25/05/2020
अमर शहीद, महान स्वतंत्रता सेनानी तथा संघर्ष व बलिदान की प्रतिमूर्ति "श्रीदेव सुमन जी" की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि वंदन।
Online Udham Singh Nagar
25/05/2020
अमर शहीद, महान स्वतंत्रता सेनानी तथा संघर्ष व बलिदान की प्रतिमूर्ति "श्रीदेव सुमन जी" की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि वंदन।
25/07/2016
शहीद पति के सपनों को पूरा करने में जुटीं भगवती देवी
कारगिल युद्ध में शहीद पदमराम कन्याल की पत्नी भगवती कन्याल अपने पति के सपनों को साकार करने में बखूबी से जुटी हैं। शहीद पति की ओर से संजोए गए बच्चों को शिक्षित करने समेत कई सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने सरकारी मदद का भी बखूबी से उपयोग किया।
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कारगिल युद्ध के दौरान 19 जून 1999 को 18 वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात कुंडेश्वरी की हिमालयन कॉलोनी निवासी पदमराम कन्याल शहीद हो गए थे। द्रास सेक्टर में तैनात पदमराम कन्याल पर 19 जून 1999 को ऊंची पहाड़ियों में छिपे पाकि स्तानी सैनिकों ने हमला कर दिया। चारों तरफ से दुश्मन से घिरे पदमराम कन्याल और उनके साथी सैनिक दुश्मनों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए।
पदमराम के शहीद होने पर उनके एक पुत्र और तीन पुत्रियों की पढ़ाई, लिखाई और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उनकी पत्नी भगवती देवी कन्याल पर आ गई है। तब ये तीनों बच्चे काफी छोटे थे।
पति के शहीद होने के बाद भगवती देवी कन्याल अपने पति के सपनों को साकार करने में जुट गई। यहीं से भगवती देवी के जीवन का संघर्ष शुरू हो गया। सरकार ने जो मदद की उसने बखूबी उसको मैनेज किया। अपने बच्चों को पढ़ाया लिखाया। उन्होंने दो पुत्रियों का पढ़ाई पूरी करने बाद विवाह कर दिया है। पुत्र पेट्रोल पंप का काम देख रहा है। एक पुत्री अभी पढ़ाई कर रही है। भगवती देवी ने बताया कि मूलरूप से उनका घर जिला चमोली के गैरसैंण में है। बच्चों के पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उनके पति शहीद पदमराम ने कुंडेश्वरी में घर बनाया। उनका सपना बच्चों को अच्छी शिक्षा देना था।
उन्होंने बताया कि शहीद पति के सपनों साकार करने के लिए उन्होंने बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटने दी। सरकार ने जो वायदे किये थे वह पूरे किए, केवल जमीन नहीं दी। सरकार ने पेट्रोल पंप दिया। जिसे उन्होंने ठाकुरद्वारा मार्ग पर शहीद पदमराम फिलिंग स्टेशन के नाम पर लगाया। भगवती देवी ने कहा कि कई प्रतिष्ठ पेट्रोल पंप मालिकों को एक महिला द्वारा पेट्रोल पंप लगा कर चलाना गवारा नहीं हुआ।
उनके साथ साझे में लगाने के लिए उन पर कई तरह के दबाब डाले गए। उन्हें डराया गया, लेकिन उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर पेट्रोल पंप लगाया और चलाया। अब उनके पुत्र विक्की ने पढ़ाई पूरी कर ली है। अब वह पेट्रोल पंप का कारोबार देख रहा है। भगवती देवी ने बताया कि उन्हें उनके ससुर आनंद राम, सास भागा देवी, देवरों का सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहता है।
कारगिल शहीद अमित के परिजनों को मिली सभी सुविधाएं
कारगिल युद्ध में शहीद कुंडेश्वरी निवासी अमित नेगी के परिजनों के अनुसार उनको सरकार की ओर से घोषित सभी सुविधाएं मिल गई हैं। गढ़वाल राइफल्स में तैनात अमित नेगी कारगिल के द्रास सेक्टर में 29 जून को शहीद हुए थे। तब वह अविवाहित थे। इसका एक छोटा भाई सुमित नेगी और एक अविवाहित बहन थी। सुमित नेगी ने पेट्रोल पंप लगाया है। नवीन मंडी समिति जसपुर रोड में लगे इस पेट्रोल पंप में शहीद के नाम का बोर्ड नहीं लगाया गया है। शहीद अमित नेगी के अनुज सुमित नेगी ने बताया कि उनको सरकार द्वारा घोषित सभी सुविधाएं मिल गई हैं।
कच्चा है शहीद के भाई घर का रास्ता
