31/03/2026
राज्य-विशिष्ट कृषि चुनौतियों के समाधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एग्री स्टार्टअप प्रोग्राम शुरू
कृषि नवाचार को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेतु आयोग ने कृषि विभाग, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गेट्स फाउंडेशन और सोशल अल्फा के साथ मिलकर राज्य में एक महत्वाकांक्षी एग्री स्टार्टअप प्रोग्राम शुरू किया है।
इस पहल का उद्देश्य राज्य-आधारित एग्री स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है, जो नई तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान कर सकें। यह कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि विकास को मजबूत करने में मदद करेगा।
23 मार्च को इस कार्यक्रम के लिए एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सेतु आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने की। इस बैठक में जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनमोहन सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।
श्री राज शेखर जोशी ने बैठक में उत्तराखंड में कृषि और बागवानी में तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया ताकि उत्पादकता बढ़ाई जाए। श्री चौहान जी ने इस अभियान में पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और अन्य साझेदार संस्थाएं भी शामिल हुईं। चर्चा के दौरान जलवायु परिवर्तन, बाजार तक पहुंच, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैल्यू चेन विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया।
साथ ही, स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और नीतिगत सहयोग पर भी जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम का लक्ष्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां स्टार्टअप्स, सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर काम करें और उपयोगी समाधान विकसित करें। खासतौर पर युवा उद्यमियों, एग्री-टेक इनोवेटर्स और ग्रामीण उद्यमों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार के जरिए रोजगार बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
यह कार्यक्रम सोशल अल्फा के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित होगा। चयनित स्टार्टअप्स को भारत एग्रो इनोवेशन नेटवर्क के जरिए अन्य राज्यों में भी अपने समाधान लागू करने का अवसर मिलेगा।
Raj S Joshi| Gates Foundation India| G.B. Pant University of Agriculture & Technology, Pantnagar, Uttrakhand| Uttarakhand DIPR
23/03/2026
हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026 (HHIS 2026) का सफल आयोजन 19 मार्च 2026 को देहरादून में किया गया। यह समिट सेतु आयोग, उत्तराखंड और Veloxx Media के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ, जिसमें सेतु आयोग ने नीति से जुड़े विषयों और समिट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस समिट में नीति-निर्माता, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ, शैक्षणिक संस्थान और नए विचारों पर काम करने वाले लोग एक साथ आए। चर्चा का मुख्य फोकस यह रहा कि नीतियों को जमीन पर कैसे उतारा जाए। खास तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, डॉक्टरों और स्टाफ की कमी, डिजिटल हेल्थ, आपदा के समय तैयारी, और पहाड़ी क्षेत्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। इन चर्चाओं के आधार पर सेतु आयोग ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्राथमिकताएँ भी तय कीं।
समिट के उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए मजबूत, सुलभ और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने खास तौर पर अंतिम छोर तक सेवाएँ पहुँचाने और हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सेतु आयोग से यह भी कहा कि समिट में निकले सुझावों को ठोस और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महानिदेशक डॉ. सुनीता तम्टा भी उपस्थित रहीं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सुधार के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत दिखी। समिट में विभिन्न राज्यों और संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
समिट का एक प्रमुख आकर्षण “हिमालयन हेल्थकेयर हीरोज अवॉर्ड्स 2026” रहा, जिसमें दूर-दराज़ और वंचित क्षेत्रों में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
