Hot Saree and Navel

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03/03/2026

दिल्ली में राहुल ने विदेशी लड़की के साथ रोमांस का सुख - भाग 1 💋👇




मेरा नाम राहुल है। ग्वालियर का रहने वाला, लेकिन पिछले कुछ सालों से दिल्ली में जॉब करता हूं। एक ट्रैवल कंपनी में काम करता हूं, जहां विदेशी टूरिस्ट्स को इंडिया घुमाने का काम मिलता है। जिंदगी रूटीन थी — ऑफिस, घर, दोस्तों के साथ घूमना। लेकिन सब कुछ बदल गया जब अन्ना आई।

अन्ना रूस से थी। 26 साल की, गोरी, नीली आंखें, सुनहरे बाल। वो एक फोटोग्राफर थी, जो इंडियन कल्चर पर डॉक्यूमेंट्री बना रही थी। कंपनी ने मुझे उसका गाइड असाइन किया। पहली मुलाकात दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई। वो ट्रॉली खींचते हुए आई, मुस्कुराती हुई। "Hi Rahul! I'm Anna. Ready for India adventure?" उसकी आवाज में उत्साह था।
पहले कुछ दिन दिल्ली में गुजरे। मैं उसे लाल किला, जामा मस्जिद, इंडिया गेट घुमाता। वो हर चीज में मंत्रमुग्ध हो जाती। "यह रंग! यह खुशबू! भारत जादुई है," वो कहती। लेकिन असली मजा तब शुरू हुआ जब हमने साड़ी वाला प्लान बनाया।

एक शाम मैंने उसे बताया, "कल तुम्हें साड़ी पहनकर घुमाऊंगा। असली इंडियन एक्सपीरियंस।" वो हंस पड़ी। "साड़ी? मैं? Oh my God, yes!"
अगले दिन हम एक अच्छे बुटीक में गए। दुकानदार ने कई साड़ियां दिखाईं। अन्ना ने एक लाल सिल्क वाली चुनी, जिसमें गोल्डन बॉर्डर था। वो ट्रायिंग रूम में गई। जब बाहर आई, तो मैं सांस रोककर देखता रह गया। साड़ी उस पर इतनी परफेक्ट लग रही थी — जैसे वो हमेशा से भारतीय हो। उसकी गोरी त्वचा पर लाल रंग चमक रहा था, ब्लाउज से उसकी कमर थोड़ी दिख रही थी, पल्लू हल्का सा लहरा रहा था। वो शरमा कर मुस्कुराई। "How do I look?"

"Beautiful... beyond words," मैंने कहा। दिल तेज धड़क रहा था। वो हंसकर बोली, "Thank you! Now let's go explore!"
हम कनॉट प्लेस घूमे। लोग उसे देखते रह जाते। कोई फोटो मांगता, कोई पूछता "Which country?" अन्ना खुशी-खुशी पोज देती। शाम को हम चांदनी चौक गए। वहां की भीड़ में वो मेरे हाथ पकड़कर चल रही थी, ताकि खो न जाए। उसका हाथ नरम था, गर्म। मैंने महसूस किया कि ये सिर्फ गाइड-टूरिस्ट का रिश्ता नहीं रहा।

कुछ दिनों बाद हम गोवा पहुंचे। कंपनी का प्लान था — बीच, कल्चर, रिलैक्स। गोवा पहुंचते ही अन्ना उत्साहित हो गई। "Beach time!" उसने कहा। अगली सुबह हम बीच पर गए। वो सामान्य ड्रेस में थी, लेकिन बाद में चेंजिंग रूम गई और बिकिनी में आई — ऊपर से शॉल लपेटे हुए। गोरा शरीर, सूरज की किरणें उस पर पड़ रही थीं। वो पानी में उतरी, तैरने लगी। मैं किनारे बैठा उसे देखता रहा। उसकी हंसी दूर से सुनाई दे रही थी। वो मुझे हाथ हिलाकर बुला रही थी।
जब वो बाहर आई, तो शॉल उतार दिया। बिकिनी में वो और भी खूबसूरत लग रही थी। उसके बाल गीले, आंखें चमक रही थीं। वो मेरे पास आई और बोली, "Come on, join me!" मैं हंसकर बोला, "I'm not a good swimmer." वो मेरे हाथ पकड़कर खींचने लगी। "Just walk with me."

