07/01/2026
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात, जयपुर की उत्तरी रिंग रोड, जयपुर से अमृतसर और जामनगर कॉरिडोर के क्रियान्वयन पर हुई गहन चर्चा
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
श्री शर्मा ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से जयपुर की उत्तरी रिंग रोड एवं जयपुर से अमृतसर तथा जामनगर कॉरिडोर के क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की। साथ ही, राजस्थान में विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में भिवाड़ी में जल भराव की समस्या के समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। इस संबंध में बताया गया कि जल भराव की समस्या के समाधान के दृष्टिगत सीईटीपी का निर्माण हो चुका है। वहीं, शीघ्र एसटीपी का निर्माण भी किया जाएगा।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से यमुना जल समझौते पर चर्चा-
मुख्यमंत्री श्री शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के आवास पर मुलाकात की। इस दौरान यमुना जल समझौते के अंतर्गत जल प्रबंधन और अग्रिम कार्य योजना, पेयजल सहित विभिन्न परियोजनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।
27/11/2025
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान को मिला स्वर्ण पदक।
पार्टनर स्टेट के रूप में आगंतुकों की पहली पसंद बना राजस्थान मंडप।
उत्पादों की बंपर बिक्री से हस्त-शिल्प उद्यमियों में खुशी की लहर।
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आज विधिवत समापन हो गया। समापन के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में राजस्थान मंडप को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक मिला। राजस्थान की ओर से यह स्वर्ण पदक मंडप के निदेशक श्री हर्ष शर्मा और मैनेजर श्री विनय शर्मा ने आई.टी.पी.ओ. के एमडी डॉ नीरज खैरवाल से ग्रहण किया।
सम्मान समारोह के अवसर पर डायरेक्टर श्री हर्ष शर्मा ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मेले में राज्य की पवेलियन को स्वर्ण पदक मिलना समस्त राज्य के लिए गौरव और खुशी का अवसर है। इस उपलब्धि से राज्य के हस्तशिल्प के साथ-साथ कला और संस्कृति के संरक्षण को और अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा देश-विदेश के लोगों के बीच राजस्थानी कला-संस्कृति और हस्तशिल्प को पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मेला में राजस्थान पवैलियन को उद्योग विभाग] पर्यटन विभाग] रीको] बीआईपी] खादी] राजीविका एवं रूडा की सहभागिता से काफी समृद्ध और आकर्षक बनाया गया था। मेले में राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल खरीददारों का प्रमुख पसंद रहे। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को समर्पित राजस्थान पवैलियन में इस बार राजस्थान और असम का सांस्कृतिक एकीकरण की पहल आगंतुकों को खूब आकर्षित किया। इस विशेष पहल के माध्यम से दोनों राज्यों की संस्कृति] कला] और व्यापारिक संभावनाओं का आदान-प्रदान हुआ। जिससे इन दोनों राज्यों के बीच मजबूत व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित होने में मदद मिलेगी। श्री शर्मा ने बताया कि राजस्थान सरकार की इस पहल से राज्य के कारीगरों] शिल्पकारों] उद्यमियों और निवेशकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।
श्री शर्मा ने बताया कि इस बार राजस्थान पवैलियन में कारीगरों एवं उद्यमियों द्वारा लाइव प्रदर्शन के लिए विशेष सत्र आयोजित किये गए। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट वॉल एवं राज्य की विरासत] नवाचार और सतत औद्योगिक विकास आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिससे राजस्थान मंडप की ओर आगंतुकों का निरंतर आकर्षण का केंद्र बना रहा और राजस्थान मंडप स्वर्ण पदक हासिल करने में कामयाब रहा।
उल्लेखनीय है कि इस चौदह दिवसीय भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राजस्थान पवेलियन को पार्टनर स्टेट के तौर पर ^एक भारत श्रेष्ठ भारत^ की थीम पर तैयार किया गया था। जिसमें राज्य की कला] संस्कृति] हस्तशिल्प] पर्यटन एवं उद्योगीकरण का अनूठा प्रदर्शन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले/प्रदर्शनी से राज्य के दस्तकारों और लघु उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर एवं दूरगामी व्यापारिक अवसर मिलते है।
26/11/2025
44वां अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2025
राजस्थान मंडप में हल्के वजन एवं गर्माहट के लिये पसंद की जा रही हैं जयपुरी रजाईयाँ।
