Adiwasi Kudmi Samaj Delhi

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14/05/2026

कुड़माली भाषा के सम्मान का ऐतिहासिक पल! ✨
पहली बार पश्चिम बंगाल विधानसभा में पांच कुड़मि विधायकों ने कुड़माली भाषा में शपथ लेकर इतिहास रच दिया।
यह केवल शपथ नहीं, बल्कि हमारी भाषा, संस्कृति और पहचान के सम्मान की मजबूत आवाज है।

यह गौरवपूर्ण क्षण पूरे कुड़मि समाज के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा पर गर्व करने का संदेश देता है।

कुड़माली भाषा जिंदाबाद ✊
कुड़मि समाज एकता जिंदाबाद 🌿

#कुड़माली

Photos from Adiwasi Kudmi Samaj Delhi's post 04/05/2026

Congratulations to all 💐

𝗞𝘂𝗱𝗺𝗶 𝗠𝗟𝗔𝘀 𝗲𝗹𝗲𝗰𝘁𝗲𝗱 𝗶𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗪𝗲𝘀𝘁 𝗕𝗲𝗻𝗴𝗮𝗹 𝗔𝘀𝘀𝗲𝗺𝗯𝗹𝘆 𝗘𝗹𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻 𝟮𝟬𝟮𝟲:

आप सभी को हार्दिक बधाई और जोहार 🙏
यह जीत केवल व्यक्तियों की नहीं, बल्कि पूरे कुड़मी समाज की पहचान, संघर्ष और एकता की जीत है।

आशा है कि आप सभी अपने क्षेत्र के विकास, संस्कृति के संरक्षण और समाज के अधिकारों के लिए मजबूती से कार्य करेंगे।

22/04/2026

लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती एवं कुड़माली दिवस पर विशेष श्रद्धांजलि
(22 अप्रैल 1939 – 26 सितंबर 2012)

लक्ष्मीकांत मुतरुआर कुड़माली जगत के एक अनमोल रत्न थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन कुड़माली भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण, प्रचार और संवर्धनमें समर्पित कर दिया।

उनका जन्म 22 अप्रैल 1939 को जिला बोकारो के चास प्रखंड के भंड़रो गांव (टोला डुंगरीटांड़) में एक किसान परिवार में हुआ था। पिता का नाम राखाल महतो और माता का नाम बुचि महताइन था। पाँच भाई-बहनों में वे सबसे बड़े थे। बचपन से ही वे साहसी, परिश्रमी और विद्या-प्रेमी थे।

🌑 शिक्षा और सेवा
अभावों के बीच खेती में हाथ बंटाते हुए अपनी शिक्षा जारी रखी। 1956 में मैट्रिक पास करने के बाद, पिंजराजोड़ा के शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त कर 1959 में शिक्षक बने। बाद में उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और वकालत की उपाधियाँ भी अर्जित कीं।
वे कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापक रहे और बोकारो जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी रहे। 30 अप्रैल 1999 को सेवा से सेवानिवृत्त हुए।

🌑 समाजसेवा और भाषा आंदोलन
नौकरी काल से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने खुद को कुड़माली भाषा, संस्कृति और समाज सुधार में पूर्णतः समर्पित कर दिया। उन्होंने दहेज प्रथा, तिलक, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया।
अपनी माता-पिता का कुड़माली नेगाचारि पद्धति से क्रियाकर्म कर समाज को संदेश दिया। अपने बच्चों की शादी भी इसी रीति से कराई।

🌑 शैक्षिक एवं भाषाई योगदान
✅ अपने गांव में बालिका विद्यालय की स्थापना की।
✅ कई उच्च विद्यालयों की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅ स्थानीय भाषा शिक्षा आंदोलन के प्रणेता रहे।
✅ वे कुड़माली, हिंदी, संथाली, बंगला, नागपुरी, मुंडारी, संस्कृत, अंग्रेज़ी आदि कई भाषाओं के ज्ञाता थे।

