31/07/2026
23–24 जुलाई को डायट करकड़डूमा के प्रांगण में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय फर्स्ट एड कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्राथमिक उपचार के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के दौरान घाव एवं चोट लगने की स्थिति में विभिन्न प्रकार की पट्टियों (Bandaging Techniques) के सही उपयोग, आपातकालीन स्थिति में 108/112 एंबुलेंस सेवा को प्रभावी ढंग से कॉल करने की प्रक्रिया, घायल अथवा मरीज को सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुँचाने के उपाय, प्राथमिक उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ तथा जीवनरक्षक प्राथमिक सहायता (First Aid) के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से इन तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया।
समापन अवसर पर डायट करकड़डूमा के प्राचार्य डॉ. बी. के. पाल ने सभी प्रतिभागियों एवं रिसोर्स पर्सन्स का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक विद्यार्थी के पास फर्स्ट एड का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी भी घायल या मरीज का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस कार्यशाला के सफल संचालन में डॉ. रूबी मलिक एवं श्री कुलदीप श्योकंद ने समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।