Ashok Kumar IPS

Directions Website Contact the organization

Ashok Kumar IPS VC at Sports University Haryana | Formerly DGP, Uttarakhand | UPSC Mentor | Cyber Security & Internal Security Expert | Sports Administrator | Author

This social soul is the winner of people’s trust, women’s respect, and children’s love just because he dares to care for them. Ashok Kumar (IPS) is the Director General of Police and held the portfolio of IG Garhwal and IG Kumaun. After completing M.Tech from IIT Delhi in 1988, he joined the Indian Police Service in 1989 and served in various challenging assignments in the state of UP and Uttarakhand in places like Allahabad, Aligarh, Chamoli, Mathura, Shahjahanpur, Mainpuri, Rampur, Nainital & Haridwar. He received the UN Medal for serving in strife-torn Kosovo in the year 2001, was conferred with the Indian Police Medal for Meritorious services in 2006, and bagged President’s Police Medal for Distinguished Service in 2013. DGP Ashok Kumar (IPS) is known for humane and transfiguring policing, and his victim-oriented approach makes him quite popular in the local populace. On the other hand, he is equally terrifying to criminals and perpetrators. His heroic efforts while eliminating terrorism from Tarai Region of Kumaun make every policeman feel proud of him. He also worked as chief of Intelligence and Security Uttarakhand, Director Vigilance Uttarakhand and Director General, Crime, Law & Order Uttarakhand where he started a major drive against corruption. He has also served with CRPF and BSF as IG on a deputation basis where he faced Naxal challenges and managed the Indo-Pakistan border on the crucial Punjab frontier. DGP Ashok Kumar (IPS) is the author of the famous book ‘Human in Khaki’ (खाकी में इंसान) – The Book has been translated into Bengali, Gujarati & Marathi also. The Book has been awarded ‘Pt. Govind Ballabh Pant’ Award by Bureau of Police Research and Development, MHA. He has also authored three other books titled ‘’Challenges to Internal Security of India’’ ‘’Cracking Civil Services The open secret’’ and ‘’Ethics Integrity & Aptitude’’. The humble police officer has a great fond for sports. He has been the President of the Uttarakhand State Badminton Association from 2005 to 2017. His other interests include Badminton, Tennis and Riding. He is the force behind the Dehradun Marathon which witnesses the participation of more than 20000 people every year.

भारत की शानदार जीतआज का मैच सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था—ये वो मुकाबला था, जहां हर रन के साथ दबाव बढ़ता गया और हर गेंद क...
03/10/2026

भारत की शानदार जीत

आज का मैच सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था—ये वो मुकाबला था, जहां हर रन के साथ दबाव बढ़ता गया और हर गेंद के साथ कहानी बदलती गई।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुरुआत में अभिषेक शर्मा की तेज़ पारी ने रफ्तार दी, फिर तिलक वर्मा और बाकी बल्लेबाज़ों ने पारी को 200 के पार पहुंचाया। The Indian Express
लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी थी।
पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया तो मुकाबला एक समय बेहद करीब पहुंच गया। ऐसा लगा कि आखिरी ओवर तक तस्वीर साफ नहीं होगी। भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव था, लेकिन निर्णायक मौकों पर उन्होंने वापसी की और पाकिस्तान को 192 रन पर रोक दिया।
भारत 19 रन से जीत गया। 🇮🇳
और इसके साथ ही भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने 2026 एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। The Times of India
एक तरफ स्कोरबोर्ड पर जीत दर्ज हुई, दूसरी तरफ तिरंगा लहराया…
और मैदान पर खड़े इन खिलाड़ियों ने एक और यादगार अध्याय लिख दिया।
गोल्ड फिर भारत का। 🥇🇮🇳
IndianCricket TeamIndiaVictory INDvsPAK AsianGames भारत टीमइंडिया

हर जीत के पीछे सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और अनगिनत कुर्बानियां होती हैं। 🇮🇳🥇  में भारत के लिए ...
03/10/2026

हर जीत के पीछे सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और अनगिनत कुर्बानियां होती हैं। 🇮🇳🥇

में भारत के लिए कुश्ती का पहला गोल्ड जीतने वाले सुजीत कलकल को हार्दिक बधाई।

पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल के फाइनल में 10-9 की रोमांचक जीत सिर्फ एक स्कोर नहीं है। यह उस संघर्ष की कहानी है, जो शायद मैट पर उतरने से बहुत पहले शुरू हो चुका था।

