Uttarakhand Film Development Council

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Photos from Uttarakhand Film Development Council's post 25/09/2025

देहरादून 25 सितम्बर, 2025 को सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सभागार में गुरुवार को नेक्स्ट लेवल एवं संभव कला मंच द्वारा आयोजित पांच दिवसीय एक्टिंग कार्यशाला का महानिदेशक सूचना एवं सी.ई.ओ. उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद श्री बंशीधर तिवारी, सुप्रसिद्ध कस्टिंग डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर पराग मेहता, अपर निदेशक उद्योग शिखर सक्सेना एवं नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। उत्तराखण्ड आगमन पर श्री बंशीधर तिवारी द्वारा कस्टिंग डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर पराग मेहता को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सी.ई.ओ. उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन का ही परिणाम है कि आज राज्य में फिल्म शूटिंग और फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के निर्देशों के अनुसार नई फिल्म नीति लागू की गई है, जो अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अनुदान धनराशि ज्यादा दी जा रही है।

श्री तिवारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, आवश्यकता है, उन्हें बेहतर मंच मिलना। श्री तिवारी ने कहा कि फिल्म विकास परिषद द्वारा अभिनव पहल करते हुए इस प्रकार की कार्यशाला की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध कस्टिंग डायरेक्टर और प्रोड्यूसर श्री पराग मेहता के अनुभवों का लाभ हमारे स्थानीय कलाकारों को मिलेगा। उन्होंने श्री मेहता से अपेक्षा की कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाय।

बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध कस्टिंग डायरेक्टर और प्रोड्यूसर श्री पराग मेहता ने कहा कि उत्तराखण्ड काफी खूबसूरत है। शूटिंग के लिए बेहतरीन स्थान है। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि बॉलीवुड से अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड में हो। अधिक फिल्म उत्तराखण्ड में आयेगी, तो स्थानीय कलाकारों को अवसर भी मिलेंगे। श्री मेहता ने राज्य सरकार को कार्यशाला के आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

अपर निदेशक उद्योग श्री शिखर सक्सेना ने कहा कि राज्य में फिल्म उद्योग को अनुकूल वातावरण मिले, इसके लिए उद्योग विभाग तत्पर है। उन्होने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम सुलभ और सरल बनाया गया है।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति को लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। नई फिल्म नीति को काफी आकर्षक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में स्थानीय कलाकारों के अधिक से अधिक अवसर मिले, इसके लिए फिल्म नीति में अनुदान के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है। हमारी स्थानीय प्रतिभाओं एवं कलाकारों को निखारने में यह कार्यशाला सहायक होगी।

कार्यक्रम का संचालन संभव कला मंच के श्री अभिषेक मैंदोला द्वारा किया गया। इस अवसर पर नेक्स्ट लेवल से संजय बिष्ट, रजत कुमार, नियो फरर्स्वाण, संभव कला मंच से अनुराग जोशी, देवशाली, सुधीर, कुणाल शमशेर मल्ला आदि उपस्थित थे।

Photos from Uttarakhand Film Development Council's post 26/06/2025

देहरादून स्थित एक होटल में बुधवार को उत्तराखण्ड फिल्म निर्माण के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) और उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद (UFDC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय “उत्तराखण्ड में फिल्मिंग इकोसिस्टम का विकास” रखा गया।

कार्यशाला का शुभारंभ यूएफडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की फिल्म निदेशक सुश्री शिल्पा राव और एनएफडीसी के महाप्रबंधक श्री अजय धोके द्वारा दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर फिल्म उद्योग से जुड़े प्रमुख निर्माता, नीतिगत विशेषज्ञ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र बिंदु राज्य में फिल्म निर्माण हेतु नीतिगत सुधार, अवसंरचना विकास और प्रतिभा संवर्धन रहा।

यूएफडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं भारत सरकार के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को फ़िल्म निर्माण हब के रूप में स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य के कम चर्चित स्थलों पर शूटिंग करने पर कुल फ़िल्म निर्माण लागत का 5% अतिरिक्त प्रोत्साहन सब्सिडी दी जाती है। साथ ही उत्तराखण्ड में स्थानीय कलाकारों को काम देने वाले निर्माताओं को भी विशेष सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य में एकल स्क्रीन सिनेमा हॉल की स्थापना के लिए ₹25 लाख की एकमुश्त सब्सिडी की व्यवस्था भी की गई है, जिसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमा हॉल की संख्या बढ़ाना है। UFDC स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, कलाकारों, संसाधनों और परिवहन सुविधाओं की एकीकृत सूची तैयार कर रहा है ताकि फिल्म निर्माताओं को राज्य में काम करने में आसानी हो।

यूएफडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि एनएफडीसी के सहयोग से राज्य का अपना फिल्म फेस्टिवल और उत्तराखण्ड राज्य फिल्म पुरस्कार शुरू करने पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। साथ ही, क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को ओटीटी मंचों तक पहुंचाने के लिए प्रसार भारती के WAVES OTT से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

सुश्री शिल्पा राव, निदेशक (फिल्म्स), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि भारत को वैश्विक सिनेमा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, प्रतिभा और तकनीक को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसीलिए भारत सरकार ने वेव्स समिट किया । वेव्स बाज़ार डॉट कॉम पर फ़िल्म निर्माण से जुड़े लोग अपने लिए अवसर देख सकते हैं। इंडियन सिने हब का एकीकृत पोर्टल फ़िल्म निर्माताओं के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन है।

उन्होंने कहा कि आज मोबाइल स्क्रीन पर व्यक्तिगत रूप से फिल्में देखने का चलन बढ़ा है, ऐसे में समुदाय स्तर पर सामूहिक फिल्म प्रदर्शन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कम लागत वाले सिनेमा हॉल को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है , जिससे ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में समुदाय-आधारित फिल्म देखना बढ़े।

महाप्रबंधक एनएफडीसी अजय ढोके ने एनएफडीसी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में इंडियन सिने हब के अधिकारियों द्वारा भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली फ़िल्म सब्सिडी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी ।

यूएफडीसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने उत्तराखण्ड की नवाचारपूर्ण फिल्म नीति पर एक विशेष प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने "प्रतिभा, प्रशिक्षण और तकनीक” को उत्तराखण्ड के फिल्म निर्माण मॉडल के तीन आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि हम केवल बाहरी निर्माताओं को ही नहीं, बल्कि स्थानीय कहानीकारों और तकनीशियनों को भी मंच देना चाहते हैं जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊर्जा मिले।

डॉ. उपाध्याय ने नीति के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं जैसे उत्पादन सब्सिडी, लोकेशन पर सहयोग, फिल्म संस्थानों की स्थापना, मल्टीप्लेक्स और सिनेमा स्क्रीन के निर्माण, तथा वन एवं सार्वजनिक स्थलों पर फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की भी जानकारी साझा की।

इंडिया सिने हब के सहायक वाईस प्रेसिडेंट श्री राम कुमार विजयन ने ‘इंडियन सिने हब’ पोर्टल की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंच राज्य सरकारों, केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय नोडल अधिकारियों से अनुमतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया को एकीकृत और सरल बनाता है। उन्होंने पोर्टल पर उपलब्ध समग्र संसाधन निर्देशिका की भी जानकारी दी।

कार्यशाला के समापन पर आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागी फिल्म निर्माताओं और फ़िल्म निर्माण से जुड़े अन्य लोगों की विभिन्न नीतिगत जिज्ञासाओं का समाधान एनएफडीसी और यूएफडीसी के अधिकारियों द्वारा किया गया।

इससे पूर्व, NFDC और UFDC के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें राज्य को एक सशक्त फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने, सिनेमा हॉल अवसंरचना को विस्तार देने, क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहन देने और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को गति देने हेतु अनुकूल नीतिगत पहलों पर विस्तृत विमर्श किया गया। बैठक में फ़िल्म निर्माण, क्षेत्रीय सिनेमा, स्क्रीन की उपलब्धता और प्रोत्साहन योजनाओं जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई।

इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी जिनमें प्रमुख रूप से सुश्री शिल्पा राव (निदेशक फिल्म्स , सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय), श्री अजय धोके (महाप्रबंधक, एनएफडीसी), श्री आशिष कुमार त्रिपाठी अपर निदेशक सूचना, सुश्री श्रुति राजकुमार (उपाध्यक्ष एवं प्रमुख, इंडिया सिने हब), श्री मयूर पटेल (प्रबंधक, फिल्म बाजार, एनएफडीसी), श्री नचिकेत शिरोलकर (सलाहकार, अंतरराष्ट्रीय प्रचार एवं फिल्म महोत्सव, एनएफडीसी), श्री अभय कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर, यूनीकॉप्स) उपस्थित रहे।

