26/08/2020
आपने उनको 30 साल दिए और मैं सिर्फ 3 साल मांगता हूं आपसे।
एकमा विधानसभा
26/08/2020
आपने उनको 30 साल दिए और मैं सिर्फ 3 साल मांगता हूं आपसे।
17/08/2020
उन्होंने 22 साल (1960-1982) में काम पूरा किया। इस रास्ते ने गया जिले के अत्रि और वज़ीरगंज सेक्टर के बीच की दूरी 55 किमी से घटाकर 15 किमी कर दी |
मांझी एक खेतिहर मजदूर थे। 1959 में, मांझी पत्नी फाल्गुनी देवी बुरी तरह से घायल हो गईं और उनकी मृत्यु हो गई क्योंकि वह पहाड़ से गिर गईं और अस्पताल उनके गांव से 55 किमी (34 मील) दूर था |
ऐसा कहा जाता है की फाल्गुनी देवी अपने पति दशरथ मांझी के लिए भोजन ले जा रही थी तभी पहाड़ का रास्ता बहुत तंग था और वही से गिर गयी, घवाहिल हो गई और अस्तपताल ले जाने के देरी के कारन उनकी मृत्यु हो गई, उसी समय दशरथ जी ने ठान ली की इस पहाड़ को खोद के रास्ता बनाऊंगा |
उन्होंने काम एक हथोड़ी और छेनी से सुरु कर दी चाहे धुप , वर्षा और ठण्ड किसी का परवाह नहीं किया | लोग उन्हें सरफिरा और पागल कहा करते थे और कहते थे की "यह असंभव है, क्या यह पागल व्यक्ति इस पुरे पहाड़ को तोड़ रास्ता बना पायेगा" पर मांझी को किसी का परवाह नहीं था बस एक ही मंजिल थी की पहाड़ का सीना चीड़ के रास्ता बनाना ही है और पीछे नहीं हटना है, आख़िरकार २२ साल में उन्होंने कर दिखाया और दुनिये ने उनके इस कार्य को सराहा |
देखिये यदि आप किसी समस्या से परेशान है तो सुरुवात तो कीजिये सुरु में परेशानिया बहुत आएगी परन्तु रुकना नहीं है और बाद में आपके मदद के लिए लोग जरूर साथ आएंगे, मैं आपका साथ दूंगा परन्तु समस्या आपकी है सुरुवात तो कीजिये, मैं हूँ ना !
✍️लक्ष्मण सिंह