09/03/2022
घरेलू हिंसा
महिलाओं के प्रति हिंसा हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई है। घरेलू हिंसा का मतलब है घर की चार दीवारी के अंदर महिलाओं के साथ किया जाने वाला ऐसा व्यवहार जिससे उसके स्वास्थ्य ,सुरक्षा ,जीवन पर असर हो जिसके कारण महिला को अपमान सहना पड़े ।घरेलु हिंसा से हमें लगता है की शादी के बाद होने वाली हिंसा ही घरेलू हिंसा है पर ऐसा हरगिज़ नहीं है अपने माता -पिता के घर मैं होने वाली हिंसा भी इसी दायरे में आती है। हिंसा किसी भी रूप मै हो सकती है मौखिक और भावनात्मक हिंसा ,शारीरिक हिंसा, लैंगिक हिंसा, आर्थिक हिंसा ।
मौखिक और भावनात्मक हिंसा - गाली देना ,चरित्र पर आरोप लगाना ,लड़का ना होने पर प्रताड़ित करना ,बच्चा न होने पर दूसरी शादी की धमकी देना, दहेज़ के लिए परेशान करना ,अपने मन से शादी ना करने देना, नौकरी ना करने या छोड़ने के लिए दबाव बनाना ।
शारीरिक हिंसा - मारपीट ,लात -मारना ,थप्पड़ मारना आदि ।
लैंगिक हिंसा -बलपूर्वक बनाये गए शारीरिक सम्बन्ध ,अश्लील वीडियो या तस्वीर देखने के लिए मजबूर करना, बच्चों के साथ लैंगिक हिंसा ।
आर्थिक शोषण -रोज़गार ना करने देना , घर मै खर्चा न देना , वेतन ले लेना ,घर से बाहर निकाल देना।
घरेलू हिंसा को अक्सर छुपाया जाता है ताकि घर की बात बाहर ना जाए। महिला पर दबाव रहता है की घर की बात है इसलिए वो किसी को ना बताए धीरे- धीरे सब ठीक हो जाएगा । इसी दबाव मै सब सहन करते हुए वो समझौता कर लेती है पर ये समझौता उसके जीवन को घुट घुट कर जीने को मजबूर कर देता है । इसका असर घर के बच्चों पर भी पड़ता है अगर वो बच्चा लड़का है तो उसे ये समझ आता है कि उसे भी आगे चलकर ऐसा ही करना है और वो लड़की है तो बचपन से ही वो सहना और चुप रहना सिख लेती है। हम अपने बच्चों को कैसा माहौल दे रहे हैं हम समाज मै क्या योगदान कर रहे हैं ये सोचने का विषय है।ऐसा हरगिज़ नहीं है की ये सिर्फ मिडिल क्लास की महिलओं की समस्या है ये समाज के हर वर्ग की महिलाओं की समस्या है । वो सब महिला और पुरुष जो इस बुराई को ख़त्म करना चाहते हैं उन्हें ही इसके लिए पहल करनी होगी कहीं भी महिला के साथ अत्याचार देखें तो उसकी मदद जरूर करें कई बार तो किसी घर से मारपीट या अन्य प्रकार की हिंसा की आवाजें आती हैं तो लोग अपने घर के दरवाजे बंद कर लेते हैं क्योकि हम समझते हैं की किसी के घरेलू मामले मे हमें नहीं बोलना चाहिए लेकिन ये सोच बदलनी होगी हमारी एक आवाज किसी की ज़िन्दगी मैं बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है। हमारा एक प्रयास किसी की जिंदगी को नई दिशा दे सकता है । अगर ऐसा आपको ऐसी कोई आवाज सुनाई दे तो दरवाजा खटखटाये और उस पीड़ित महिला और बच्चों की मदद करैं चुप ना रहें ।