Uttarakhand Science Education and Research Centre - USERC

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Uttarakhand Science Education and Research Centre - USERC USERC is dedicated to motivating and developing academicians and students through its involvement in teaching and training students for research in science

Uttarakhand Science Education and Research Centre (USERC) was setup in 2005 by the Department of Science and Technology, Government of Uttarakhand as an autonomous organization. It was created with the mandate to bolster scientific temperament in Uttarakhand. To this end, it has been making intensive, across-the-board efforts to support education and promote career prospects in the realms of Science and Technology. USERC is dedicated to motivating and developing academicians and students through its involvement in teaching and training students for research in science and technology, including computing. A large part of Uttarakhand consists of difficult to very difficult terrain and includes fragile ecosystems that cannot be disturbed due to ecological constraints. This has led to the state being unable to fully adopt the traditional approach for pursuing the goal of economic growth and development. Consequently, Uttarakhand lags behind many other parts of the country in the quest for growth and development. In this milieu, inculcation and nurturing of scientific temperament and technological savviness is crucial for the state being able to progress on the path of economic growth and development. USERC works towards creating the necessary infrastructure and developing meaningful programmes for the state by extensively interacting and collaborating with national and international institutions and experts. The Centre is developing a synergetic network with many academic institutions located in the state and outside. It is also conducts various outreach programmes and co-curricular activities for reaching out to the community, all across the state.

Witness the Magic of the Sky!Join us for an unforgettable night under the stars at the 𝗧𝗼𝘁𝗮𝗹 𝗟𝘂𝗻𝗮𝗿 𝗘𝗰𝗹𝗶𝗽𝘀𝗲 𝗲𝘃𝗲𝗻𝘁 🌌🔭📍 Reg...
06/09/2025

Witness the Magic of the Sky!
Join us for an unforgettable night under the stars at the 𝗧𝗼𝘁𝗮𝗹 𝗟𝘂𝗻𝗮𝗿 𝗘𝗰𝗹𝗶𝗽𝘀𝗲 𝗲𝘃𝗲𝗻𝘁 🌌🔭
📍 Regional Science Centre, UCOST, Dehradun
🗓️ September 7, 2025 | ⏰ 7:00 PM – 1:00 AM
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PMO India Uttarakhand DIPR NITI Aayog Department of Science and Technology, Government of India

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (USERC) तथा सोसायटी ऑफ पॉल्यूशन एंड एनवायरनमेंटल कंजर्वेशन साइंटिस्ट्स के...
18/05/2025

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (USERC) तथा सोसायटी ऑफ पॉल्यूशन एंड एनवायरनमेंटल कंजर्वेशन साइंटिस्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (USERC), की निदेशक प्रोफेसर डॉ अनीता रावत ने कहा कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बच्चों की गतिविधियों में शामिल करना उनके समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हाथों से कुछ बनाना और प्रयोग करना न केवल उनकी सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाता है, बल्कि समस्या सुलझाने, तार्किक सोच और रचनात्मकता जैसी जरूरी क्षमताओं को भी विकसित करता है। जब बच्चे रोबोट बनाते हैं या उन्हें प्रोग्राम करते हैं, तो वे विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और कौशल सीखते हैं। ऐसे प्रोजेक्ट अक्सर समूह में किए जाते हैं, जिससे सहयोग और संवाद करने की क्षमता भी बढ़ती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (USERC), के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ ओपी नौटियाल ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भविष्य में रोबोटिक्स एवं ए.आई. प्रोजेक्ट्स में उपयोग किया जा सकेगा। इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती है।

कार्यशाला में देहरादून के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया और आधुनिक विज्ञान व तकनीक से जुड़े विषयों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई।

फूल चंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज, देहरादून की छात्राओं ने कार्यशाला में रोबोटिक्स के सिद्धांत, माइक्रोकंट्रोलर, विभिन्न सेंसर, और कोडिंग से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया। छात्राओं ने अपने हाथों से ऑब्स्टेकल डिटेक्शन रोबोट, वायर्ड रोबोट तथा वॉयस कंट्रोल रोबोट बनाए और उन्हें संचालित भी किया। इस अनुभव ने उन्हें तकनीकी सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में शांति बिष्ट उपप्रधानाचार्य, सुषमा कोहली, मास्टर ट्रेनर सचिन शर्मा एवम अशोक कुमार उपस्थित रहे।

