01/01/2026
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (UCF) की ओर से आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह नया वर्ष सहकार, सहभागिता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सतत प्रगति का मार्ग प्रशस्त करे।
हम कामना करते हैं कि आने वाला वर्ष विश्वास, एकता और परस्पर सहयोग को और सुदृढ़ करते हुए समाज एवं प्रदेश के समग्र विकास के नए आयाम स्थापित करे।
नववर्ष २०२६ आप सभी के लिए मंगलमय एवं प्रेरणादायक हो।
– उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (UCF)
22/09/2025
*उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ बाजार में उतारेगा बोतलबंद पानी 'हिमाला जल': डॉ धन सिंह रावत*
*सहकारी संघ को दिया 3 हजार करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य*
*कहा, बायो फर्टिलाइजर, फिनायल इकाई सहित 500 सहकारी क्रय केंद्र खुलेंगे*
देहरादून, 18 सितम्बर 2025
उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की व्यापारिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाकर 3 हजार करोड़ सालाना टर्नओवर का लक्ष्य रखा गया है। अपनी व्यावसायिक योजना के तहत सहकारी संघ शीघ्र ही बाजार में अपना बोतलबंद पानी लांच कर रहा है,जो 'हिमाला जल' नाम से बेचा जायेगा। इसके अलावा सहकारी संघ विभिन्न निर्माण इकाइयों की स्थापना के साथ ही प्रदेशभर में 500 सहकारी क्रय केंद्र स्थापित करेगा।
यह बात प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ द्वारा निरंजनपुर सहकारी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित सहकारी सम्मेलन में कही। “आर्थिक व्यवहार और सहकारी संस्थाएँ” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ वर्तमान में 500 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ राज्य की शीर्ष सहकारी संस्था है, और संघ ने अब 3 हजार करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य तय किया है। इसके लिये संघ ने प्रदेशभर में नई व्यापारिक गतिविधियों का संचालन करेगा। इसके तहत सहकारी संघ जल्द ही हरिद्वार जनपद में मिनरल वाटर प्लांट की स्थापना करेगा और बाजार में 'हिमाला जल' नाम से बोतलबंद पानी लांच करेगा। इसके अलावा ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइज़र निर्माण व फिनाइल उत्पादन इकाई की भी स्थापना की जायेगी। साथ ही प्रदेशभर में 500 सहकारी क्रय केंद्रों की स्थापना की भी योजना है। डॉ रावत ने कहा कि इन क्रय केंद्रों में किसानों को उनके अनाज, फल एवं सब्जियों का उचित मूल्य सीधे गाँव स्तर पर उपलब्ध होगा। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाने का लक्ष्य है
डॉ. रावत ने कहा कि नवरात्रों में 100 करोड़ रुपये की नई व्यवसायिक योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती से बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का कार्य चल रहा है। इसके अलावा पहाड़ी कृषि उत्पाद—लाल चावल, कौणी, झंगोरा, मंडुवा और मिलेट्स की ब्रांडिंग कर “लोकल से ग्लोबल” बाजार में स्थानीय उत्पादों को पहुंचाया जा रहा है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेश आनंद शुक्ल ने कहा कि माननीय मंत्री जी के मार्गदर्शन में संघ को 3000 करोड़ की संस्था बनाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया जाएगा।
इस अवसर पर बिजनेस डेवलपमेंट योजनाओं पर तीन शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुतियाँ प्रदर्शित की गईं।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष श्री मातवर सिंह रावत, श्री प्रदीप चौधरी, श्री उमेश त्रिपाठी, अनुपम कौशिक (प्रबंध निदेशक NCEL), श्री जे.पी. सिंह (BBCL),संयुक्त निबंधक श्री नीरज बेलवाल, सहायक निबंधक श्री राजेश चौहान, श्रीमती मोनिका चुनेरा, प्रबंधक श्री त्रिभुवन रावत, जीएम रेशम फेडरेशन श्री मातवर कंडारी सहित गढ़वाल मंडल से सैकड़ों की संख्या में सहकारबंधु एवं संघ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ल द्वारा किया गया।
*बॉक्स*
*किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए योजनाएँ*
डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक महिलाओं को बिना गारंटी के 21,000 रुपये का ऋण एक वर्ष के लिए 0% ब्याज दर पर उपलब्ध कराएगा। समय पर भुगतान करने पर अगले वर्षों में यह सीमा बढ़कर 51,000 और 1,00,000 रुपये तक हो जाएगी। इसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों को भारत दर्शन और चारधाम यात्रा हेतु 21,000 रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। मेधावी विद्यार्थियों को एमबीबीएस एवं तकनीकी शिक्षा के लिए कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण राष्ट्रीय बैंकों से दिलाने की योजना है।
*राज्य में लगेंगे सहकार मेले*
आगामी 3 अक्टूबर से 30 दिसम्बर तक राज्य के सभी 13 जनपदों में सात दिवसीय सहकारी मेले लगाये जायेंगे। इन मेलों के माध्यम से 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ना है। जिसके लिये सदस्यता पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से भी किया जाएगा।
*लाभार्थियों को बांटे चेक*
कार्यक्रम के दौरान जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के माध्यम से लाभार्थियों को चैक वितरित किये गये। जिसमें महिला सहायता समूह आनंद व लक्ष्य स्वयं सहायता समूह को तीन-तीन लाख, जबकि गंगा व जारा को एक-एक लाख तथा सरोज को तीन लाख का ब्याज रहित ऋण का चेक विभागीय मंत्री द्वारा वितरित किये गये।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष श्री मातवर सिंह रावत, श्री प्रदीप चौधरी, श्री उमेश त्रिपाठी, अनुपम कौशिक (प्रबंध निदेशक NCEL), श्री जे.पी. सिंह (BBCL) सहित संयुक्त निबंधक श्री नीरज बेलवाल, सहायक निबंधक श्री राजेश चौहान, श्रीमती मोनिका चुनेरा, प्रबंधक श्री त्रिभुवन रावत, जीएम रेशम फेडरेशन श्री मातवर कंडारी सहित गढ़वाल मंडल से सैकड़ों की संख्या में सहकारबंधु एवं संघ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