दबाव था, मुकाबला बेहद करीबी था, लेकिन सुजीत ने आखिरी पल तक अपना संयम बनाए रखा और भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

हरियाणा की मिट्टी से निकले सुजीत ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब मेहनत में जुनून और लक्ष्य में विश्वास हो, तो दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी तिरंगा सबसे ऊंचा लहराया जा सकता है। 🇮🇳

आज इस जीत पर सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उसके परिवार, उसके गुरु, उसके गांव और पूरे देश की आंखों में गर्व है।

सुजीत, आपकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।
भारत को आप पर गर्व है। ❤️🇮🇳

TeamIndia GoldMedal IndiaProud भारत_का_गौरव कुश्ती स्वर्ण_पदक

44 साल का इंतज़ार… खत्म! 🇮🇳भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिय...
02/10/2026

44 साल का इंतज़ार… खत्म! 🇮🇳

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने 44 साल बाद महिला हॉकी में एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया।

मैच का इकलौता गोल लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में शानदार टॉमहॉक से किया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों को रोककर बढ़त कायम रखी। अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया का पेनल्टी स्ट्रोक बचाना भी मैच के अहम पलों में रहा।

1982 के बाद यह भारत का महिला हॉकी में सिर्फ दूसरा एशियन गेम्स गोल्ड है।

44 साल बाद फिर वही सुनहरा इतिहास! 🇮🇳🥇

Lalremsiami SavitaPunia WomensHockey TeamIndia JaiHind

02/10/2026

कुछ जीत सिर्फ मेडल नहीं देतीं… पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर देती हैं। 🇮🇳🥊

हरियाणा के हिसार के 21 वर्षीय युवा मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में 80 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है। 🥇

अंकुश की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि करीब 11 महीने पहले तक वह भारतीय बॉक्सिंग की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम थे। पिछले साल ग्रेटर नोएडा में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में उन्हें लक्ष्या चाहर के चोटिल होने के बाद आखिरी समय में टीम में शामिल किया गया था।

मौका अचानक मिला… लेकिन अंकुश ने उसे अपनी पहचान बनाने का अवसर बना दिया।

उन्होंने उस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में भले ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी निडर और आक्रामक बॉक्सिंग ने यह संकेत दे दिया था कि इस युवा मुक्केबाज में कुछ खास है।

और आज उसी अंकुश ने एशियन गेम्स के अपने डेब्यू में गोल्ड जीतकर तिरंगे की शान बढ़ा दी।

दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग के खिलाफ फाइनल में अंकुश ने 4-0 से जीत दर्ज की। तेज हाथ, सटीक पंच, मजबूत डिफेंस और दबाव में भी आक्रामक रवैया—उनके प्रदर्शन में आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

यह सिर्फ अंकुश की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो छोटे शहरों और साधारण परिस्थितियों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।

11 महीने पहले सिल्वर… आज गोल्ड।

कभी-कभी एक मौका आपकी पूरी कहानी बदल देता है। लेकिन उस मौके को उपलब्धि में बदलने के लिए मेहनत, साहस और खुद पर विश्वास चाहिए।

अंकुश ने यह करके दिखाया है।

एशियन गेम्स में शानदार स्वर्ण पदक जीतने पर अंकुश पंघाल को हार्दिक बधाई। आपकी जीत ने सिर्फ हिसार और हरियाणा का नहीं, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है।

आपकी मुट्ठियों की ताकत में आज पूरे देश का गर्व दिखाई देता है। 🇮🇳🥇

बहुत-बहुत बधाई अंकुश। आने वाले समय में आपकी सफलता की कहानी और भी बड़ी हो—यही शुभकामना है।

जिस आदमी ने कभी किसी को हराने का सपना नहीं देखा, उसने आखिरकार एक पूरे साम्राज्य को झुकने पर मजबूर कर दिया।2 अक्टूबर सिर्...
02/10/2026

जिस आदमी ने कभी किसी को हराने का सपना नहीं देखा, उसने आखिरकार एक पूरे साम्राज्य को झुकने पर मजबूर कर दिया।