100 ग्राम वजन की रजाईयां बन रही आकर्षण का केन्द्र।
सात पीढ़ियों की विरासत झलकती है इन जयपुरी रजाइयों में।
नई दिल्ली, 26 नवम्बर 2025। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 44वें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान मंडप में जयपुरी रजाईयों को आगन्तुकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है और उनके हल्के वजन, कोमलता एवं गर्माहट की खासियत के लिये भरपूर सराहना की जा रही है। मंडप में राजस्थानी रजाईयों की व्यापक एवं भरपूर रेंज उपलब्ध हैं। राजस्थान मंडप में जयपुरी रजाईयों के स्टॅाल संचालक अब्दुल रउफ ने बताया कि मात्र 100 ग्राम वजन से तैयार जयपुरी रजाईयों को आगंतुक काफी पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयपुरी रजाईयां बनाना मंसूरी समाज का वंशानुगत व्यवसाय है और इसे वे पिछली सात-आठ पीढ़ीयों से करते आ रहे हैं। इसे बनाने में घर के बुजुर्गो से लेकर महिलाएं भी अपना पूर्ण योगदान करती हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर के मंसूरी समाज के लोग सर्दी के मौसम में घरेलू उपयोग में आने वाले सभी प्रकार के उत्पादों को बनाते हैं, लेकिन रजाई बनाने में उन्हें विशेष योग्यता प्राप्त है। सर्दियों में दैनिक उपयोग के लिये रजाई की उच्च गुणवत्ता का उत्पादन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने बताया कि रजाईयों को आधुनिक फैशनेबल एवं राजस्थानी डिजाइनों में बनाया जा रहा है जिसे ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के लिये अलग-अलग आकृति और आकार में रजाईयां 500 से 5000 तक की रेंज में उपलब्ध है। मोहम्मद हुसैफ ने बताया कि जयपुरी रजाईयों के अतिरिक्त स्टॅाल पर रूई से बनी जैकैट्स की भी बिक्री की जा रही है, जिसकी रेंज 800 रूपये से 2000 रूपये तक रखी गई है।
राजस्थान मंडप में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलायें बनी आत्मनिर्भरता की प्रखर पहचान।
भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 में राजस्थान ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अपनी एक विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। राज्य की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा, लोक-संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रमुखता देते हुए राजस्थान मंडप ने आगंतुकों को न सिर्फ आकर्षित किया, बल्कि राज्य की प्रगतिशील नीतियों का सशक्त परिचय भी कराया है।
राजस्थान लंबे समय से महिला उद्यमिता, स्वावलंबन और सामूहिक वित्तीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित स्वयं सहायता समूह (SHG) मॉडल, ग्रामीण इकाइयों में कौशल प्रशिक्षण और हस्तशिल्प-आधारित उद्यमों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों ने हजारों महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया है। राजस्थान मंडप में इसी उपलब्धि को सजीव तौर पर देखा जा सकता है, जहाँ स्थापित महिला-नेतृत्व वाले स्टॉलों ने राज्य के ’लोक से बाजार’ तक की यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया है।
आई आई टी एफ 2025 में राजस्थान मंडप में महिलाओं की यह सक्रिय और प्रेरक भागीदारी यह प्रमाणित करती है कि राज्य की नीतियाँ और ग्रामीण उद्यमिता मॉडल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। राजस्थान सरकार की पहलें न केवल स्थानीय शिल्प को वैश्विक पहचान दिला रही हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को भी ऊपर उठा रही हैं।
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20/11/2025
44वां अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2025
राजस्थान मंडप में राजस्थानी व्यंजन खूब लुभा रहे है दर्शकों को
नई दिल्ली] 20 नवम्बर] 2025। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 44वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में दर्शकों को राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद राजस्थान मंडप व फूड कोर्ट की ओर खूब ही आकर्षित कर रहा है।
राजस्थान मंडप के निदेशक श्री हर्ष शर्मा ने बताया की इस वर्ष राजस्थान मेले में पार्टनर स्टेट की भूमिका निभा रहा है। इसलिए मंडप में हमने राजस्थान की सभी क्षेत्रीय पहचानों को जगह देने की कोशिश की है। मंडप में मारवाड़, मेवाड़] ढूंढाढ] हाडोती और शेखावाटी के क्षेत्रीय खानपान लोगों को खूब लुभा रहे हैं। राजस्थान की तिल पापड़ी] गजक] बीकानेर के मशहूर पापड़] नमकीन-भुजिया] भेलपुरी] आचार] डिब्बा बंद मिष्ठान] कुल्फी] मुरब्बा] चूर्ण] मसाले] राजजीरा] सूखे मेवा] सूखी सब्जियां और कैर सांगरी आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे है।