श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धर्मपुर के छात्रों ने ISRO स्पेस ट्यूटर राघव शर्मा से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। श्री शर्मा ने छात्रों को ए.आई. की कार्य प्रणाली, कोडिंग तकनीक और प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की उभरती तकनीकों से जोड़ना और उनमें नवाचार की भावना जागृत करना है। सबसे अहम बात यह है कि रोबोटिक्स और AI का प्रारंभिक परिचय बच्चों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करता है। इस तरह की गतिविधियाँ न केवल सीखने को आनंददायक बनाती हैं, बल्कि बच्चों को एक सक्षम और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर भी अग्रसर करती हैं।उन्होंने कई छोटे छोटे उदाहरणों के माध्यम से अपनी बात को समझाने का प्रयास किया।
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, हरबर्टपुर के छात्रों ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेंसर आधारित सर्किट्स बनाना सीखा।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और ऐसी और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना भी साझा की गई।

यूसर्क की निदेशक प्रो. (डॉ) अनीता रावत द्वारा माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से राजभवन में शिष्टाचा...
03/05/2025

यूसर्क की निदेशक प्रो. (डॉ) अनीता रावत द्वारा माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की गयी।

निदेशक प्रो. (डॉ) अनीता रावत ने माननीय राज्यपाल महोदय को उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा। प्रोफेसर रावत ने राज्य में विज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यूसर्क द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप  डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत...
02/05/2025

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत "प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन एवं वर्मी कंपोस्ट" विषय पर साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए यूसर्क एग्रो इकोलॉजी इंटरप्रैन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर के अंतर्गत "प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन एवं वर्मी कंपोस्ट" विषय पर आयोजित 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जे. एम. एस. राणा ने यूसर्क की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आपके लिए बहुत बड़ा अवसर है। टिश्यू कल्चर आज की बहुत बड़ी तकनीक है। और यह बहुत सरल भी है। आज के विज्ञान की भाषा में इसे "गार्डनर टेक्नोलॉजी" कहते हैं। कोई भी माली, जो अपने परिवेश के प्रति सजग हो, वह इस तकनीक को कर सकता है। लेकिन इस तकनीक के प्रभाव देखिए, आप ऐसे पौधों को बचा सकते हैं जिनके बीज नहीं होते। रेड डाटा बुक में गए पौधों को फिर से उगाया जा सकता है। आप सोचिए, इसकी कितनी विशाल संभावनाएं हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसका कितना उपयोग करना चाहते हैं। उन्होंने मशरूम पर बात करते हुए कहा कि बाजार में मशरूम 50 से 100 रुपये प्रति किलो मिलती है। लेकिन कुछ मशरूम हजारों से लाखों रुपये प्रति किलो बिकती हैं। जो लोग मशरूम की न्यूट्रिशन, मेडिसिनल एप्लिकेशन और अन्य संभावनाएं समझते हैं, उनके लिए आसमान भी सीमा नहीं है।

प्रो. राणा ने कहा आपने तीसरा प्रशिक्षण वर्मी तकनीक का लिया, गांवों में लोग 20-25 किलो की रिंगाल की टोकरी भरकर खेत में डालते हैं। लेकिन बर्मीज़ के साथ आप वही पोषण हाथ के बैग से खेत में पहुंचा सकते हैं। आपको केवल इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना है।

यूसर्क की निदेशक प्रो. (डॉ.) अनीता रावत ने यूसर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आपकी सफलता और उज्ज्वल भविष्य के नए मार्ग प्रशस्त करेगा। इस प्रकार के प्रशिक्षण आपके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को व्यापक बनाएंगे, और आपके कौशल का विकास करेंगे।