सरकार कारगिल शहीदों के परिजनों को तमाम सुविधाएं देने का दावा करती है। शहीद अमित नेगी के भाई सुमति नेगी का घर का रास्ता पक्का नहीं कर पाई है। शहीद चौक कुुंडेश्वरी के पास केलामोड़ रोड पर स्थित सुमित नेगी का घर पक्की सड़क से मात्र 20-25 मीटर दूरी पर है। यह रास्ता कच्चा है। जिस पर भारी गड्ढा होने से पैदल तक नहीं चला जा सकता है। अभी तक इसमें खड़ंजा नहीं बिछाया जा सका है।
कुंडेश्वरी में शहीद चौक का सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। चौक पर कारगिल शहीद पदमराम कन्याल, कारगिल शहीद अमित नेगी की प्रतिमाएं लगाई जाएगी। प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं।
-दयानंद सरस्वती एसडीएम काशीपुर।
07/07/2016
बाजपुर के वॉकर गुरमीत की रियो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने की तमन्ना
बाजपुर। बन्नाखेड़ा गांव निवासी वॉकर गुरमीत सिंह गिल अगस्त 2016 में होने वाले रियो ओलंपिक में खेलेंगे
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जिसकी तैयारी में गिल जुटे हैं। उनकी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाने की दिली इच्छा जताई है।
रियो ओलंपिक 5 से 21 अगस्त तक ब्राजील के रियो में होगी। सोमवार को वॉकर गुरमीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने उनसे ओलंपिक में मेडल जीतने की कामना की है। गुरमीत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला है। प्रदेश सरकार से प्रोत्साहन स्वरूप सहयोग न मिलने पर उन्होेंने रोष जताया है।
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गिल के अनुसार उनकी पत्नी दीपमाला भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है। उनकी पत्नी का भी उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। गिल के अनुसार रियो ओलंपिक में देशभर से 104 खिलाड़ी प्रतिभाग करने जा रहे हैं। ओलंपिक में खेलने के लिए टीम 2-3 अगस्त को रवाना होगी, जबकि पिछले ओलंपिक में देशभर से 81 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। गिल ने मार्च 16 में नोमी जापान में हुई एशिया वॉकिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है। भारत को 34 साल के बाद गोल्ड मेडल मिला है।
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वॉकर गुरमीत सिंह गिल ने जीते मुख्य पुरस्कार
2001 में ब्रूनेई में कोमेमोरिटिल मेडल।
2004 में एशिया जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप।
2006 पंजाब पुलिस बेस्ट एथलेटिक
2007 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स
2008 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स
2009 में इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक
2010 में ऑल इंडिया रेलवे एथलेटिक चैंपियनशिप।
2011 में लैफ वर्ल्ड चैंपियनशिप।
2012 में ओलंपिक मेें 33वां स्थान।
2013-14 में एशिया चैंपियनशिप में तीसरा स्थान।
2015 में एशिया चैंपियनशिप ओपन में प्रथम स्थान।
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30/06/2016
प्रेमिका के साथ रह रहे विवाहित प्रेमी की संदिग्ध मौत
पत्नी को छोड़कर प्रेमिका के साथ रहे विवाहित प्रेमी की देर रात संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। परिजनों ने प्रेमी की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। जबकि, पुलिस हत्या की घटना से इंकार कर रही है। पुलिस ने मामले में प्रेमिका को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया।
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अमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश निवासी सुनील भारती (24) कैंटर ड्राइवर था। दो साल पहले यहां आया और सिडकुल स्थित 90 एकड़ प्लाट में किराए के मकान में अपनी हर्ररायपुर अमरिया निवासी प्रेमिका के साथ रहने लगा। मंगलवार देर रात सुनील को उसकी प्रेमिका ने बेहोशी की हालत में सीएचसी पहुंचाया। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस पर प्रेमिका ने उसके परिजनों व कैंटर मालिक को मामले की जानकारी दी। कैंटर मालिक ने परिजनों को घटना से अवगत कराया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता मूलचंद, बहन यूपी महिला कांस्टेबल कांति देवी समेत तमाम परिजन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सुनील की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक के गले पर चोट के निशान हैं।