उनहोंने बताया कि श्रीगंगानागर] नागौर] जयपुर] एवं किशनगढ़ आदि विभिन्न अंचलों से आए कारीगरों ने अपने फूड स्टाॅल्स पर विभिन्न व्यंजन तैयार कर जनता के समक्ष परोसा। उनके द्वारा बनाए जा रहे पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों दाल-बाटी-चूरमा] बेसन के गट्टे] प्याज की कचैरी] मंूग की दाल की कचैड़ियों] मिर्ची बड़ा] कैर-सांगरी की सब्जी] लहसुन की चटनी से सजी राजस्थानी थाली की खूब बिक्री हो रही है।
मंडप में मसालेदार और तीखे स्वाद के साथ ही शर्बत] चटनी] पैक्ड फूड आइटम] गजक] रेवड़ियाँ] चिक्की] हींग] पापड़] एवं पेय पदार्थों में जीरा सोडा इत्यादि आकर्षण का केंद्र रहे। इसी प्रकार प्रदेश के मशहूर हींग और हींग से बने उत्पादों के साथ नींबू चटनी] अथाना मिर्च को भी आगंतुक पसंद कर रहे हैं। राजस्थान के विभिन्न स्टाॅलों पर खाद्य-वस्तुओं की उल्लेखनीय बिक्री इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की यह स्वाद-परंपरा आज भी उतनी ही प्रभावशाली और प्रासंगिक है। देश-भर से आए आगंतुकों द्वारा परंपरागत रेसिपी पर आधारित इन उत्पादों को मिली व्यापक सराहना यह दर्शाती है कि राजस्थान न केवल अपने ऐतिहासिक वैभव से बल्कि अपने अनूठे स्वाद और गुणवत्ता से भी पूरे देश को जोड़ने और प्रभावित करने की क्षमता लगातार बनाए हुए है।
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19/11/2025
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला] 2025
राजस्थान पवेलियन में लाख से बनी चूड़ियां महिलाओं की प्रमुख पसंद
नई दिल्ली, 19 नवम्बर 2025। नई दिल्ली में चल रहे चौदह दिवसीय भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान पवेलियन की लाख की चूड़ियां एवं लाख से बनी अन्य वस्तुएं दर्शकों विशेषकर महिलाओं को अपनी और खूब आकर्षित कर रही है। पवेलियन में लाख से चूड़ी बना रहे श्रीमती समीना और अब्दुल शाहिद ने बताया कि भारतीय संस्कृति में लाख को बहुत ही शुभ माना जाता है] विशेषतौर पर भारतीय नारियों में इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। शादी तथा तीज त्यौहारों] होली] दिवाली व अनेक खुशी के अवसरों पर लाख की चुड़ियों का तथा लाख की अन्य वस्तुओं का आदान प्रदान किया जाता है। लाख को सोने के जेवरों में भी भरा जाता है। वे बताते हैं कि लाख हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। शादी या विवाह का अवसर हो या मकान की नींव भरने का समय] बच्चे के जन्म का मौका हो या सगाई इत्यादि के अवसर पर लाख की चूड़ियां] दुल्हन को सुहाग के प्रतीक के रूप में पहनना अनिवार्य समझा जाता है। उन्होंने बताया कि हमारे समाज में लाख की इतनी महत्वता को ध्यान में रखते हुए खरीददार खूब खरीदारी करते हैं तथा राजस्थान में लाख से बनी वस्तुओं की अपनी एक विशेष पहचान है जिसकी वजह से महिलाएं विश्वास के साथ लाख का सामान खरीदने के लिए आती हैं। लाख की एक अन्य स्टॉल पर लाख की सामग्रियां बेच रहे वसीर अहमद ने बताया कि आज भी लाख वस्तुओं को बनाने की कला सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। फिर चाहे लाख की चुड़िया हों या सजावटी या दैनिक उपयोग की वस्तु सभी में ये प्रयोग की जाती है। लाख से चूड़ियों के अलावा अगरबत्ती स्टेण्ड] हाथी घोड़ा] ऊंट] एस्टरे] चाबी के छल्ले] फोटो फ्रेम] शीशा] ज्वैलरी बाक्स फ्रुट प्ले] टेबल डायरी] ग्लास इत्यादि चीजें भी तैयार की जाती है जिनकी अच्छी खरीददारी होती है।
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DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
17/10/2025
राजस्थान का जनजाति विकास विभाग प्रदेश के आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग
जनजाति बालिकाओं के लिए 12वी कक्षा के स्थान पर 11वीं कक्षा से करवाई जाएगी नीट परीक्षा की तैयारी
-जनजाति विकास मंत्री श्री बाबू लाल खराड़ी
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शुक्रवार को आयोजित ष्आदि कर्मयोगी अभियानष् के नेशनल कॉन्क्लेव में राजस्थान का पक्ष रखते हुए राजस्थान के जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राजस्थान में जनजाति बालिकाओं के लिए 12वीं कक्षा से कराई जा रही नीट की कोचिंग को अब 11वीं कक्षा से शुरू करवाया जाएगा जिससे उन्हें कोचिंग के लिए ज्यादा समय मिल सके।
