राम का अंत नहीं है।
स्वर्ण युग
ON GOD DUTY
चमत्कारी कथा!
परमात्मा वचन।
एक दिवसीय सत्संग देवघर।
01/06/2026
“कबीर-मुसलमान मारै कद सो, हिंदू मारे तरवार।
कहै कबीर दोनं मिलि, जैहैं यम के द्वार।।"
कबीर परमेश्वर जी कहते हैं कि चाहे कोई हलाल करके जीव हत्या करे या तलवार से मारकर बलि, दोनों ही पाप के भागी बनते हैं। निर्दोष जीवों की हत्या करने वालों को यमराज के दरबार में कठोर दंड भुगतना पड़ता है। 🙏
01/06/2026
कबीर परमात्मा जी अपने सतलोक में विराजमान होकर संपूर्ण सृष्टि को नियंत्रित कर रहे हैं। वे केवल एक स्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक ब्रह्माण्ड में सतगुरु कविर्देव के रूप में विद्यमान रहते हैं। जैसे सूर्य दूर होते हुए भी अपनी रोशनी और प्रभाव से समस्त संसार को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार कबीर परमात्मा भी अपनी दिव्य शक्ति से सभी लोकों का संचालन करते हैं।
वेदों और पवित्र शास्त्रों में भी पूर्ण परमात्मा की इसी महिमा का वर्णन मिलता है। इसलिए हमें उस पूर्ण परमात्मा की सही पहचान कर सच्ची भक्ति करनी चाहिए।
#सच्चीभक्ति
31/05/2026
🕊️ “कबीर, यह कूकर को भक्ष है, मनुष देह क्यों खाय।
मुख में आमिष मेलि के, नरक परंगें जाय ।।”
अल्लाह कबीर जी का यह अमूल्य संदेश हमें दया, अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाता है।
मांस भक्षण हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ाता है, जबकि मानव जीवन का उद्देश्य दया, सद्भक्ति और सत्कर्म करना है।
मनुष्य शरीर परमात्मा की अनमोल देन है। इसलिए हमें जीव हिंसा से बचकर शाकाहारी, पवित्र और सदाचारपूर्ण जीवन अपनाना चाहिए।
दया धर्म का मूल है, और दया करने वाले पर ही परमात्मा की कृपा बनी रहती है। 🌿🙏
31/05/2026
जहां संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई ।।
सतलोक में केवल एक रस परम शांति व सुख है। जब तक हम सतलोक नहीं जाएंगे तब तक हम परम शांति, सुख व अमृत्व को प्राप्त नहीं कर सकते। सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें।
#सच्चाभक्ति
30/05/2026
दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान।
कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान।
कबीर परमात्मा जी अपनी अमृतवाणी में बताते हैं कि दया ही सच्चे धर्म की जड़ है और अभिमान सभी पापों का कारण है। जिस मनुष्य के हृदय में दया, प्रेम और मानवता होती है, उसके पास स्वयं परमात्मा निवास करते हैं। लेकिन जो व्यक्ति अहंकार और घमंड से भरा होता है, वह परमात्मा की कृपा से दूर हो जाता है।
इसलिए हमें अपने जीवन में दया, नम्रता और सद्भाव अपनाकर सच्चे धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। यही मानव जीवन की सबसे बड़ी सफलता है।
#दयाधर्म #सच्चाभक्ति
मोक्ष की प्राप्ति कैसे होगा?
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Address
Satlok Ashram
Delhi
110041
Opening Hours
| Monday | 9am - 9pm |
| Tuesday | 9am - 9pm |
| Wednesday | 9am - 9pm |
| Thursday | 9am - 9pm |
| Friday | 9am - 9pm |
| Saturday | 9am - 9pm |
| Sunday | 9am - 9pm |