इस पर पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर मामले की जांच की और मृतक की प्रेमिका को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। एसएसआई दिनेश फर्त्याल ने बताया कि जांच में अभी तक हत्या जैसी घटना से संबंधित कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आया है। बताया कि प्रेमिका से पूछताछ के बाद उसे मकान मालिक के सुपुर्द कर दिया है। मृतक की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पत्नी से चल रहा था दहेज एक्ट का मुकदमा
मृतक कैंटर ड्राइवर सुनील भारती का पत्नी से विवाद चल रहा है। सुनील के पिता ने बताया कि एक मार्च 2014 को सुनील की शादी बरेली की युवती प्रीति से हुई थी। दो से तीन माह दोनों साथ रहे। उसके बाद सुनील पत्नी को छोड़कर सिडकुल आ गया। सुनील के घर नहीं आने पर उसकी पत्नी प्रीति ने बरेली कोर्ट में दहेज एक्ट का मुकदमा कर दिया। बताया कि हर्ररायपुर गांव की प्रेमिका से उसने शादी नहीं की थी। दोनों बिना शादी के ही एक साथ रह रहे थे।
प्रेमिका बोली, सुनील को पड़ते थे दौरे
मृतक सुनील भारती की प्रेमिका का कहना है कि सुनील को दौरे पड़ते थे। रात वह शौच को गई और फिर जब लौटकर देखा तो सुनील घर में नल पर रखी बाल्टी पर गिरा पड़ा था। उसने बताया कि सुनील की मौत दौरा पड़ने से हुई है। फिलहाल, पुलिस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है।
प्यार का दुखद अंत
प्यार के लिए सब कुछ कुर्बान करने वाले प्रेमी युगल के प्यार का दस साल बाद दुखद अंत हो गया। मृतक सुनील भारती का 2006 में हर्ररायपुर की युवती से प्रेम प्रसंग हुआ था। सुनील के परिजनों ने दोनों का विवाह नहीं होने दिया और एक मार्च 2014 को सुनील के परिजनों ने बरेली से उसकी शादी कर दी। लेकिन, सुनील का प्यार खत्म नहीं हुआ और उसने अपनी पत्नी को छोड़ प्रेमिका के साथ जीवन बीताने का फैसला कर लिया। दिसंबर 2014 में प्रेमिका यहां सिडकुल में काम करने आ गई। उसके साथ सुनील भी सिडकुल आ गया और ड्राइविंग करने लगा। दोनों लीव इन रिलेशन के तौर पर एक-दूजे के हो गए और अपने-अपने परिवारों को छोड़कर साथ रहने लगे। लेकिन, प्रेमिका को क्या पता था कि उसके प्यार का दस वर्ष में ही अंत हो जाएगा।
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28/06/2016
एंबुलेंस में हो रही थी मादक पदार्थों की तस्करी
नशे के काले कारोबार में लिप्त तस्कर अब एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा का उपयोग करने से नहीं चूक रहे। तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही ऐसी ही एक एंबुलेंस सहित तीन तस्करों को पुलिस ने चेकिंग के दौरान दबोच लिया। पकड़े गये तीनों तस्कर हल्द्वानी के हैं। उनके कब्जे से 5.8 स्मैक ग्राम बरामद की गई है।
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सोमवार को यूपी बार्डर पर कोतवाली पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया। आपात कालीन परिस्थितियों में प्रयोग की जाने वाली एंबुलेंस में तस्करों के पकड़े जाने से पुलिस भी हैरत में पड़ गयी। दरअसल हूटर बजाते हुए रामपुर की ओर से आ रही एंबुलेंस (यूके0जी-पीए0812) के भीतर बैठे लोगों की हरकतों पर संदेह हुआ तो पुलिस ने एंबुलेंस चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक एंबुलेंस को तेजी से भगा ले जाने की कोशिश करने लगा। कुछ ही दूरी पर पुलिस ने वाहन को रोक लिया। एंबुलेंस की चेकिंग की गई तो उसमें मरीज और तीमारदारों की जगह 3 स्मैक तस्कर निकले। जिनमें से एक तस्कर बीमार बनकर लेटा हुआ था एक उसके साथ बैठा था और तीसरा एंबुलेंस चला रहा था। तीनों ही