हम पानी में चले। लहरें हमारे पैरों को छू रही थीं। वो मेरे कंधे पर हाथ रखकर बोली, "Rahul, India is changing me. Or maybe... you are." मैं चुप रहा। दिल में एक अजीब सी सनसनी थी।
शाम को हम होटल लौटे। थकान थी, लेकिन खुशी ज्यादा। डिनर के बाद वो मेरे कमरे के बाहर आई। "Can we talk on the balcony?" हम बालकनी पर बैठे। चांदनी रात थी, समंदर की आवाज आ रही थी। वो बोली, "Rahul, जब मैं यहां आई थी, तो सिर्फ फोटोज लेने आई थी। लेकिन अब... मुझे लगता है मैं यहां कुछ ढूंढ रही हूं।"

मैंने पूछा, "क्या?" वो मुस्कुराई। "Connection. Real one." उसने मेरा हाथ पकड़ा। उसकी उंगलियां मेरी उंगलियों में फंस गईं। हम चुप रहे। हवा में उसकी खुशबू थी — हल्की सी फूलों वाली।
धीरे-धीरे वो मेरी तरफ झुकी। हमारे चेहरे करीब आए। उसकी नीली आंखें मेरी आंखों में देख रही थीं। "May I?" उसने फुसफुसाया। मैंने सिर हिलाया। हमारे होंठ मिले। पहला चुंबन — नरम, गहरा, भावनाओं से भरा। समय रुक गया। उसके बाल मेरे चेहरे पर गिर रहे थे। मैंने उसके गाल पर हाथ फेरा। वो सिसकी जैसी सांस ली।
चुंबन खत्म होने पर वो मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, "This feels right." मैंने उसके बाल सहलाए। "हां... बहुत।"
अगले दिन से हमारा रिश्ता बदल गया। अब घूमना सिर्फ टूर नहीं था — डेट्स थे। हम साथ खाना खाते, बातें करते, हंसते। अन्ना अब रोज साड़ी पहनने लगी। कभी पीली, कभी नीली। वो कहती, "साड़ी में मुझे इंडियन लगता है।" मैं हंसता, "तुम पहले से ही स्पेशल हो।"

फिर हम चेन्नई से कोयंबटूर गए। वहां का मौसम सुहाना था। हम मोटरसाइकिल किराए पर ली और घूमने निकले। पहाड़ियां, चाय के बागान, लोकल मार्केट। एक शाम हम थककर होटल लौटे। मैं अपने कमरे में लेटा था। फोन बजा — अन्ना का। "Come to my room. I have something for you."
मैं गया। वो हल्के गाउन में थी, वाइन के दो ग्लास रखे थे। "Cheers to us," उसने कहा। हमने ग्लास टकराए। वो पास आई, मेरे कंधे पर हाथ रखा। "You look tired. Let me help." उसने मुझे सोफे पर बिठाया और कंधों की मालिश करने लगी। उसके हाथ जादू जैसे थे। दर्द दूर हो रहा था, जगह प्यार भर रहा था।

धीरे-धीरे वो मेरे सामने आई। "Rahul, I've noticed how you look at me. And... I like it." मैं शरमा गया। वो मुस्कुराई। "Don't be shy." उसने मुझे गले लगाया। हमारी सांसें मिल रही थीं। फिर फिर चुंबन हुआ — इस बार और गहरा। हम घंटों बातें करते रहे। उसने बताया अपना बचपन, रूस की ठंडी रातें, यहां आने की वजह। मैंने अपना परिवार, सपने बताए।
रात भर हम साथ रहे — बातें कीं, एक-दूसरे को महसूस किया। कोई जल्दबाजी नहीं। बस प्यार। सुबह वो मेरे सीने पर सिर रखे सोई थी। मैं उसके बालों में उंगलियां फेर रहा था। वो जागी, मुस्कुराई। "Good morning, my Indian love."

मैंने कहा, "Anna, what now? Our trip ends soon." वो बोली, "Trip ends, but we don't. I want to stay... with you." उसने मुझे चूमा। "From today, you're my boyfriend. In India, and maybe forever."
हमने अगले दिन शहर घूमा। हाथ में हाथ, हंसते-खेलते। लोग हमें देखते, मुस्कुराते। अन्ना कहती, "India gave me you." मैं सोचता, "तुमने मुझे नया जीवन दिया।"

ये कहानी अभी खत्म नहीं हुई। कोयंबटूर में हमारे चार दिन बाकी थे। हर पल नया था — नई मुस्कान, नई बातें, नया प्यार। क्या हमारा ये रोमांस दूरियां पार कर पाएगा? क्या अन्ना रूस वापस जाएगी, या यहां रुकेगी?
ये सिर्फ शुरुआत थी। एक विदेशी लड़की और एक इंडियन लड़के का प्यार — साड़ी की लहरों में, बीच की रेत में, दिल की धड़कनों में।

मजेदार, दिल छू लेने वाली रोमांटिक कहानी के लिए follow कर लो! 💕😍

Part 2 में क्या होगा? Comment में बताओ — क्या अन्ना भारत में रुकेगी? 🔥

02/03/2026

Desi

02/03/2026
20/02/2026

Hi good morning..

