28/02/2026
#मीडिया_के_माध्यम_से
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार पहुंचे सचिव, आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने हरिद्वार शहर में प्रस्तावित 21 किलोमीटर मेट्रो पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन बृजेश कुमार मिश्रा ने सचिव आवास को अवगत कराया है कि परियोजना की कुल लंबाई 20.74 किमी० है, जिसमें 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना को दिनांक 15.02.2023 को मंत्रिमण्डल, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। परियोजना हेतु कुल 4.8743 हे० भूमि प्रस्तावित है, जिसमें 0.8949 हे० निजी भूमि तथा 0.038 हे० रेलवे भूमि सम्मिलित है। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना के क्रियान्वयन से हरिद्वार शहर में यातायात जाम की समस्या का समाधान होगा। यह ऑन-डिमांड, चालक-रहित एवं पूर्णतः स्वचालित प्रणाली होगी, जो इलेक्ट्रिक संचालन आधारित होने से पर्यावरण के अनुकूल है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगी। इस प्रणाली में अपेक्षाकृत कम भूमि की आवश्यकता होती है तथा नियंत्रित गाइडवे पर संचालन होने से सुरक्षा स्तर उच्च रहेगा।
इस दौरान भारत माता मंदिर से प्रारम्भ होकर शान्तिकुंज, मोतीचूर, खड़खड़ी भीमगोड़ा होते हुए ललतारों ब्रिज तक किया गया। इस दौरान प्रस्तावित स्टेशन, पार्किंग स्थलों एवं आवश्यक भूमि के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। तत्पश्चात् वाल्मीकि चौक, मनसा देवी रोपवे गेट, अपर रोड से होते हुए हर की पौड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया तथा हर की पौड़ी स्टेशन पर विस्तृत समीक्षा के उपरांत दीन दयाल पार्किंग स्थल पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे (माँ चण्डी देवी एवं मनसा देवी मंदिर) के लोअर टर्मिनल का सर्वेक्षण किया गया तथा संरेखण के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसके उपरांत हर की पौड़ी से ललतारों ब्रिज, वाल्मीकि चौक होते हुए ऋषिकुल एवं सीतापुर क्षेत्र तक प्रस्तावित स्टेशन एवं पार्किंग/डीपो हेतु चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान सचिव आवास, डॉ. आर राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश है कि हरिद्वार शहर में प्रस्तावित पॉड टैक्सी के प्रोजेक्ट को जल्दी शुरू किया जाए , परियोजना में प्रयोज्य राजकीय भूमि के हस्तांतरण/अधिग्रहण की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए, जिससे परियोजना का कार्य समयबद्ध रूप से प्रारम्भ किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन निदेशक वित्त संजीव मेहता, संयुक्त महाप्रबन्धक (एचआर) कृष्णानन्द शर्मा,संयुक्त महाप्रबन्धक (सिविल) जयनन्दन सिंहा, सहायक प्रबन्धक (सिविल) अजयबीर सिंह नेगी, सेक्शन इंजीनियर सौरभ पटवाल,सर्वेयर हरिओम सिंह सहित उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे
24/02/2026
#समाचार_पत्रों_के_माध्यम_से
24/02/2026
#समाचार_पत्र_के_माध्यम_से
“फाइलों से फील्ड तक: डॉ. आर. राजेश कुमार ने विकास को दी नई रफ्तार”
देहरादून। उत्तराखंड में आवास विकास को नई दिशा देने की कवायद तेज हो गई है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार अपनी सक्रिय और जमीनी कार्यशैली को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। फाइलों तक सीमित रहने के बजाय वे योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत देहरादून शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और यातायात की दृष्टि से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
इंदिरा मार्केट पुनर्विकास परियोजना के तहत प्रभावित दुकानदारों को व्यवस्थित और आधुनिक मार्केट उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। सी और डी ब्लॉक में दो तल का बेसमेंट निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि ऊपरी तल का निर्माण जारी है। परियोजना में तीन तल के बेसमेंट के साथ लगभग 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। लक्ष्य है कि दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण कर दुकानों का आवंटन शुरू किया जाए। निरीक्षण के दौरान डॉ. राजेश कुमार ने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
आढ़त बाजार परियोजना के अंतर्गत हरिद्वार बाइपास पर लगभग 7.7 हेक्टेयर भूमि पर नया बाजार विकसित किया जा रहा है। तहसील चौक से सहसपुर चौक तक सड़क चौड़ीकरण की योजना के साथ इस परियोजना से शहर के केंद्र में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां 650 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल पार्किंग, वेयरहाउस, कार्यालय, एसटीपी, पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
वहीं तहसील परिसर में प्रस्तावित मल्टी लेवल कार पार्किंग परियोजना के तहत लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित करने की योजना है। इस संबंध में दरबार साहिब से वार्ता प्रक्रिया जारी है। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को धरातल पर उतारा जाए।
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव और संबंधित अभियंताओं सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और पार्किंग समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा में इन योजनाओं को पूरा कर देहरादून को नई रफ्तार देने का लक्ष्य किस हद तक हासिल हो पाता है।
24/02/2026
#समाचार_पत्र_के_माध्यम_से
इंदिरा मार्केट, आढ़त बाजार और मल्टी लेवल कार पार्किंग से यातायात व व्यापार व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती- डॉ. आर. राजेश कुमार
देहरादून के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर तेज़ी से बढ़ रहे विकास कार्य….