कार्यक्रम में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए यूसर्क का धन्यवाद अदा किया, और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी, सतत कृषि एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के दौरान एफआरआई, देहरादून की वैज्ञानिक डॉ. मोनिका चौहान ने प्रशिक्षुओं को प्लांट टिश्यू कल्चर, टैक्जीन के सीनियर वैज्ञानिक प्रशांत कुमार चौधरी ने मशरूम स्पॉन उत्पादन, एनजीपी मृदा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर गौरव सुयाल ने वर्मी कम्पोस्ट से संबंधित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इन विषयों में संभावनाओं, तकनीकी चुनौतियों और समाधान पर गहराई से प्रकाश डाला। साथ ही प्रयोगशाला में प्रशिक्षणार्थियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग कराई।

अतिथियों द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किये। कार्यशाला में बी.एल.जे. राजकीय पीजी कॉलेज पुरोला, उत्तरकाशी से 7, डी.ए.वी. (पी.जी.) कॉलेज, देहरादून से 2, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय से 7, दून विश्वविद्यालय से 4 प्रशिक्षणार्थी सहित कुल 20 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआईएमएस कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल के प्रधानाचार्य डॉ. के. एस. नेगी, यूसर्क एग्रो इकोलॉजी इंटरप्रैन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर सीआईएमएस एंड आर देहरादून के केन्द्र समन्वयक डॉ. रंजीत कुमार सिंह, सह सहमन्वयक डॉ. दीपिका विश्वास, कमल जोशी एवं सीआईएमएस के शिक्षक गण उपस्थित रहे।

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी इंटरप्रैन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत ...
30/04/2025

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी इंटरप्रैन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत "प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन एवं वर्मी कंपोस्ट" विषय पर साप्ताहिक प्रशिक्षण के तृतीय दिवस में आज दिनांक 30 अप्रैल 2025 को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) जगमोहन सिंह राणा ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के महत्व के बारे में बताया और कहा कि ये प्रशिक्षण उनके कौशल विकास में वृद्धि करेगा, स्वरोजगार की दिशा में उनके करियर को भी दिशा प्रदान करेगा।

आज के प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा "मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन" की विधियों को बताया गया।

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप  डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत...
28/04/2025

यूसर्क द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए "यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर" के अंतर्गत "प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन एवं वर्मी कंपोस्ट" विषय पर साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा सीआईएमएस, देहरादून में स्थापित किए गए यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर के अंतर्गत आज दिनाँक 28 अप्रैल 2025 को "प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पाॅन प्रोडक्शन एवं वर्मी कंपोस्ट" विषय पर साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सीआईएमएस, देहरादून के सभागार में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में यूसर्क की निदेशक प्रो. (डॉ.) अनीता रावत ने यूसर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की। प्रोफेसर रावत ने बताया कि यह प्रशिक्षण हमारी पूर्व में आयोजित श्रृंखलाओं का ही एक भाग है जो आपकी सफलता और उज्ज्वल भविष्य के नए मार्ग प्रशस्त करेगा। मुझे विश्वास है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण आपके दृष्टिकोण का विस्तार करेंगे, आपकी सोच को व्यापक बनाएंगे, समस्याओं को देखने की नई समझ देंगे, और आपके कौशल का विकास करेंगे।

यूसर्क ने विगत चार वर्षों में 77 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं, और यह 78वां प्रशिक्षण है। हम उत्तराखंड राज्य में इस प्रकार के मुफ्त हैंड्स-ऑन प्रशिक्षणों के अग्रदूत रहे हैं।

प्रोफेसर रावत ने बताया कि यूसर्क ने प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में 12 उद्यमिता विकास केंद्र (Entrepreneurship Development Centers) भी स्थापित किए हैं।

यूसर्क द्वारा विज्ञान के मूल विषयों से लेकर उन्नत विज्ञान जैसे आणविक जीव विज्ञान, डीएनए अनुक्रमण और बायोइनफॉर्मेटिक्स तक के प्रशिक्षण आयोजित कर रहे हैं। इन प्रशिक्षणों में 60% विद्यार्थी पहाड़ी क्षेत्रों से और 40% मैदानों से आते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जिन विद्यार्थियों के पास संसाधनों और अवसरों की कमी है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। अब तक यूसर्क ने लगभग 3600 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है। आज भी, हमारे प्रशिक्षणों में लगभग 80% छात्राएँ और 20% छात्र हैं। यह इस बात का संकेत है कि लड़कियाँ भी चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बी.एल.जे. गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, पुरोला, उत्तरकाशी से 7, डी.ए.वी. (पी.जी.) कॉलेज, देहरादून से 2, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय से 7, दून विश्वविद्यालय से 4 प्रशिक्षणार्थी सहित कुल 20 विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं।