22/09/2025
राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।
देहरादून 17 सितम्बर, 2025*
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल श्री गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारतीय सहकारी समिति लिमिटेड और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ। इस समझौते ज्ञापन के माध्यम से न केवल बीज उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी बल्कि राज्य सहकारी समितियों और किसानों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ जो राज्य के कृषि उत्पादकों सहकारी समितियों और किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दो नवीन योजनाओं, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक की ऋण नीति एवं वाणिज्यिक अचल संपत्ति- आवासीय गृण ऋण नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जसपुर की फीकापार एमपैक्स को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंक लि0 मुख्य शाखा देहरादून को भी सम्मानित किया गया। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण भी किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का आंदोलन है। इसमें सभी का लाभ, सभी की भागीदारी और सभी की जिम्मेदारी निहित रहती है। भारतीय संस्कृति की इस धरा पर सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है। सहकारिता एक ऐसी क्रांति है, जो हमें सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दहलीज तक ले आई है और मुझे विश्वास है कि यह क्रांति बहुत शीघ्र साकार होगी।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ का भाव सहकारिता की आत्मा है। इसका अर्थ है- सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानकर सभी के हित में काम करना। आज जब संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय परंपराएँ इस वैश्विक दृष्टिकोण की आधारशिला रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे ‘महिला स्वयं सहायता समूह’ न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बने हैं, बल्कि उद्यमिता में भी नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। युवा भी अब स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पाद मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियाँ सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ आपूर्ति कर रही हैं। यह न केवल राज्य की सहकारिता की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा में योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता, मानव समाज का सबसे पुराना और कीमती सिद्धांत है। सहकारिता केवल संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य स्पर्धा नहीं अपितु आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के कार्य की शुरुआत उत्तराखण्ड से हुई है। प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। 13 जिलों की कुल 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे पारदर्शिता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 5 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारत में वैश्विक सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री ने सहकारिता को भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन पद्धति बताया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सहकार से समृद्धि को साकार करने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन किया। उन्होंने कहा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2 लाख लखपति दीदी बनी हैं, जिन्हें वर्ष 2026 तक 4 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रावत ने कहा कि यह देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।
निदेशक सहकारिता (केंद्र सरकार) श्री कपिल मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। सचिव सहकारिता डॉ. बी.वी.आर सी पुरुषोत्तम ने राज्य सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती श्री आनंद शुक्ल संयुक्त निबंधक श्री नीरज बेलवाल मंगला प्रसाद त्रिपाठी, सहित सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंकों के अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न जिलों से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और अन्य लोग उपस्थित।
Ministry of Cooperation, Government of India Narendra Modi Amit Shah Lt Gen Gurmit Singh
Pushkar Singh Dhami Dr Dhan Singh Rawat
23/08/2025
🌿✨ उत्तराखण्ड सहकारिता का नया अध्याय ✨🌿
सहकारिता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल…
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी ने आज देहरादून स्थित उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ (UCF) के निरंजनपुर परिसर का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर माननीय मंत्री जी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर यहाँ एक आधुनिक सहकारी परिसर (Modern Cooperative Complex) विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
यह प्रस्तावित परिसर किसानों, उद्यमियों एवं उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे पारदर्शी, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने का केन्द्र बनेगा।
इस निरीक्षण अवसर पर सहकारिता सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता - श्री मेहरबान बिष्ट,अपर निबंधक सहकारिता - श्री आनन्द शुक्ला एवं संघ के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
🌾 यह पहल उत्तराखण्ड की सहकारिता को नई ऊर्जा, नए आयाम और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर करेगी।
🙏 आइए, सहकारिता की इस शक्ति को मिलकर और आगे बढ़ाएँ।
#उत्तराखण्ड #सहकारिता #आधुनिकसहकारीपरिसर