स्मैक के नशे में थे। पूछताछ में तस्करों ने अपना नाम पता पटेल चौक हल्द्वानी निवासी विशाल जोशी पुत्र प्रमोद जोशी, भोटियापड़ाव हल्द्वानी निवासी विक्की वाल्मीकि पुत्र छब्बू लाल और वारसी कालोनी हल्द्वानी निवासी मो. इश्तियाक पुत्र एमए हुसैन बताया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 5.8 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जिसकी कीमत 60 हजार से अधिक बताई गई है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गये स्मैक तस्कर लंबे समय से एम्बुलेंस के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। वे बिलासपुर के शादाब नामक व्यापारी से स्मैक लेकर आ रहे थे।
पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसआई वीरेंद्र रमोला, एसआई विनोद फर्त्याल, कमलेश भट्ट, सिपाही मोहन रावत, जगदीश सिंह, दीवान सिंह, विजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि थे।
एंबुलेंस के प्रयोग का जिले में पहला मामला
नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस कितने भी जाल फैलाए, लेकिन तस्कर हमेशा पुलिस से एक कदम आगे निकलने की होड़ में लगे रहते हैं। नशे के कारोबार में वीआईपी वाहनों के प्रयोग के जिले में कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं, लेकिन एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा को नशे के कारोबार के लिए प्रयोग में लाने का जिले में पहला मामला सामने आया है। इससे पुलिस भी हैरान है। एंबुलेंस पर तस्करी के बारे में पुलिस को भी कोई आभास नहीं था। बार्डर पर वाहन चेकिंग के दौरान तस्करों की हरकतें सामान्य रहती तो शायद पुलिस तस्करों को नहीं पकड़ पाती।
यूपी के इलाकों से आ रही है नशे की बड़ी खेप
उत्तराखंड में नशे का सामान यूपी से बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जा रहा है। इसका खुलासा कई बार पुलिस कर चुकी है। हाल ही के दिनों में जो भी तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं उनके तार कहीं न कही यूपी के रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत आदि इलाकों से जुड़े हैं। पुलिस भी मानती है कि इन क्षेत्रों से बड़ी खेप उत्तराखंड को सप्लाई की जा रही है। रुद्रपुर और सितारगंज मे सिडकुल की स्थापना के बाद यहां बाहरी लोगों की आमद बढ़ने से नशे के सामान की खपत भी बढ़ी है, जिसका फायद मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोग उठा रहे हैं। बताया जाता है कि मोटी कमाई के लिए स्मैक, हेराईन और नशे की दवाईयां यूपी के उत्तराखंड भेजते हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से चरस की बड़ी खेप यूपी के इलाकों में सप्लाई की जाती है।
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नशे के खिलाफ चलाएगी बड़ा अभियान
अवैध कारोबार को रोकने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। एसएसपी के आदेश पर जिले की पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि जिले में अवैध शराब, स्मैक, चरस गांजा, अफीम, नशे के इंजेक्शन व दवाइयों आदि का कारोबार करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जाएगा। कहा नशे के सामान की तस्करी करने वाले कितने ही प्रभावशाली क्यों न हो पुलिस उन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि नशे की लत के कारण जिले में क्राइम का ग्राफ भी बढ़ रहा है, लिहाजा पुलिस अब इस पर विशेष फोकस करेगी। उन्होंने कहा जिले भर में इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं।
20/06/2016
Gurudwara Nanakmatta Sahib :- It is a historical Sikh shrine situated in Udham Singh Nagar district of Uttarakhand. Guru Nanak Dev ji came here during his Third Udasi in 1514 A.D. At that time, this place was the abode of the Siddhas ( Yogis - devotees of Guru Gorakhnath) and it was called Gorakhmata. After Guru Nanak Dev Ji, Baba Al Mast Ji also visited this place.
