29/05/2026
Ms. Prachi Gupta, Joint Director administered the “No To***co Pledge” to the officers and staff of the NWIC. The pledge reaffirmed the commitment of officers/staff of NWIC towards a tobacco-free society.
***coDay2026 ***co ***co ***coFreeIndia
05/05/2026
नवलाखी बंदरगाह, एक रणनीतिक केंद्र है, जो हर मौसम में निर्बाध रूप से संचालित होता है। यह बंदरगाह समुद्री व्यापार के साथ-साथ देश की औद्योगिक क्षमता का भी अहम सहायक है। मोरबी, जहाँ से भारत के कुल सिरेमिक उत्पादन का लगभग 70% और वैश्विक मांग का करीब 5% पूरा होता है, वहीं देश के लगभग 80% कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (CFL) का निर्माण भी यहीं किया जाता है। बंदरगाह का सुदृढ़ कंक्रीट घाट 163.61 मीटर लंबा और 25.25 मीटर चौड़ा है, जो 4.5 मीटर गहरे जलक्षेत्र में 3000 टन तक के जहाजों को संभालने की क्षमता रखता है। संक्षेप में, नवलाखी बंदरगाह समुद्री संपर्क और औद्योगिक प्रगति के संगम का एक सशक्त उदाहरण है, जो क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करता है।
#भारत_के_बंदरगाह
05/05/2026
क्या आप जानते हैं?
वर्षा-जल संग्रहण करने के अनेक आसान तरीके हैं जिसकी मदद से हम भू जल स्तर और गुणवत्ता दोनो सुधार सकते हैं।
05/05/2026
Small habits shape everyday’s health.
Handwash: Make it part of your daily routine.
C R Paatil Ministry of Health and Family Welfare, Government of India UNICEF India Ministry of Home Affairs, Government of India World Health Organization (WHO)
05/05/2026
देश का एक दुर्लभ प्रयास कहलाने वाला यमुना जैव विविधता पार्क, जहाँ यमुना नदी बेसिन की लुप्तप्राय वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को नया जीवन और सुरक्षित ठिकाना मिलता है। हजारों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गूंज उठने वाला यह पारिस्थितिकी तंत्र भारतीय खरगोश, जंगली बिल्ली, नीलगाय और जंगली सूअर जैसे अनेक वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आश्रय बन जाता है। जलधारा से जैव विविधता तक के इस खूबसूरत सफर में पर्यटकों को हर्बल गार्डन, फलों के पौधों का संरक्षण क्षेत्र, तितली संरक्षण केंद्र, लता उद्यान और एक प्रकृति व्याख्या केंद्र देखने को मिलते हैं, जो हर आगंतुक को जैव विविधता की खूबसूरती और उसके महत्व से रूबरू कराते हैं।
#जलधारा_से_जैव_विविधता_तक
05/05/2026
मेरी गंगा, मेरी ज़िम्मेदारी,
यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। आज समय की मांग है कि हम सिर्फ़ सेल्फ़ी लेने तक सीमित न रहें, बल्कि गंगा की सफ़ाई में अपना योगदान दें। आइए मिलकर कचरा उठाएँ, लोगों को जागरूक करें और इस पवित्र नदी को फिर से स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प लें। याद रखें, बदलाव तस्वीरों से नहीं बल्कि हमारे सच्चे प्रयासों और कर्मों से आता है।
C R Paatil Ministry of Jal Shakti, Department of Water Resources, RD & GR Swachh Bharat Mission, India Press Information Bureau - PIB, Government of India Ministry of Environment, Forest & Climate Change, Government of India DDNewsLive Incredible India Swachh Bharat Mission - Urban