Story of the Day

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In our childhood we were told many stories by our teacher and elder to make us learn the lessons of life in the most easiest way. But in this hectic life we don't have any time to think again on this, learning the lessons of life is just not in out task list. But to make us a better person and to educate our children we have to read stories. So that we can educate them for the future and make yourself and them a better person in the future.

24/05/2023

ताइवान के लोग भारतीयों से नफरत करते हैं क्यों...? जानना जरूरी है!

ताइवान में करीब एक वर्ष बिताने पर एक भारतीय महानुभाव की कई लोगों से दोस्ती हो चुकी थी, परंतु फिर भी उन्हें लगा कि वहाँ के लोग उनसे कुछ दूरी बनाकर रखते हैं, वहाँ के किसी दोस्त ने कभी उन्हें अपने घर चाय के लिए तक नहीं बुलाया था...?

उन्हें यह बात बहुत अखर रही थी अतः आखिरकार उन्होंने एक करीबी दोस्त से पूछ ही लिया...?

थोड़ी टालमटोल करने के बाद उसने जो बताया, उसे सुनकर उस भारतीय महानुभाव के तो होश ही उड़ गए।

ताइवान वाले दोस्त ने पूछा, “200 वर्ष राज करने के लिए कितने ब्रिटिश भारत में रहे...?”

भारतीय महानुभाव ने कहा कि लगभग “10,000 रहे होंगे!”

तो फिर 32 करोड़ लोगों को यातनाएँ किसने दीं? वह आपके अपने ही तो लोग थे न...?

जनरल डायर ने जब "फायर" कहा था... तब 1300 निहत्थे लोगों पर गोलियाँ किसने दागी थीं? उस समय ब्रिटिश सेना तो वहाँ थी ही नहीं!

क्यों एक भी बंदूकधारी (सब के सब भारतीय) पीछे मुड़कर जनरल डायर को नहीं मार पाया...?

फिर उसने उन भारतीय महानुभाव से कहा, आप यह बताओ कि कितने मुगल भारत आए थे? उन्होंने कितने वर्ष तक भारत पर राज किया? और भारत को गुलाम बनाकर रखा! और आपके अपने ही लोगों को धर्म परिवर्तन करवाकर आप के ही खिलाफ खड़ा कर दिया!

जोकि 'कुछ' पैसे के लालच में, अपनों पर ही अत्याचार करने लगे! अपनों के साथ ही दुराचार करने लगे…!!

तो मित्र, आपके अपने ही लोग, कुछ पैसे के लिए, अपने ही लोगों को सदियों से मार रहे हैं...? आपके इस स्वार्थी धोखेबाज, दगाबाज, मतलबपरस्त, 'दुश्मनों से यारी और अपने भाईयों से गद्दारी'😢

इस प्रकार के व्यवहार एवं इस प्रकार की मानसिकता के लिए, हम भारतीय लोगों से सख्त नफ़रत करते हैं!

इसीलिए हमारी यही कोशिश रहती है कि यथासंभव, हम भारतीयों से सरोकार नहीं रखते...? उसने बताया कि, जब ब्रिटिश हांगकांग में आए तब एक भी व्यक्ति उनकी सेना में भरती नहीं हुआ क्योंकि उन्हें अपने ही लोगों के विरुद्ध लड़ना गवारा नहीं था...?

यह भारतीयों का दोगला चरित्र है, कि अधिकाँश भारतीय हर वक्त, बिना सोचे समझे, पूरी तरह बिकने के लिए तैयार रहते हैं...? और आज भी भारत में यही चल रहा है।

विरोध हो या कोई और मुद्दा, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में और खुद के फायदों वाली गतिविधियों में भारत के लोग आज भी, राष्ट्र हित को हमेशा दोयम स्थान देते हैं, आप लोगों के लिए "मैं और मेरा परिवार" पहले रहता है "समाज और देश" जाए भाड़ में...?

31/12/2022

एक महिला ने एक अंडे बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति से पूछा "आप अंडे क्या भाव बेच रहे हो ?"

बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति ने उत्तर दिया "मैडम ₹ 5 का एक......

महिला ने विक्रेता से कहा मैं तो ₹ 25 में 6 लूंगी वरना मैं जाती हूँ।

बूढ़े विक्रेता ने उत्तर दिया - आइये और जो कीमत आप बता रही हैं, उसी भाव में ले जाइए। शायद यह मेरी अच्छी बोहनी हो जाये । क्योंकि आज अभी तक मैं एक भी अंडा नहीं बेच पाया हूँ।

उस महिला ने अंडे खरीदे और इस तरह चली गई, जैसे उसने बहुत बड़ी लड़ाई में जीत हासिल की हो। वह अपनी क़ीमती गाड़ी में बैठी और अपने मित्र के साथ एक महँगे रेस्टोरेंट में पहुंच गई !वहां पर उसने और उसके मित्र ने अपनी पसन्दीदा चीजें मंगवाईं। उन्होंने अपने द्वारा दिये गए आर्डर के सामान में से कुछ कुछ खाया और बहुत सारा सामान छोड़ दिया।

तब वह महिला बिल का भुगतान करने के लिए गई। कुल ₹ 1400 का बिल बना। उसने रेस्टोरेंट के मालिक को ₹ 1500 दिए तथा उससे कहा कि बाकी के पैसे रख लो।

यह घटना रेस्टोरेंट के मालिक के लिए बेशक एक साधारण सी घटना रही होगी लेकिन उस बेचारे गरीब अंडे बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति के लिए बहुत ही पीड़ादायक थी।

:--प्रश्न यह उठता है कि:

जब हम एक अभावग्रस्त व्यक्ति से कुछ खरीददारी करते हैं तो हम यह दिखावा क्यो करते हैं कि हम शक्तिशाली हैं। लेकिन हम जब किसी अमीर व्यक्ति से खरीददारी करते हैं तो हम खुद को उदारवादी दिखाना चाहते हैं, भले ही उस व्यक्ति को हमारी उदारता की आवश्यकता ही न हो

कृपया कोई भी खरीदारी गरीब से करें और मोलभाव कम ही करे। क्योकी वर्तमान में लुटेरा गरीब नहीं धनवान लोग हैं।
नोट:- किसी को ठेस पहुंची हो तो क्षमा।।

🙏🙏🙏

10/12/2022

एक रेड लाईट एरिया मे क्या खूब बात लिखी पाई गई
:
"यहाँ सिर्फ जिस्म बिकता है,
ईमान खरीदना हो" तो अगले चौक पर
*पुलिस स्टेशन" हैं

आप चाहते हैं, कि आपकी तानाशाही चले
औरकोई आपका विरोध न करे
तो आप भारत में
*न्यायाधीश* बन जाइये !

आप चाहते हैं,
कि आप एक से बढ़कर एक झूठ बोलें
अदालत में, लेकिन कोई आपको सजा न दे,
तो आप *वकील* बन जाइये !

कोई महिला चाहती हो
कि वो खूब देह व्यापार करे
लेकिन कोई उनको वेश्या न बोले,
तो बॉलीवुड में *हिरोइन* बन जाये !

आप चाहते हैं,
कि आप खूब लूट मार करें,
लेकिन कोई आपको डाकू न बोले,
तो आप भारत में *राजनेता* बन जाइये !

आप चाहते हैं,
कि आप दुनिया के हर सुख मांस,मदिरा,स्त्री
इत्यादि का आनंद लें,
लेकिन कोई आपको भोगी न कहे,
तो किसी भी धर्म के *धर्मगुरु* बन जाओ !

आप चाहते हैं,
कि आप किसी को भी बदनाम कर दें,
लेकिन आप पर कोई मुकदमा न हो,
तो मीडिया में *रिपोर्टर* बन जाइये !