🌑 भाषा आंदोलन में भूमिका
✅ 1980 में रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय भाषाओं के लिए पीजी विभाग की स्थापना हेतु बनी समिति में कुड़माली प्रतिनिधि बनाए गए।
✅ कुड़माली सिलेबस बोर्ड, भाषा संपादकीय समिति, मूलकी कुड़मी भाखि बाइसी, आदिवासी कुड़मी समाज जैसे संगठनों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।
✅ झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना में भी संस्थापक सदस्य रहे।

🌑 साहित्यिक योगदान
✅ ठेठ कुड़माली लेखनी के लिए प्रसिद्ध।
✅ प्रमुख कृतियाँ: "एक डंडरा फूल", "कुड़माली भाषा तत्व", "कुड़माली साड़ा आड़ाग", "गइद-पइद जुड़ती" आदि।
✅ संपादित पत्रिकाएँ: टउआ (1972), फुरुंग (1975-76), हेलक (1983), कुड़माली (1988)
✅ अप्रकाशित रचनाएँ: रन गुने खंद, कुड़माली शब्द भंडार, कुड़माली मुहजारा
✅ कुड़माली वर्णमाला (कड़ हाला) का निर्माण किया, जिसे संजवेता गणेश्वर बंसरिआर द्वारा पाठ्यक्रम पुस्तक में शामिल किया गया।

🌑 सम्मान और शोध
✅ इनकी पुस्तक "जनजाति परिचिति" को अनेक विद्वानों और नेताओं ने सराहा।
✅ आकाशवाणी से कई कविताएँ व नाटक प्रसारित हुए।
✅ मुन्नाराम महतो ने इनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर पीएच.डी. कर इन्हें अमर बना दिया।

🌑 दिवंगत श्रद्धांजलि
26 सितंबर 2012 को उनका दुखद निधन हुआ।
7 अक्टूबर 2012 को कुड़माली रीति से उनका श्राद्ध क्रियाकर्म संपन्न हुआ जिसमें समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

लक्ष्मीकांत मुतरुआर जी जैसे महामानव के जन्मदिवस 22 अप्रैल** को "कुड़माली दिवस" के रूप में मनाया जा रहा है।

आइए, हम सब मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में "कुड़माली दिवस" मनाएं, अपनी मातृभाषा और संस्कृति को सम्मान दें ।

जोहार!
लेख – हरेकिसनअ हिंदइआर
(सम्पादन व प्रस्तुति - Kudmi Bandhu "Totemic" )

Photos from Adiwasi Kudmi Samaj Delhi's post 07/04/2026

नई दिल्ली: दिनांक 5 अप्रैल को चुआड़ आंदोलन के महानायक प्रथम शहीद स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद रघुनाथ महतो जी के शहादत दिवस पर दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया 🙏
वीर शहीद रघुनाथ महतो अमर रहे 🙏

Photos from Adiwasi Kudmi Samaj Delhi's post 03/04/2026

Congratulations on your outstanding performance, Leoma Mahto! 💐🌟
Your achievement in the National Astronomy Challenge 2025–2026 is truly commendable and inspiring. Wishing you continued success and many more milestones ahead! 🚀✨

03/03/2026

माननीय प्रो० डॉ अमर कुमार चौधरी, भूतपूर्व रजिस्ट्रार, रांची विश्वविद्यालय तथा वर्तमान HOD, कॉमर्स विभाग आपको हृदय से बेजाञ बेजाञ साबाइस 💐
आपने हम सभी को स्मरण कराया कि हमारी जाति कुड़मि (KUDMI) है और हमारी मातृभाषा कुड़मालि है — यह केवल एक जानकारी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और पहचान का आह्वान है।
आपकी ओजस्वी वाणी और वैचारिक स्पष्टता आने वाली जनगणना में कुड़मी समाज के लिए अमृत साबित होगी। जब समाज अपने अस्तित्व और भाषा के प्रति जागरूक होता है, तभी उसका भविष्य सुरक्षित होता है।
आज आवश्यकता है कि हर कुड़मी युवा, हर परिवार अपनी पहचान को गर्व से लिखे, बोले और जिए।
पहचान ही शक्ति है, भाषा ही अस्मिता है।
जोहार🙏

25/01/2026


जनगणना 2026-2027

15/01/2026

कुड़मालि नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ! 🌾
"आखाइन जतारा "🌾

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