कार्यक्रम में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने अतिथियों एवं विभिन्न जनपदों से आए प्रशिक्षणार्थियों का कॉलेज परिसर में स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए यूसर्क का धन्यवाद किया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एफआरआई, देहरादून की वैज्ञानिक डॉ. मोनिका चौहान ने प्रशिक्षुओं को प्लांट टिश्यू कल्चर, मशरूम स्पॉन उत्पादन एवं वर्मी कम्पोस्ट से संबंधित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआईएमएस कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल के प्रधानाचार्य डॉ. के. एस. नेगी, यूसर्क एग्रो इकोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेन्टर सीआईएमएस एंड आर देहरादून के केन्द्र समन्वयक डॉ. रंजीत कुमार सिंह, सह सहमन्वयक डॉ. दीपिका विश्वास, कमल जोशी एवं सीआईएमएस के शिक्षक गण उपस्थित रहे।

यूसर्क एवं ओहो रेडियो द्वारा OHO Hill यात्रा के  सीजन 4 का समापन कार्यक्रम  मुख्यमंत्री आवास देहरादून में  आयोजित किया ग...
24/04/2025

यूसर्क एवं ओहो रेडियो द्वारा OHO Hill यात्रा के सीजन 4 का समापन कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आयोजित किया गया l

इस यात्रा में सहयोगी संस्था के रूप में उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा विज्ञान चेतना यात्रा का आयोजन किया गया l

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा प्रतिभाग किया गया l उन्होंने इस अभिनव यात्रा के लिए OHO रेडियो और सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी एवं प्रदेश के स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्र एवं राज्य के भविष्य निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करने के लिए इस यात्रा की सराहना की l उन्होंने कहां की भविष्य में इस प्रकार की यात्राओं के सुखद परिणाम आएंगे l

कार्यक्रम में यूसर्क की निदेशक प्रोo(डॉo) अनीता रावत ने बताया कि इस यात्रा के अंतर्गत राज्य के 13 जनपदों में स्थित विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के मध्य विषय विशेषज्ञ द्वारा वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया है l यात्रा का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में विज्ञान शिक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है l

कार्यक्रम का समन्वयन आर. जे. काव्या द्वारा किया गया l कार्यक्रम में मुख्य रूप से महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक बी. आई. एस श्री सौरभ तिवारी, श्री रवि भटनागर डिटॉल इंडिया, श्री ललित जोशी, श्री हरिओम चौधरी, डॉ.ओम प्रकाश नौटियाल, डॉ. राजेन्द्र सिंह राणा, ई. ओम जोशी सहित राज्य के विभिन्न स्कूलों से आए 400 से अधिक शिक्षक गणों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभा किया गया l

USERC निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अनिता रावत ने 24 अप्रैल 2025 को "International Girls in ICT Day" पर आकाशवाणी देहरादून के विश...
24/04/2025

USERC निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अनिता रावत ने
24 अप्रैल 2025 को "International Girls in ICT Day" पर आकाशवाणी देहरादून के विशेष कार्यक्रम "नमस्कार देहरादून" में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने आईसीटी में Girls की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया।

"यूसर्क द्वारा प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में स्थापित"यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों" में विश्व पृथ्वी दिवस 2025 के अवस...
24/04/2025

"यूसर्क द्वारा प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में स्थापित"यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों" में विश्व पृथ्वी दिवस 2025 के अवसर पर विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन"

इन कार्यक्रमों के अंतर्गत यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्र के विद्यार्थियों ने अपने-अपने विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों जैसे पौधारोपण कार्यक्रम, विगत वर्ष लगाए गए पौधों का स्वच्छता अभियान, विद्यालय परिसर में तथा परिसर के बाहर स्वच्छता अभियान, पर्यावरण आधारित ड्राइंग पेंटिंग कंपटीशन, पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता इत्यादि विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया गया।