यकीन मानिये कोई आप का बाल भी बाँका
नहीं कर पाएगा. भारत में, हर *"गंदे"* काम के
लिए एक *वैधानिक पद* उपलब्ध है,
इसीलिए *मेरा भारत महान* है..!!

🌹🌹🌹🌹🌹

साभार....
जय हिंद 🇮🇳

Photos from Story of the Day's post 16/11/2022

A lesson to learn from simple story

07/11/2022

❤️भारतीय शादी में खाने की वैरायटी देखकर बेहोश हुआ विदेशी नागरिक
वाराणसी - सोमवार की रात एक भारतीय शादी में भोजन की वैरायटी और उसे खाने वालों को देखकर एक विदेशी नागरिक बेहोश हो गया.

इस जर्मन नागरिक ने बाद में पुलिस को बताया कि शादी में 125 तरह की डिशेज देखकर वह डिप्रेशन में आ गया और सुधबुध खो बैठा.

मैक्सिम गोर्की नामक यह विदेशी अपने एक भारतीय मित्र के बेटे के मैरिज रिसेप्शन में भाग लेने खास तौर पर जर्मनी से भारत आया था. एक निजी अस्पताल में सदमे से उबर रहे मैक्सिम ने बताया वहां हर जगह बस खाना ही खाना था.
मैं एक स्टॉल पर गया तो वहां भारतीय शैली में चाइनीज खाना पराेसा जा रहा था. मंचुरियन, नूडल्स, स्प्रिंगरोल और न जाने क्या क्या. मैंने खाना शुरू ही किया था कि मेजबान ने टोक दिया और कहा मैक्सिम थोड़ा ही खाना ये स्टार्टर है. वहां 20 तरह के स्टार्टर थे मेरा दिल बैठ गया.

फिर मेरे मेजबान मुझे मेन कोर्स पर ले गए. वहां दस तरह के सलाद, ढेरों प्रकार के अचार, पापड़, रायते, दर्जनों तरह की सब्जियां और कई तरह की दालें थीं. अनेक प्रकार के चावल और पुलाव भी थे. साथ ही बहुत कुछ ऐसा था जिसे मैं पहचान ही नहीं पाया.

फिर मैंने देखा कि एक जगह ढाबा लिखा हुआ था वहां भी कई तरह की रोटियां, सब्जियां और तंदूरी डिशेज थीं. फिर स्वीट्स और डेसर्ट्स के स्टाल थे मैं गिन नहीं पाया पर कम से कम दो दर्जन तो थे ही. कई तरह की आइसक्रीम और कुल्फियां भी थीं.
मैक्सिम ने बताया यह सब देखकर मेरा दिल घबराने लगा लेकिन मैं किसी तरह खुद को संभाले रहा. मैंने ऐसे कई लोगों को देखा जिन्हाेंने अपनी प्लेटों में बुरी तरह खाना ठूंसा हुआ था. वे दबा के खा रहे थे और उन्हें खाते देख मेरा जी बैठने लगा. तब मैंने सोचा थोड़ा पानी पी लेता हूं तबियत हल्की हो जायेगी.
पानी पीने गया तो वहां दो लोगों की बातचीत सुनकर मेरे होश उड़ गए. इसके बाद मैंने खुद को इस अस्पताल में पाया.
तो आपने क्या सुना था?

जवाब में मैक्सिम ने बताया खाना खाने के बाद जब दो लोग पानी पीने आए तो आपस में बात कर रहे थे... " अरे यार खाने में मजा नहीं आया इससे अच्छा खाना तो कल गोयल के यहां था 50 तरह के तो मीठे थे!... ये तो खाने में कंजूसी कर गए वैरायटी देखो, कितनी कम है....!"
बस मैंने यही आखिरी शब्द सुने और मैं बेहोश हो गया...
❤️

03/10/2022

एक औरत की मार्मिक सच्ची बातें😔😔
प्यारे पुरुष...क्या तुम्हें याद है कि शादी की शुरुआत में मेरा शरीर कितना सुंदर..... और मोहक था !!!
मैं अभी भी वही सुंदर महिला हूं जिसके साथ तुमने प्रेम किया था जिसकी आंखें देख तुम हमेशा कहते थे कि तुम्हारी आंखों में डूब जाना चाहता हूं मैं...