06/06/2016
नोएडा के मॉल में स्पा लेते वक्त उधमसिंह नगर DM की मौत
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उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के डीएम अक्षत गुप्ता (39) को रविवार देर शाम जीआईपी मॉल स्थित एक स्पा सेंटर में स्पा लेते वक्त हार्ट अटैक पड़ा। उन्हें एम्बुलेंस से सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बताया जा रहा है कि वह जीआईपी मॉल में डिनर करने गए हुए थे। डिनर करने के बाद वह स्पा सेंटर गए जहां पर स्पा लेते वक्त उन्हें हार्ट अटैक पड़ा। कैलाश अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन व पारिवारिक मित्र डा. वरूण भार्गव ने अक्षत गुप्ता की मौत की पुष्टि की है।
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उन्होंने बताया कि अक्षत गुप्ता को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया, उनकी मौत हार्ट अटैक पड़ने से हुई है। डा. भार्गव ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास पर होगा।
वहीं मौत की खबर सुनते ही जिले के पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी सेक्टर-27 स्थित एच-40 पहुंचे। यहां पर अक्षत गुप्ता के माता-पिता रहते हैं। अस्पताल प्रशासन से शव परिजनों को सौंप दिया। उसके बाद शव उनके पिता के घर ही लाया गया।
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वहीं मौत की खबर सुनते ही जिले के पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी सेक्टर-27 स्थित एच-40 पहुंचे। यहां पर अक्षत गुप्ता के माता-पिता रहते हैं। अस्पताल प्रशासन से शव परिजनों को सौंप दिया। उसके बाद शव उनके पिता के घर ही लाया गया।
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बता दें कि विगत 31 मई को अक्षत गुप्ता का तबादला देहरादून गढ़वाल मंडल विकास निगम और पर्यटन विभाग में एमडी पद पर हुआ था। दो जून से छुट्टी लेकर वह नोएडा चले गए थे।
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चार्ज सीडीओ आशीष श्रीवास्तव को दे गए थे। उनकी पत्नी रिद्धिम अग्रवाल आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह रुद्रपुर 31वीं वाहिनी पीएसी में कमांडेंट हैं। इससे पहले वह 2012 में यूएस नगर की एसएसपी भी रह चुकी हैं। अक्षत गुप्ता नैनीताल और अल्मोड़ा के भी डीएम रहे थे।
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21/05/2016
खेत की मेड़ को लेकर दो पक्षों में चली गोली, एक महिला सहित चार की मौत
खेत मेड़ को लेकर दो पक्षों के बीच गाली गलौच, मारपीट और फायरिंग हो गई। गोली लगने से दो महिलाओं सहित छह लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति ने हल्द्वानी अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एएसपी कमलेश उपाध्याय, सीओ मिथलेश कुमार, थाना प्रभारी सलाहउद्दीन, कोतवाल ओपी शर्मा सहित आला अफसरों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैैनात है।
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आरोप है कि गांव गुमसानी निवासी शकील और हाजी बाबू केे बीच जमीन चल रहा था। कई बार पंचायत भी हो चुकी हैं। शुक्रवार को शाम हाजी बाबू और शकील के बीच खेत की मेड़ को लेकर गाली गलौच, मारपीट हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक आ धमके। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले और फायरिंग हो गई। गाली लगने से राशिद, सालिम, शकील अहमद उसकी पत्नी साबरी और दूसरे पक्ष के मुजफ्फर और उसकी पत्नी नजरुम जहां गंभीर रुप से घायल हो गई। खून खराबा देखकर गांव अफरातफरी मच गई। सूचना पर केलाखेड़ा, बाजपुर थानों से पुलिस पहुंची।
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घायलों को सीएचसी में लाया गया। इलाज के दौरान राशिद और दूसरे पक्ष के मुजफ्फर और उसकी पत्नी नजरुम जहां की मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने सालिम को हल्द्वानी रेफर कर दिया। सालिम ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
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आरोपी हाजी बाबू राइफल सहित गिरफ्तार
बाजपुर। केलाखेड़ा थाना प्रभारी सलाहउद्दीन ने बताया कि दबिश देकर आरोपी हाजी बाबू को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। किसी भी पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नही आई है। तहरीरों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हाजी बाबू के घर से राइफल भी बरामद कर जब्त कर ली गई है।
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19/05/2016