सेतु आयोग के लिए यह समिट एक महत्वपूर्ण कदम रहा, जिसके माध्यम से एक बेहतर, तथ्य आधारित और लागू करने योग्य स्वास्थ्य योजना की दिशा तय की गई। आगे भी सेतु आयोग नए और प्रभावी मॉडल विकसित करने और हिमालयी राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रयास करता रहेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
Raj S Joshi| Lt Gen Gurmit Singh| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| Veloxx Media
20/03/2026
गांव सशक्त, उत्तराखंड सशक्त
नकोट, टिहरी में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना की गई — जो ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं, आजीविका अवसरों और सरकारी योजनाओं की पहुंच को मजबूत करेगा।
नकोट, टिहरी में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की शुरुआत उत्तराखंड में ग्रामीण विकास को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक अहम कदम है। इसे Rallis India Limited के सहयोग से और Aarti Foundation (IIT रुड़की) के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। यह एक ऐसा मॉडल है जो तकनीक और विभिन्न विभागों के तालमेल के साथ गांवों में सेवाएं पहुंचाने का काम करता है।
यह केंद्र लोगों तक सीधे सेवाएं पहुंचाने, उन्हें सक्षम बनाने और जोड़ने के लिए बनाया गया है:
1) घर के पास डिजिटल सरकारी सेवाएं
2) रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर
3) सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ तक पहुंच
4) समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल का मंच
पहाड़ी राज्यों के संदर्भ में ऐसे मॉडल बहुत जरूरी हैं, क्योंकि ये:
➡ अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाते हैं
➡ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनाते हैं
➡ मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करते हैं
➡ पंचायत संस्थाओं को मजबूत बनाते हैं
SETU Aayog के माननीय उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने कहा कि ISVC को सिर्फ एक इमारत के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में देखना चाहिए जो गांवों में शासन, सेवाएं, कौशल और रोजगार को एक साथ लाता है। उन्होंने बताया कि तकनीक और बेहतर तालमेल के जरिए यह मॉडल अंतिम छोर तक सेवाओं की कमी को पूरा कर सकता है और लोगों को अपने ही क्षेत्र में अवसर उपलब्ध करा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक राज्य में स्थानीय स्तर पर, तकनीक आधारित और समुदाय की भागीदारी वाले मॉडल बहुत जरूरी हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें, सेवाओं तक पहुंच बढ़ाएं और पलायन जैसी समस्याओं को कम करें। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों, निजी क्षेत्र और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर इस मॉडल को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
2026 तक 16 ISVC केंद्र शुरू करने के लक्ष्य के साथ, यह पहल उत्तराखंड में समावेशी, टिकाऊ और मजबूत ग्रामीण विकास का एक सफल और बड़े स्तर पर लागू होने वाला मॉडल बन सकती है।
Raj S Joshi| Rallis India Ltd.| AARTI - Automotive and Allied Research and Technology Innovations | State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR
#ग्रामीणविकास #डिजिटलसेवाएं #स्मार्टविलेज #उत्तराखंड
02/03/2026
कनवाड़ ग्राम पंचायत, पाटी ब्लॉक, चम्पावत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) स्थापित
चम्पावत, उत्तराखंड | 25 फरवरी 2026
25 फरवरी 2026 को SETU Aayog ने पंचायती राज विभाग और Aarti Foundation के सहयोग से तथा Ralis के वित्तीय सहयोग से चम्पावत की पहाड़ियों में स्थित कनवाड़ ग्राम पंचायत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना की।
यह सेंटर एक तकनीक-आधारित “कन्वर्जेंस प्लेटफॉर्म” के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य गांव के लोगों को डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और अन्य विकास संसाधनों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। यह ग्राम स्तर पर एक सुविधा केंद्र के रूप में काम करेगा, जहां शासन व्यवस्था, तकनीक और समुदाय मिलकर कार्य करेंगे।
कनवाड़ में आयोजित कार्यक्रम में माननीय उपाध्यक्ष, SETU आयोग, श्री राज शेखर जोशी ने कहा:
“ISVC पहल के माध्यम से हम एक ऐसा मॉडल शुरू कर रहे हैं जो शासन, तकनीक और समुदाय की भागीदारी को एक साथ जोड़ता है। मेरा मानना है कि यह केंद्र केवल एक भवन या सुविधा नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक आधारित और विकेन्द्रीकृत सेवा व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने पंचायती राज विभाग, Ralis और आरती फाउंडेशन (IIT रुड़की) के सहयोग की सराहना की और ग्राम प्रधान, समुदाय के सदस्यों तथा SRLM प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस केंद्र के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सेंटर पर उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:
• आजीविका सुधार के लिए तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन
• डिजिटल सेवाएं और ऑनलाइन सरकारी सुविधाएं
• सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी व सहायता
• कौशल विकास और रोजगार मार्गदर्शन
• बच्चों और युवाओं के लिए शैक्षणिक एवं डिजिटल साक्षरता सहयोग
• समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय
ISVC मॉडल का उद्देश्य गांवों में डिजिटल दूरी को कम करना और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाना है, जिससे पंचायती राज संस्थाओं को तकनीक से जोड़ा जा सके।
रणनीतिक रूप से यह पहल गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने वाली है। बेहतर सेवा पहुंच, कौशल आधारित आजीविका और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से यह केंद्र आय बढ़ाने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन कम करने में सहायक होगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक आधारित इस संरचित सुविधा मंच की स्थापना यह दिखाती है कि सही समन्वय और डिजिटल शासन के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। यह मॉडल उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकने वाला एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
Raj S Joshi| Rallis India Ltd.| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| Department of Panchayati Raj, Uttarakhand| AARTI - Automotive and Allied Research and Technology Innovations
27/02/2026
24 फरवरी 2026 को पंचायत घर, नौधा (कोटाबाग ब्लॉक), नैनीताल में स्मार्टपुर सेंटर का शुभारंभ
नैनीताल, उत्तराखंड | 24 फरवरी 2026
नौधा ग्राम पंचायत में स्मार्टपुर सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह पहल Nokia CSR के सहयोग से तथा REACHA द्वारा संचालित की जा रही है। इसे SETU Aayog के इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) मॉडल से जोड़ा गया है। यह पहल पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड सरकार और Uttarakhand State Rural Livelihoods Mission (UKSRLM) के सहयोग से संचालित की जा रही है।
यह सेंटर गांव स्तर पर एक सुविधा एवं अभिसरण (कन्वर्जेन्स) केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां नागरिकों को डिजिटल सेवाएं, आजीविका के अवसर तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे।
मुख्य उद्देश्य:
* डिजिटल पहुंच और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
* रोजगार और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना
* बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना
* बच्चों और युवाओं को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना
* गांव स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना
यह पहल ग्राम पंचायत नौधा, REACHA, SETU आयोग और Nokia के संयुक्त सहयोग का परिणाम है।
रणनीतिक दृष्टि से, स्मार्टपुर सेंटर गांव के सामाजिक-आर्थिक विकास का उत्प्रेरक (कैटलिस्ट) सिद्ध होगा। यह अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करेगा, लोगों को सरकारी अधिकारों और योजनाओं तक पहुंच आसान बनाएगा तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इससे ग्रामीण सेवा की कमी दूर होगी, आय के स्रोत बढ़ेंगे और स्थानीय शासन अधिक प्रभावी बनेगा।
REACHA की वर्ष 2026 में उत्तराखंड में 14 स्मार्टपुर सेंटर स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों को ISVC ढांचे से एकीकृत करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह पहल एक मानकीकृत और सुव्यवस्थित मॉडल के तहत संचालित हो। इससे राज्य की अन्य दूरस्थ ग्राम पंचायतों में भी इस मॉडल का सुनियोजित विस्तार और पुनरावृत्ति संभव होगी।
माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने इस अभिसरण मॉडल को CSR निधियों के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बताया, जो नवाचार, स्थायित्व और दीर्घकालिक विकास प्रभाव को गति देता है। यह सेंटर विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और वंचित परिवारों के लिए लाभकारी होगा तथा आसपास की ग्राम पंचायतों के लिए सामाजिक-आर्थिक विकास का केंद्र बनेगा।
Raj S Joshi| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| REACHA|