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09/04/2026
THE FUNDAMENTAL THEOREM OF ARITHMETIC Class 10th Mathematics (Real Numbers) Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
09/04/2026
LCM and HCF (CLASS 10TH MATHEMATICS) REAL NUMBERS Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
09/04/2026
https://youtu.be/F9J6vEPF9pg?si=dUnInRkSGovmIyF9
Prove of irrational number (class 10th maths, Real Numbers) Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
ईमानदारी की चादर इतनी छोटी है कि पप्पू को ढको तो उसका जीजा नंगा हो जाता है जीजा को ढको तो पप्पू नंगा और दोनों को ढको तो पार्टी🤪🤣
BJP को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सिर्फ शाह और मोदी की नही है।
हम सबकी है।
फिर एक बार नमो सरकार
03/12/2016
Proud to be a part of GARHWAL ( The Garhwal Rifles) I created this video with the YouTube Video Editor (http://www.youtube.com/editor)
मोटी से मोटी तोंद को भी होना पड़ेगा फुटबॉल से गेंद, सिर्फ 1 ग्लास रात को पिए, फिर देखे कमाल
हम लोग अक्सर अपनी निकलती हुई तोंद (belly fat) से परेशान रहते हैं और उसे कम करने के लिए कई तरह के जतन करते हैं। लेकिन अब आपको बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप इस आसान से बनने वाले जूस का सोने से पहले सेवन करके कर सकते हैं तोंद को गुड-बाय। चाहे मोटी से मोटी तोंद ही क्यों ना हो सिर्फ 1 ग्लास रात को पीने से वो हो जायेगी फुटबॉल से गेंद। www.allayurvedic.org
सोने से पहले खीरे के जूस का सेवन करें। खीरे का जूस पेट को साफ करता है। इसके साथ ही यह फैट भी नहीं बढ़ाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और और आपकी निकलती हुई तोंद को कंट्रोल (weight loss) करने में काफी लाभदायक होता है।
➡ खीरे के जूस 🍹 की सामग्री :
– दो खीरे 🍆🍆
– दो छोटे चम्मच नींबू का रस 🍋🍋
– अदरक का एक छोटा टुकड़ा 🍗🍗
– दो छोटे चम्मच चीनी 🍚
– एक छोटा चम्मच- भुना जीरा पाउडर 🍜
– तीन से चार पुदीना पत्ती 🌿
– काला व सफेद नमक स्वादानुसार 🍚
➡ खीरे का जूस 🍹 बनाने की विधि :
खीरे को धोलें और छोटा छोटा काट कर छिलके सहित जूसर में डालें। अदरक और पुदीना भी जूसर में डाल दें और जूस निकाल लें। इसमें चीनी, नींबू का रस, भुना जीरा पाउडर, काला व सफेद नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह हिलाएं। फिर 1 ग्लास झट से गटक (पीना) जाए और इसका कमाल देखे, देखते ही देखते तोंद हो जायेगी फिट एंड फाइन।
मोटी से मोटी तोंद को भी होना पड़ेगा फुटबॉल से गेंद, सिर्फ 1 ग्लास रात को पिए, फिर देखे कमाल
WEDNESDAY, 31 AUGUST 2016
हम लोग अक्सर अपनी निकलती हुई तोंद (belly fat) से परेशान रहते हैं और उसे कम करने के लिए कई तरह के जतन करते हैं। लेकिन अब आपको बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप इस आसान से बनने वाले जूस का सोने से पहले सेवन करके कर सकते हैं तोंद को गुड-बाय। चाहे मोटी से मोटी तोंद ही क्यों ना हो सिर्फ 1 ग्लास रात को पीने से वो हो जायेगी फुटबॉल से गेंद। www.allayurvedic.org
सोने से पहले खीरे के जूस का सेवन करें। खीरे का जूस पेट को साफ करता है। इसके साथ ही यह फैट भी नहीं बढ़ाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और और आपकी निकलती हुई तोंद को कंट्रोल (weight loss) करने में काफी लाभदायक होता है।