संबंधित विज्ञान चेतना केंद्र के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों का विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर मार्गदर्शन किया । विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अनीता रावत ने आनलाइन माध्यम से विभिन्न विज्ञान चेतना केंद्रों के विद्यार्थियों को पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प दिलाया । उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए जल संरक्षण करने, पौधारोपण करने, ऊर्जा संरक्षण करने के साथ ही पॉलीथिन प्लास्टिक कचरा से अपने पर्यावरण को बचाने का आह्वान किया।

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज नंदानगर चमोली, जनता इंटर कॉलेज कमलापुर संगला कोटी पौड़ी, श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर देहरादून, बी. एल. एस. राजकीय बालिका इंटर कॉलेज एंचोली पिथौरागढ़, इंटर कॉलेज सुर्खेत पौड़ी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पुरोला उत्तरकाशी आदि विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का सुंदर आयोजन किया गया।

"यूसर्क द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान एवं यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों म...
22/04/2025

"यूसर्क द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान एवं यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों में विश्व पृथ्वी दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन"

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) देहरादून द्वारा आज दिनांक 22 अप्रैल 2025 कोविश्व पृथ्वी दिवस पर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अनीता रावत ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पृथ्वी का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है । प्रोफेसर रावत ने कहा कि हमें अपनी परंपरागत विज्ञान आधारित परंपराओं से जुड़ते हुए पृथ्वी का संरक्षण करना होगा । आज जलवायु परिवर्तन एवं मानवीय गतिविधियों के कारण बदली हुई पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक "Holistic Approach" से आगे बढ़ने की आवश्यकता है जिससे आने वाले समय में न केवल पृथ्वी का संरक्षण होगा बल्कि इस पर निवास करने वाले जीव जंतुओं और मनुष्य मात्र का जीवन भी सुरक्षित हो सकेगा। प्रोफेसर रावत ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति प्रेम आधारित जीवन पद्धति ही हमारे आने वाले भविष्य को सुखमय और सुरक्षित बन सकती है इसलिए हम सभी को अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करना पड़ेगा तभी पर्यावरण और पृथ्वी का सही अर्थों में संरक्षण हो सकेगा। प्रोफेसर रावत ने बताया की यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों में विश्व पृथ्वी दिवस कार्यक्रमों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किया जा रहा है।

यूसर्क वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने विश्व पृथ्वी दिवस 2025 की थीम "अवर पावर, अवर प्लेनेट" विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने प्रकृति के पंचमहाभूतों के संरक्षण के साथ ही ऊर्जा संरक्षण विषय पर विस्तार से पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को समझाया। डॉ. शर्मा ने ऊर्जा के नवीकरणीय एवं गैर-नवीकरणीय स्रोतों पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को अपनाए जाने पर विशेष बल दिया जिससे न केवल पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है बल्कि आने वाले समय में ऊर्जा की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ विगत 10 वर्षों में सौर ऊर्जा आधारित भारत की समृद्धता पर आंकड़ों के माध्यम से बताया तथा पानी बचाने, पेड़ लगाने, और पॉलिथीन हटाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने "हरित घर" आधारित अवधारणा पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ ओमप्रकाश नौटियाल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए
विश्व पृथ्वी दिवस के इतिहास तथा इसको मनाए जाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण आधारित कार्यों को करने पर बल दिया तथा विभिन्न गतिविधियों से उत्पन्न होने वाली हानिकारक गैसों से बचाव हेतु व्यापक वृक्षारोपण कार्यों को करने पर प्रकाश डाला।

वैज्ञानिक डॉ मंजू सुंदरियाल ने प्रकृति में जैव विविधता के संरक्षण के साथ ही इकोसिस्टम सर्विसेज पर प्रकाश डाला तथा एक पेड़ की वास्तविक कीमत को समझाया।

वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह राणा ने कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उपस्थित सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों तथा यूसर्क स्टैम प्रयोगशालाओं के 25 से अधिक विद्यालयों के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग करने के साथ ही जिज्ञासा समाधान भी प्राप्त किया गया। यूसर्क के सभी वैज्ञानिकों के साथ-साथ यूसर्क के इंजीनियर उमेश जोशी, ओम प्रकाश, राजदीप जंग आदि के द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।

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Dehra Dun
248001

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