फर्क इतना है कि मैंने तुम्हें बच्चे दिए और तुम्हारे वंश को बढ़ाने में अपना सहयोग दिया, उसकी कीमत मेरी सुंदरता और अनुग्रहता का नुकसान है...
अब मेरी बढ़ी हुई चर्बी की वजह से मुझसे शिकायत ना करो और ना समझो कि मेरा प्यार पहले जैसा नहीं रहा...🙏
क्योंकि मेरे अंदर मां की ममता का एक गुण और आ गया, साथ ही आपकी फिक्र तो हमेशा से थी...

याद रखिए ये पेट कभी गर्भ ग्रह था जिसको मैंने नौ महीने तक दर्द... थकान... और वजन... के साथ गले लगाया और एक नए जीवन को इस संसार में लाई, इसके बदले मुझे कुछ नहीं चाहिए थोड़ा सम्मान और प्यार के अलावा♥️ फालतू ज्ञान देने वाले से रिक्वेस्ट है कि जो भी बोलना पहले अपनी मां और बहन के बारे में सोच कर बोलना... क्योंकि वह भी एक स्त्री हैं.... किसी स्त्री द्वारा लिखी गई एक सुन्दर रचना ....🙏🙏

Photos from Story of the Day's post 03/10/2022
25/08/2022

😂 एक व्यक्ति ने बुलेट 350सीसी
मोटरसायकल खरीदी,😊
ताकि,
वो,
अपनी गर्लफ्रेंड को लॉन्गड्राइव पर घुमाने ले जा सके😄 ..

लेकिन,
😳
किस्मत देखिये..😟

बुलेट 350सीसी की तेज़ आवाज़ के कारण,
ड्राइविंग
करते समय वो अपनी गर्लफ्रेंड से बात नही कर पता था,😞

तंग आ कर,
आखिरकार उसने अपनी बुलेट 350सीसी,
जिसे उसने बड़े ही अरमानो से खरीदा था,
बमुश्किल एक महीने के भीतर,
घाटा उठाकर,
यानि नुकसान सहकर बेच दी,
बेच दी,
😒
और

एक नई एक्टिवा खरीद ली,

अब वो बहुत खुश था..😍

उसकी लवलाइफ बहुत ही अच्छी चल रही थी,😚

लॉन्गड्राइव पर जाने में
उसे अब बहुत ही मज़ा आने लगा था,😗

क्योंकि, नई एक्टिवा,
उस बुलेट 350सीसी की तरह तेज़ आवाज़ नही करती थी,
और वो,
बड़े ही आराम से ड्राइविंग करते हुए अपनी प्यारी गर्लफ्रेंड से बातें कर पाता था,😗

दोनों के दिन बड़े ही अच्छे से कट रहे थे,😚

वक्त मनो पंख लगा कर उड़ता रहा..
देखते ही देखते दो वर्ष कब बीत गये,
दोनों को पता ही न चला,☺

बहुत प्यार था उन दोनों को
एक दूजे से,

दोनों ने साथ-साथ जीने मरने की कसमें खाईं,

आदमी अच्छाखासा कमाता था,
गर्लफ्रेंड में भी कोई कमी न थी,

अत:
घरवालों को राज़ी कर के दोनों ने शादी कर ली,💏

अब वक्त और तेज़ी से गुज़रा..😻

एक साल बाद..😮
उसी आदमी ने वापस😳
एक्टिवा बेच कर,
बुलेट 500सीसी खरीद ली..!😂😭
( वजह हर आदमी जानता है) .🤔🤗😝😝🙃😇😜😜😄😄