08/02/2026

Hi

07/02/2026

Size matters

15/11/2025

Green saree

15/11/2025

06/11/2025

संभोग क्रिया में साड़ी निकालना भी एक कला है... पल्लू को नीचे गिराकर नाभि और कमर को चुम्बन करते हुए साड़ी निकाला जाता है... फिर पेटीकोट और ब्रा को भी अलग तरह से उतारा जाता है... मादा की नंगी पीठ को अपने कठोर हाथो से सहलाकर ब्रा के हुक पर किस्स करके दांतो की मदद से उतारा जाता है... पेटीकोट का नाड़ा भी नाभि पे चुम्बन करते हुये खींचा जाता है..

‎स्त्री का शरीर एक ज्वालामुखी है... इसके जितने गहराई में जाओगे उतना ही गर्मी की ताप बढ़ती जाती है... इस ताप को उत्पन्न करने के लिये मादा के होंठो को चूमा और चूसा जाता है... उसके रसीले कठोर स्तनों को रगड़ कर, मसलकर, दबाकर आंनद लिया जाता है... कमर पर और योनि पर चुंबन करके मादा को उत्तेजित किया जाता है...

‎जब तक मादा की गीली नहीं होती... उसकी सिसकियां नहीं निकलने लगती... तब तक लिंग नहीं डाला जाता है... मादा को इतना मदहोश करो कि वो खुद बोले अब रहा नहीं जाता है... पुरुष का हर एक झटका... हर एक चुम्बन... स्त्री को चरमुसख का अनुभूति करवाता है... और ये झटके तब तक मारो जब तक स्त्री की योनी से रस बाहर न आ जाये...

‎कायदे से मादा के स्खलन के बाद ही पुरुष को अपनी पिचकारी छोड़नी चाहिए... किंतु ऐसा होता कहाँ है... इसलिए फोरप्ले पर पूरा फोकस करो..💗

24/10/2025

S*x Tips
रेनू महीने में 26 दिन अपने पार्टनर के साथ सैक्स करती थी और शायद ही कोई दिन ऐसा जाता होगा जब वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती थी. उसे अपनी सैक्स लाइफ बहुत शानदार लग रही थी.
‘‘डार्लिंग, जल्दी करो न… मैं अब और इंतजार नहीं कर सकती,’’ रेनू अपने पार्टनर को अपने प्राइवेट पार्ट पर अपना मुंह रख कर ओरल सैक्स के लिए जोश में लाती थी.
‘‘बस 2 मिनट और मेरी जान, नीचे भी पहुंच ही जाऊंगा, बस थोड़ा ऊपर से भी मजे लेने दो न,’’ कह कर रेनू का पार्टनर उस के स्तनों को चूमने और सहलाने में मस्त हो जाता था. इस सब में रेनू इतनी ज्यादा जोश में भर जाती थी कि वह जबरदस्ती अपने पार्टनर को नीचे धकेल कर उस के सिर को नीचे की तरफ झुका कर अपने अंग पर प्यार करने को कहने लगती.
‘‘बोलो मेरी जान, अब आ रहा है न मजा,’’ रेनू का पार्टनर जीभ अंदर डाल कर एक बार उस से पूछता.
रेनू बिना कोई शब्द कहे केवल ‘हम्म’ में जवाब देती. इस से उस का पार्टनर समझ जाता कि अब रेनू गहरे प्रेम सागर का मजा ले रही है और जब रेनू ऐसे शांत हो जाती थी, तो बस खेल एक मिनट का रह जाता था. इस शांति के बाद रेनू एक मिनट बाद ही अपने पार्टनर को बस करने को कहती. उस का पार्टनर समझ जाता था कि अब रेनू पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी है.
सैक्स के इस पूरे खेल में रेनू को जिस घड़ी का इंतजार सब से ज्यादा रहता था, वह यही था कि कब उस का पार्टनर उस की छाती सहलाने के बाद उस के अंग पर अपनी जीभ चला कर उस की आग को शांत करे और उस का पार्टनर इस मामले में बिलकुल परफैक्ट था, जिसे रेनू की पलपल की टाइमिंग का पूरा अंदाजा रहता था कि कब वह किस लैवल तक जोश में आ रही है और कब उस के निजी अंगों में प्रीसैक्स लुब्रिकेशन (चिकनाहट आना) हो रहा है.
लेकिन अगर हम भारतीय माहौल में सैक्स संबंधों की बात करें, तो एक सवाल उठता है कि आखिर कितनी औरतें हैं जो रेनू की तरह अपनी सैक्स लाइफ में संतुष्ट होती हैं? कितने पार्टनर अपनी लव पार्टनर के निजी अंगों पर ओरल सैक्स ट्राई करते हैं?
अगर हम विज्ञान और कुदरत के सैक्स से जुड़े नियम देखें तो बहुत सी बातें चौंकाने वाली हैं. जिस प्रोसैस को को आम आदमी गंदा समझता है, असल में वह गंदा नहीं है.
अगर आप को लगता है कि सैक्स अंगों को होंठों से चूमा जाए या उन पर जीभ का इस्तेमाल किया जाए तो आप बीमार पड़ जाएंगे, तो आप गलत हैं. दरअसल, होता क्या है कि जब हम

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