एक इंसान दूसरे इंसान से मायूस हो सकता है..
लेकिन इंसानियत से मायूस नहीं होना चाहिए !
इसलिए की इंसान सिर्फ जमाने में सांस लेते हैं..
और इंसानियत जमानो में जिंदा हैं ।।
Sonal_Comrade
लफ्ज़_�
09/07/2021
जिंदगी का सारा खेल तो वक्त रचता है__ इंसान तो सिर्फ अपना किरदार निभाता है ।।
उपदेश से स्वभाव नहीं _बदला जा सकता
गरम किया हुआ पानी _फिर सीतल हो जाता हैं ।।
दूसरा मौका सबको मिलता है_ताबिश..
पहली बाजी सबने हारी होती हैं ।।
विचार ऐसे रखो कि...
तुम्हारे विचारो पर भी _ किसी को विचार करना पड़े ।।
मैं सागर से भी गहरा हूं..
तुम कितने कंकड़ फेकोगे ।।
समंदर उल्टा सीधा बोलता है...
सलीके से तो प्यासा बोलता है ।।
बेकसूर कोई नही इस जमाने में...
बस सबके गुनाह उजागर नही होते ।।
विरासत में सिर्फ गद्दी मिल सकती है_ बुद्धि नहीं ।।
ये भी कोई बात है_हर वक्त दौलत का ख्याल..
आदमी है आप अगर_तो आदमियत देखिए ।।
यदि तुम पेड़ की तरह चुप रहोगे...
वे तुम्हे अपनी कुर्सी अपना तख्त बना लेंगे ।।
कहत_नटत_रिझत_खिझत_मिलत_खिलत_लजीयात..
भरे मौन मैं करत है_ नैननू ही सब बात ।।
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Chhapra