➡ खीरे के जूस 🍹 की सामग्री :
– दो खीरे 🍆🍆
– दो छोटे चम्मच नींबू का रस 🍋🍋
– अदरक का एक छोटा टुकड़ा 🍗🍗
– दो छोटे चम्मच चीनी 🍚
– एक छोटा चम्मच- भुना जीरा पाउडर 🍜
– तीन से चार पुदीना पत्ती 🌿
– काला व सफेद नमक स्वादानुसार 🍚
➡ खीरे का जूस 🍹 बनाने की विधि :
खीरे को धोलें और छोटा छोटा काट कर छिलके सहित जूसर में डालें। अदरक और पुदीना भी जूसर में डाल दें और जूस निकाल लें। इसमें चीनी, नींबू का रस, भुना जीरा पाउडर, काला व सफेद नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह हिलाएं। फिर 1 ग्लास झट से गटक (पीना) जाए और इसका कमाल देखे, देखते ही देखते तोंद हो जायेगी फिट एंड फाइन।
भगवान राम की पूजा
आपको बता दें कि यह एक ऐसा देश है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम रहते हैं। इस देश की सारी संस्कृति ही रामायण की पारंपरिक और सांस्कृतिक आस्था से संबंध रखती है। विश्व के मानचित्र पर यह देश दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित है। इसकी आबादी तकरीबन 23 करोड़ है। इसका नाम इंडोनेशिया है। यह दुनिया का चौथा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इसकी राजधानी जकार्ता है।
भारतीयों की तरह ही इंडोनेशिया में रामायण बेहद लोकप्रिय है। हाल ही में इंडोनेशिया सरकार ने भारत के कई जगहों पर इंडोनेशिया की रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन करवाने की मांग की है। यही नहीं अनीस ने भारत में मोदी सरकार से हर साल रामायण पर्व के आयोजन की भी मांग की। बता दें कि इंडोनेशिया भी चाहता है कि भारतीय कलाकार वहां जाकर इंडोनेशिया के कई शहरों में रामायण का मंचन किया जाए।
भारत की तरह ही इंडोनेशिया में रामायण सर्वाधिक लोकप्रिय काव्य ग्रंथ है। लेकिन भारत और इंडोनेशिया की रामायण में अंतर है। भारत में राम की नगरी जहां अयोध्या है, वहीं इंडोनेशिया में यह योग्या के नाम से स्थित है। यहां राम कथा को ककनिन, या ‘काकावीन रामायण’ नाम से जाना जाता है। भारतीय प्राचीन सांस्कृतिक रामायण के रचियता आदिकवि ऋषि वाल्मिकी हैं, तो वहीं इंडोनेशिया में इसके रचयिता कवि योगेश्वर हैं।
इंडोनेशिया की रामायण 26 अध्यायों का एक विशाल ग्रंथ है। इस रामायण में प्राचीन लोकप्रिय चरित्र दशरथ को विश्वरंजन कहा गया है, जबकि उसमें उन्हें एक शैव भी माना गया है, यानी की वे शिव के अराधक हैं। इंडोनेशिया की रामायण का आरंभ भगवान राम के जन्म से होता है, जबकि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण के प्रस्थान में समस्त ॠषिगणों की ओर से मंगलाचरण किया जाता है और दशरथ के घर इस ज्येष्ठ पुत्र के जन्म के साथ ही हिंदेशिया का वाद्य यंत्र गामलान बजने लगता है। वहीं यहां नौ सेना के अध्यक्ष को लक्ष्मण कहा जाता है। जबकि सीता को सिंता और हनुमान तो इंडोनेशिया के सर्वाधिक लोकप्रिय पात्र हैं।
हनुमान जी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी हर साल इस मुस्लिम आबादी वाले देश के आजादी के जश्न के दिन यानी की 27 दिसंबर को बड़ी तादाद में राजधानी जकार्ता की सड़कों पर युवा हनुमान जी का वेश धारण कर सरकारी परेड में शामिल होते हैं। बता दें कि हनुमान को इंडोनेशिया में ‘अनोमान’ कहा जाता है।
04/07/2016
Botanical name -Cichorium intybus, (hindi name - कासनी) with blue flower.
