Chairman, KVIC

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Chairman | Khadi Village Industries Commission | Ministry of MSME, Govt. of India

03/06/2026

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के दूरदर्शी नेतृत्व, मार्गदर्शन और “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र ने खादी को नई पहचान और नई ऊर्जा प्रदान की है।

पिछले 12 वर्षों में खादी ने विकास की एक प्रेरणादायक गाथा लिखी है। देश के लाखों कारीगरों और बुनकरों के परिश्रम तथा सरकार की जनहितकारी नीतियों के परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 में खादी उत्पादन बढ़कर ₹3,974 करोड़ तक पहुंच गया है।

यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण समृद्धि और स्वदेशी के प्रति बढ़ते जनविश्वास का सशक्त प्रमाण है। आज खादी भारत की विरासत के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प की भी पहचान बन चुकी है।





03/06/2026

खादी: विरासत का गौरव, आत्मनिर्भर भारत की पहचान! 🇮🇳

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प ने खादी को एक नई ऊँचाई प्रदान की है। कभी केवल सादगी और स्वदेशी भावना का प्रतीक रही खादी आज आधुनिक भारत की पहचान बनकर फैशन, रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।

खादी की बढ़ती लोकप्रियता इसकी सफलता की कहानी स्वयं बयां करती है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में खादी की बिक्री ₹1,081 करोड़ थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹7,868 करोड़ से अधिक हो गई है। 620% से ज्यादा की यह अभूतपूर्व वृद्धि दर्शाती है कि देशवासियों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के साथ-साथ लाखों ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों और महिला उद्यमियों के सपनों को भी नई उड़ान दी है।

खादी आज केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कौशल और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित कर यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आइए, खादी को अपनाकर स्वदेशी के इस जनआंदोलन को और मजबूत बनाएं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।





03/06/2026
02/06/2026

स्वदेशी की नई पहचान बन रही है खादी 🇮🇳

आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती देते हुए खादी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी ग्रामोद्योग उत्पादन ₹1,25,296 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि गांवों, छोटे कारीगरों, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों की मेहनत और आत्मविश्वास की जीत है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान ने खादी को नई पहचान दी है। आज खादी देश की परंपरा के साथ-साथ रोजगार, स्वाभिमान और आर्थिक शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।

लोकल से ग्लोबल तक भारत का स्वदेशी मॉडल लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है





02/06/2026

स्वदेशी की ताकत आज पूरी दुनिया देख रही है 🇮🇳

खादी ने बीते 12 वर्षों में विकास का ऐसा अध्याय लिखा है, जो नए भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार ₹1.87 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि 2013-14 में यह आंकड़ा ₹31,154 करोड़ था।

यह 501% की ऐतिहासिक वृद्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के उस विजन की सफलता है जिसने गांव, गरीब और छोटे कारीगरों को देश की अर्थव्यवस्था के केंद्र में ला खड़ा किया है।

आज खादी लाखों महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और सम्मान का माध्यम बन चुकी है।‘लोकल’ को ‘ग्लोबल’ बनाने की दिशा में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

खादी अब सिर्फ परंपरा नहीं, नए भारत की प्रगति, आत्मविश्वास और आर्थिक शक्ति की पहचान है।





01/06/2026

खादी: परंपरा से प्रगति तक, नए भारत की पहली पसंद! 🇮🇳

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन ने खादी को आज देश के जन-जन की पहली पसंद बना दिया है। जो खादी कभी सादगी का प्रतीक थी, वह आज आधुनिक भारत के फैशन और स्वाभिमान का नया स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी है।

विकास की यह नई गाथा आँकड़ों में साफ नजर आती है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में जहाँ खादी की बिक्री मात्र ₹1,081 करोड़ थी, वहीं सरकार के निरंतर प्रयासों और जनता के समर्थन से वर्ष 2025-26 में यह रिकॉर्ड छलांग लगाकर ₹7,869 करोड़ के पार पहुँच गई है। 620% से अधिक की यह ऐतिहासिक वृद्धि सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि देश के बुनकरों, ग्रामीण कारीगरों और महिला उद्यमियों के जीवन में आया एक बड़ा आर्थिक बदलाव है।

स्थानीय कारीगरी को वैश्विक मंच और सही बाजार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई ऊर्जा मिली है। आइए, इस स्वदेशी क्रांति का हिस्सा बनें, खादी अपनाएं, अपने देश के हुनर को आगे बढ़ाएं!





01/06/2026

गांव, गरीब और स्वदेशी को सशक्त बनाने की दिशा में एक नया कीर्तिमान 🇮🇳

प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के आत्मनिर्भर भारत विज़न के तहत खादी और ग्रामोद्योग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री हासिल कर देश के विकास मॉडल को नई पहचान दी है।

2013-14 के मुकाबले बिक्री में 501% की शानदार वृद्धि यह साबित करती है कि आज भारत का स्वदेशी उद्यम वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

रोजगार के अवसरों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है और अब 2 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों की आजीविका इस अभियान से जुड़कर मजबूत हो रही है।

खादी आज सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि नए भारत की आर्थिक शक्ति बन चुकी है।





01/06/2026

The Khadi and Village Industries has achieved a historic milestone, with Khadi products sales surging past ₹1.87 Lakh Crore, a testament to the renewed faith in India’s traditional crafts and indigenous enterprise. Under the visionary leadership of Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji, this remarkable journey reflects an unprecedented scaling of local production, empowering rural artisans and small-scale industries across the nation.

This historic sales figure is not just a number; it is a celebration of the Vocal for Local spirit and a powerful stride toward Aatmanirbhar Bharat. The growing market demand for Khadi products signals a conscious shift among consumers toward sustainable, homegrown livelihoods and cultural pride.





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