आग से वीगा ऑटो एसेसरीज फैक्ट्री राख
सिडकुल स्थित हेलमेट बनाने की फैक्ट्री में शॉर्टसर्किट से लगी आग से पूरा सामान राख हो गया है। कारखाने में थर्माकोल, थिनर आदि ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल वाहनों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
जब तक आग पर काबू पाया जाता पूरा सामान जल चुका है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार आग से तकरीबन 20 करोड़ की क्षति हुई है। इधर आग की सूचना मिलते ही कंपनी के एमडी भी मौके पर पहुंच गए।
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मंगलवार रात लगभग साढ़े दस बजे सिडकुल के सेक्टर चार स्थित वीगा ऑटो एसेसरीज के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से आग लग गई। आग लगने के बाद कंपनी में तैनात सुरक्षा गार्ड जान बचाकर मौके से भाग खड़े हुए। इस बीच आग की उठती लपटों ने कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री आग के गोले में तब्दील में हो गई।
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कारखाने में आग की सूचना में फैक्ट्री अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। आनन में दमकल वाहन भी आग पर काबू पाने के लिए घटना स्थल पर दौड़ पड़े। पुलिस और फैक्ट्री कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश भी की लेकिन नतीजा सिफर रहा। बताया जा रहा है कि कारखाने में रखे थर्माकोल और थिनर ने आग को और भड़का दिया।
बताया जा रहा है कि जब अग्निकांड की घटना हुई थी तब कंपनी में लगभग 70 हजार हेलमेट बनकर तैयार रखे हुए थे जबकि इतनी ही संख्या में अधूरे बने हेलमेट रखे हुए थे। इधर आग की सूचना मिलते ही देर रात कंपनी के डायरेक्टर दिलीप राज चाड़क भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घटना के संदर्भ में जानकारी ली।
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महाप्रबंधक नादिर हुसैन ने बताया कि बीती रात ट्रांसफार्मर में शॉर्टसर्किट से आग लग गई। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी जब तक कुछ समझ पाते तब तक आग ने फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।
13 घंटे बाद पाया जा सका आग पर काबू
वीगा ऑटो एसेसरीज में आग की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल के 18 वाहनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इन दमकल वाहनों को पानी लाने के लिए कई चक्कर लगाने पड़े, तब कहीं सुबह लगभग 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए आसपास की फैक्ट्रियों के हाईड्रेंट भी प्रयोग में लाए गए।
आसपास की फैक्ट्रियों में भी मचा हड़कंप
वीगा ऑटो एसेसरीज में आग लगने से आसपास की फैक्ट्रियों में भी हड़कंप मच गया। तमाम कारखानों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और अपनी-अपनी कंपनियों को आग से बचाने के प्रयास में जुट गए। कई कंपनियों ने किसी अनहोनी से निपटने के लिए हाईड्रेंट भी खोल दिए। वहीं पुलिस प्रशासन की टीम भी पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दी।
300 कर्मचारियों का भविष्य अधर में
वीगा ऑटो एसेसरीज में अग्निकांड की घटना से कारखाने में काम करने वाले लगभग 300 कर्मचारियों का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। कारखाने के आग की भेंट चढ़ जाने के बाद सभी कर्मचारियों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। अग्निकांड के बाद सभी श्रमिक सदमे में हैं।
हल्द्वानी सहित कई कंपनियों की गाड़ियां जुटी रही
वीगा ऑटो एसेसरीज में आग की घटना के बाद हल्द्वानी, लालकुआं सेंचुरी पेपर मिल सहित कई कंपनियों के दमकल वाहन भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हिंदुस्तान जिंक, अशोका लीलैंड, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो के अलावा सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल, फायर ब्रिगेड के दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए थे।
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सात घंटे तक मौके पर डटे रहे एसडीएम
फैक्ट्री में लगी आग की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। एसडीएम एपी बाजपेई ने मौके पर पहुंच कर कारखाना प्रबंधन से अग्निकांड की जानकारी ली। एसडीएम अग्निकांड स्थल पर लगभग सात घंटे तक डटे रहे। एसडीएम ने कहा कि फैक्ट्री पूरी तरह से जलकर ध्वस्त हो गई है। फैक्ट्री मालिकों के अनुसार करीब 20 करोड़ से अधिक का नुकसान माना जा रहा है।
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