Vyomesh Chandra Jha

Vyomesh Chandra Jha

Share

�अनुशासन ही देश को महान बनाएगा�

04/06/2024

🙏 Nitish Kumar जी🙏
प्रधानमंत्री पद का प्रबल योग बन रहा है, कृपया संयम से काम लें।
एक बिहारी कईयों पर भारी...©️🖋️

28/09/2023

हर कोई यहां 'भक्त'* है!
काश कोई 🇮🇳"भगत"🇮🇳 भी होता...
28_Sep_BirthAnniversary

14/09/2023

का नया नामकरण "घमंडिया"...







सभी भारतियों को #हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं ✌️🇮🇳

20/01/2022

"आने वाले 25 साल घोर परिश्रम वाले हैं। हमने गुलामी में जो गंवाया है, उसे पाने के 25 साल हैं। 75 साल की कमियों को आने वाले 25 साल में भरपाई कर सकते हैं।"
:- श्री नरेंद्र मोदी (ब्रह्माकुमारी संबोधन)
प्रधानमंत्री के यह कथन किस ओर इशारा करते हैं...?

18/05/2021

आपदा में अवसर की शुरुआत तो 1947 में ही हो गई थी, जब लगभग 800 साल की गुलामी के बाद देश पर लोकतंत्र थोपा गया था। आज चहुंओर गिद्धनुमा माहौल उसी की देन है...हाय ये मानवता ©️🖋️

07/05/2021

गांधी vs टैगोर, गांधी vs अंबेडकर, गांधी vs भगत सिंह, गांधी vs सुभाष बाबू और गांधी vs गोडसे में से दोनों पक्षों को मानने वाले ही वास्तव में देश की दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति के शिल्पकार हैं!©️🖋️

30/04/2021

#2मई को सुबह से शाम तक न कोई कोविड केस आएगा, न ही कहीं ऑक्सीजन/बेड की कमी होगी और न ही व्यवस्था की पोल खुलेगी! उस दिन तो #ईवीएम खुलेंगी, आखिर मीडिया की कोई तो जिम्मेदारी बनती है भाई!

27/04/2021

#भाड़े की सरकारें...
ऑक्सीजन बाहर से, रेडिमेड प्लांट बाहर से और अब टैंकर भी बाहर से। मतलब कोरोना न होता तो तुम लोगों की असल औकात पता न चलती! भाड़े के टट्टूओं🤬शर्म करो🤬

Photos from Vyomesh Chandra Jha's post 21/04/2021

#राम से बड़ा राम का नाम...
इस लोकोक्ति को सही मायने में चरितार्थ करती कलुषित/भ्रष्ट व्यवस्था का यह नंगा नाच मुबारक। श्रीराम के नाम पर देश को गृहयुद्ध में झोंकने वाले इस कदर बदहवासी में हैं कि इनको पता ही नहीं कि आज हमारे प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव है। और इस उत्सव पर देखिए चहुंओर किस प्रकार से ठेके दैदीप्यमान है। श्री राम के आदर्श सिर्फ भाषणों में उपयोग होता है, वास्तविकता में धार्मिक उन्माद (संदेश) के ठेकेदारों की करतूत देखिए। एक दिन की फ्री तनख्वाह पर मौज लेने का पूरा प्रबंध सेट किया हुआ है नौकरशाहों ने। ख़ैर...
#रामनवमी की डिजिटल बधाई🙏🇮🇳🚩

20/04/2021

#पलायन 2.0
बसें भेड़-बकरियों की तरह भर-भरकर देश के अन्य हिस्सों के लिए निकल चुकी है लेकिन चालान अपनी गाड़ी में बैठा अकेला शख्स देगा! या तो पलायन हो रहे गरीब मजदूरों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है, या तो फिर गाड़ी वाले के पास पैसा बहुत है!
वाह रे न्यायापालिका और पुलिस प्रशासन🙏
असुविधा के लिए खेद है...
क्या कीजिएगा पूरी व्यवस्था में ही छेद है!🙏🇮🇳👊

Want your business to be the top-listed Government Service in Delhi?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Website

Address


Delhi
110001