Take this herbs and get rid from fatal deceases like KIDNEY FAILURE , BLOOD SUGAR, LEVER DISORDER, PILES.
किडनी, ब्लड शुगर, लीवर और बवासीर जैसी कई गंभीर बीमारियों से पीडित लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। आज आपको इन गंभीर बीमारियों में काम आने वाले चमत्कारी पौधा के बारे में बताने जा रहे है। इस मेडिसन पौधे की पत्तियों का सेवन मरीजों के लिए रामबाण का काम कर रही है। इस चमत्कारी पौधे का नाम कासनी है। आर्युवैदिक गुणों से भरपूर इस चमत्कारी पौधे की मांग न केवल हमारे देश में है, बल्कि विदेशों तक के डॉक्टर भी इन रोगों से ग्रसित मरीजों को कासनी के सेवन की सलाह दे रहे हैं।
वहीं, देश के कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टर्स भी इसका लोहा मान चुके हैं। आपको सिर्फ इतना करना है कि हर रोज इसकी कुछ पत्तियां तोडक़र चबानी होती हैं। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर कासनी किडनी, ब्लड शुगर, लीवर सहित बवासीर जैसी घातक बीमारियों में बड़ा कारगर साबित हो रहा है, जिसके चलते पिछले दो साल में लगभग 25 हजार से अधिक कासनी के पौधों की डिमांड देश के हर हिस्सों से आई है। मात्र दस रुपए की कीमत वाले इस हर्बल पौधे की मांग अब देश के साथ-साथ विदेश तक में हो रही है।
इस पौधे की पत्तियां फेंफड़े के रोगियों के लिए अचूक दवा है। दरअसल कासनी की तीन प्रजाति है- पीला, नीला और सफेद रंग के फूल वाले लेकिन सबसे ज्यादा फायदेमंद नीले रंग के फूल वाले कासनी के पौधे हैं।
उत्तराखण्ड की जलवायु और हल्द्वानी के वन एवं अनुसंधान केन्द्र में हुई रिसर्च ने इस विलुप्त होते गुणीय पौधे को तो नई ऊंचाइयां दी हैं। साथ ही तमाम मरीजों को एक नई उम्मीद और आशा दी है।
वन अनुंसधान केन्द्र हल्द्वानी के कर्मठ वन अधिकारी मदन बिष्ट जी के कार्यालय में आज कल निरंतर बेकाबू भीड़ है। यह भीड़ एक पौधे के लिए है जिसका नाम है ’कासनी’। इसका वानस्पतिक नाम है Cichorium intybus ’यह किडनी की अच्छी दवा है। हजारों किडनी पीडि़त इस पौध की पत्ती चबाने से रोग मुक्त हो गये है। एक मरीज का क्यूरेटिन लेवल 10.8 था वह अब 4.8 हो गया है। उसी तरह से शुगर लेवल 500 था आज वह नार्मल इस संजीवनी से ठीक हो गया। कितने ही मरीजों के लिए यह मुक्ति दाता है। एम्स के डाक्टरों ने भी इसकी ताकत को मुहर लगायी है। मदन बिष्ट जन हित में हजारों पौंधे जनता को बाँट चुके हैं। ऐसे अधिकारी पर हमें नाज है। सलाम ऐसे असली आदमी होने के हकदार को।
ये पौधे आपको हल्द्वानी में ‘वन अनुसंधान केंद्र, हल्द्वानी’ से उपलब्ध हो सकते है
30/06/2016
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