19/08/2022

परीक्षा में गब्बरसिंह का चरित्र के बारे में लिखने के लिए कहा गया
दसवीं के एक छात्र ने लिखा-😉
1. सादगी भरा जीवन-:- शहर की भीड़ से दूर जंगल में रहते थे,
एक ही कपड़े में कई दिन गुजारा करते थे,
खैनी के बड़े शौकीन थे.😊
2. अनुशासनप्रिय-:- कालिया और उसके साथी को प्रोजेक्ट ठीक से न करने पर सीधा गोली मार दिये थे.😁
3.दयालु प्रकृति-:- ठाकुर को कब्जे में लेने के बाद ठाकुर के सिर्फ हाथ काटकर छोड़ दिया था, चाहते तो गला भी काट सकते थे😛

4. नृत्य संगीत प्रेमी-;- उनके मुख्यालय में नृत्य संगीत के कार्यक्रम चलते रहते थे..
'महबूबा महबूबा',
'जब तक है जां जाने जहां'.
बसंती को देखते ही परख गये थे कि कुशल नृत्यांगना है.😊

5. हास्य रस के प्रेमी-:- कालिया और उसके साथियों को हंसा हंसा कर ही मारे थे. खुद भी ठहाका मारकर हंसते थे, वो इस युग के 'लाफिंग बुद्धा' थे.😁

6. नारी सम्मान-:- बंसती के अपहरण के बाद सिर्फ उसका नृत्य देखने का अनुरोध किया था,😀

7. भिक्षुक जीवन-:- उनके आदमी गुजारे के लिए बस सूखा अनाज मांगते थे,
कभी बिरयानी या चिकन टिक्का की मांग नहीं की.. .😛☺️

8. समाज सेवक-:- रात को बच्चों को सुलाने का काम भी करते थे ..

😥टीचर ने पढा तो उनकी आँख भर आई और बोला सारी गलती जय और वीरू की ही थी....बेचारा गब्बरवा तो बहुत बड़ा समाज सेवक था........

09/08/2022

🔔
किराने की एक दुकान में एक ग्राहक आया और दुकानदार से बोला - भइया, मुझे 10 किलो बादाम दे दीजिए।
दुकानदार 10 किलो तौलने लगा।
तभी एक कीमती कार उसकी दुकान के सामने रुकी और उससे उतर कर एक सूटेड बूटेड आदमी दुकान पर आया,और बोला - भाई 1 किलो बादाम तौल दीजिये।

दुकानदार ने पहले ग्राहक को 10 किलो बादाम दी,,फिर दूसरे ग्राहक को 1 किलो दी..।

जब 10 किलो वाला ग्राहक चला गया तब कार सवार ग्राहक ने कौतूहलवश दुकानदार से पूछा - ये जो ग्राहक अभी गये है यह कोई बड़े आदमी है या इनके घर में कोई कार्यक्रम है क्योंकि ये 10 किलो लेकर गए हैं।

दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा - अरे नहीं भइया, ये एक सरकारी विभाग में चपरासी हैं लेकिन पिछले साल जब से इन्होंने एक विधवा से शादी की है जिसका पति लाखों रुपये उसके लिए छोड़ गया था, तब से उसी के पैसे को खर्च कर रहे हैं.. ये महाशय 10 किलो हर माह ले जाते हैं। "

इतना सुनकर दूसरे ग्राहक ने भी 1 की बजाय 10 किलो बादाम ले ली ।

10 किलो बादाम लेकर जब घर पहुँचे तो उसकी बीवी चौंक कर बोली - ये किसी और का सामान उठा लाये क्या? 10 किलो की क्या जरूरत अपने घर में..?

भैया जी ने उत्तर दिया - पगली मेरे मरने के बाद कोई चपरासी मेरे ही पैसे से 10 किलो बादाम खाए.. तो जीते जी, मैं क्यों 1 किलो खाऊं..।"



🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂🤣

*निष्कर्ष: अपनी कमाई को बैंक में जमा करते रहने के बजाय अपने ऊपर भी खर्च करते रहना चाहिए। क्या पता आपके बाद आपकी गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग ही हो।*

इन्जॉय करिये जीवन के हर पल को।

मौज करो, रोज करो, नहीं मिले तो ख़ोज करो।

😀😃😄😁😆😅😂🤣😀

21/01/2022

मां
बर्तनों की आवाज़ देर रात तक आ रही थी,
रसोई का नल चल रहा है,
माँ रसोई में है....