उन्होंने बताया की जनजाति विकास विभाग अब आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी करवाएगा इससे आर्थिक रूप से पिछड़े आदिवासी बहुल इलाकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ ही नौकरी पाने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। अभी तक यह कोचिंग सामाजिक अधिकारिता विभाग करवा रहा था लेकिन हमारे विभाग की ओर से प्रस्ताव दिया गया है कि कम से कम 25 बच्चों की कोचिंग हम अपने स्तर पर शुरू करवाएंगे।
श्री खराड़ी ने बताया कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ और केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘धरती आभा‘ कार्यक्रम के तहत प्रदेश में जनजाति विकास के क्षेत्र में में बहुत तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार आने के बाद सभी जनजातीय आवासीय विद्यालयों में न्यूनतम तीन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं जिससे खाने की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस किया जा सकेगा।
श्री खराड़ी ने बताया कि राजस्थान सरकार आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैंए और इस दिशा में हम निरंतर काम कर रहे हैं।
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06/10/2025
राजस्थान रेगिस्तान से अब सिलिकॉन और सॉफ्टवेयर की दुनिया की ओर बढ़ रहा है — सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
— नई दिल्ली में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का कर्टेन रेजर समारोह आयोजित
नई दिल्ली 6 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व में राजस्थान सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी में आगामी 4-6 जनवरी, 2026 को राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का जयपुर में आयोजन किया जाएगा। उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा और खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान ऐसी जगह है जहां साहस, रचनात्मकता और मजबूती का पुराना इतिहास है। हमारा लक्ष्य अब तकनीक और सॉफ्टवेयर की ओर बढ़ना है। हमारी सरकार की नई नीतियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के सपने को पूरा करने में योगदान दे रही हैं।
कर्नल राठौड़ नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में सोमवार को आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के कर्टेन रेजर समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की ओर से उपस्थितजन को जयपुर में 4-6 जनवरी 2026 को होने वाले इस खास आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि यह समिट डिजिटल, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार राजस्थान के प्रदर्शन की दिशा में बड़ा कदम है। राजस्थान अपनी सांस्कृतिक विरासत और बढ़ते डिजिटल ढांचे के साथ तकनीक और विकास में अपनी खास पहचान बना रहा है।
टाई ग्लोबल समिट 2026 के संयोजक महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि राजस्थान ने नवाचार और प्रतिभा को बढ़ाने वाला माहौल बनाया है। हम ऐसा मंच बनाना चाहते हैं जो साझेदारियों को बढ़ाए और उद्यमशीलता को सम्मान दे।
इस अवसर पर भारत सरकार के डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, टाई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. सौरभ श्रीवास्तव और कई स्टार्टअप संस्थापक व उद्योग जगत के गणमान्य जन उपस्थित थे।
वैश्विक मंच पर चमकेगा राजस्थान
राजस्थान डिजिफेस्ट, टाई ग्लोबल समिट के साथ मिलकर तकनीक और विकास के नए विचारों को दिखाएगा। यह समिट पहली बार किसी गैर-महानगरीय शहर में हो रहा है। इसका थीम 'एआई युग में सतत उद्यमिता - नए विचार, प्रभाव और सबको साथ लेना' है। यह समिट एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, एआर/वीआर, मीडियाटेक, प्रॉपटेक और उच्च शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर केन्द्रित होगा।
आयोजन में 30 से ज्यादा देशों के 10,000 से अधिक उद्यमी, 500 से ज्यादा निवेशक, 100 से ज्यादा वैश्विक वक्ता और 200 से ज्यादा स्टार्टअप शामिल होंगे। समिट में वैश्विक निवेशक सम्मेलन, स्टार्टअप शोकेस, पिच सत्र, टाई महिला सेमीफाइनल और फाइनल, टाई विश्वविद्यालय फाइनल, गेमिंग हैकाथॉन, फिल्म महोत्सव और भारत के सबसे निवेश योग्य स्टार्टअप्स के लिए टीजीएस 100 प्रतियोगिता होगी। साथ ही, सरकार-उद्योग संवाद, नेटवर्किंग सत्र, निवेशक-स्टार्टअप मीट, कार्यशालाएं और जयपुर की सांस्कृतिक विरासत दिखाने वाले खास टूर भी आयोजित होंगे।
