30/11/2025
उत्तराखंड लोक विरासत–2025 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिल
'विरासत भी–विकास भी' के मंत्र के साथ उत्तराखंड में सांस्कृतिक पुनर्जागरण— सीएम धामी*
*उत्तराखंड की लोक धरोहर आर्थिक आधार भी—रिंगाल, काष्ठ कला, ऊनी वस्त्रों को मिलेगा वैश्विक मंच*
*झोड़ा–छपेली–चांचरी हमारी सामूहिकता और भावनाओं का प्रतीक—मुख्यमंत्री धामी*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड लोक विरासत–2025” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए |
30/11/2025
Uttarakhand Lok Virasat 2025
Media coverage
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में यहां अवतरित हुए पांडव।। मैदान में उतर आया पूरा पहाड़ @ लोक वि
गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसार की संस्कृति का समागम। ढोलनाद पर थिरके लोग, खुदेड़ गीतों ने दिलाई याद
27/11/2025
Uttarakhand Lok Virasat 2025
29-30 November
Dehradun
29 व 30 नवंबर को यहां गूंजेंगे पहाड़ के लोकस्वर।। होगा लोकगीतों और लोकनृत्यों का बेजोड़ अनूठा संग
उत्तराखंड लोक विरासत-2025। संस्कृति, रीति रिवाज और परंपराओं का अभिनव महोत्सव
27/11/2025
पाँचवां ‘उत्तराखंड लोक विरासत महोत्सव 2025’ 29–30 नवंबर को देहरादून में; 13 जिलों के कलाकार होंगे शामिल,
पाँचवां ‘उत्तराखंड लोक विरासत महोत्सव 2025’ 29–30 नवंबर को देहरादून में; 13 जिलों के कलाकार होंगे शाम
देहरादून। पर्वतीय कला, लोकगायन, नृत्य शैलियों और विलुप्तप्राय परंपराओं को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ बहुप्...
07/10/2025
This year, floods in Uttarakhand didn’t just take homes, they took away ways of living.
A farmer’s crops drowned in mud.
A weaver’s loom lies broken.
A trader stares at an empty shop.
Families are left with nothing but the will to begin again.
From the mountains, a quiet plea echoes: “Will you stand with us too?”
For four years, Uttarakhand Lok Virasat has been that bridge, helping over 2,000 people rebuild their livelihoods and restoring ₹50+ lakhs in earnings and dignity.
This year, we carry that mission forward, rebuilding lives through opportunity, honoring traditions, lighting new paths.
Even the smallest help can spark hope, a seed sown, a thread woven, a craft reborn.
UPI: uklokvirasat@indianbk
Registered Trust | 80G tax benefits available
Read, share, and if you can, give.
07/10/2025
आपकी छोटी-सी मदद भी उम्मीद जगा सकती है — एक बीज बोया जाएगा, एक धागा बुना जाएगा, एक कला फिर से जीवित होगी।
पढ़ें, साझा करें, और अगर संभव हो तो योगदान दें।
यह एक पंजीकृत ट्रस्ट है, इसलिए आपके द्वारा किया गया योगदान आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट के योग्य है। आपको रसीद प्रदान की जाएगी।
उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट एक गैर-लाभकारी संगठन है जो उत्तराखंड की समृद्ध और अनूठी लोक संस्कृति, कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए समर्पित है। यह ट्रस्ट कलाकारों, संगीतकारों और शिल्पकारों को एक मंच प्रदान करता है, उन्हें आर्थिक सहायता देता है और उनके काम को दर्शकों तक पहुँचाता है।
मुख्य उद्देश्य और गतिविधियाँ:
सांस्कृतिक संरक्षण: उत्तराखंड की लोक कलाओं, संगीत, नृत्य और परिधानों को बचाने और बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
कलाकारों का समर्थन: उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के लोक कलाकारों, संगीतकारों और हस्तशिल्पियों को देहरादून में बुलाकर उनके कला प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है।
आर्थिक सहायता: ट्रस्ट इन कलाकारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है, जिससे उनकी आजीविका सुरक्षित होती है।
प्रचार-प्रसार: यह उत्तराखंड की लोक संस्कृति के बारे में जागरूकता बढ़ाता है और लोगों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
स्थानीय बाजार: हस्तशिल्प कलाकारों के लिए एक बाजार का आयोजन करता है, जिससे वे अपनी कलाकृतियाँ बेच सकें।
समर्थन और नेतृत्व:
यह ट्रस्ट उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए काम करता है, जैसा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा भी रेखांकित किया गया है।
ट्रस्ट के सदस्यों में डॉ. के.पी. जोशी (अध्यक्ष), श्री सुधीर नौटियाल, और लोकगायक श्री नरेंद्र सिंह नेगी, पद्म श्री प्रीतम भरतवाण जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं।
यह संगठन उत्तराखंड की स्थानीय पहचान और कला को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और पहाड़ी खान-पान, परिधानों व आभूषणों को संरक्षित करने के लिए।