02/10/2026
आज का दिन हमारे मन को हमेशा से विचलित करता रहा है। वर्ष 1994 में, जब मैं और हमारे कई साथी इसी दिन दिल्ली में थे, तब प्रारंभ में हमें केवल इतना पता चला कि कोई अप्रिय घटना हुई है। लेकिन जब सुबह कुछ साथी घायल अवस्था में दिल्ली पहुँचे, तब रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर की उस भयावह घटना की पूरी तस्वीर सामने आने लगी।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की सरकार के समय रामपुर तिराहा में आंदोलनकारियों पर जिस तरह का दमन और हिंसा हुई, वह उत्तराखंड के इतिहास का एक अत्यंत पीड़ादायक और काला अध्याय बन गया। अनेक आंदोलनकारी शहीद हुए, अनेक घायल हुए और महिलाओं की अस्मिता के साथ भी गंभीर अत्याचार किए गए। उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक अभिलेख भी रामपुर तिराहा की घटना को राज्य आंदोलन के इतिहास का अत्यंत क्रूर अध्याय बताते हैं।
यही कारण है कि 2 अक्टूबर का दिन हमारे लिए केवल एक स्मृति का दिन नहीं, बल्कि हमें एकजुट होकर उत्तराखंड के लिए संघर्ष करने के लिए मंथन का दिवस भी है I
यह भी अत्यंत अफसोसजनक है कि जिस राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उस राज्य में तीन दशक बाद भी रामपुर तिराहा कांड के सभी दोषियों को न्याय के कठघरे तक पहुँचाने का संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आज भी इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और विभिन्न आरोपियों के विरुद्ध मामलों की स्थिति पर प्रश्न बने हुए हैं। वर्ष 2026 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी अनंत कुमार सिंह के विरुद्ध मामले की वर्तमान स्थिति बताने के लिए CBI से रिपोर्ट मांगी थी।
रामपुर तिराहा कांड के संदर्भ में यह भी गंभीर प्रश्न रहा है कि तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही किस प्रकार तय हुई और बाद के वर्षों में उनके विरुद्ध चलने वाली कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में गई। उपलब्ध न्यायिक अभिलेखों के अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी अनंत कुमार सिंह के विरुद्ध CBI की कार्रवाई और बाद की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चली; 2003 में उत्तराखंड हाईकोर्ट की एक पीठ ने उनके विरुद्ध CBI की कार्यवाही को निरस्त कर दिया था।
मुलायम सिंह यादव को वर्ष 2023 में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार द्वारा मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। रामपुर तिराहा कांड की स्मृति और उस घटना में शहीद हुए आंदोलनकारियों के परिजनों तथा उत्तराखंड की जनता की भावनाओं के संदर्भ में यह सम्मान उत्तराखंड को अपमानित करने वाला था । नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मुलायम सिंह यादव को दिया गया मरणोपरांत पद्म विभूषण उत्तराखंड आंदोलनकारियों के बलिदान का अपमान है ।
हमारे लिए यह पीड़ा इसलिए भी गहरी है कि जिन लोगों ने उत्तराखंड की अस्मिता और राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, उनके बलिदान की स्मृति के साथ न्याय होना अभी भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
रामपुर तिराहा के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।
उत्तराखंड आंदोलन के सभी शहीदों और आंदोलनकारियों को कोटि-कोटि नमन।
जय भारत, जय उत्तराखण्ड
Kashi Singh Airy
Uttarakhand Kranti Dal