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DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
06/10/2025
नई दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का होगा आयोजन
- इस वर्ष पार्टनर स्टेट की भूमिका निभाएगा राजस्थान
- राजस्थान की कला, संस्कृति और उद्योग को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
- ‘एक भारत- श्रेष्ठ भारत’ थीम पर होगा आयोजन
नई दिल्ली 6 अक्टूबर 2025। इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) का 44वां संस्करण 14 से 27 नवम्बर तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में एक भारत - श्रेष्ठ भारत थीम पर आयोजित किया जाएगा। आईआईटीएफ में इस बार राजस्थान को ʻपार्टनर स्टेटʼ का दर्जा दिया गया है। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर सोमवार को उद्योग भवन में राजसिको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आलोक गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई।
श्री आलोक गुप्ता ने कहा कि 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में राजस्थान को पार्टनर स्टेट बनाए जाने से प्रदेश की उत्कृष्ट कला, बहुआयामी संस्कृति, समृद्ध विरासत एवं धरोहर का व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन की तैयारियां पूरी तत्परता, समन्वय और समयबद्धता के साथ की जाएं ताकि राजस्थान का प्रदर्शन देशभर में आकर्षण का केंद्र बने। उन्होंने निर्देशित किया कि इस वर्ष आयोजित होने वाले फेयर में ʻएक भारत- श्रेष्ठ भारतʼ थीम के अनुसार ही राजस्थान पैवेलियन बनाने की कार्ययोजना तैयार करें। जिसमें राज्य के औद्योगिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, पैवेलियन में इसे विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाए, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
श्री गुप्ता ने कहा कि फेयर में 18 नवम्बर को ʻस्टेट डे-राजस्थान दिवसʼ मनाया जाएगा। इसमें राजस्थान की कला एवं संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फेयर में आने वाले आगंतुकों युवा, महिला, विद्यार्थियों के अनुसार पैवेलियन में बनने वाली ʻस्टॉल्सʼ में राजस्थान के विशिष्ठ उत्पादों को भी शामिल किया जाए, जिससे इनकी मार्केटिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इन ʻस्टॉल्सʼ पर विभिन्न विभाग आईआईटीएफ की थीम के अनुरूप अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को डिस्पले करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि फेयर में आगंतुकों की अधिकाधिक संख्या सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए निर्देश दिए।
बैठक में प्रबन्ध निदेशक, रीको, श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार सहित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, पर्यटन विभाग, खादी बोर्ड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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23/09/2025
बीकानेर हाउस में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन
-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आयुर्वेद दिवस पर दिए संदेश का वाचन
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजकीय चिकित्सालय के आयुर्वेदिक विभाग के द्वारा नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस प्रांगण में मंगलवार को 10वां आयुर्वेद दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बीकानेर हाउस स्थित राजकीय चिकित्सालय में आयुर्वेद विभाग की प्रभारी डॉक्टर मंजीत कौर ने, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आयुर्वेद दिवस पर दिए गए संदेश का वाचन किया और आयुर्वेद के प्रचार प्रसार को विश्व पटल पर स्थापित करने की उनकी मंशा को सभी के सामने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में उन्होंने आयुर्वेद 2025 की थीम " आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लैनेट" को ध्यान में रखते हुए नारी पोषण, स्वास्थ्य पखवाड़ा आदि के माध्यम से आयुर्वेद की विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता एवं विश्वकल्याण की भावना पर सरकार की मंशा और किए गए विशेष कार्यों की जानकारी प्रदान की।
डॉ कौर ने बताया कि पूर्व में आयुर्वेद दिवस धनतेरस पर धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता था, पर इस वर्ष भारत सरकार, आयुष मंत्रालय के निर्णय द्वारा इसे प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को मनाने का निर्णय किया गया है।
