिति को देखकर मेरा रूह कांप गया और अंदर से झकझोर दिया । दो छोटी बेटियां है बड़ी सातवीं में और छोटी तीसरी में पढ़ती है ।घर में विधवा मां और भोली भाली रोती बिलखती धर्मपरायणा जीवन संगिनी के अलावा और कोई नहीं है। उसकी सारी छुट्टियाँ खतम हो चुकी हैं ।जीपीएफ का पैसा भी निकालकर दवाओं में खर्च कर दिया गया है । जैसा उनकी श्रीमती जी ने बताया कि 40हज़ार रु की दवा हर माह लगती है जिसमें CGHS से 30हज़ार की दवाइयां मिलती हैंऔर लगभग दस बारह हजार की दवाइयां बाहर से लेनी पड़ती है और सबसे दुःखद बात है कि इस माह से तनखाह भी बंद होने वाली है ।ऐसी विषम परिस्थिति में परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा ? घर भी उन्होनें एल आई सी से लोन लेकर खरीदा है।
वो बिल्कुल bed ridden है ।मुंह खोलता ही नहीं है ।नाक से पाइप के द्वारा लिक्विड भोजन दिया जा रहा है और toilet भी पाईप के द्वारा ही करवाया जा रहा है ।बिल्कुल senseless है सिर्फ आंख खुला हुआ है ।
5 फरवरी 2018 को जैसे ही स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ उसे असहज और बेचैनी महसूस होने लगी और ब्रेन हेमरेज का शिकार हुआ ।आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया उसी दिन शाम को मैं और गचीबोली केंद्रीय विद्यालय के लाइब्रेरियन श्री शास्त्री जी उससे मिलने अस्पताल गया।एक बार होश आया था और मुझसे शेक हैंड किया फिर उसके बाद जो यादाश्त गई वो आजतक बरकरार है ।इसी बीच उसके ब्रेन का ऑपेरशन भी किया गया लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ ।
स्थिति बहुत ही नाज़ुक है ।इसलिए आपके बीच शेयर कर रहा हूँ ताकि कुछ रास्ता और उपाय अपने अपने स्तर से पता लगाकर निकालिए ।ऐसी परिस्थिति किसी के साथ कभी भी आ सकती है ।इसलिए वो जिस किसी भी यूनियन में हों उससे ऊपर उठकर मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाकर उसके परिवार को मदद करना हमारा परम कर्त्तव्य और धर्म है ।
आपके सलाह और गहरी प्रतिक्रिया की आशा में
शिवकिंकर मालाकार
लाइब्रेरियन, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 गोलकुंडा
हैदराबाद
प्रशांत सर की ऐसी स्थिति देखकर बहुत दुख हो रहा है। ईश्वर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करे। वो जल्दी ही हमारे बीच काम पर लौट आएं। हमारी सरो संवेदनायें सर के साथ है। हम सभी साथियों को उनकी परिस्थिति में उनको मदद करने का प्रयास करना चाहिए। हमारी थोड़ी मदद भी उनके लिए व परिवार को संबल प्रदान करेगी। मित्रों मै भी आपसे अनुरोध करता हूँ कि मालाकार सर के माध्यम से उन तक अपनी मदद जरूर पहुचाएं। आप सभी कोई उपाय करें। सीधे उनके एकाउंट में मदद राशी पहुचाएं।
-आलोक जायसवाल
लाइब्रेरियन, केन्द्रीय विद्यालय गिल नगर
चेन्नई