स्वदेशी उत्पादों का उपयोग क्यों करें?
भारत की आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि के लिए स्वदेशी उत्पादों का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वदेशी उत्पाद न केवल हमारे देश के कारीगरों, किसानों और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाते हैं, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं। जब हम भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो हमारा पैसा देश के अंदर ही रहता है, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
विदेशी ब्रांड्स के उत्पाद अक्सर हमारी संस्कृति और पर्यावरण के अनुकूल नहीं होते, जबकि स्वदेशी सामान प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय तकनीक से बनाए जाते हैं। इसके अलावा, 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर है, फिर भी उनकी कीमतें सामान्य जनता के लिए सस्ती होती हैं।
स्वदेशी अपनाएं, देश को आगे बढ़ाएं!
• देश के धन को देश में ही रखें।
• छोटे उद्योगों और कारीगरों का समर्थन करें।
• रोजगार बढ़ाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाएं।
• प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों का संरक्षण करें।
आइए, हम सभी संकल्प लें कि भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को साकार करेंगे। "स्वदेशी है तो भरोसेमंद है!"
Bhartiyam - Swadeshi Utpad
Buying Swadeshi, Made in India products can help 130 crores Indians become change-makers. Eliminatin
17/10/2024
श्रीमान रूपक शर्मा जी , प्रांत धर्माचार्य सह सम्पर्क प्रमुख (विश्व हिंदू परिषद) दिल्ली प्रांत, को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ ! आपके जीवन में सदैव सुख, समृद्धि, खुशियाँ और सफलताएँ हमेशा बनी रहे।
15/09/2024
The Plus Approach Foundation (PAF) hosted its 10th Annual Conclave on Positive Thinking on 14th September 2024 at the India International Centre, New Delhi, under the mentorship of Dr. Ashutosh Karnatak, former CMD of GAIL India Ltd. With the theme "Yes I Can: Positive India," the event brought together over 250 distinguished participants from industry, social welfare, media, and literature to inspire and foster a culture of positivity across various sectors.
20/12/2023
https://youtu.be/UJanCgmpEk4?si=IB8AD-xfIG_pg3U0
PRS Delhi Team Gets A Facelift With Youth And Oldies Sarvesh Tiwari, a veteran communications and PR professional was elected as the Chairman of Public Relations Society Delhi at its 3rd Annual General Meeting ...
क्या हम भारतवासी ये शपथ ले सकते हैं कि इस बार भी हम दीपावली पर देश में बने मिट्टी के दीये और मूर्तियां ही खरीदेंगे, जिससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी बल्कि उन दीए और मूर्तियों को बनाने वालों की भी हम अच्छी दीपावली मनाने का अवसर देंगें जिन्होंने इतनी मेहनत से ये बनाएं हैं और हम आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होंगे। त्यौहारों को मनाने का वास्तव में एक उद्देश्य यही भी रहा है क्योंकि इनके जरिए हम व्यापार और लोक हस्त कलाकारों को आर्थिक तंत्र से जोडकर उनके लिए अतिरिक्त आमदनी का माध्यम तैयार करते हैं ।
स्वदेशी अपनाये , देश को आत्मनिर्भर बनाएं ।
14/09/2022
मन की भाषा, जन की भाषा, हिंदी है भारत के कण -कण की भाषा .....सभी देशवासियों और सभी हिंदी भाषी मित्रों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ...