इस अवसर पर डॉ कविता मीणा, डॉ गायत्री, डॉ सविता अग्रवाल, डॉ अन्नू भार्गव,डॉ प्रवीण मीणा, डॉ सोहैल सहित बीकानेर हाउस स्थित राजकीय कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें।
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DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
05/09/2025
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार- 2025
देशभर के 45 उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने राजस्थान की श्रीमती नीलम यादव को किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने देशभर से चयनित 45 उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। समारोह में राजस्थान के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय टपूकड़ा, अलवर की प्रिंसिपल श्रीमती नीलम यादव को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले इन पुरस्कारों का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को उनकी पहचान और सम्मान दिलाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को प्रेरित करने का भी होता है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास में शिक्षक और अधिक योगदान देने की प्रेरणा ले सकें।
पुरस्कार प्राप्तकर्ता शिक्षकों को सम्मान स्वरूप 50 हजार नगद, एक पदक और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
राजस्थान की श्रीमती नीलम यादव को मिला यह पुरस्कार उनके द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यो का सम्मान है। श्रीमती नीलम के प्रयासों से विद्यालय शिक्षा में नामांकन वृद्धि, सह-शैक्षणिक गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में महत्वपूर्ण सुधार, भामाशाहों और सी एस आर के सहयोग से डिजिटल लैब, आधुनिक तकनीकी की सहयोग से स्कूल लैब के आधुनिकरण और स्मार्ट क्लासों के आयोजन से बच्चों के शैक्षणिक विकास को गति देने जैसे महत्वपूर्ण सुधार हुए।
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद श्रीमती नीलम यादव ने बताया कि यह सम्मान उन सभी शिक्षकों का सम्मान है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
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DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
03/09/2025
नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक
जीएसटी प्रणाली में सुधारात्मक उपायों से राज्यों की राजस्व प्राप्ति सुदृढ़ होगी
-----मंत्री श्री के.के. बिश्नोई
नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 56 वीं बैठक में देश भर की कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाने पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ।
बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने प्रदेश के पक्ष को मजबूती से रखते हुए बताया कि बैठक में विशेष रूप से इस पक्ष पर चर्चा की गई कि किस तरह से जीएसटी प्रणाली को कारोबारियों और आम नागरिकों के लिए सहज और व्यवस्थित बनाया जाए साथ ही कर दरों में आवश्यकतानुसार संशोधन, छूट एवं रियायतें, छोटे व्यापारियों को राहत देने के उपाय, तथा तकनीकी माध्यमों से ईमानदार करदाताओं को सुविधा और पारदर्शिता प्रदान करने पर भी बल दिया गया।
राज्य मंत्री श्री के के विश्नोई ने बताया कि जीएसटी प्रणाली में आगामी सुधारात्मक कदमों से न केवल कर प्रणाली में जटिलताओं की कमी होगी, बल्कि राज्य सरकारों की राजस्व प्राप्ति भी सुदृढ़ होगी, जिससे आमजन को अधिकाधिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जीएसटी जैसी ऐतिहासिक कर प्रणाली ने देशभर की अर्थव्यवस्था को एक राष्ट्र, एक कर की दिशा में मज़बूती दी है। जीएसटी के कारण न केवल व्यापार करने की प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि राज्यों की वित्तीय स्थिति भी मज़बूत हुई है।
श्री विश्नोई ने यह विश्वास व्यक्त किया कि आगामी सुधार आम नागरिकों और कारोबारियों दोनों के लिए राहतकारी होंगे तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेंगे। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रीगण एवं वित्त मंत्रीगण, राजस्व विभाग के सचिव, सीबीआईसी (CBIC) के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
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DIPR, Department of Information & Public Relations, RajasthanDipr
29/08/2025
नरेडको के 17वें राष्ट्रीय सम्मेलन में सीएस श्री सुधांश पंत ने की शिरकत