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का एमडीडीए की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर को सुनियोजित, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप देने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए तथा यातायात, पार्किंग और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार लगातार विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं तथा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी कर रहे हैं। आज आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की तीन अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
*इंदिरा मार्केट पुर्नविकास परियोजना*
इंदिरा मार्केट एवं टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के प्रभावित दुकानदारों को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक मार्केट में स्थानांतरित किए जाने हेतु यह परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में C एवं D ब्लॉक में दो तल का बेसमेंट निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा शीर्ष तल का निर्माण कार्य गतिमान है। परियोजना के अंतर्गत तीन तल के बेसमेंट का प्रावधान करते हुए कुल 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बेसमेंट निर्माण पूर्ण होने के उपरांत दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा। परियोजना को दिसंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि प्रभावित दुकानदारों को शीघ्र दुकानों का आवंटन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के संबंध में विशेष निर्देश दिए गए।
आढ़त बाजार परियोजना…
देहरादून शहर के केंद्र में तहसील चौक से सहसपुर चौक के मध्य स्थित सड़क को 24 मीटर चौड़ी व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 16 से 18 मीटर होने के कारण यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या के समाधान हेतु हरिद्वार बाइपास पर लगभग 7.7 हेक्टेयर भूमि पर नवीन आढ़त बाजार विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों की मंडियों हेतु सुव्यवस्थित लेआउट तैयार कर निर्माण कार्य प्रगति पर है।व्यवसायियों एवं आमजन की सुविधा हेतु लगभग 650 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वेयरहाउस, कार्यालय, ओवरहेड वाटर टैंक, एसटीपी (STP), पार्क एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।
मल्टी लेवल कार पार्किंग, तहसील परिसर
पलटन बाजार एवं तहसील चौक क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तहसील कार्यालय के साथ मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। इस संबंध में दरबार साहिब से वार्ता की प्रक्रिया प्रचलित है। उक्त स्थल पर आधुनिक तहसील कार्यालय के साथ लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। परियोजना की जटिलता को देखते हुए सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ता प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अपर अभियंता नवीन चंद्र जुनेजा, नज़ीर अहमद, वास्तुविद प्रशांत नौटियाल एवं परियोजना निदेशक निर्माण इकाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को परियोजनाओं में गति लाने तथा मानकों के अनुरूप समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान.
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून शहर के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईसी रोड मार्केट, आढ़त बाजार एवं मल्टी लेवल कार पार्किंग जैसी परियोजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। परियोजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी मजबूती एवं दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
24/02/2026
समाचार_पत्र_के_माध्यम_से
आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता – डॉ. आर. राजेश कुमार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में आवास परिषद का बड़ा फैसला, प्रदेश के प्रमुख शहरों में विकसित होंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र और आवासीय योजनाएं
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आम जनता को सुनियोजित, सुविधायुक्त एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तय की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिषद की योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं।
प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य नगरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम एवं अन्य आयोजनों के लिए कम दरों पर इनका उपयोग कर सकें। यह पहल मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष राहत लेकर आएगी। परिषद का मानना है कि इससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को निजी महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
चौड़ी सड़क, पार्क और बेहतर सुविधाओं से युक्त आवासीय कॉलोनियां
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि समीक्षा बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखण्डों और भवनों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परिषद का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुनियोजित वातावरण में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिल सके। इससे न केवल जीवनस्तर सुधरेगा बल्कि राज्य की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
श्रीनगर और जसपुर योजना को प्राथमिकता
बैठक में श्रीनगर आवास योजना और जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकें। परिषद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध तरीके से तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
लैंड पूलिंग मॉडल से होगा सुनियोजित विकास
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मॉडल के माध्यम से भूमि स्वामियों की सहभागिता से बड़ी और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इस व्यवस्था से अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी, योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आवास उपलब्ध कराना संभव होगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह, सीनियर अस्टिेंट नवीन शाह समेत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से होगा उत्तराखण्ड का शहरी कायाकल्प
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त जीवन देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी पहल होगी, जिससे आम जनता को कम लागत में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। श्रीनगर और जसपुर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल को अपनाकर सहभागितापूर्ण और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
22/02/2026
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