तीनों बहुऐं अपने-अपने कमरे में सोने जा चुकी,
माँ रसोई में है...

माँ का काम बकाया रह गया था,पर काम तो सबका था;
पर माँ तो अब भी सबका काम अपना ही मानती है..

दूध गर्म करके,
ठण्ड़ा करके,
जावण देना है,
ताकि सुबह बेटों को ताजा दही मिल सके;

सिंक में रखे बर्तन माँ को कचोटते हैं,
चाहे तारीख बदल जाये,सिंक साफ होना चाहिये....

बर्तनों की आवाज़ से
बहू-बेटों की नींद खराब हो रही है;
बड़ी बहू ने बड़े बेटे से कहा;
"तुम्हारी माँ को नींद नहीं आती क्या? ना खुद सोती है और ना ही हमें सोने देती है"

मंझली ने मंझले बेटे से कहा; "अब देखना सुबह चार बजे फिर खटर-पटर चालू हो जायेगी, तुम्हारी माँ को चैन नहीं है क्या?"

छोटी ने छोटे बेटे से कहा; "प्लीज़ जाकर ये ढ़ोंग बन्द करवाओ कि रात को सिंक खाली रहना चाहिये"

माँ अब तक बर्तन माँज चुकी थी

झुकी कमर,
कठोर हथेलियां,
लटकी सी त्वचा,
जोड़ों में तकलीफ,
आँख में पका मोतियाबिन्द,
माथे पर टपकता पसीना,
पैरों में उम्र की लड़खडाहट
मगर,
दूध का गर्म पतीला
वो आज भी अपने पल्लू से उठा लेती है,
और...
उसकी अंगुलियां जलती नहीं है,
क्योंकि वो माँ है ।

दूध ठण्ड़ा हो चुका,
जावण भी लग चुका,
घड़ी की सुईयां थक गई,
मगर...
माँ ने फ्रिज में से भिण्ड़ी निकाल ली और काटने लगी;
उसको नींद नहीं आती है, क्योंकि वो माँ है!

कभी-कभी सोचता हूं कि माँ जैसे विषय पर लिखना,बोलना,बताना,जताना क़ानूनन बन्द होना चाहिये;
क्योंकि यह विषय निर्विवाद है,
क्योंकि यह रिश्ता स्वयं कसौटी है!

रात के बारह बजे सुबह की भिण्ड़ी कट गई,
अचानक याद आया कि गोली तो ली ही नहीं;
बिस्तर पर तकिये के नीचे रखी थैली निकाली,
मूनलाईट की रोशनी में
गोली के रंग के हिसाब से मुंह में रखी और गटक कर पानी पी लिया...

बगल में एक नींद ले चुके बाबूजी ने कहा;"आ गई"
"हाँ,आज तो कोई काम ही नहीं था"
-माँ ने जवाब दिया,

और

लेट गई,कल की चिन्ता में
पता नहीं नींद आती होगी या नहीं पर सुबह वो थकान रहित होती हैं,
क्योंकि वो माँ है!

सुबह का अलार्म बाद में बजता है,
माँ की नींद पहले खुलती है;
याद नहीं कि कभी भरी सर्दियों में भी,
माँ गर्म पानी से नहायी हो
उन्हे सर्दी नहीं लगती,
क्योंकि वो माँ है!

अखबार पढ़ती नहीं,मगर उठा कर लाती है;
चाय पीती नहीं,मगर बना कर लाती है;
जल्दी खाना खाती नहीं,मगर बना देती है,
क्योंकि वो माँ है!

माँ पर बात जीवनभर खत्म ना होगी,

🙂 माँ ❤❤

Photos from Story of the Day's post 21/01/2022

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