NFDC India










20/05/2025

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने आज देहरादून के हल्दूवाला स्थित बॉर्डर 2 के सेट पर सुप्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल और निर्देशक अनुराग सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर उनके साथ परिषद के संयुक्त सीईओ डॉ. नितिन उपाध्याय भी मौजूद थे।

मुलाक़ात के दौरान उत्तराखण्ड की फिल्म नीति, लोकेशन विविधता और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे समर्थन पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बनी उत्तराखण्ड की वर्तमान फिल्म नीति को देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में से एक माना जा रहा है, जहां फिल्म निर्माताओं को समय से शूटिंग की अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और स्थानीय संसाधनों की सहज उपलब्धता मिलती है।

श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि यहां फिल्म यूनिट को जिस तरह का सकारात्मक और सहज वातावरण मिल रहा है, वह प्रदेश को फिल्म निर्माण की दृष्टि से एक आदर्श गंतव्य बनाता है। सनी देओल भी इस दौरान काफी सहज और उत्साहित नज़र आए।
फ़िल्म के प्रोड्यूसर बिनोय गांधी ने बताया कि फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और इसके लिए देहरादून के हल्दूवाला क्षेत्र में कश्मीर के एक गांव का भव्य सेट बनाया गया है। सेट निर्माण की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हुई थी। इस प्रोजेक्ट से रोज़ाना लगभग 350 स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है।

फिल्म बॉर्डर 2 के अलावा इस समय उत्तराखण्ड में कई प्रमुख फिल्मों की शूटिंग चल रही है। तनु वेड्स मनु फेम निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 की शूटिंग देहरादून में हो रही है, जिसमें अविनाश तिवारी और 12वीं फेल फेम एक्ट्रेस मेधा शंकर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गोविंद नामदेव और सुधीर पांडे जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। वहीं, अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा और बिजेंद्र काला अभिनीत कॉमेडी सटायर ‘उत्तर दा पुत्तर’ की शूटिंग देहरादून और ऋषिकेश में चल रही है।

उत्तराखंडी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के तहत इन दिनों गढ़वाली भाषा की तीन फिल्में मारचा, तेरी माया और नमक की शूटिंग क्रमशः देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी में हो रही है। राज्य सरकार की पहल से इन फिल्मों को स्थानीय लोकसंस्कृति, परंपरा और बोली के साथ तकनीकी संसाधनों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई दिशा और पहचान मिल रही है।

वहीं, बीते कुछ समय में उत्तराखण्ड में कई उल्लेखनीय हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’, ‘तिकड़म’, ‘दो पत्ती’, ‘पुतुल’, ‘रौतू का राज’, ‘तन्वी द ग्रेट’, ‘पास्ट टेंस’, ‘केसरी 2’ और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ प्रमुख हैं। वर्ष 2024 में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 225 शूटिंग अनुमतियाँ जारी की जा चुकी हैं।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद लगातार राज्य को एक आकर्षक फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है, जहां संस्कृति, प्रकृति, तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग का संगम फिल्म निर्माताओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।










14/05/2025

‘उत्तराखण्ड कंटेंट क्रिएटर्स प्रतियोगिता 2025’

उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने तथा राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के निर्देशानुसार, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को आमंत्रित करने हेतु 'कंटेंट क्रिएटर्स प्रतियोगिता' का आयोजन किया जा रहा है।

आवेदन की अंतिम तिथि अब "23 मई, 2025" तक है।

यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है तो, 23 मई से पहले अपनी प्रविष्टियाँ ज़रूर भेजें: अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक कीजिए या QR कोड स्कैन कीजिए।

https://itda.uk.gov.in/content-competition

23/04/2025

नयी उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 से मिल रहा है नये कलाकारों को रोज़गार का मौक़ा, निखर रही है प्रतिभा।










22/04/2025

उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने तथा राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के निर्देशानुसार, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को आमंत्रित करने हेतु 'कंटेंट क्रिएटर्स प्रतियोगिता' का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी आवेदन की अंतिम तिथि अब "23 मई, 2025" तक बढ़ा दी गई है।

यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो इस शानदार अवसर का लाभउठाएं और अपनी रचनात्मकता को सम्मान दिलाएं।

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