29/11/2025
इस अंधी सरकारी को शर्म आनी चाहिए जो अधिवक्ताओं की मांगों को नज़रंदाज़ कर रही है। अभी तो यह शुरुआत है, अभी भी सरकार न मानी तो यह आंदोलन बहुत बड़ा रूप धारण करेगा।
हम सबको मिल कर देश को आगे पहुंचना है।
29/11/2025
इस अंधी सरकारी को शर्म आनी चाहिए जो अधिवक्ताओं की मांगों को नज़रंदाज़ कर रही है। अभी तो यह शुरुआत है, अभी भी सरकार न मानी तो यह आंदोलन बहुत बड़ा रूप धारण करेगा।
अधिवक्ता एकता जिंदाबाद।
आज देहरादून में हम अधिवक्ताओं द्वारा एक बार फिर दिखा दिया गया कि अधिवक्ता एक था, एक है और एक रहेगा। यह एक परिवार है, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद। सरकार को अधिवक्ता के लिए सोचना पड़ेगा।
अहंकार पर मर्यादा की विजय, अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाए जाने वाले इस पतित पावन त्यौहार विजय दशमी की आपके पूरे परिवार को मेरी ओर से ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🌹🌹🌹
आपका मित्र, भाई व बेटा
मनीष रावत
(अधिवक्ता)
आज मेरे व सभी सहयोगियों के सहयोग से रिस्पाना पुल के निकट अयोध्या धाम की पुनर्स्थापना के उपलक्ष्य में महा भोज कराया गया। सभी सहयोगियों का आभार। ये हमारा भारत देश है और हमारा प्रदेश उत्तराखण्ड जहां सबका आदर व सत्कार किया जाता है।
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1042956226710916&id=100007654775230&mibextid=Nif5oz
मेरे द्वारा लिखी गईं कुछ पंक्तियों को आप सबसे साझा करना चाहता हूं :
"Is desh ko hua kya hai,
Duniya me naam hai par kai logo k paas kaam nahi.
Is desh ko hua kya hai,
Aaj Chand pe pahunch Gaya par kisi ki izzat karne ka naam nahi.
Is desh ko hua kya hai,
Ghamand to hai par parivaar se baat karne ka time nahi.
Is desh ko hua kya hai,
Uchaiyon pe pahunch Gaya par hinsa aur ahinsa ka fark ise ab maloom nahi.🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
....... मनीष रावत (एडवोकेट)