राज्य में अफॉर्डेबल हाउसिंग उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
---मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत
राजस्थान के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी को अफॉर्डेबल हाउसिंग उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही केंद्र सरकार की नीतियों को भी राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
श्री सुधांश पंत शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद (नरेडको) के 17वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शहरी विकास और आवास विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री देबाषीष पृष्ठी, स्वायत शासन सचिव श्री रवि जैन और रेरा की चेयरपर्सन श्रीमती वीनू गुप्ता भी उपस्थित थी।
सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री पंत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के अर्बन सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। देश में सड़कों का विकास हो अथवा सभी को अफॉर्डेबल हाउसिंग उपलब्ध करवाने या हर घर तक स्वच्छ पीने योग्य जल पहुंचने का लक्ष्य हो, इन सभी क्षेत्रों में देश के साथ-साथ राजस्थान ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। राजस्थान में इस वर्ष नई टाउनशिप पॉलिसी और मॉडल बिल्डिंग बायलॉज लॉन्च किए गए हैं, जिससे नए प्रोजेक्ट्स को सुविधा और गति मिलेगी।
मुख्य सचिव श्री पंत ने कहा कि किसी भी राज्य में बेहतर निवेश माहौल बनाने के लिए नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में कार्य करते हुए राजस्थान में पुराने नियमों को सरल कर अनावश्यक बोझ घटाने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही ट्रांजैक्ट ओरिएंटेड डेवलपमेंट और ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर्) पॉलिसी को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राजस्थान सरकार ने ग्रीन बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें शहरों को सतत और पर्यावरण अनुकूल बनाने के विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसमें सर्कुलर इकॉनोमी, रिसोर्सेस का सस्टेनेबल उपयोग और लैंड उपयोग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
श्री पंत ने ‘‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें अर्बन सेक्टर में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स के एमओयू साइन किए गए हैं। इनमें से 25,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स मौके पर ही शुरू हो गए, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में राजस्थान सरकार ने औद्योगिक, पर्यटन, खनन एवं खनिज, सिविल एविएशन और ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में 15 नई नीतियां लागू की हैं। कुछ अन्य नीतियों पर भी काम किया जा रहा है, ताकि शहरों को और अधिक बेहतर, सस्टेनेबल और रहने योग्य बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक स्थिति का काफी फायदा मिला है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी हमने राज्य में नौ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की घोषणा की है। ये एक्सप्रेस-वे राज्य के महत्वपूर्ण शहरों और बड़े हाईवेज को जोड़ेंगे, जिससे विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जयपुर मेट्रो रेल फेस-2 का काम शुरू करने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है।
श्री पंत ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउंसिंग उपलब्ध करवाने सहित आमजन तक विकास का फायदा पहुचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिषन सहित अन्य नीतियों और कार्यक्रमों पर भी प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है ताकि शहरों को और अधिक बेहतर, सस्टेनबल और रहने योग्य बनाया जा सके।
मुख्य सचिव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार का मंत्र है - ‘‘हमारे शहर और वहां के निवासियों का जीवन सरल और सुगम बने।” इसी दृष्टिकोण से राज्य में योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
सम्मेलन में श्री देबाषीष पृष्टि ने ‘अफोर्डेबल हाउसिंग फॅार आल’ श्रीमती वीनू गुप्ता ने ‘‘स्टैथिंग रियल ईस्टेट गर्वनेंस: रेरा नेक्स्ट चैप्टर’’ के पैनल डिस्कषन में और श्री रवि जैन ने ‘अर्बन मोबिलिटी एंड क्वालिटी आॅफ लाईफ’ के पैनल डिस्कशन में स्पीकर के रूप में भाग लिया।
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