11/09/2022
द्वारका पीठ एवं ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य परमपूज्य जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के ब्रह्मलीन होने का समाचार दुःखद है। उन्होंने 9 वर्ष की ही आयु में धर्म के लिए अपना घर त्याग दिया था।, पूज्य स्वामी करपात्री जी महाराज से वेद वेदांग आदि शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया। उनको हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका जाना सनातन धर्म और आध्यात्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करे और अनुयायियों को संबल दें। ॐ शान्ति ।
राष्ट्रीय विद्वत परिषद के तत्वावधान में श्रीपीठम द्वारा आयोजित 108 कुण्डिय महालक्ष्मी महायज्ञ में आज परम पूजनीय निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज और श्री श्री 1008 स्वामी कालीदास जी महाराज तथा माननीय बड़े दिनेश जी भाईसाहब (अंतरराष्ट्रीय संरक्षक- विश्व हिंदू परिषद) की दिव्य उपस्थिति रही और राष्ट्रीय विद्वत परिषद के मुख्य-प्रबंधक स्वामी ब्रह्मचारी महेश स्वरूप जी, अध्यक्ष आचार्य चंद्रमणि जी, महामंत्री श्री रूपक शर्मा जी द्वारा परम पूज्य निरंजन पीठाधीश्वर जी का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर हरियाणा के कमिश्नर IAS जयबीर सिंह जी, RSS के दिल्ली सह•प्रांत कार्यवाह श्री अनिल जी , RSS के सक्षम के प्रांत संगठन मंत्री श्री देवेंद्र जी , RSS के विभाग प्रचारक श्री सुबोध जी , RSS के विभाग कार्यवाह श्री छोटे दिनेश जी व अन्य समाजसेवियों व संतों व राजनेताओं तथा उद्योगपतियों की दिव्य उपस्थिति रही।।
योगेश शर्मा ( मीडिया प्रभारी )
राष्ट्रीय विद्वत परिषद
हम किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी भाषा या उसके पहनावे से नहीं कर सकते। भारत में अब मूल्यांकन की धारणा बदल रही है, आज के भारत में व्यक्ति का मूल्यांकन केवल उसके कार्यों और उसकी क्षमताओं से ही किया जाता है।
हमारा तिरंगा झंडा न केवल भविष्य के लिए एक विज़न है बल्कि भारत के समृद्ध और वैभवशाली अतीत के मूल्यों को भी दर्शाता है। जब हम हर घर तिरंगा पहल को एक जज्बे और एक जूनून के रूप में लोगों तक लेकर जाते हैं और मिलकर झंडा फहराते हैं, तो यही विचार हर भारतीय के ह्रदय में गूंजेगा और एक भारत -श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए हर नागरिक को शक्ति देगा।
आइए आजादी का अमृत महोत्सव मनाएं …
13 से 15 अगस्त हर घर तिरंगा फहराएं .
21/06/2022
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के हम सभी आभारी हैं, जिन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के उपहार योग को न केवल भारत में, बल्कि दुनिया में प्रतिष्ठित किया है।
आज 08वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनिया के 200 से अधिक देशों ने तन और मन की स्वस्थता के लिए इस योग पर्व को धूमधाम से मनाया । रोहिणी, सेक्टर 5, भागवत पार्क में भी सभी क्षेत्रवासियों ने मिलकर इस योग पर्व समारोह को सफलतापूर्वक मनाया।
कुवैत
राष्ट्र चिंतन का उत्कृष्ट उदाहरण
नबी के संदर्भ में की गई टिप्पणी/उल्लेख के प्रति कुवैत का रुख शेष मुस्लिम देशों जैसा ही था।
लेकिन, उसके देश में हिंदुस्तानी मुस्लिमों (हिंदू मुस्लमीन) द्वारा नबी के पक्ष में किया गया प्रदर्शन उसे इतना नागवार गुजरा कि सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर स्वदेश भेजा जा रहा है, वे कभी दुबारा कुवैत नहीं जा पाएंगे जबकि वे कुवैत के मत का ही समर्थन कर रहे थे।
लेकिन वे भूल गए कि यह कुवैत है।
यहां धर्म एवं राष्ट्र की अपनी स्पष्ट समझ है।
इसे कहते हैं, "राष्ट्र प्रथम".
राष्ट्र सर्वोपरि है, और इसे किसी भी प्रकार से चुनौती नहीं दी जा सकती, यह सिद्ध किया कुवैत ने।
कुवैत में विदेशी नागरिकों को धरना, विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है, इसे कानून/राष्ट्र को चुनौती के रूप में लिया जाता है।
उन मुसलमानों को लगा होगा कि कुवैत प्रसन्न होगा कि अपने ही देश (हिंदुस्तान) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, पीठ थप थपायेगा लेकिन उसने तो पीठ कूट दी/पेट पर ही लात मार दी।
कुवैत के इस व्यवहार को प्रत्येक राष्ट्र और राष्ट्रवादी सरकारों को समझने एवम अनुसरण करने की आवश्यकता है।
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