2 अक्टूबर सिर्फ महात्मा गांधी की जयंती नहीं है। यह उस इंसान की कहानी याद करने का दिन है, जिसने अपनी सबसे बड़ी ताकत हथियारों में नहीं, बल्कि सच और अपने सिद्धांतों पर टिके रहने में खोजी।

गांधीजी के जीवन की एक घटना इसे बहुत अच्छी तरह समझाती है।

1917 में बिहार के चंपारण में किसान अंग्रेज़ नील के बागान मालिकों की जबरदस्ती से परेशान थे। किसानों को अपनी जमीन के एक हिस्से पर नील उगाने के लिए मजबूर किया जाता था और उन्हें इसका उचित दाम भी नहीं मिलता था।

राजकुमार शुक्ल नाम के एक किसान गांधीजी से मिले और लगातार उनसे चंपारण आने का आग्रह करते रहे। गांधीजी आखिरकार वहाँ पहुँचे।

लेकिन वहाँ पहुँचते ही अंग्रेज़ अधिकारियों ने उन्हें इलाका छोड़ने का आदेश दे दिया।

गांधीजी ने आदेश मानने से इनकार कर दिया।

उनका तर्क सीधा था—अगर यहाँ के किसानों की परेशानी जानने के लिए आया हूँ, तो उनकी बात सुने बिना वापस कैसे जा सकता हूँ?

अगले दिन उन्हें अदालत में पेश होना पड़ा। बाहर हजारों किसान जमा हो गए थे। प्रशासन के लिए यह असामान्य स्थिति थी।

गांधीजी ने अदालत में कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर किसी कानून का पालन करने का मतलब लोगों की मदद करना छोड़ देना है, तो उनके लिए अपने कर्तव्य से पीछे हटना मुश्किल है।

अंत में उन पर मुकदमा आगे नहीं बढ़ाया गया और उन्हें चंपारण में किसानों की शिकायतों की जांच करने की अनुमति मिल गई।

जांच हुई, किसानों की बातें दर्ज की गईं और आखिरकार अंग्रेज़ प्रशासन को किसानों की समस्याओं पर कार्रवाई करनी पड़ी।

चंपारण गांधीजी के भारत में शुरुआती बड़े आंदोलनों में से एक बना।

लेकिन इस कहानी की सबसे बड़ी सीख सिर्फ यह नहीं है कि गांधीजी ने अंग्रेज़ों का विरोध किया।

सीख यह है कि बड़ा बदलाव हमेशा बड़ी ताकत से नहीं आता। कभी-कभी वह उस इंसान से शुरू होता है जो अकेला खड़ा होकर भी अपने सही होने पर कायम रहता है।

गांधीजी ने अपने जीवन में कई गलतियाँ भी मानीं, अपने विचार बदले और लगातार खुद को सुधारने की कोशिश की। शायद इसी वजह से उनकी जिंदगी सिर्फ इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आज भी आत्मचिंतन का विषय है।

[Mahatma Gandhi, Jayanti, Birthday, Ashok Kumar, IPS, Motivation ]

हम भी आ गए जापान अपनी धर्मपत्नी और भारत को सपोर्ट करने स्वागत नहीं करोगे ![japan, Nagoya, Asian Games, Sports, India, As...
01/10/2026

हम भी आ गए जापान अपनी धर्मपत्नी और भारत को सपोर्ट करने
स्वागत नहीं करोगे !
[japan, Nagoya, Asian Games, Sports, India, Ashok Kumar, IPS]

30/09/2026

LPU में हुई हिंसा का असली जिम्मेदार कौन? घटना या अफवाह ?


[LPU, Debate, Violence against women, Student Protest, IPS, Ashok Kumar, Opinion]

हर मैदान पर लहराएगा तिरंगा शान से ❤️ कबड्डी में गोल्ड जीतने की बहुत बहुत बधाई ! भारत को तुम पर गर्व है        [Sports, a...
26/09/2026

हर मैदान पर लहराएगा तिरंगा शान से ❤️
कबड्डी में गोल्ड जीतने की बहुत बहुत बधाई !
भारत को तुम पर गर्व है

[Sports, asian games, kabaddi, ashok kumar, IPS, Gold Medal, Win]

26/09/2026

IIT आकर पता चला कि इंजीनियर नहीं बन सकता

24/09/2026

पूरे पुलिस करियर में मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
#

Address

Dehra Dun

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ashok Kumar IPS posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Ashok Kumar IPS:

Shortcuts

Share